शोसल मीडिया पर जातिवादी जहर उगल रहा युवक, सरेआम दी जान से मारने की धमकी रीवा। डिजिटल इंडिया के दौर में जहाँ सोशल मीडिया को संवाद का सेतु माना जाता है, वहीं कुछ असामाजिक तत्व इसे नफरत और हिंसा फैलाने का अड्डा बना रहे हैं। ताजा मामला रीवा जिले से सामने आया है, जहाँ एक युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक न केवल जातिसूचक गालियाँ दे रहा है, बल्कि अन्य समुदायों को जान से मारने की धमकी भी दे रहा है। Fb के वायरल वीडियो 'शुभम रॉक' नामक युवक खुद को एक विशेष जाति (सेन) का बताते हुए अन्य जातियों, विशेषकर ब्राह्मण और ठाकुर समुदाय के प्रति अत्यंत आपत्तिजनक और मर्यादित भाषा का प्रयोग कर रहा है। युवक वीडियो में यह कहते सुना जा रहा है कि— "हमारे पास काटने के लिए औजार भी हैं... तुम सब हमारे सामने सिर झुकाते हो।" युवक ने न केवल धार्मिक और जातीय भावनाओं को आहत किया है, बल्कि खुलेआम समाज में वैमनस्य फैलाने की कोशिश की है। वीडियो के अंत में वह अपनी पहचान 'निक्की रॉक्स रीवा' के रूप में बताता है। फेसबुक प्रोफाइल से खुली पोल युवक की फेसबुक प्रोफाइल (Shubham Rok) के अनुसार, वह रीवा का निवासी है और उसने शहर के प्रतिष्ठित मार्तंड स्कूल क्रमांक-1 और टी.आर.एस. कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की है। प्रोफाइल के मुताबिक उसकी जन्मतिथि 23 अप्रैल 2000 है। शिक्षित होने के बावजूद इस तरह की कट्टरपंथी और हिंसक सोच सोशल मीडिया पर प्रदर्शित करना चिंता का विषय है। रीवा में इस तरह के भड़काऊ वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। बुद्धिजीवियों का कहना है कि अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब नफरत फैलाना नहीं है। IT एक्ट की धारा 66: सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक संदेश भेजना अपराध है। रीवा पुलिस के लिए यह वीडियो एक बड़ी चुनौती है। जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते ऐसे 'फेसबुकिया डॉन' पर लगाम नहीं कसी गई, तो क्षेत्र की शांति व्यवस्था भंग हो सकती है। अब देखना यह है कि साइबर सेल और स्थानीय पुलिस इस मामले में क्या संज्ञान लेती है। शोसल मीडिया पर जातिवादी जहर उगल रहा युवक, सरेआम दी जान से मारने की धमकी रीवा। डिजिटल इंडिया के दौर में जहाँ सोशल मीडिया को संवाद का सेतु माना जाता है, वहीं कुछ असामाजिक तत्व इसे नफरत और हिंसा फैलाने का अड्डा बना रहे हैं। ताजा मामला रीवा जिले से सामने आया है, जहाँ एक युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक न केवल जातिसूचक गालियाँ दे रहा है, बल्कि अन्य समुदायों को जान से मारने की धमकी भी दे रहा है। Fb के वायरल वीडियो 'शुभम रॉक' नामक युवक खुद को एक विशेष जाति (सेन) का बताते हुए अन्य जातियों, विशेषकर ब्राह्मण और ठाकुर समुदाय के प्रति अत्यंत आपत्तिजनक और मर्यादित भाषा का प्रयोग कर रहा है। युवक वीडियो में यह कहते सुना जा रहा है कि— "हमारे पास काटने के लिए औजार भी हैं... तुम सब हमारे सामने सिर झुकाते हो।" युवक ने न केवल धार्मिक और जातीय भावनाओं को आहत किया है, बल्कि खुलेआम समाज में वैमनस्य फैलाने की कोशिश की है। वीडियो के अंत में वह अपनी पहचान 'निक्की रॉक्स रीवा' के रूप में बताता है। फेसबुक प्रोफाइल से खुली पोल युवक की फेसबुक प्रोफाइल (Shubham Rok) के अनुसार, वह रीवा का निवासी है और उसने शहर के प्रतिष्ठित मार्तंड स्कूल क्रमांक-1 और टी.आर.एस. कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की है। प्रोफाइल के मुताबिक उसकी जन्मतिथि 23 अप्रैल 2000 है। शिक्षित होने के बावजूद इस तरह की कट्टरपंथी और हिंसक सोच सोशल मीडिया पर प्रदर्शित करना चिंता का विषय है। रीवा में इस तरह के भड़काऊ वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। बुद्धिजीवियों का कहना है कि अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब नफरत फैलाना नहीं है। IT एक्ट की धारा 66: सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक संदेश भेजना अपराध है। रीवा पुलिस के लिए यह वीडियो एक बड़ी चुनौती है। जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते ऐसे 'फेसबुकिया डॉन' पर लगाम नहीं कसी गई, तो क्षेत्र की शांति व्यवस्था भंग हो सकती है। अब देखना यह है कि साइबर सेल और स्थानीय पुलिस इस मामले में क्या संज्ञान लेती है।
शोसल मीडिया पर जातिवादी जहर उगल रहा युवक, सरेआम दी जान से मारने की धमकी रीवा। डिजिटल इंडिया के दौर में जहाँ सोशल मीडिया को संवाद का सेतु माना जाता है, वहीं कुछ असामाजिक तत्व इसे नफरत और हिंसा फैलाने का अड्डा बना रहे हैं। ताजा मामला रीवा जिले से सामने आया है, जहाँ एक युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक न केवल जातिसूचक गालियाँ दे रहा है, बल्कि अन्य समुदायों को जान से मारने की धमकी भी दे रहा है। Fb के वायरल वीडियो 'शुभम रॉक' नामक युवक खुद को एक विशेष जाति (सेन) का बताते हुए अन्य जातियों, विशेषकर ब्राह्मण और ठाकुर समुदाय के प्रति अत्यंत आपत्तिजनक और मर्यादित भाषा का प्रयोग कर रहा है। युवक वीडियो में यह कहते सुना जा रहा है कि— "हमारे पास काटने के लिए औजार भी हैं... तुम सब हमारे सामने सिर झुकाते हो।" युवक ने न केवल धार्मिक और जातीय भावनाओं को आहत किया है, बल्कि खुलेआम समाज में वैमनस्य फैलाने की कोशिश की है। वीडियो के अंत में वह अपनी पहचान 'निक्की रॉक्स रीवा' के रूप में बताता है। फेसबुक प्रोफाइल से खुली पोल युवक की फेसबुक प्रोफाइल (Shubham Rok) के अनुसार, वह रीवा का निवासी है और उसने शहर के प्रतिष्ठित मार्तंड स्कूल क्रमांक-1 और टी.आर.एस. कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की है। प्रोफाइल के मुताबिक उसकी जन्मतिथि 23 अप्रैल 2000 है। शिक्षित होने के बावजूद इस तरह की कट्टरपंथी और हिंसक सोच सोशल मीडिया पर प्रदर्शित करना चिंता का विषय है। रीवा में इस तरह के भड़काऊ वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। बुद्धिजीवियों का कहना है कि अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब नफरत फैलाना नहीं है। IT एक्ट की धारा 66: सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक संदेश भेजना अपराध है। रीवा पुलिस के लिए यह वीडियो एक बड़ी चुनौती है। जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते ऐसे 'फेसबुकिया डॉन' पर लगाम नहीं कसी गई, तो क्षेत्र की शांति व्यवस्था भंग हो सकती है। अब देखना यह है कि साइबर सेल और स्थानीय पुलिस इस मामले में क्या संज्ञान
लेती है। शोसल मीडिया पर जातिवादी जहर उगल रहा युवक, सरेआम दी जान से मारने की धमकी रीवा। डिजिटल इंडिया के दौर में जहाँ सोशल मीडिया को संवाद का सेतु माना जाता है, वहीं कुछ असामाजिक तत्व इसे नफरत और हिंसा फैलाने का अड्डा बना रहे हैं। ताजा मामला रीवा जिले से सामने आया है, जहाँ एक युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक न केवल जातिसूचक गालियाँ दे रहा है, बल्कि अन्य समुदायों को जान से मारने की धमकी भी दे रहा है। Fb के वायरल वीडियो 'शुभम रॉक' नामक युवक खुद को एक विशेष जाति (सेन) का बताते हुए अन्य जातियों, विशेषकर ब्राह्मण और ठाकुर समुदाय के प्रति अत्यंत आपत्तिजनक और मर्यादित भाषा का प्रयोग कर रहा है। युवक वीडियो में यह कहते सुना जा रहा है कि— "हमारे पास काटने के लिए औजार भी हैं... तुम सब हमारे सामने सिर झुकाते हो।" युवक ने न केवल धार्मिक और जातीय भावनाओं को आहत किया है, बल्कि खुलेआम समाज में वैमनस्य फैलाने की कोशिश की है। वीडियो के अंत में वह अपनी पहचान 'निक्की रॉक्स रीवा' के रूप में बताता है। फेसबुक प्रोफाइल से खुली पोल युवक की फेसबुक प्रोफाइल (Shubham Rok) के अनुसार, वह रीवा का निवासी है और उसने शहर के प्रतिष्ठित मार्तंड स्कूल क्रमांक-1 और टी.आर.एस. कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की है। प्रोफाइल के मुताबिक उसकी जन्मतिथि 23 अप्रैल 2000 है। शिक्षित होने के बावजूद इस तरह की कट्टरपंथी और हिंसक सोच सोशल मीडिया पर प्रदर्शित करना चिंता का विषय है। रीवा में इस तरह के भड़काऊ वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। बुद्धिजीवियों का कहना है कि अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब नफरत फैलाना नहीं है। IT एक्ट की धारा 66: सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक संदेश भेजना अपराध है। रीवा पुलिस के लिए यह वीडियो एक बड़ी चुनौती है। जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते ऐसे 'फेसबुकिया डॉन' पर लगाम नहीं कसी गई, तो क्षेत्र की शांति व्यवस्था भंग हो सकती है। अब देखना यह है कि साइबर सेल और स्थानीय पुलिस इस मामले में क्या संज्ञान लेती है।
- Post by Sanskar mishra1
- चिरहुला मंदिर रीवा के सौंदर्य करण एवं कॉरिडोर बनाने के लिए यह अतिक्रमण हटाया जा रहा है1
- किसान की फसल बर्बाद हो गई वह नहीं दिखाई देती है1
- Post by Bolti Divare1
- बीहड़ नदी पुल पर संकट के बदल सवालों के घेरे में प्रशासन1
- रीवा कलेक्टर कार्यालय में कल होगी टीएल बैठक सिरमौर सहित जिले भर के एसडीएम होंगे उपस्थित रीवा . कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में टीएल बैठक सुबह 11.30 बजे से आयोजित की गई है। बैठक में कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सभी एसडीएम, विभागीय जिला अधिकारियों, जनपद सीईओ, बीएमओ, बीईओ, सीडीपीओ तथा बीरसीसी को अनिवार्य रूप से उपस्थिति के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा है कि सभी अधिकारी विभागीय प्रगति रिपोर्ट के साथ उपस्थित रहेंगे और कोई भी अधिकारी बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। कलेक्टर ने कहा है कि दोपहर 12 बजे से एचपीवी वैक्सीनेशन की समीक्षा की जाएगी। सीएमचओ अपनी टीम के साथ पूरी जानकारी सहित बैठक में उपस्थित रहें।1
- ✍️रीवा ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय✍️ #रीवा मध्यप्रदेश जिला रीवा का रहने वाला बताया जा रहा युवक शुभम सेन सोशल मीडिया पर ब्राह्मण और ठाकुर समाज के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए नजर आ रहा है भद्दी भद्दी गालियां देते हुए वीडियो वायरल किया जिसमें खुल्लेआम मारने काटने को कह रहा है। ऐसी हरकतें समाज में जहर घोलने का काम करती हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा जरूरत है कि ऐसे लोगों को कानून के दायरे में लाकर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि यह एक मिसाल बने और आगे कोई भी इस तरह समाज की भावनाओं से खिलवाड़ करने की हिम्मत न करे। बहुत जल्दी एफआईआर इस के खिलाफ होगी1
- ग्रामीण वासियों को कहना है कि पैसा चढ़ाने पर ही आवास मिलता है1