कामध्यप्रदेश शासन समाचार सिविल अस्पताल सेवढ़ा में 18 वर्षीय युवती के मृत्यु मामले में समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर की वस्तु स्थिति युवती को मृत अवस्था में लाया गया, चिकित्सकीय परीक्षण में चिकित्सकोंर्यवाही - सीएमएचओ श्री वर्मा दतिया 26 अगस्त 2026/ दतिया जिले के सेवढ़ा सिविल अस्पताल में 18 वर्षीय युवती वंदना परिहार पिता श्री जसरथ परिहार निवासी वार्ड क्रमांक 9, सेवढ़ा की मृत्यु के संबंध में समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित हुई थी जिसमें चिकित्सकों के समय पर ना पहुंचने से युवती की जान जाने का उल्लेख किया गया था। खबर में उल्लेख है कि परिजन युवती को 9 बजे अस्पताल लेकर पहुंचे परंतु चिकित्सक डेढ़ घंटे बाद 10 बजकर 30 मिनट पर अस्पताल पहुंचे। जिस कारण युवती को समय पर इलाज नहीं मिल पाया और तड़प तड़प कर उसकी जान चली गई। जबकि सीसीटीवी रिकॉर्डिंग एवं चिकित्सकों के कथनों व शीर्ष नेतृत्व की जांच के आधार पर यह पाया कि युवती वंदना परिहार को परिजनो द्वारा प्रातः 9:58 बजे अस्पताल ने समय पर की आवश्यक कामध्यप्रदेश शासन समाचार सिविल अस्पताल सेवढ़ा में 18 वर्षीय युवती के मृत्यु मामले में समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर की वस्तु स्थिति युवती को मृत अवस्था में लाया गया, चिकित्सकीय परीक्षण में चिकित्सकोंर्यवाही - सीएमएचओ श्री वर्मा दतिया 26 अगस्त 2026/ दतिया जिले के सेवढ़ा सिविल अस्पताल में 18 वर्षीय युवती वंदना परिहार पिता श्री जसरथ परिहार निवासी वार्ड क्रमांक 9, सेवढ़ा की मृत्यु के संबंध में समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित हुई थी जिसमें चिकित्सकों के समय पर ना पहुंचने से युवती की जान जाने का उल्लेख किया गया था। खबर में उल्लेख है कि परिजन युवती को 9 बजे अस्पताल लेकर पहुंचे परंतु चिकित्सक डेढ़ घंटे बाद 10 बजकर 30 मिनट पर अस्पताल पहुंचे। जिस कारण युवती को समय पर इलाज नहीं मिल पाया और तड़प तड़प कर उसकी जान चली गई। जबकि सीसीटीवी रिकॉर्डिंग एवं चिकित्सकों के कथनों व शीर्ष नेतृत्व की जांच के आधार पर यह पाया कि युवती वंदना परिहार को परिजनो द्वारा प्रातः 9:58 बजे अस्पताल लाया गया। अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक द्वारा प्रातः 10:08 बजे मरीज का परीक्षण किया गया। परीक्षण के दौरान चिकित्सक ने मरीज को मृत घोषित किया। मरीज को अस्पताल में “Brought Dead” (मृत अवस्था में लाया गया) पाया गया। चिकित्सकीय परीक्षण के समय मरीज में जीवन के कोई लक्षण नहीं पाए गए। चूंकि मरीज को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था, इसलिए चिकित्सक द्वारा मरीज का कोई उपचार नहीं किया गया। इसके पश्चात अस्पताल में मौजूद मरीज के परिजनों द्वारा चिकित्सक एवं अस्पताल प्रशासन पर मरीज को समय पर नहीं देखने तथा चिकित्सक के देरी से आने संबंधी आरोप लगाते हुए अनावश्यक शोर-शराबा किया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार उक्त आरोप तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं। अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग में मरीज के अस्पताल पहुंचने एवं चिकित्सक द्वारा परीक्षण किए जाने का समय स्पष्ट रूप से दर्ज है, जिससे यह पुष्टि होती है कि मरीज को प्रातः 9:58 बजे अस्पताल लाया गया तथा चिकित्सक द्वारा प्रातः 10:08 बजे मरीज का परीक्षण किया गया। मामले की जानकारी समय पर पुलिस को दी गई। नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूर्ण करते हुए चिकित्सकों की टीम द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण “Asphyxia due to blood aspiration” (रक्त के श्वसन मार्ग में चले जाने से उत्पन्न दम घुटना) पाया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.के. वर्मा ने स्पष्ट किया है कि उपलब्ध चिकित्सकीय अभिलेख, सीसीटीवी फुटेज तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर सिविल अस्पताल सेवढ़ा में चिकित्सक अथवा अस्पताल प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की लापरवाही अथवा उपचार में देरी का मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि मृतक मरीज को अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया था और चिकित्सक द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार तत्काल परीक्षण किया गया। अस्पताल प्रशासन द्वारा मामले में पुलिस को समय पर सूचना देने तथा पोस्टमार्टम सहित सभी आवश्यक प्रक्रियाएं नियमानुसार पूरी कराई गई हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने आमजन एवं मरीजों के परिजनों से अपील की है कि किसी भी घटना के संबंध में तथ्यों की पुष्टि किए बिना चिकित्सकों अथवा अस्पताल प्रशासन पर आरोप न लगाए जाएं। अस्पताल में उपलब्ध सीसीटीवी रिकॉर्ड एवं चिकित्सकीय दस्तावेजों के आधार पर घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जा सकती है। प्रशासन द्वारा मरीजों को समय पर एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
कामध्यप्रदेश शासन समाचार सिविल अस्पताल सेवढ़ा में 18 वर्षीय युवती के मृत्यु मामले में समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर की वस्तु स्थिति युवती को मृत अवस्था में लाया गया, चिकित्सकीय परीक्षण में चिकित्सकोंर्यवाही - सीएमएचओ श्री वर्मा दतिया 26 अगस्त 2026/ दतिया जिले के सेवढ़ा सिविल अस्पताल में 18 वर्षीय युवती वंदना परिहार पिता श्री जसरथ परिहार निवासी वार्ड क्रमांक 9, सेवढ़ा की मृत्यु के संबंध में समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित हुई थी जिसमें चिकित्सकों के समय पर ना पहुंचने से युवती की जान जाने का उल्लेख किया गया था। खबर में उल्लेख है कि परिजन युवती को 9 बजे अस्पताल लेकर पहुंचे परंतु चिकित्सक डेढ़ घंटे बाद 10 बजकर 30 मिनट पर अस्पताल पहुंचे। जिस कारण युवती को समय पर इलाज नहीं मिल पाया और तड़प तड़प कर उसकी जान चली गई। जबकि सीसीटीवी रिकॉर्डिंग एवं चिकित्सकों के कथनों व शीर्ष नेतृत्व की जांच के आधार पर यह पाया कि युवती वंदना परिहार को परिजनो द्वारा प्रातः 9:58 बजे अस्पताल ने समय पर की आवश्यक कामध्यप्रदेश शासन समाचार सिविल अस्पताल सेवढ़ा में 18 वर्षीय युवती के मृत्यु मामले में समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर की वस्तु स्थिति युवती को मृत अवस्था में लाया गया, चिकित्सकीय परीक्षण में चिकित्सकोंर्यवाही - सीएमएचओ श्री वर्मा दतिया 26 अगस्त 2026/ दतिया जिले के सेवढ़ा सिविल अस्पताल में 18 वर्षीय युवती वंदना परिहार पिता श्री जसरथ परिहार निवासी वार्ड क्रमांक 9, सेवढ़ा की मृत्यु के संबंध में समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित हुई थी जिसमें चिकित्सकों के समय पर ना पहुंचने से युवती की जान जाने का उल्लेख किया गया था। खबर में उल्लेख है कि परिजन युवती को 9 बजे अस्पताल लेकर पहुंचे परंतु चिकित्सक डेढ़ घंटे बाद 10 बजकर 30 मिनट पर अस्पताल पहुंचे। जिस कारण युवती को समय पर इलाज नहीं मिल पाया और तड़प तड़प कर उसकी जान चली गई। जबकि सीसीटीवी रिकॉर्डिंग एवं चिकित्सकों के कथनों व शीर्ष नेतृत्व की जांच के आधार पर यह पाया कि युवती वंदना परिहार को परिजनो द्वारा प्रातः 9:58 बजे अस्पताल लाया गया। अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक द्वारा प्रातः 10:08 बजे मरीज का परीक्षण किया गया। परीक्षण के दौरान चिकित्सक ने मरीज को मृत घोषित किया। मरीज को अस्पताल में “Brought Dead” (मृत अवस्था में लाया गया) पाया गया। चिकित्सकीय परीक्षण के समय मरीज में जीवन के कोई लक्षण नहीं पाए गए। चूंकि मरीज को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था, इसलिए चिकित्सक द्वारा मरीज का कोई उपचार नहीं किया गया। इसके पश्चात अस्पताल में मौजूद मरीज के परिजनों द्वारा चिकित्सक एवं अस्पताल प्रशासन पर मरीज को समय पर नहीं देखने तथा चिकित्सक के देरी से आने संबंधी आरोप लगाते हुए अनावश्यक शोर-शराबा किया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार उक्त आरोप तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं। अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग में मरीज के अस्पताल पहुंचने एवं चिकित्सक द्वारा परीक्षण किए जाने का समय स्पष्ट रूप से दर्ज है, जिससे यह पुष्टि होती है कि मरीज को प्रातः 9:58 बजे अस्पताल लाया गया तथा चिकित्सक द्वारा प्रातः 10:08 बजे मरीज का परीक्षण किया गया। मामले की जानकारी समय पर पुलिस को दी गई। नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूर्ण करते हुए चिकित्सकों की टीम द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण “Asphyxia due to blood aspiration” (रक्त के श्वसन मार्ग में चले जाने से उत्पन्न दम घुटना) पाया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.के. वर्मा ने स्पष्ट किया है कि उपलब्ध चिकित्सकीय अभिलेख, सीसीटीवी फुटेज तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर सिविल अस्पताल सेवढ़ा में चिकित्सक अथवा अस्पताल प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की लापरवाही अथवा उपचार में देरी का मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि मृतक मरीज को अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया था और चिकित्सक द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार तत्काल परीक्षण किया गया। अस्पताल प्रशासन द्वारा मामले में पुलिस को समय पर सूचना देने तथा पोस्टमार्टम सहित सभी आवश्यक प्रक्रियाएं नियमानुसार पूरी कराई गई हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने आमजन एवं मरीजों के परिजनों से अपील की है कि किसी भी घटना के संबंध में तथ्यों की पुष्टि किए बिना चिकित्सकों अथवा अस्पताल प्रशासन पर आरोप न लगाए जाएं। अस्पताल में उपलब्ध सीसीटीवी रिकॉर्ड एवं चिकित्सकीय दस्तावेजों के आधार पर घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जा सकती है। प्रशासन द्वारा मरीजों को समय पर एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
- नगर परिषद इंद्र की लापरवाही इन वीडियो को देखकर लगाई जा सकती की की स्थानीय प्रशासन कितना सक्रिय है हमारे संवाददाता संवाददाता ने सुबह नगर के विभिन्न वार्डों कस्बा का ग्राउंड जीरो पर जाकर अवलोकन किया नगर के चारों ओर नाली एवंनालेसभी ब्लॉक हैं नगर भी जल निकासी के लिए कोई भी रास्ता नहीं है कि जहां से पानी की निकासी हो सके जगह-जगह कचरो से नालियां और नाले फटे पड़े हैं यह तस्वीर नगर पालिका की भ्रष्टाचारीनीतियों का स्पष्ट उदाहरण है शीतला गंज की इतनी दुर्दशा है की सब्जी मंडी में गंदगी का अंबार है और लोगों के घरों में पानी भर रहा है ना दुकानदार सुरक्षित है ना घर में आम परिवार के लोग सुरक्षित हैं परंतु नगर परिषद सारे दाबे झूठे निकले इस समय पार्षद से लेकर अध्यक्ष तक अंधेर नगरी चौपट राजा टके से भाजी टके से आप ख्वाजा की कहानी को चरितार्थ करते हैं यह वीडियो बताता है कि नगर परिषद के पार्षद रवि चौरसिया के घर तक में पानी भरा हुआ है प्रत्यक्ष को प्रमाण की आवश्यकता नहीं मेरा जन्म प्रिया कलेक्टर से निवेदन है की नगर की व्यवस्था को देखते हुए पानी निकासी के समुचित उपाय किए जाने चाहिए जिससे आम नागरिकों को घरों में भर रहे पानी की निकास हो ऐसा नहीं है किसी से पहले पानी निकासी के संसाधन नहीं थे लेकिन जहां से पानी निकलता था वहां कुछ रसूखदारों ने नालों को चौक कर दिया और और नाले अवैध अतिक्रमण की भेंट चढ़ गए3
- * इंदरगढ़ नगर में जाम से निजात दिलाने सड़क पर उतरे CMO विजय बहादुर एवं इंजीनियर नंदकिशोर गोस्वामी ठेले वालों को समझाया, दुकानदारों को चेतावनी, बोले - रोड पर बाइक खड़ी की तो होगी चालानी कार्रवाई इंदरगढ़ नगर में लगातार लग रहे जाम से निजात दिलाने के लिए नगर परिषद के सीएमओ विजय बहादुर आज खुद सड़क पर उतरे। उन्होंने मेन बाजार में रोड पर खड़े ठेले वालों को समझाइश दी और व्यवस्थित रूप से ठेला लगाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि बीच रोड पर ठेला न लगाएं, जिससे आवागमन बाधित हो। साथ ही सीएमओ ने दुकानदारों से भी आग्रह किया कि अपनी और ग्राहकों की मोटरसाइकिलें रोड पर खड़ी न करें। दुकान के सामने रखी गई तो होगी चालानी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान नगर परिषद के कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। सीएमओ की इस पहल की लोगों ने सराहना की। इंदरगढ़ नगर में जाम से निजात दिलाने सड़क पर उतरे CMO विजय बहादुर एवं इंजीनियर नंदकिशोर गोस्वामी ठेले वालों को समझाया, दुकानदारों को चेतावनी, बोले - रोड पर बाइक खड़ी की तो होगी चालानी कार्रवाई इंदरगढ़ नगर में लगातार लग रहे जाम से निजात दिलाने के लिए नगर परिषद के सीएमओ विजय बहादुर आज खुद सड़क पर उतरे। उन्होंने मेन बाजार में रोड पर खड़े ठेले वालों को समझाइश दी और व्यवस्थित रूप से ठेला लगाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि बीच रोड पर ठेला न लगाएं, जिससे आवागमन बाधित हो। साथ ही सीएमओ ने दुकानदारों से भी आग्रह किया कि अपनी और ग्राहकों की मोटरसाइकिलें रोड पर खड़ी न करें। दुकान के सामने रखी गई तो होगी चालानी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान नगर परिषद के कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। सीएमओ की इस पहल की लोगों ने सराहना की।1
- गोवंशो की बढ़ती मोते प्रशासनिक व्यवस्था पर उठते सवाल, आज हुआ बबाल परशुरामचौराहे पर गोसेवकों वी एच पी बजरंगदल के सदस्यों की नाराजगी से बनी जाम की स्तिथि,1
- डबरा नगर पालिका परिषद में पार्षदों ने भैंस के आगे बीन बजा कर नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ पार्षदों ने किया अनोखा प्रदर्शन डबरा (ग्वालियर) मध्य प्रदेश ग्वालियर जिले की डबरा नगर पालिका परिषद में पार्षदों ने भैंस के आगे बीन बजा कर नगर पालिका के अध्यक्ष के खिलाफ किया अनोखा प्रदर्शन , दो दिनों से चल रहा है पार्षदों का धरना प्रदर्शन, डबरा में फैली अव्यवस्थाओं, जर्जर सड़कों, गौशाला की दुर्दशा , गंदगी एवं अन्य समस्याओं को लेकर कांग्रेस, बीजेपी, आम आदमी पार्टी सहित एक ही मंच पर बैठकर कर रही है नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ विरुद्ध प्रदर्शन ।3
- इंदरगढ़: अंदर बस्ती रोड सफाई अभियान पर उठे सवाल, व्यापारी हनी खान बोले— "सिर्फ हमारी ही पटिया और नाली क्यों हटाई गई, बाकी दुकानदारों पर मेहरबानी क्यों?" इंदरगढ़: अंदर बस्ती रोड सफाई अभियान पर उठे सवाल, व्यापारी हनी खान बोले— "सिर्फ हमारी ही पटिया और नाली क्यों हटाई गई, बाकी दुकानदारों पर मेहरबानी क्यों?" इंदरगढ़ (दतिया/विशेष रिपोर्ट): नगर परिषद इंदरगढ़ द्वारा अंदर बस्ती रोड पर जल भराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए चलाए जा रहे सफाई अभियान के दौरान प्रशासनिक कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। इस अभियान के तहत स्थानीय व्यापारी हनी खान (बबलू) ने नगर परिषद के कर्मचारियों और अमले पर स्पष्ट रूप से पक्षपात करने के आरोप लगाए हैं। हनी खान का कहना है कि प्रशासन द्वारा केवल उनकी ही दुकान के सामने की नाली साफ की गई और उनकी ही दुकान की पटियां हटाई गईं, जबकि पूरी सड़क पर अन्य कई दुकानदारों ने भी नाली पर अतिक्रमण या पटियां डाली हुई हैं, जिन्हें छुआ तक नहीं गया। मुख्य बिंदु और विवाद के केंद्र: चुनिंदा कार्रवाई (Selective Action) का आरोप: पीड़ित व्यापारी हनी खान का सवाल है कि यदि जल भराव की समस्या पूरे अंदर बस्ती रोड पर है, तो नगर परिषद की टीम ने केवल उनकी ही दुकान के सामने कार्रवाई क्यों की? आसपास के अन्य दुकानदारों के अतिक्रमण और नालियों को जस का तस क्यों छोड़ दिया गया? पटिया हटाने पर आक्रोश: व्यापारी का कहना है कि प्रशासनिक अमले ने मनमाने तरीके से उनकी दुकान की पटियां हटाईं, जिससे उनके व्यापार और आवागमन पर बुरा असर पड़ा है। इस दौरान लापरवाही के चलते उनका नल भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया।1
- इंदरगढ़ ब्रेकिंग न्यूज़ *एक तरफ CMO का एक्शन, दूसरी तरफ गरीब ठेले वाले का सवाल - "ठेला लगाएं कहां?"* इंदरगढ़ नगर में अतिक्रमण हटाने पर हंगामा - गरीब सब्जी वाले की गुहार, बोला "ठेला लगाएं कहां? जब चाहो तब आकर हटवा देते हो इंदरगढ़ नगर परिषद द्वारा मेन बाजार में जाम से निजात दिलाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान एक गरीब ठेले वाले ने अपनी पीड़ा सुनाई। टमाटर का ठेला लगाने वाले युवक ने कहा कि हम गरीब लोग हैं, पेट पालने के लिए ठेला लगाते हैं। आप लोग जब चाहते हैं तब आकर कहते हो ठेला हटाओ, जाम लग रहा है। लेकिन हम ठेला लगाएं कहां, इसके लिए कोई जगह तो बताओ। मौके पर मौजूद नगर परिषद के कर्मचारी ने उसे समझाया कि अस्पताल की बाउंड्री या बस स्टैंड के पास ठेला लगाओ, वहां जाम नहीं लगेगा। वहीं CMO विजय बहादुर ने भी सभी ठेले वालों से अपील की है कि रोड पर अतिक्रमण न करें, ताकि जाम की स्थिति न बने। इंदरगढ़ ब्रेकिंग न्यूज़ *एक तरफ CMO का एक्शन, दूसरी तरफ गरीब ठेले वाले का सवाल - "ठेला लगाएं कहां?"* इंदरगढ़ नगर में अतिक्रमण हटाने पर हंगामा - गरीब सब्जी वाले की गुहार, बोला "ठेला लगाएं कहां? जब चाहो तब आकर हटवा देते हो इंदरगढ़ नगर परिषद द्वारा मेन बाजार में जाम से निजात दिलाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान एक गरीब ठेले वाले ने अपनी पीड़ा सुनाई। टमाटर का ठेला लगाने वाले युवक ने कहा कि हम गरीब लोग हैं, पेट पालने के लिए ठेला लगाते हैं। आप लोग जब चाहते हैं तब आकर कहते हो ठेला हटाओ, जाम लग रहा है। लेकिन हम ठेला लगाएं कहां, इसके लिए कोई जगह तो बताओ। मौके पर मौजूद नगर परिषद के कर्मचारी ने उसे समझाया कि अस्पताल की बाउंड्री या बस स्टैंड के पास ठेला लगाओ, वहां जाम नहीं लगेगा। वहीं CMO विजय बहादुर ने भी सभी ठेले वालों से अपील की है कि रोड पर अतिक्रमण न करें, ताकि जाम की स्थिति न बने।1
- निवाड़ी में 8 साल की मासूम बच्ची नाले में बही, तलाश जारी निवाड़ी में बारिश के बीच हादसा, 8 साल की अवंतिका कुशवाहा नाले में बही, स्थानीय लोग तलाश में जुटे - परिचित के साथ खेत पर जा रही थी बच्ची, डायल 112 पर सूचना देने का दावा निवाड़ी में बारिश के बीच बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। वार्ड नंबर 1 के पास स्थित नाले में 8 साल की एक मासूम बच्ची के बह गई। बच्ची का नाम अवंतिका कुशवाहा बताया जा रहा है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बच्ची की तलाश शुरू कर दी है। निवाड़ी के वार्ड नंबर 1 के पास स्थित नाले में 8 साल की बच्ची के बह जाने की सूचना सामने आई है। बताया जा रहा है कि बच्ची का नाम अवंतिका कुशवाहा है। बच्ची के पिता संतोष कुशवाहा के मुताबिक, अवंतिका उनके परिचित श्रवण कुशवाहा के साथ खेत पर जा रही थी। इसी दौरान बारिश के कारण नदी और नाले उफान पर थे। रास्ते में बच्ची नाले में बह गई। वहीं, बच्ची के एक अन्य परिचित ने बताया कि 8 साल की अवंतिका नाले में बह गई। उनका आरोप है कि घटना की सूचना डायल 112 को दी गई, लेकिन करीब एक घंटे तक मदद के लिए कोई नहीं पहुंचा। इसके बाद निवाड़ी पुलिस को घटना की सूचना दी गई। स्थानीय लोग मौके पर पहुंचकर बच्ची की तलाश में जुटे हुए हैं। बारिश के कारण नदी और नालों में पानी का बहाव तेज होने से तलाश में भी परेशानी सामने आ रही है। फिलहाल बच्ची की तलाश जारी है।।1
- इस बिस्तर पर अपनी इज्जत छुपाए एक शादीशुदा महिला बैठी है और इस बिस्तर पर बिना कोई शर्ट टी-शर्ट के उसका बॉयफ्रेंड यानी प्रेमी बैठा है महिला की 2 महीने पहले ही शादी हुई थी लेकिन बॉयफ्रेंड का जुनून इस कदर तड़पा रहा था कि उसने अपने बॉयफ्रेंड को अपनी ससुराल में अपने ही पति के बेडरूम में बुला लिया और वहीं पर इश्क के साथ रंगरलियां करने लगी लेकिन तभी पति वहां पर पहुंच जाता है तो उसकी आंखे फटी की फटी रह जाती हैं मानो पैरों तले से जमीन खिसक गई हो लेकिन यह महिला इतनी शातिर है इतना सब कुछ होने के बावजूद भी पति के अनुसार पत्नी ने पति के हाथ पकड़े और बॉयफ्रेंड ने गला दबा दिया जब पति ने शोर मचाया तो आसपास के लोग आए और पति की जान बच पाई मामला यूपी के झांसी जिले का है पीड़ित पति का कहना है कि 24 जून को हिंदू रीति रिवाज के अनुसार मध्य प्रदेश के दतिया जिले के भांडेर की रहने वाली लड़की से उसकी शादी हुई थी पति का आरोप है की शादी के दो तीन हफ्ते के बाद से ही उसकी पत्नी उसे कभी चाय तो कभी दूध तो कभी खाने में नींद की गोलियां मिलाकर देने लगी ताकि वह आराम से अपने बॉयफ्रेंड से रात में बातें कर सके जब पति की हालत खराब हुई तो उसे शक हुआ कि उसे खाने में कुछ दिया जा रहा है सुने क्या कुछ कहा उस महिला के पीड़ित पति ने। इस बिस्तर पर अपनी इज्जत छुपाए एक शादीशुदा महिला बैठी है और इस बिस्तर पर बिना कोई शर्ट टी-शर्ट के उसका बॉयफ्रेंड यानी प्रेमी बैठा है महिला की 2 महीने पहले ही शादी हुई थी लेकिन बॉयफ्रेंड का जुनून इस कदर तड़पा रहा था कि उसने अपने बॉयफ्रेंड को अपनी ससुराल में अपने ही पति के बेडरूम में बुला लिया और वहीं पर इश्क के साथ रंगरलियां करने लगी लेकिन तभी पति वहां पर पहुंच जाता है तो उसकी आंखे फटी की फटी रह जाती हैं मानो पैरों तले से जमीन खिसक गई हो लेकिन यह महिला इतनी शातिर है इतना सब कुछ होने के बावजूद भी पति के अनुसार पत्नी ने पति के हाथ पकड़े और बॉयफ्रेंड ने गला दबा दिया जब पति ने शोर मचाया तो आसपास के लोग आए और पति की जान बच पाई मामला यूपी के झांसी जिले का है पीड़ित पति का कहना है कि 24 जून को हिंदू रीति रिवाज के अनुसार मध्य प्रदेश के दतिया जिले के भांडेर की रहने वाली लड़की से उसकी शादी हुई थी पति का आरोप है की शादी के दो तीन हफ्ते के बाद से ही उसकी पत्नी उसे कभी चाय तो कभी दूध तो कभी खाने में नींद की गोलियां मिलाकर देने लगी ताकि वह आराम से अपने बॉयफ्रेंड से रात में बातें कर सके जब पति की हालत खराब हुई तो उसे शक हुआ कि उसे खाने में कुछ दिया जा रहा है सुने क्या कुछ कहा उस महिला के पीड़ित पति ने।1