कर्पूरी ठाकुर : सामाजिक न्याय के अमर जननायक भारत की लोकतांत्रिक परंपरा में कुछ ऐसे जननेता हुए हैं जिन्होंने सत्ता को साधन बनाया, लक्ष्य नहीं। जननायक कर्पूरी ठाकुर उन्हीं महान नेताओं में से एक थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज के वंचित, पिछड़े और शोषित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। उनकी पुण्यतिथि (17 फरवरी) हमें उनके आदर्शों, संघर्षों और सादगीपूर्ण जीवन की याद दिलाती है।। कर्पूरी ठाकुर का जीवन अत्यंत साधारण पृष्ठभूमि से शुरू हुआ, लेकिन उनके विचार असाधारण थे। वे मानते थे कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब समाज का अंतिम व्यक्ति भी सम्मान और अवसर प्राप्त करेगा। यही कारण था कि राजनीति में रहते हुए उन्होंने सामाजिक न्याय को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। शिक्षा और रोजगार में पिछड़े वर्गों को आरक्षण देने का ऐतिहासिक निर्णय उनके दूरदर्शी नेतृत्व का प्रमाण है, जिसने लाखों लोगों के जीवन की दिशा बदल दी। वे केवल नीतियों के नेता नहीं थे, बल्कि आचरण से भी आदर्श प्रस्तुत करते थे। सत्ता में रहते हुए भी उनकी सादगी, ईमानदारी और जनसंपर्क की शैली उन्हें आम लोगों के बेहद करीब ले आती थी। वे हमेशा कहते थे कि नेता का असली धर्म जनता की सेवा है, और उन्होंने अपने पूरे जीवन में इसी सिद्धांत का पालन किया। बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल ने यह सिद्ध किया कि मजबूत इच्छाशक्ति और स्पष्ट दृष्टिकोण से सीमित संसाधनों में भी बड़े सामाजिक परिवर्तन किए जा सकते हैं। उनकी नीतियों ने शिक्षा, भाषा और सामाजिक समानता के क्षेत्र में नई सोच को जन्म दिया, जो आज भी प्रासंगिक है। आज जब समाज तेजी से बदल रहा है, तब कर्पूरी ठाकुर के विचार हमें यह सिखाते हैं कि विकास का वास्तविक अर्थ केवल आर्थिक प्रगति नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समान अवसर सुनिश्चित करना भी है। उनका जीवन संघर्ष, सादगी और जनसेवा का ऐसा उदाहरण है जो आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। आज जरूरत है ऐसे नेता की की जो सत्ता को सेवा का भाव समझे, सत्ता से अधिक सिद्धांत, और लाभ से अधिक न्याय को समझे !! जननायक कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि उनके आदर्श, उनके विचार और उनका संघर्ष भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों को सदैव दिशा देते रहेंगे।
कर्पूरी ठाकुर : सामाजिक न्याय के अमर जननायक भारत की लोकतांत्रिक परंपरा में कुछ ऐसे जननेता हुए हैं जिन्होंने सत्ता को साधन बनाया, लक्ष्य नहीं। जननायक कर्पूरी ठाकुर उन्हीं महान नेताओं में से एक थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज के वंचित, पिछड़े और शोषित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। उनकी पुण्यतिथि (17 फरवरी) हमें उनके आदर्शों, संघर्षों और सादगीपूर्ण जीवन की याद दिलाती है।। कर्पूरी ठाकुर का जीवन अत्यंत साधारण पृष्ठभूमि से शुरू हुआ, लेकिन उनके विचार असाधारण थे। वे मानते थे कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब समाज का अंतिम व्यक्ति भी सम्मान और अवसर प्राप्त करेगा। यही कारण था कि राजनीति में रहते हुए उन्होंने सामाजिक न्याय को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। शिक्षा और रोजगार में पिछड़े वर्गों को आरक्षण देने का ऐतिहासिक निर्णय उनके दूरदर्शी नेतृत्व का प्रमाण है, जिसने लाखों लोगों के जीवन की दिशा बदल दी। वे केवल नीतियों के नेता नहीं थे, बल्कि आचरण से भी आदर्श प्रस्तुत करते थे। सत्ता में रहते हुए भी उनकी सादगी, ईमानदारी और जनसंपर्क की शैली उन्हें आम लोगों के बेहद करीब ले आती थी। वे हमेशा कहते थे कि नेता का असली धर्म जनता की सेवा है, और उन्होंने अपने पूरे जीवन में इसी सिद्धांत का पालन किया। बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल ने यह सिद्ध किया कि मजबूत इच्छाशक्ति और स्पष्ट दृष्टिकोण से सीमित संसाधनों में भी बड़े सामाजिक परिवर्तन किए जा सकते हैं। उनकी नीतियों ने शिक्षा, भाषा और सामाजिक समानता के क्षेत्र में नई सोच को जन्म दिया, जो आज भी प्रासंगिक है। आज जब समाज तेजी से बदल रहा है, तब कर्पूरी ठाकुर के विचार हमें यह सिखाते हैं कि विकास का वास्तविक अर्थ केवल आर्थिक प्रगति नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समान अवसर सुनिश्चित करना भी है। उनका जीवन संघर्ष, सादगी और जनसेवा का ऐसा उदाहरण है जो आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। आज जरूरत है ऐसे नेता की की जो सत्ता को सेवा का भाव समझे, सत्ता से अधिक सिद्धांत, और लाभ से अधिक न्याय को समझे !! जननायक कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि उनके आदर्श, उनके विचार और उनका संघर्ष भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों को सदैव दिशा देते रहेंगे।
- डबरा में पहले दिन ही बागेश्वर बाबा की कथा में उमड़ा जनसैलाब1
- Post by दिगेन्द्र दिनेश बाजपेई1
- *पीएम श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत बन रहा AI का पावर हाउस...*💪 - भारत में 10 करोड़ से अधिक एक्टिव AI यूजर्स - 89% नए स्टार्टअप कर रहे हैं AI का प्रयोग - 60 लाख से अधिक लोग टेक और AI इको-सिस्टम में कार्यरत1
- डबरा (ग्वालियर) मध्य प्रदेश डबरा में नवग्रह शक्तिपीठ की प्राण प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन 10 फरवरी से 20 फरवरी तक चलेगा जिसमें अंतरराष्ट्रीय कथावाचक , साधु संत और नेताओं का आगमन हो रहा है । वही आज 17 फरवरी से 19 फरवरी तक बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा हनुमान कथा सुनाई जाएगी और 20 फरवरी को दिव्या दरबार भी लगाया जाएगा।2
- मुरैना जिले के अंबाह नगर में नगरपालिका की कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। वार्ड क्रमांक 17 निवासी रमेश ओझा ने कलेक्टर मुरैना को शिकायत सौंपकर आरोप लगाया है कि उनका 75 वर्ष पुराना पुश्तैनी मकान 16 जनवरी 2026 को बिना उचित जांच और पूर्व सूचना के तोड़ दिया गया। शिकायत में बताया गया है कि नगर पालिका के सीएमओ द्वारा कथित अतिक्रमण की कार्रवाई की गई, जबकि उसी क्षेत्र में अन्य कई मकान भी सड़क पर बने होने के बावजूद उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित का आरोप है कि केवल उनके मकान को निशाना बनाया गया और पूर्व में की गई शिकायतों पर भी प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। रमेश ओझा ने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान उन्हें समुचित सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने तथा उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।1
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- मुरैना शहर मे भव्य तरीके एवं आनंदमय तरीके से निकाली बाबा महाकाल की साभी शवारी जिसमे हाथी घोडा बैंड बाजे शाही सवारी एवं तौप हाथगौले अन्य ये पालकी महशिवरात्री के उपलक्ष्य मे निकाली गई और बाबा महाकाल मंदिर बडोखर से शुरु होकर पुनह: वही समापन हुआ अंत मे आरती कर प्रसादी प्राप्त की1
- नवग्रह शक्तिपीठ डबरा परम पूज्य गुरुदेव बागेश्वर धाम जी का आगमन1