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पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र के आईआईटी अमहारा स्थित कुर्मी टोला में एक युवक की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान कुर्मी टोला निवासी रवि कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, रवि का शव फंदे से लटका मिला, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही आईआईटी अमहारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं। फिलहाल, युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
Reporter Satyendra Yadav
पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र के आईआईटी अमहारा स्थित कुर्मी टोला में एक युवक की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान कुर्मी टोला निवासी रवि कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, रवि का शव फंदे से लटका मिला, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही आईआईटी अमहारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं। फिलहाल, युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
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- पटना जिले के बिक्रम थाना क्षेत्र में रफ्तार का कहर देखने को मिला, जहाँ शनिवार शाम NH 139 पथ पर आंध्र चौकी के पास एक तेज रफ्तार बालू लदे ट्रक ने बाइक सवार युवक को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में युवक बुरी तरह से घायल हो गया, जिसके बाद बालू लदा ट्रक नौबतपुर की ओर भाग निकला। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और घायल युवक को बिक्रम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक युवक की पहचान बिक्रम थाना क्षेत्र के मनेर तेलपा गाँव निवासी संजय सिंह के पुत्र जय राम कुमार के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जय राम कुमार शनिवार शाम नौबतपुर की ओर से अपने घर लौट रहे थे, तभी आंध्र चौकी गाँव के पास सामने से आ रहे तेज़ रफ़्तार बालू लदे ट्रक ने उन्हें कुचल दिया था। इस दुखद घटना के बाद युवक के परिवार में कोहराम मच गया है।1
- राजधानी पटना के बेउर थाना क्षेत्र से बीते 13 जून से दो नाबालिग लड़के, करण कुमार और विशाल कुमार, लापता हैं। दोनों की उम्र 13 वर्ष है। 13 जून की शाम 6 बजे दोनों दोस्त ब्रह्मपुर स्थित आरपीएस स्कूल के निकट खेल मैदान में क्रिकेट खेलने गए थे, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटे। परिजनों और सगे-संबंधियों ने लड़कों की काफी खोजबीन की, लेकिन उन्हें ढूंढने में असमर्थ रहे। इसके बाद करण के पिता अखिलेश राय और विशाल के पिता अरुण कुमार ने स्थानीय थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया। मामला दर्ज होने के छह दिन बीत जाने के बावजूद, लापता युवकों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। किसी अनहोनी की आशंका से दोनों युवकों के परिजन बेहद चिंतित एवं आशंकित हैं, और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। अपने बच्चों का सही पता बताने वाले व्यक्ति को परिजनों ने 20 हजार रुपये का सुनिश्चित इनाम देने की घोषणा की है।1
- पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने भारत तिवारी के परिवार से मुलाकात की और न्याय की उनकी मांग का समर्थन किया। इस मुलाकात के दौरान, उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस मामले के लिए जो भी जिम्मेदार हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और न्याय बिना किसी देरी के सुनिश्चित किया जाना चाहिए।1
- भरत तिवारी की मृत्यु के उपरांत, उनकी बड़ी बहन ने बेलोटी घर में हुई बातचीत के दौरान एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उनके इस बयान को लेकर अब व्यापक चर्चा हो रही है।1
- भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत तिवारी की मौत के मामले ने बिहार की सियासत में हलचल मचा दी है। इस घटना पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने पुलिस की कार्रवाई पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए सवाल उठाया है कि यदि भरत तिवारी ने सरेंडर कर दिया था, तो उसे गोली क्यों मारी गई? चौबे ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए एक उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। अश्विनी चौबे ने जोर देकर कहा कि यह केवल एक युवक की मौत का मामला नहीं है, बल्कि कानून के राज और पुलिस की जवाबदेही से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरेंडर के बाद किसी को गोली मारना लोकतंत्र और कानून, दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। चौबे ने यह भी मांग की कि यदि पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन को 48 घंटे के भीतर कार्रवाई करने और सच्चाई सामने लाने का अल्टीमेटम भी दिया है। उनके इस बयान के बाद यह मामला और अधिक राजनीतिक रंग लेता दिख रहा है, क्योंकि सत्ता पक्ष के भीतर से ही पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल, भरत तिवारी की मौत के मामले में परिजनों, ग्रामीणों और विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से लगातार निष्पक्ष जांच, जवाबदेही और न्याय की मांग की जा रही है।2
- भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून 2026 को हुई चर्चित पुलिस मुठभेड़ मामले की जांच अब उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा की जाएगी। इस महत्वपूर्ण निर्णय के बाद पूरे बिहार की निगाहें इस जांच प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं। यह न्यायिक जांच अब इस चर्चित मामले की सच्चाई सामने लाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।1
- राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ ब्रह्मपुर इलाके से एक युवक पिछले 13 वर्षों से लापता है, जिसका अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। 7 दिनों के बाद भी लापता युवक का कोई अता-पता नहीं चला है, जिससे परिवारजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस गंभीर मामले पर प्रशासन की चुप्पी बनी हुई है।1
- नबीनगर के विधायक चेतन आनंद ने पाटलिपुत्र गन शूटिंग अकादमी के मालिक के तौर पर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने अकादमी में खिलाड़ियों को प्रेरित किया और उनका हौसला बढ़ाया।1