उत्तर प्रदेश सरकार के वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के अंतर्गत कासगंज में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत रविवार को वृहद पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस महावृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड के अध्यक्ष राकेश गर्ग और राज्य मानवाधिकार आयोग के सचिव एवं नोडल अधिकारी राजेश कुमार (आईएएस) ने पौधरोपण कर किया। इस वर्ष के वृक्षारोपण महायज्ञ के तहत कासगंज जनपद को कुल 26 लाख 51 हजार 800 पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है, जिसे जनसहभागिता के जरिए समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। कार्यक्रम में सदर विधायक देवेंद्र सिंह राजपूत, अमांपुर विधायक हरिओम वर्मा, विधान परिषद सदस्य रजनीकांत माहेश्वरी, जिला पंचायत अध्यक्ष रत्नेश कश्यप, राज्य महिला आयोग की सदस्या रेनू गौड़, जिलाधिकारी प्रणय सिंह, पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश सिंह, मुख्य विकास अधिकारी वीरेन्द्र सिंह और प्रभागीय वनाधिकारी संजीव कुमार सहित स्थानीय नागरिक और भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे। मुख्य अतिथि राकेश गर्ग ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चल रहा यह अभियान मात्र पौधा लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे एक जनआंदोलन का रूप दिया जा रहा है ताकि पर्यावरण की सुरक्षा से भविष्य को सुरक्षित किया जा सके। इस अवसर पर सदर विधायक देवेंद्र सिंह राजपूत ने गंगा वन और भागीरथी वन समेत अन्य स्थानों पर हो रहे वृहद पौधरोपण का जिक्र किया और हर नागरिक से एक पौधे की जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया। अमांपुर विधायक हरिओम वर्मा ने सभी विकास खंडों, ग्राम पंचायतों और नगर क्षेत्रों में अभियान को व्यापक बनाने की बात कही, जबकि एमएलसी रजनीकांत माहेश्वरी ने पौधों के संरक्षण को बच्चों की तरह परवरिश करने जैसा जरूरी बताया। जिला पंचायत अध्यक्ष रत्नेश कश्यप ने आने वाली पीढ़ियों के लिए ऑक्सीजन की महत्ता को रेखांकित करते हुए मां के नाम पर पेड़ लगाने पर जोर दिया। अंत में सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों ने पौधों के संरक्षण और इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
उत्तर प्रदेश सरकार के वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के अंतर्गत कासगंज में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत रविवार को वृहद पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस महावृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड के अध्यक्ष राकेश गर्ग और राज्य मानवाधिकार आयोग के सचिव एवं नोडल अधिकारी राजेश कुमार (आईएएस) ने पौधरोपण कर किया। इस वर्ष के वृक्षारोपण महायज्ञ के तहत कासगंज जनपद को कुल 26 लाख 51 हजार 800 पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है, जिसे जनसहभागिता के जरिए समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। कार्यक्रम में सदर विधायक देवेंद्र सिंह राजपूत, अमांपुर विधायक हरिओम वर्मा, विधान परिषद सदस्य रजनीकांत माहेश्वरी, जिला पंचायत अध्यक्ष रत्नेश कश्यप, राज्य महिला आयोग की सदस्या रेनू गौड़, जिलाधिकारी प्रणय सिंह, पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश सिंह, मुख्य विकास अधिकारी वीरेन्द्र सिंह और प्रभागीय वनाधिकारी संजीव कुमार सहित स्थानीय नागरिक और भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे। मुख्य अतिथि राकेश गर्ग ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चल रहा यह अभियान मात्र पौधा लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे एक जनआंदोलन का रूप दिया जा रहा है ताकि पर्यावरण की सुरक्षा से भविष्य को सुरक्षित किया जा सके। इस अवसर पर सदर विधायक देवेंद्र सिंह राजपूत ने गंगा वन और भागीरथी वन समेत अन्य स्थानों पर हो रहे वृहद पौधरोपण का जिक्र किया और हर नागरिक से एक पौधे की जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया। अमांपुर विधायक हरिओम वर्मा ने सभी विकास खंडों, ग्राम पंचायतों और नगर क्षेत्रों में अभियान को व्यापक बनाने की बात कही, जबकि एमएलसी रजनीकांत माहेश्वरी ने पौधों के संरक्षण को बच्चों की तरह परवरिश करने जैसा जरूरी बताया। जिला पंचायत अध्यक्ष रत्नेश कश्यप ने आने वाली पीढ़ियों के लिए ऑक्सीजन की महत्ता को रेखांकित करते हुए मां के नाम पर पेड़ लगाने पर जोर दिया। अंत में सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों ने पौधों के संरक्षण और इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
- कासगंज के थाना कासगंज क्षेत्र की गणेश कॉलोनी में संदिग्ध परिस्थितियों में एक महिला की मौत का मामला सामने आया है। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतका के पति ने भी विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया, जिनका फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार, महिला की मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इस बीच, मृतका के परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने कासगंज थाने में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्षेत्राधिकारी नगर आंचल चौहान ने जानकारी दी है कि मामले में सभी पहलुओं से गहनता से विवेचना की जा रही है। साक्ष्य संकलन के साथ-साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में क्षेत्र में कानून एवं शांति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है।1
- उत्तर प्रदेश के कासगंज में एक गेट के सामने बिजली का लट्ठा आ गया है। इस समस्या को लेकर डीएम साहब से ध्यान देने और कृपा करने की अपील की गई है।1
- उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के पटियाली में शरारती खेत वाले बार-बार खेत की मेड काटकर अच्छे लोगों को परेशान कर रहे हैं। इन शरारती तत्वों द्वारा लगातार की जा रही इस हरकत से पीड़ित लोग काफी तंग आ चुके हैं, जहां खेतों की सीमाओं (मेड) को काटकर उन्हें बार-बार निशाना बनाया जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के एटा जिले में तहसील जलेसर के अंतर्गत आवागढ़ पोस्ट के कल्याणपुर गांव में पिछले 10 सालों से एक रास्ता अत्यंत जर्जर हालत में है। इस मुख्य रास्ते का इस्तेमाल प्रतिदिन भारी संख्या में लोग करते हैं, जिससे किसानों और आम नागरिकों को आवागमन में बहुत ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। रास्ते पर पानी भरा होने के कारण लोग अक्सर फिसलकर गिर जाते हैं और आगे जाकर रास्ता पूरी तरह से कटा हुआ है, जहां लोगों का गिरना लगभग तय रहता है। ग्रामीणों का दर्द है कि चुनाव के समय वोट मांगने तो सभी आ जाते हैं, लेकिन इस रास्ते के सुधार के बारे में कोई नहीं सोचता। कल्याणपुर के वर्तमान प्रधान कुशल पाल पर ग्रामीणों ने उपेक्षा का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वर्तमान प्रधान उनकी इस गंभीर समस्या की बिल्कुल भी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों ने उत्तर प्रदेश की सरकार से हाथ जोड़कर यह भावुक अनुरोध किया है कि उनकी इस बड़ी समस्या का जल्द से जल्द निवारण कर इस रास्ते को ठीक कराया जाए।1
- उत्तर प्रदेश के जनपद एटा के जलेसर स्थित आईटीआई विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र के गांव नगला धनीराम में विद्युत विभाग की घोर लापरवाही ग्रामीणों की जान पर भारी पड़ रही है। गांव में ललित कुमार पुत्र गंगा सिंह के घर के समीप लगा एक हाईटेंशन विद्युत पोल आधार से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है, जो अब केवल बिजली के तारों के सहारे खड़ा है। बरसात और तेज हवा के दौरान यह पोल कभी भी गिर सकता है, जिसके कारण आसपास रहने वाले परिवारों में इस पोल की वजह से दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि इस गंभीर समस्या के संबंध में कई बार विद्युत विभाग को सूचित किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस पोल को नहीं बदला गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और विद्युत विभाग से तत्काल इस क्षतिग्रस्त पोल को बदलने, सुरक्षा व्यवस्था करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है ताकि किसी संभावित जनहानि से बचा जा सके।1
- उत्तर प्रदेश के बदायूं स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में इलाज में देरी के कारण एक युवती की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में भारी हंगामा किया। बिल्सी क्षेत्र के गांव खैरी निवासी इसराइल अपनी लगभग 18-20 वर्षीय बेटी तरन्नुम को सुबह इलाज के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर काफी देर तक डॉक्टर उपलब्ध नहीं हुए और समय पर प्राथमिक उपचार भी नहीं मिल सका, जिससे अस्पताल परिसर में ही युवती की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि युवती की मौत के बाद शव को ले जाने के लिए न तो स्ट्रेचर उपलब्ध कराया गया और न ही एम्बुलेंस की कोई व्यवस्था की गई। लाचारी में मृतका के भाई ने अपनी बहन के शव को कंधे पर उठाया और अस्पताल से बाहर निकाला, जिसके बाद वे एक ऑटो के माध्यम से शव को अपने गांव लेकर गए। इस घटना के बाद से अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, हालांकि इस मामले में अभी अस्पताल प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।1