रायबरेली के ऊंचाहार क्षेत्र के सलीम पुर भैरव अकोढि़यां गाँव में बज बजाती नालियों के कारण मच्छरों का प्रकोप तेज़ी से बढ़ गया है, जिससे ग्रामीण गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। गाँव के बूढ़े और बच्चे डेगूं, मलेरिया, दस्त और बुखार जैसी खतरनाक बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं, फिर भी जिम्मेदार अधिकारी इस स्थिति से अनजान बने हुए हैं। यह स्थिति अधिकारियों की उदासीनता और सफाई कर्मचारियों की लापरवाही का परिणाम बताई जा रही है। आरोप है कि सफाई कर्मचारी बिना काम किए ही वेतन उठा रहे हैं और केवल अधिकारियों के रजिस्टर ढोने का काम कर रहे हैं, जिससे महीनों से नालियों की सफाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यह सीधे तौर पर सरकार की प्रमुख 'स्वच्छ भारत मिशन' योजना पर पानी फेरने जैसा है। इस संबंध में जब ऊंचाहार के बीडीओ से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनसे बात नहीं हो सकी। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इन बज बजाती नालियों की सफाई न होने का जिम्मेदार कौन है और क्या सफाई कर्मचारियों पर कोई नियंत्रण नहीं है। आशंका जताई जा रही है कि गाँव की सफाई व्यवस्था केवल कागजों पर चल रही है, जबकि अधिकारी उदासीनता के कारण सफाई कर्मचारियों को मौज करने का मौका मिल रहा है, और गाँव की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठते रहेंगे।
रायबरेली के ऊंचाहार क्षेत्र के सलीम पुर भैरव अकोढि़यां गाँव में बज बजाती नालियों के कारण मच्छरों का प्रकोप तेज़ी से बढ़ गया है, जिससे ग्रामीण गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। गाँव के बूढ़े और बच्चे डेगूं, मलेरिया, दस्त और बुखार जैसी खतरनाक बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं, फिर भी जिम्मेदार अधिकारी इस स्थिति से अनजान बने हुए हैं। यह स्थिति अधिकारियों की उदासीनता और सफाई कर्मचारियों की लापरवाही का परिणाम बताई जा रही है। आरोप है कि सफाई कर्मचारी बिना काम किए ही वेतन उठा रहे हैं और केवल अधिकारियों के रजिस्टर ढोने का काम कर रहे हैं, जिससे महीनों से नालियों की सफाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने
इस पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यह सीधे तौर पर सरकार की प्रमुख 'स्वच्छ भारत मिशन' योजना पर पानी फेरने जैसा है। इस संबंध में जब ऊंचाहार के बीडीओ से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनसे बात नहीं हो सकी। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इन बज बजाती नालियों की सफाई न होने का जिम्मेदार कौन है और क्या सफाई कर्मचारियों पर कोई नियंत्रण नहीं है। आशंका जताई जा रही है कि गाँव की सफाई व्यवस्था केवल कागजों पर चल रही है, जबकि अधिकारी उदासीनता के कारण सफाई कर्मचारियों को मौज करने का मौका मिल रहा है, और गाँव की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठते रहेंगे।
- बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का जनाधार केवल कौशाम्बी में ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रहा है। यह स्थिति दर्शाती है कि पार्टी का समर्थन राज्यभर में निरंतर बढ़ रहा है।1
- कौशाम्बी जिले के कड़ा धाम में एक बड़ा हादसा हो गया है, जहाँ गंगा नदी में नहा रहा एक किशोर डूब गया। वह अपने दोस्तों के साथ नदी में स्नान करने गया था। इस दुःखद घटना के बाद वहाँ मौजूद लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।1
- कौशांबी जिले के सराय अकिल थाना क्षेत्र से एक खबर प्राप्त हुई है।1
- कौशाम्बी जिले के सैनी थाना क्षेत्र अंतर्गत शम्भूई गांव में एक युवक की जहरीले कीड़े के काटने से दर्दनाक मौत हो गई। बताया गया कि कीड़े के काटने के बाद परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में गहरा कोहराम मच गया, वहीं पूरे गांव में मातम पसर गया है। मृतक के घर पर सांत्वना देने वालों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।1
- कौशाम्बी जिले के चायल कस्बे के गांधी नगर वार्ड नंबर-3 में संदिग्ध परिस्थितियों में एक कच्चे मकान में अचानक भीषण आग लग गई। इस आग ने देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मकान के भीतर रखा गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया। स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत और प्रयासों के बाद आग पर काबू पाया, जिसकी बदौलत आसपास के कई घरों को भी इसकी चपेट में आने से बचा लिया गया। हालांकि, इस हादसे में एक गाय और एक पड़िया भी झुलस गईं।3
- जनपद कौशाम्बी के सैनी थाना क्षेत्र अंतर्गत शंभूई ग्राम में देर रात एक मजदूर की जहरीले जीव के काटने से मौत हो गई। स्वर्गीय बिंदा प्रसाद के पुत्र महेश कुमार नामक इस 35 वर्षीय व्यक्ति की मौत के बाद उनके परिजनों में गहरा कोहराम मच गया है। महेश कुमार देर शाम खाना खाने के बाद अपने घर के बाहर तालाब किनारे पड़ी चारपाई पर सोने जा रहे थे। इसी दौरान, जब वे बाथरूम करने गए, तो उनके पैर में किसी जहरीले जीव के काटने की आशंका हुई। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना की सूचना मिलने पर सैनी पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्यवाही में जुट गई है। मृतक महेश अपने पीछे चार बेटियों और एक बेटे को छोड़ गए हैं।2
- आगामी बकरीद त्यौहार को देखते हुए, पश्चिम शरीरा थाना अंतर्गत गढ़ी बाजार ईदगाह के मौलवी मो. हसनैन ने आमजन से सौहार्दपूर्ण वातावरण में पर्व मनाने और उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पूरी तरह पालन करने की अपील की है। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी न दी जाए और सार्वजनिक स्थानों पर बलि देने से बचा जाए। मौलवी हसनैन ने लोगों से साफ-सफाई और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस-प्रशासन का सहयोग करने का आग्रह भी किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट साझा न करने की भी अपील की है।1
- कौशांबी के मोहम्मदपुर में रात के अंधेरे में एक बड़ा हादसा हो गया, जब एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक एक घर में जा घुसी। घटना के वक्त परिवार के सदस्य घर के बाहर बैठे थे। इस भीषण टक्कर के कारण कई बाइकें पूरी तरह से टूट गईं और घर की सीमेंट की चादरें भी चकनाचूर हो गईं। इस हादसे में लाखों रुपए का भारी नुकसान हुआ है।1
- कौशाम्बी में चल रहे ऐतिहासिक मलमास मेले के दसवें दिन मंगलवार को गंगा दशहरा के मौके पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कड़ा के कालेश्वर घाट स्थित ब्रह्मकुंड और नदियों में करीब सैकड़ों से हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान मंदिरों में भी भक्तों ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और पापों से मुक्ति की कामना की। मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ का आलम यह था कि रात करीब एक बजे से ही लोगों की आवाजाही शुरू हो गई थी। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु "हर-हर महादेव", "जय श्रीराम" और "राधे-राधे" के जयघोष करते हुए मंत्रोच्चार के बीच पवित्र जल में स्नान करते और भगवान की आराधना करते दिखाई दिए। वहीं, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां गंगा की बहती धारा में भी स्नान कर पुण्य अर्जित किया, जिसमें जल अभिषेक करते एक नन्हा भक्त भी देखा गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पुरुषोत्तम मास में इस प्रकार आस्था की डुबकी लगाने और स्नान करने से भवसागर से मुक्ति का पुण्य प्राप्त होता है। यह भक्ति का उमड़ा सैलाब कड़ा के कालेश्वर में विशेष रूप से देखने को मिला।1