पीलीभीत मेडिकल कॉलेज के सिटी स्कैन रूम में एकतरफा प्यार में पागल एक पैरामेडिकल छात्र ने अपनी ही साथी छात्रा पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस खूनी खेल के दौरान बीच-बचाव करने आई एक अन्य महिला स्टाफ सदस्य भी गंभीर रूप से घायल हो गई है। इस वारदात के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया। हमलावर छात्र की पहचान कानपुर निवासी सागर सिंह के रूप में हुई है। सागर सिंह कॉलेज में ही पढ़ने वाली और बरेली की निवासी अपनी सहपाठी छात्रा से एकतरफा प्यार करता था। आरोपी अचानक सिटी स्कैन रूम में दाखिल हुआ और छात्रा पर चाकू से वार करना शुरू कर दिया। चीख-पुकार सुनकर जब वहां मौजूद स्टाफ सदस्य 'निधि' उसे बचाने के लिए दौड़ी, तो सिरफिरे आरोपी ने उस पर भी हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। वारदात की आवाज सुनकर आसपास के अन्य सहयोगी तुरंत मौके पर पहुंचे और लहूलुहान हालत में दोनों घायल युवतियों को मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। पीड़ित छात्रा की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। वहीं, मुस्तैद स्टाफ ने मौके से भाग रहे आरोपी सागर सिंह को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पीलीभीत मेडिकल कॉलेज के सिटी स्कैन रूम में एकतरफा प्यार में पागल एक पैरामेडिकल छात्र ने अपनी ही साथी छात्रा पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस खूनी खेल के दौरान बीच-बचाव करने आई एक अन्य महिला स्टाफ सदस्य भी गंभीर रूप से घायल हो गई है। इस वारदात के बाद मेडिकल
कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया। हमलावर छात्र की पहचान कानपुर निवासी सागर सिंह के रूप में हुई है। सागर सिंह कॉलेज में ही पढ़ने वाली और बरेली की निवासी अपनी सहपाठी छात्रा से एकतरफा प्यार करता था। आरोपी अचानक सिटी स्कैन रूम में दाखिल हुआ और छात्रा पर चाकू से वार करना शुरू
कर दिया। चीख-पुकार सुनकर जब वहां मौजूद स्टाफ सदस्य 'निधि' उसे बचाने के लिए दौड़ी, तो सिरफिरे आरोपी ने उस पर भी हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। वारदात की आवाज सुनकर आसपास के अन्य सहयोगी तुरंत मौके पर पहुंचे और लहूलुहान हालत में दोनों घायल युवतियों को मेडिकल कॉलेज के
इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। पीड़ित छात्रा की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। वहीं, मुस्तैद स्टाफ ने मौके से भाग रहे आरोपी सागर सिंह को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
- पीलीभीत के बीसलपुर में नगर पालिका परिषद के एक बर्खास्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने प्रताड़ना से तंग आकर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 51 वर्षीय उपेंद्र कुमार शर्मा के रूप में हुई है, जो गबन के आरोपों में बर्खास्त चल रहे थे। इस मामले में मृतक के भाई अनुराग शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने नगर पालिका के ईओ शमशेर सिंह और चेयरमैन प्रतिनिधि अमन जायसवाल समेत पांच लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। परिजनों का आरोप है कि आरोपियों ने मृतक से लाखों रुपये की अवैध वसूली की, उनके साथ मारपीट की और अमानवीय व्यवहार किया। उपेंद्र का शव जब घर पहुंचा, तो परिजनों ने न्याय और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर भारी हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद मौके पर पहुंचे एडीएम प्रसून द्विवेदी और एएसपी विक्रम दहिया ने निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिलाने का आश्वासन देकर हंगामा शांत कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने सीडीओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। इसके अलावा, स्थानीय विधायक विवेक वर्मा और पूर्व मंत्री रामसरन वर्मा ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें हर हाल में न्याय दिलाने का भरोसा दिया है।3
- उत्तर प्रदेश के संभल जिले में कोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से बनी ईदगाह और मस्जिद को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया है। यह कार्रवाई असमोली थाना क्षेत्र के मदन गांव में सरकारी कब्रिस्तान की भूमि पर की गई है। प्रशासन द्वारा करीब छह घंटे तक चलाए गए इस अभियान के बाद लगभग छह बीघा सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया गया है। प्रशासन के अनुसार, कब्जामुक्त कराई गई इस सरकारी भूमि की अनुमानित कीमत करीब 5 करोड़ रुपये है।1
- पीलीभीत में समाजवादी छात्र सभा के पूर्व जिला महासचिव नाबिर अली मंसूरी ने आयुष्मान कार्ड में संशोधन की मांग की है।1
- पीलीभीत में एक पैरामेडिकल छात्रा की मौत के बाद छात्र-छात्राएं हड़ताल पर बैठ गए हैं। इस घटना के विरोध में सभी छात्र एकजुट होकर हड़ताल पर बैठे हैं और इस पूरे मामले में पुलिस, जिला प्रशासन तथा सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।1
- पीलीभीत के पूरनपुर तहसील परिसर में स्थानांतरित हुए उप जिलाधिकारी (एसडीएम) अजीत प्रताप सिंह को मंगलवार शाम आयोजित एक भव्य समारोह में भावभीनी विदाई दी गई। शासन के प्रशासनिक फेरबदल के तहत उन्हें प्रयागराज में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। शाम चार बजे आयोजित इस विदाई कार्यक्रम में नायब तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल और राजस्व कर्मचारियों सहित तहसील के अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों ने उन्हें सम्मानित करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान जब कर्मचारियों ने एसडीएम को स्मृति चिह्न और पुष्पगुच्छ भेंट किए, तो माहौल बेहद भावुक हो गया और वहां मौजूद लोगों के साथ-साथ स्वयं अजीत प्रताप सिंह की आंखों से भी आंसू छलक पड़े। एसडीएम अजीत प्रताप सिंह पूरनपुर तहसील में दो साल से भी अधिक समय तक तैनात रहे। अपने इस कार्यकाल के दौरान उन्होंने राजस्व कार्यों, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, जनसुनवाई और सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में सक्रिय भूमिका निभाई। वह विशेष रूप से गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों की समस्याओं के समाधान को लेकर काफी गंभीर रहते थे। उनके इसी सहयोगात्मक और अच्छे व्यवहार के कारण विदाई के समय सभी की आंखें नम हो गईं।4
- पीलीभीत के पूरनपुर में खुटार-बंडा रोड पर संत सुखदेव सिंह स्कूल, खमरिया के पास बदायूं से आलू लादकर लखीमपुर खीरी जा रहा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े एक बड़े पेड़ से टकरा गया। इस भीषण हादसे में ट्रक चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना बुधवार की बताई जा रही है, जिसके तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक बेहद तेज रफ्तार में था और अचानक संतुलन खोने के बाद सड़क से उतरकर सीधे पेड़ से जा भिड़ा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक केबिन में ही बुरी तरह फंस गया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद चालक को केबिन से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान पीलीभीत जनपद के पूरनपुर तहसील अंतर्गत राणा प्रताप नगर निवासी नसीम अंसारी (पुत्र अमीन अंसारी) के रूप में हुई है, जो लंबे समय से ट्रक चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मृतक की पत्नी सद्दुरुननीशा, पिता अमीन अंसारी, माता सायरा बानो और दोनों बेटों सुहेल (28 वर्ष) व फैज अहमद (25 वर्ष) का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि नसीम ही मेहनत-मजदूरी कर पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे और उनकी असमय मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसके साथ ही दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को रास्ते से हटाकर यातायात सुचारु कराया गया। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है और प्रारंभिक तौर पर दुर्घटना की वजह तेज रफ्तार, चालक को झपकी आना या वाहन का अनियंत्रित होना माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पूरी जांच के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। इस दुखद हादसे से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।1