*जालसाजी कर 944 हेक्टेयर जमीन बैंकों में गिरवी रख ऋण लेने वाली दो कंपनियों पर योगी सरकार का शिकंजा, आवंटन रद्द कर वापस ली सारी भूमि* *- कंपनियों ने कानपुर देहात में 15 साल में भी नहीं शुरू किया पावर प्लांट, नोटिस का भी नहीं दिया जवाब* *योगी सरकार का अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस: कानपुर देहात जिलाधिकारी को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश* *- राज्यपाल की अनुमति के बाद प्रक्रिया तेज, खतौनी में 944.029 हेक्टेयर जमीन ऊर्जा विभाग और राज्य सरकार के नाम होगी* योगी सरकार ने जालसाजी-अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कानपुर देहात में दो कंपनियों को आवंटित 944 हेक्टेयर जमीन का आवंटन रद्द कर उसे सरकार के पक्ष में दर्ज करने का अंतिम निर्देश जारी कर दिया है। वर्ष 2011 में थर्मल पावर प्लांट लगाने के नाम पर मैसर्स लैन्को अनपरा पावर लिमिटेड और मैसर्स हिमावत पावर प्राइवेट लिमिटेड को भोगनीपुर तहसील में जमीनें आवंटित की गई थीं। कंपनियों ने 15 साल बाद भी मौके पर कोई काम शुरू नहीं किया और बिना इजाजत जमीनों को बैंकों में गिरवी रख दिया। राज्यपाल की अनुमति मिलते ही ऊर्जा विभाग ने कानपुर देहात के जिलाधिकारी को निर्देश जारी किए हैं कि खतौनी से दोनों कंपनियों का नाम खारिज कर यह जमीन उत्तर प्रदेश सरकार और ऊर्जा विभाग के नाम दर्ज की जाए। *यह है पूरा मामला* इस पूरे मामले की शुरुआत 28 जून 2011 को हुई थी, जब ऊर्जा विभाग और दोनों कंपनियों के बीच एग्रीमेंट हुआ था। मैसर्स लैन्को अनपरा पावर लिमिटेड को भोगनीपुर तहसील के ग्राम कृपालपुर, चपरघटा, रसूलपुर भुरण्डा और भरतौली में 90.3260 हेक्टेयर पट्टा भूमि तथा 285.0524 हेक्टेयर अधिग्रहीत निजी भूमि मिलाकर कुल 375.378 हेक्टेयर जमीन दी गई थी। वहीं, मैसर्स हिमावत पावर प्राइवेट लिमिटेड को ग्राम अमिलिया, सिहारी, कछगाँव और चपरघटा में 217.813 हेक्टेयर पट्टा भूमि तथा 350.838 हेक्टेयर अधिग्रहीत निजी भूमि मिलाकर कुल 568.651 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराई गई थी। *कंपनियों ने तोड़ी अनुबंध की शर्त, की धोखाधड़ी* अनुबंध की शर्त के अनुसार, कंपनियों को जमीन का कब्जा मिलने के 3 साल के भीतर पावर प्रोजेक्ट का निर्माण पूरा करना था। हालांकि तीन साल से अधिक का लंबा समय बीत जाने के बाद भी कंपनियों ने पावर प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य आज तक शुरू ही नहीं किया। इस तरह दोनों ही कंपनियों ने एग्रीमेंट की पहली सबसे बड़ी शर्त का सीधा उल्लंघन किया। इसके बाद जांच में धोखाधड़ी की दूसरी बड़ी बात सामने आई। एग्रीमेंट की शर्त में साफ लिखा था कि कंपनियां राज्य सरकार की अनुमति के बिना जमीन को किसी को बेच नहीं सकतीं, न ही लीज पर दे सकती हैं और न ही गिरवी रख सकती हैं। इसके बावजूद मैसर्स हिमावत पावर ने बिना किसी अनुमति के जमीन को आईडीबीआई बैंक में बंधक रख दिया। वहीं मैसर्स लैन्को अनपरा पावर ने भी सरकार को बिना बताए जमीन को केनरा बैंक और पंजाब नेशनल बैंक में गिरवी रख दिया। कंपनियों ने इस संबंध में ऊर्जा विभाग को कोई पत्र नहीं भेजा और न ही शासन से कोई इजाजत ली, जिससे राज्य सरकार को बड़ी आर्थिक क्षति पहुंची। शर्तों का उल्लंघन होने पर शासन ने सख्त रुख अपनाया और अनुबंध की शर्त 4(6) के तहत 25 मई 2026 को दोनों कंपनियों को 15 दिन के भीतर जवाब देने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया। यह नोटिस कंपनियों के रजिस्टर्ड पते और ईमेल पर भेजा गया, जो कंपनियों को प्राप्त भी हो गया। इसके बावजूद निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी कंपनियों की तरफ से कोई स्पष्टीकरण या उत्तर उपलब्ध नहीं कराया गया। इससे स्पष्ट हो गया कि कंपनियों के पास शर्तों के उल्लंघन का कोई जवाब नहीं था। कंपनियों द्वारा जान-बूझकर काम न करने, सरकार को आर्थिक क्षति पहुंचाने और नोटिस का जवाब न देने के कारण 25 अगस्त 2026 को अपर मुख्य सचिव डॉ आशीष कुमार गोयल ने अंतिम आदेश निर्गत कर दिया। आदेश में राज्यपाल की अनुमति से पूरी 944.029 हेक्टेयर जमीन को ऊर्जा विभाग में वापस निहित करने के लिए कहा गया। साथ ही, आदेश की प्रति कानपुर देहात जिलाधिकारी को भेजकर यह निर्देश दिया गया है कि वे तत्काल राजस्व अभिलेखों (खतौनी) में इस पूरी जमीन को ऊर्जा विभाग व राज्य सरकार के नाम अंकित कराने की नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
*जालसाजी कर 944 हेक्टेयर जमीन बैंकों में गिरवी रख ऋण लेने वाली दो कंपनियों पर योगी सरकार का शिकंजा, आवंटन रद्द कर वापस ली सारी भूमि* *- कंपनियों ने कानपुर देहात में 15 साल में भी नहीं शुरू किया पावर प्लांट, नोटिस का भी नहीं दिया जवाब* *योगी सरकार का अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस: कानपुर देहात जिलाधिकारी को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश* *- राज्यपाल की अनुमति के बाद प्रक्रिया तेज, खतौनी में 944.029 हेक्टेयर जमीन ऊर्जा विभाग और राज्य सरकार के नाम होगी* योगी सरकार ने जालसाजी-अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कानपुर देहात में दो कंपनियों को आवंटित 944 हेक्टेयर जमीन का आवंटन रद्द कर उसे सरकार के पक्ष में दर्ज करने का अंतिम निर्देश जारी कर दिया है। वर्ष 2011 में थर्मल पावर प्लांट लगाने के नाम पर मैसर्स लैन्को अनपरा पावर लिमिटेड और मैसर्स हिमावत पावर प्राइवेट लिमिटेड को भोगनीपुर तहसील में जमीनें आवंटित की गई थीं। कंपनियों ने 15 साल बाद भी मौके पर कोई काम शुरू नहीं किया और बिना इजाजत जमीनों को बैंकों में गिरवी रख दिया। राज्यपाल की अनुमति मिलते ही ऊर्जा विभाग ने कानपुर देहात के जिलाधिकारी को निर्देश जारी किए हैं कि खतौनी से दोनों कंपनियों का नाम खारिज कर यह जमीन उत्तर प्रदेश सरकार और ऊर्जा विभाग के नाम दर्ज की जाए। *यह है पूरा मामला* इस पूरे मामले की शुरुआत 28 जून 2011 को हुई थी, जब ऊर्जा विभाग और दोनों कंपनियों के बीच एग्रीमेंट हुआ था। मैसर्स लैन्को अनपरा पावर लिमिटेड को भोगनीपुर तहसील के ग्राम कृपालपुर, चपरघटा, रसूलपुर भुरण्डा और भरतौली में 90.3260 हेक्टेयर पट्टा भूमि तथा 285.0524 हेक्टेयर अधिग्रहीत निजी भूमि मिलाकर कुल 375.378 हेक्टेयर जमीन दी गई थी। वहीं, मैसर्स हिमावत पावर प्राइवेट लिमिटेड को ग्राम अमिलिया, सिहारी, कछगाँव और चपरघटा में 217.813 हेक्टेयर पट्टा भूमि तथा 350.838 हेक्टेयर अधिग्रहीत निजी भूमि मिलाकर कुल 568.651 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराई गई थी। *कंपनियों ने तोड़ी अनुबंध की शर्त, की धोखाधड़ी* अनुबंध की शर्त के अनुसार, कंपनियों को जमीन का कब्जा मिलने के 3 साल के भीतर पावर प्रोजेक्ट का निर्माण पूरा करना था। हालांकि तीन साल से अधिक का लंबा समय बीत जाने के बाद भी कंपनियों ने पावर प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य आज तक शुरू ही नहीं किया। इस तरह दोनों ही कंपनियों ने एग्रीमेंट की पहली सबसे बड़ी शर्त का सीधा उल्लंघन किया। इसके बाद जांच में धोखाधड़ी की दूसरी बड़ी बात सामने आई। एग्रीमेंट की शर्त में साफ लिखा था कि कंपनियां राज्य सरकार की अनुमति के बिना जमीन को किसी को बेच नहीं सकतीं, न ही लीज पर दे सकती हैं और न ही गिरवी रख सकती हैं। इसके बावजूद मैसर्स हिमावत पावर ने बिना किसी अनुमति के जमीन को आईडीबीआई बैंक में बंधक रख दिया। वहीं मैसर्स लैन्को अनपरा पावर ने भी सरकार को बिना बताए जमीन को केनरा बैंक और पंजाब नेशनल बैंक में गिरवी रख दिया। कंपनियों ने इस संबंध में ऊर्जा विभाग को कोई पत्र नहीं भेजा और न ही शासन से कोई इजाजत ली, जिससे राज्य सरकार को बड़ी आर्थिक क्षति पहुंची। शर्तों का उल्लंघन होने पर शासन ने सख्त रुख अपनाया और अनुबंध की शर्त 4(6) के तहत 25 मई 2026 को दोनों कंपनियों को 15 दिन के भीतर जवाब देने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया। यह नोटिस कंपनियों के रजिस्टर्ड पते और ईमेल पर भेजा गया, जो कंपनियों को प्राप्त भी हो गया। इसके बावजूद निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी कंपनियों की तरफ से कोई स्पष्टीकरण या उत्तर उपलब्ध नहीं कराया गया। इससे स्पष्ट हो गया कि कंपनियों के पास शर्तों के उल्लंघन का कोई जवाब नहीं था। कंपनियों द्वारा जान-बूझकर काम न करने, सरकार को आर्थिक क्षति पहुंचाने और नोटिस का जवाब न देने के कारण 25 अगस्त 2026 को अपर मुख्य सचिव डॉ आशीष कुमार गोयल ने अंतिम आदेश निर्गत कर दिया। आदेश में राज्यपाल की अनुमति से पूरी 944.029 हेक्टेयर जमीन को ऊर्जा विभाग में वापस निहित करने के लिए कहा गया। साथ ही, आदेश की प्रति कानपुर देहात जिलाधिकारी को भेजकर यह निर्देश दिया गया है कि वे तत्काल राजस्व अभिलेखों (खतौनी) में इस पूरी जमीन को ऊर्जा विभाग व राज्य सरकार के नाम अंकित कराने की नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
- कस्बा रुरा में बारावफात का जुलूस बड़ी धूमधाम से निकला, सुरक्षा में पुलिस बल तैनात कस्बा रुरा में बारावफात का जुलूस गाजे बाजे के साथ बड़ी धूमधाम से निकाला गया।जुलूस में छोटे -छोटे बच्चों व युवाओं ने अपने हाथों में इस्लामी झंडा थामे जुलूस-ए-मोहम्मदी में हिस्सा लिया।।इस अवसर सैनूर अहमद, मुस्तफा, मो0 शाहिद, जाकिर,नौशाद, अच्चु,अलमास, ऐनुल, हाफिज तौहीद, मुजीब आदि रहे।सुरक्षा के दृष्टि से चौकी इंचार्ज विनोद कुमार, सिपाही सुधीर छौकर व अन्य पुलिस बल मौजूद रहा।1
- कानपुर नगर से बड़ी खबर: खाई में गिरा बेकाबू ट्रक बड़ा हादसा टला कानपुर नगर साढ़ थाना क्षेत्र में आज एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया गिट्टी-मौरंग मिलर लदा एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रक रमईपुर की ओर से साढ़ की ओर जा रहा था साढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत दरगाह लाल पुल और साढ़ कस्बे के बीच सामने से अचानक दूसरा वाहन आ जाने से चालक ने ट्रक को बचाने का प्रयास किया, इसी दौरान स्टीयरिंग से नियंत्रण खो बैठा और ट्रक सीधे खाई में पलट गया प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अगर ट्रक सड़क पर ही पलटता तो बड़ा हादसा हो सकता था। गनीमत रही कि जान-माल का कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई खाई में गिरे ट्रक को बाहर निकालने के लिए करीब घंटों तक मशक्कत चलती रही जिसके लिए तीन हाइड्रा क्रेनों को लगाना पड़ा इस दौरान मार्ग पर लंबा जाम लग गया और वाहन चालकों व राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश के चलते सड़क पर फिसलन थी और घटना के काफी देर बाद तक शासन-प्रशासन का कोई आला अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था4
- रक्षाबंधन पर 3 दिन फ्री बस यात्रा, बहन-बेटियों को बड़ी सौगात1
- *बीमारी से ग्रसित महिला ने यमुना नदी में कूदकर जान दी* कालपी जालौन 26 अगस्त 46 वर्षीय बीमार महिला इलाज करवाने जा रही थी उसी समय अचानक यमुना नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या की घटना को अंजाम दिया बही सूचना पाकर कोतवाली कालपी प्रभारी निरीक्षक अजय ब्रह्म तिवारी पुलिस बल के साथ तत्काल घटना स्थल में पहुंचकर निरीक्षण किया निरीक्षण दौरान घटना जनपद कानपुर देहात की जांच दौरान साबित हुई उन्होंने मौजूद भोगनीपुर पुलिस को कार्रवाई करने के कहा तो तत्काल भोगनी पुलिस ने हाईवे की एंबुलेंस बुलवाकर परिवार के साथ सांसे चल रही महिला को गाड़ी में रखकर सीएचसी पुखरायां इलाज हेतु ले गए अस्पताल में मौजूद चिकित्सा अधिकारी ने महिला की जांच के दौरान नब्ज पकड़ते ही मृत घोषित किया। खबर के अनुसार जनपद फतेहपुर थाना बकेवर ग्राम मोधनपुर निवासिनी प्रिया देवी पत्नी अनुरुद्ध लगभग 5 साल से बीमारी की हालत में चल रहा था बुधवार दिन अपने निज निवास से पति के साथ गाड़ी में बैठकर झांसी अस्पताल में इलाज हेतु जा रही थी तभी लगभग सुबह 8 बजे पुराने यमुना पुल कालपी जैसे समीप आई उसी समय कार में बैठे परिवार एवं स्वयं का उसारा लेकर यमुना में फैकने बहाने उतरकर तत्काल रेलिंग से छलांग लगाकर यमुना की बहती हुई जलधारा में कूद गयी जब यमुना जल से ऊपर आई गोताखोरों सहयोग से महिला को मरणासन्न अवस्था में नदी निकाल कर किनारे लाकर रखा उक्त महिला को गंभीर हालत में पुखरायां अस्पताल में इलाज हेतु जैसे ले गए अस्पताल मे मौजूद चिकित्सा अधिकारी ने जांच कर तत्काल मृत घोषित कर दिया वहीं सूचना मृत्यु की मिलते ही मौजूद परिजनों में कोहराम मच गया मौजूद कोतवाली भोगनीपुर उप निरीक्षक अमित पुरवार ने महिला मृतक शव कब्जे में लेकर परिवार की मौजूदगी में पंचनामा भरकर शव को महिला की अभिरक्षा में जिला मुख्यालय माती पोस्टमार्टम हाउस भेजा।2
- लोकायुक्त के आदेश पर कुरेपुरा कनार पहुंची झांसी की टीम, विकास कार्यों की जांच में मचा हड़कंप! बाहरी भीड़ से दबाव बनाने के आरोप, पुलिस बुलाकर कराई गई जांच—अब रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर! लोकायुक्त के आदेश पर झांसी की टीम पहुंची कुरेपुरा कनार, जांच के दौरान मचा घमासान—बाहरी भीड़ से दबाव बनाने के आरोप ईंटों (जालौन)। कुठौंद ब्लॉक के ग्राम कुरेपुरा कनार में विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायत अब लोकायुक्त तक पहुंचने के बाद जांच के घेरे में आ गई है। लोकायुक्त के आदेश पर झांसी से गठित त्रिसदस्यीय टीम गांव पहुंची और प्रधान द्वारा कराए गए विकास कार्यों व उपलब्ध अभिलेखों की पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान दिनभर गांव में गहमागहमी का माहौल बना रहा। शिकायतकर्ता लवकुश त्रिपाठी का आरोप है कि जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा पूर्व में की गई जांच से वह संतुष्ट नहीं थे। उनका कहना है कि जांच आख्या उपलब्ध नहीं कराई गई और सामने आई कमियों पर अपेक्षित कार्रवाई भी नहीं हुई। इसी से आहत होकर उन्होंने लोकायुक्त के समक्ष परिवाद प्रस्तुत कर दूसरे जनपद के उच्च अधिकारियों से जांच कराने का अनुरोध किया। जांच टीम पहुंची तो क्यों जुटी बाहरी भीड़? लोकायुक्त के आदेश पर झांसी से पहुंची टीम ने मौके पर संबंधित विकास कार्यों और अभिलेखों की जांच की। शिकायतकर्ता के अनुसार, जांच के दौरान प्रधान प्रतिनिधि सुनीता देवी व प्रधान पुत्र ध्रुव गुप्ता की ओर से अन्य ग्रामों के प्रधानों तथा आसपास के लोगों को बुलाया गया। आरोप है कि इस भीड़ के जरिए जांच अधिकारियों, शिकायतकर्ता और मौके पर मौजूद पत्रकारों पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के स्तर पर होना बाकी है, लेकिन सवाल जरूर खड़ा होता है—अगर जांच पूरी तरह पारदर्शी है तो अधिकारियों के सामने बाहरी लोगों की इतनी भीड़ जुटाने की जरूरत क्यों पड़ी? स्थिति को देखते हुए जांच अधिकारी द्वारा ईंटों चौकी और थाना गोहन से पुलिस बल बुलाया गया। पुलिस की मौजूदगी में जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। आय से अधिक संपत्ति से लेकर गौशाला तक उठे सवाल जांच के दौरान ग्रामीणों के बीच प्रधान प्रतिनिधि और प्रधान पुत्र की कथित संपत्तियों की जांच की मांग भी उठी। वहीं गांव में ‘नॉट फॉर सेल’ लिखी सीमेंट की बोरियों के इस्तेमाल और गौशाला निर्माण से जुड़े कथित मामलों को लेकर भी चर्चाएं होती रहीं। ग्रामीणों के बीच यह सवाल भी उठता रहा कि क्या सरकारी योजनाओं में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और विकास कार्यों का वास्तविक भौतिक सत्यापन हुआ है? क्या जिन कार्यों के नाम पर भुगतान हुआ, वे मौके पर उसी रूप में मौजूद हैं? और यदि गौशाला के नाम पर भुगतान हुआ है तो क्या वास्तव में निर्धारित मानकों के अनुसार निर्माण हुआ या कागजों में ही काम पूरा दिखा दिया गया? इन सभी सवालों का जवाब अब जांच की अंतिम रिपोर्ट से ही सामने आएगा। कुछ बिंदुओं की जांच पूरी, बाकी के लिए फिर आएगी टीम जांच टीम के मुताबिक फिलहाल कुछ बिंदुओं की ही जांच हो सकी है, जबकि शेष बिंदुओं की जांच बाद में की जाएगी। उच्च अधिकारियों द्वारा दोबारा जांच के संबंध में शिकायतकर्ता को पूर्व में अवगत कराया जाएगा। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या लोकायुक्त के आदेश पर हो रही यह जांच वास्तव में निष्पक्ष तरीके से पूरी होगी? क्या जांच में सामने आने वाली कमियों पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी या मामला फिर किसी सरकारी फाइल में दब जाएगा? कुछ दिन पूर्व ग्राम प्रधान की पत्नी द्वारा क्षेत्र में भ्रष्टाचार के बढ़ते बोलबाले की बात स्वीकार किए जाने की खबरें भी चर्चा में रही थीं। ऐसे में अब ग्रामीणों की निगाहें जांच की अंतिम रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि जांच किसी भी राजनीतिक या बाहरी दबाव से प्रभावित हुए बिना पूरी की जाए और यदि जांच में वित्तीय अनियमितता, भ्रष्टाचार या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। अब सवाल सिर्फ जांच का नहीं, बल्कि जांच की निष्पक्षता और उसके परिणाम का है—क्या कुरेपुरा कनार के विकास कार्यों की हकीकत जांच रिपोर्ट में सामने आएगी? हाई टैग #Jalaun #JalaunNews #Kuthaund #KurapuraKanar #Eton #Kalpi #Urai #Lokayukta #LokayuktaInvestigation #UPNews #UttarPradesh #BreakingNews #BreakingJalaun #JalaunBreaking #Corruption #CorruptionNews #Bhrashtachar #BhrashtacharParKaryawahi #GramPanchayat #GramPradhan #PanchayatNews #DevelopmentWorks #DevelopmentScam #GovernmentFunds #GovernmentSchemes #Investigation #Inquiry #LokayuktaAction #JhansiTeam #Jhansi #JalaunAdministration #DistrictAdministration #PoliceForce #GohanPolice #EtonPolice #RuralDevelopment #PanchayatiRaj #VillageNews #RuralNews #PublicMoney #SarkariYojana #Goshala #GoshalaScam #CementBags #Audit #FinancialIrregularities #AdministrativeAction #NishpakshJanch #Justice #JanataKiAwaaz #RuralIndia #UPBreakingNews #HindiNews #LatestNews #ViralNews #LocalNews #NewsUpdate #GroundReport #ExclusiveNews #BigBreaking #PoliticalPressure #InquiryReport #ActionDemand1
- उरई में पूरी शान ओ शौकत के साथ निकला जुलूस ए मोहम्मदी1
- गजनेर थाना क्षेत्र में अलग अलग जगहों पर लड़ाई झगड़े के विवाद के मामले में पुलिस ने छह लोगों पर की शांतिभंग की कार्यवाही गजनेर थाना क्षेत्र में अलग अलग जगहों पर झगड़ा फसाद हो गया था। वहीं दोनों पक्षों द्वारा एक दूसरे पर आरोप लगाकर शिकायती पत्र दिया गया।वहीं पुलिस ने जांच पड़ताल कर माहौल बिगाड़ने के आरोप में छह लोगों पर शांतिभंग की कार्यवाही की। थाना प्रभारी सनत कुमार ने बताया कि छह लोगों पर शांतिभंग की कार्यवाही की गई।1
- नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार, राजपुर पुलिस ने की कार्रवाई कानपुर देहात थाना राजपुर पुलिस ने नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में वांछित 2 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि वादिनी ने दिनांक 23.08.2026 को थाना राजपुर पर तहरीर देकर आरोप लगाया था। प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना राजपुर पर मु0अ0सं0 096/2026 धारा 137(2)/64(1) बीएनएस व 3/4 पॉक्सो एक्ट व 3(2)(v) एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। थाना राजपुर पुलिस टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए आज दिनांक 24.08.2026 को दोनों अभियुक्तों रवि नायक पुत्र चन्द्रपाल सिंह उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम ककरैया थाना अमराहट ,राममूरत पुत्र रामस्वरूप उम्र 29 वर्ष निवासी ग्राम ककरैया थाना अमराहट पुलिस ने बताया कि अभियुक्त रवि नायक को ग्राम मुबारकपुर रोड से बदनपुर को जाने वाले इंटरलॉकिंग रोड पर बने बजरंगबली मंदिर के पास से, जबकि राममूरत को सलेमपुर पुलिया से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। *गिरफ्तारी करने वाली टीम:* उ0नि0 नीरज कुमार, हे0का0 प्रदीप कुमार, हे0का0 योगेन्द्र कुमार, रि0का0 उदयवीर सिंह।1