पिपरिया के धनाश्री पंचायत में नल-जल योजना बनी जीवनदायिनी, 20 फीट पाइपलाइन बढ़ाकर जिले में भीषण गर्मी के चलते जहां एक ओर जल संकट गहराता जा रहा है, वहीं पिपरिया तहसील के ग्राम पंचायत धनाश्री में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। पूरे गांव के हैंडपंप सूख जाने से ग्रामीणों को पेयजल के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे संकट के समय में मध्य प्रदेश सरकार की नल-जल योजना गांववासियों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हुई। जल संकट को देखते हुए पंचायत और समाजसेवियों ने मिलकर पहल की, जिससे बंद पड़ी योजना को आज शाम 6:00 बजे तक फिर से सुचारू किया जा सका। ग्राम के वरिष्ठ समाजसेवी खुशी लाल पटेल एवं हेमंत पटेल के सहयोग से नल-जल योजना के ट्यूबवेल में करीब 20 फीट अतिरिक्त पाइपलाइन बढ़ाई गई। इस तकनीकी सुधार के बाद जल स्रोत तक पहुंच बनी और योजना पुनः चालू हो गई, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली। इस कार्य में ग्राम पंचायत धनाश्री के सरपंच हरभजन ठाकुर एवं सचिव छबीले राम पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पंचायत निधि से आवश्यक कार्य कराकर उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि गांव में जल आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल हो सके। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और समाजसेवियों का आभार व्यक्त किया है। भीषण गर्मी के बीच नल-जल योजना के फिर से चालू होने से लोगों को अब पेयजल के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, जिससे गांव में राहत का माहौल है।
पिपरिया के धनाश्री पंचायत में नल-जल योजना बनी जीवनदायिनी, 20 फीट पाइपलाइन बढ़ाकर जिले में भीषण गर्मी के चलते जहां एक ओर जल संकट गहराता जा रहा है, वहीं पिपरिया तहसील के ग्राम पंचायत धनाश्री में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। पूरे गांव के हैंडपंप सूख जाने से ग्रामीणों को पेयजल के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे संकट के समय में मध्य प्रदेश सरकार की नल-जल योजना गांववासियों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हुई। जल संकट को देखते हुए पंचायत और समाजसेवियों ने मिलकर पहल की, जिससे बंद पड़ी योजना को आज शाम 6:00 बजे तक फिर से सुचारू किया जा सका। ग्राम के वरिष्ठ समाजसेवी खुशी लाल पटेल एवं हेमंत पटेल के सहयोग से नल-जल योजना के ट्यूबवेल में करीब 20 फीट अतिरिक्त पाइपलाइन बढ़ाई गई। इस तकनीकी सुधार के बाद जल स्रोत तक पहुंच बनी और योजना पुनः चालू हो गई, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली। इस कार्य में ग्राम पंचायत धनाश्री के सरपंच हरभजन ठाकुर एवं सचिव छबीले राम पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पंचायत निधि से आवश्यक कार्य कराकर उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि गांव में जल आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल हो सके। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और समाजसेवियों का आभार व्यक्त किया है। भीषण गर्मी के बीच नल-जल योजना के फिर से चालू होने से लोगों को अब पेयजल के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, जिससे गांव में राहत का माहौल है।
- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में सोमवार रात एक भयानक सड़क हादसे में विदिशा निवासी PHE कर्मचारी राजेश वसुले की मौत हो गई। तेज़ रफ्तार कार की टक्कर से उनके साथी भी गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।1
- मध्यप्रदेश के शिवपुर गेहूं खरीदी केंद्र पर किसानों में ट्रॉली लगाने को लेकर खूनी संघर्ष हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि लाठी-डंडे चलने लगे, जिसमें एक किसान गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल पहुंचा।1
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- बेटुल में बच्चों के भविष्य को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की जा रही है। एक सोशल मीडिया पोस्ट में देश के बच्चों के भविष्य को संकट में बताया गया है, जिस पर लोग सोच-विचार कर रहे हैं।1
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- मध्य प्रदेश के रातातलाई टोला के ग्रामीण 3 किलोमीटर दूर तालाब से गंदा पानी लाकर पीने को मजबूर हैं। इसी मजबूरी के खिलाफ महिलाओं ने कलेक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन कर अपनी आवाज उठाई।1
- मध्य प्रदेश के स्टेट हाईवे 22 पर तीन दिन पहले गिरे एक विशाल पेड़ से रास्ता बाधित है। यह व्यस्त मार्ग सैकड़ों अधिकारी-कर्मचारियों और आम लोगों द्वारा रोज़ाना इस्तेमाल किया जाता है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। प्रशासन की इस लापरवाही से स्थानीय लोग नाराज़ हैं और तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- नर्मदापुरम कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने अपना निजी नंबर सार्वजनिक कर जनता से सीधा संपर्क स्थापित किया है। उनकी इस नई कार्यशैली की चर्चा पूरे मध्य प्रदेश में हो रही है और हर कोई उनकी सराहना कर रहा है। इससे प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है।1
- भोपाल शहर काजी ने कमिश्नर कार्यालय में ज्ञापन देने के बाद शहर के लोगों से एक महत्वपूर्ण अपील की है। उनकी इस अपील में शहरवासियों के लिए कोई खास संदेश छिपा है।1