डूंगरपुर में उमड़ेगा आस्था का सैलाब, 26 मार्च को निकलेगी रामनवमी की विशाल शोभायात्रा डूंगरपुर। वागड़ की धरा पर इस वर्ष भी रामनवमी का पर्व हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया जाएगा। आगामी 26 मार्च को डूंगरपुर नगर में रामोत्सव आयोजन समिति और विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल शोभायात्रा का आयोजन किया जाएगा। इस भव्य आयोजन की तैयारियों को लेकर श्रीनाथजी मंदिर में सर्व हिंदू समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें आयोजन को ऐतिहासिक बनाने की रूपरेखा तैयार की गई। गौ रक्षा प्रमुख देवी सिंह भेखरेड ने बताया कि शोभायात्रा का शुभारंभ पारंपरिक रूप से बादल महल से होगा। इस यात्रा में अश्व, सजी-धजी बग्गियां, भव्य राम दरबार, विभिन्न धार्मिक झांकियां, अखाड़े, डीजे और बैंड मुख्य आकर्षण होंगे। शोभायात्रा बादल महल से रवाना होकर तहसील चौराहा, गेपसागर की पाल, पुराना अस्पताल, कंसारा चौक, सोनिया चौक, माणक चौक, दर्जीवाड़ा, कनेरा पोल, घूमटा बाजार और मोची बाजार होते हुए पुनः गेपसागर की पाल पहुंचेगी, जहां महाआरती के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष प्रकाश भट्ट ने बताया कि इस वर्ष आयोजन को सुव्यवस्थित करने के लिए एक सशक्त संरक्षक मंडल बनाया गया है। इसमें डूंगरपुर के पूर्व राजपरिवार के महारावल हर्षवर्धन सिंह सहित हसमुख पंड्या, प्रकाश पंचाल, प्रभुलाल पंड्या और अन्य गणमान्य नागरिकों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही एक मार्गदर्शक मंडल और अनूप चौबीसा व डायालाल पाटीदार के नेतृत्व में 100 प्रबुद्धजनों की संचालन समिति का गठन किया गया है। विशेष बात यह है कि इस समिति में 20 मातृ शक्तियों को भी सक्रिय जिम्मेदारी सौंपी गई है। बैठक में उपस्थित विभिन्न समाज के प्रतिनिधियों ने एकता का संदेश दिया। सनातन धर्म समिति के महामंत्री मुकेश श्रीमाल ने प्रस्ताव रखा कि प्रत्येक समाज अपनी ओर से एक अश्व और झांकी शामिल करे, ताकि सामाजिक समरसता की मिसाल पेश की जा सके। क्षत्रिय समाज की ओर से शार्दूल सिंह राठौर और जैन समाज की ओर से धनपाल जैन ने तन-मन-धन से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। संरक्षक हसमुख पंड्या और सनातन धर्म समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा ने आह्वान किया कि यह आयोजन किसी पार्टी या संगठन का न होकर पूरे हिंदू समाज का है, जिसे पूरी मर्यादा और अनुशासन के साथ सफल बनाना है। शोभायात्रा के स्वागत के लिए नगर में जगह-जगह स्टाल लगाए जाएंगे। श्रीनाथजी मंदिर के बाहर सनातन धर्म समिति व तिलक शाखा, नेमिनाथ जैन मंदिर के बाहर सकल जैन समाज नवयुवक मंडल और मोची बाजार में मोची समाज द्वारा शीतल पेय और जल की व्यवस्था की जाएगी। बैठक का संचालन देवी सिंह भेखरेड ने किया और अंत में समाजसेवी अनिल पटेल ने सभी का आभार व्यक्त किया।
डूंगरपुर में उमड़ेगा आस्था का सैलाब, 26 मार्च को निकलेगी रामनवमी की विशाल शोभायात्रा डूंगरपुर। वागड़ की धरा पर इस वर्ष भी रामनवमी का पर्व हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया जाएगा। आगामी 26 मार्च को डूंगरपुर नगर में रामोत्सव आयोजन समिति और विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल शोभायात्रा का आयोजन किया जाएगा। इस भव्य आयोजन की तैयारियों को लेकर श्रीनाथजी मंदिर में सर्व हिंदू समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें आयोजन को ऐतिहासिक बनाने की रूपरेखा तैयार की गई। गौ रक्षा प्रमुख देवी सिंह भेखरेड ने बताया कि शोभायात्रा का शुभारंभ पारंपरिक रूप से बादल महल से होगा। इस यात्रा में अश्व, सजी-धजी बग्गियां, भव्य राम दरबार, विभिन्न धार्मिक झांकियां, अखाड़े, डीजे और बैंड मुख्य आकर्षण होंगे। शोभायात्रा बादल महल से रवाना होकर तहसील चौराहा, गेपसागर की पाल, पुराना अस्पताल, कंसारा चौक, सोनिया चौक, माणक चौक, दर्जीवाड़ा, कनेरा पोल, घूमटा बाजार और मोची बाजार होते हुए पुनः गेपसागर की पाल पहुंचेगी, जहां महाआरती के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष प्रकाश भट्ट ने बताया कि इस वर्ष आयोजन को सुव्यवस्थित करने के लिए एक सशक्त संरक्षक मंडल बनाया गया है। इसमें डूंगरपुर के पूर्व राजपरिवार के महारावल हर्षवर्धन सिंह सहित हसमुख पंड्या, प्रकाश पंचाल, प्रभुलाल पंड्या और अन्य गणमान्य नागरिकों को शामिल किया गया है।
इसके साथ ही एक मार्गदर्शक मंडल और अनूप चौबीसा व डायालाल पाटीदार के नेतृत्व में 100 प्रबुद्धजनों की संचालन समिति का गठन किया गया है। विशेष बात यह है कि इस समिति में 20 मातृ शक्तियों को भी सक्रिय जिम्मेदारी सौंपी गई है। बैठक में उपस्थित विभिन्न समाज के प्रतिनिधियों ने एकता का संदेश दिया। सनातन धर्म समिति के महामंत्री मुकेश श्रीमाल ने प्रस्ताव रखा कि प्रत्येक समाज अपनी ओर से एक अश्व और झांकी शामिल करे, ताकि सामाजिक समरसता की मिसाल पेश की जा सके। क्षत्रिय समाज की ओर से शार्दूल सिंह राठौर और जैन समाज की ओर से धनपाल जैन ने तन-मन-धन से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। संरक्षक हसमुख पंड्या और सनातन धर्म समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा ने आह्वान किया कि यह आयोजन किसी पार्टी या संगठन का न होकर पूरे हिंदू समाज का है, जिसे पूरी मर्यादा और अनुशासन के साथ सफल बनाना है। शोभायात्रा के स्वागत के लिए नगर में जगह-जगह स्टाल लगाए जाएंगे। श्रीनाथजी मंदिर के बाहर सनातन धर्म समिति व तिलक शाखा, नेमिनाथ जैन मंदिर के बाहर सकल जैन समाज नवयुवक मंडल और मोची बाजार में मोची समाज द्वारा शीतल पेय और जल की व्यवस्था की जाएगी। बैठक का संचालन देवी सिंह भेखरेड ने किया और अंत में समाजसेवी अनिल पटेल ने सभी का आभार व्यक्त किया।
- डूंगरपुर। खेतों me फसल काटने गई युवती की जहरीले जानवर के काटने से तबियत बिगड़ गई। वही युवती का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। पाप जानकारी अनुसार जिले के निकटवर्ती खांड़ी ओबरी गांव निवासी रीना पिता प्रेमशंकर भनात मंगलवार शाम अपने घर के पास खेतों में गेहूं की फसल काटने के लिए गई थी। तभी फसल में छिपे जहरीले जानवर ने युवती के हाथ पर काट लिया। जिसके बाद युवती को चक्कर ओर उल्टी की शिकायत होने पर उसे निजी वाहन से जिला अस्पताल लाया गया। युवती का उपचार चल रहा है।1
- साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित डूंगरपुर। जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने पीएचईडी अधीक्षण अभियंता को गर्मियों से पूर्व जिले में पेयजल वितरण के उचित प्रबंधन हेतु समीक्षा बैठक आयोजित कर आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह निर्देश जिला परिषद के ईडीपी सभागार में आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में विभाग वार समीक्षा करते हुए दिए। बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान पालनहार योजना, पेंशन योजना के तहत सत्यापन आदि की जानकारी दी तथा सीमलवाड़ा, चिखली, गलियाकोट में न्यून प्रगति पर तीव्रता से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में उद्योग विभाग की समीक्षा के दौरान विभिन्न योजनाओं में मार्च पूर्व लक्ष्य के अनुसार स्वीकृतियां जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में पीएचइडी अधीक्षण अभियंता ने पेयजल वितरण, हेड पंप, ट्यूब वेल, विभागीय कार्य एवं योजनाओं की क्रियान्वित के संबंध में जानकारी दी। इसी क्रम में पीडब्ल्यूडी, एवीएनएल, टीएडी, पशुपालन, उद्योग, जल संसाधन, सहकारिता, आईसीडीएस, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभागों की समीक्षा करते हुए सभी प्रगतिरत कार्यों को तय समय अवधि में पूर्ण करने तथा न्यून प्रगति वाली योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने संपर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरणों के तत्काल निस्तारण करने तथा प्रभावी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर दिनेश चंद्र धाकड़, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़ सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी गण मौजूद रहें।3
- उदयपुर/डूंगरपुर। लोकसभा क्षेत्र उदयपुर के जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने दिल्ली के सदन में पुरजोर आवाज उठाई है। मंगलवार को संसद में नियम 377 के तहत विशेष उल्लेख करते हुए डॉ. रावत ने जिले की पांच महत्वपूर्ण पंचायत समितियों - ओगणा, सुलाव, देवला, नाई और कल्याणपुर में नवीन एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय खोलने की मांग केंद्र सरकार के समक्ष रखी। उन्होंने तर्क दिया कि ये क्षेत्र न केवल भौगोलिक रूप से दुर्गम हैं, बल्कि शिक्षा के संसाधनों के अभाव में यहां की प्रतिभाएं पिछड़ रही हैं। सांसद डॉ. रावत ने सदन को सांख्यिकीय आंकड़ों के साथ अवगत कराया कि ये पांचों पंचायत समितियां पूर्णतः जनजाति बाहुल्य हैं और विद्यालय स्थापना की सभी पात्रता शर्तों को पूरा करती हैं। उन्होंने 2011 की जनगणना का हवाला देते हुए बताया कि देवला में 98 प्रतिशत, सुलाव में 95 प्रतिशत, कल्याणपुर में 88 प्रतिशत, नाई में 86 प्रतिशत और ओगणा में 68 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या निवास करती है। वर्तमान में इन क्षेत्रों में एक भी एकलव्य विद्यालय संचालित नहीं होने के कारण यहां के बालक-बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा के लिए भटकना पड़ता है या उच्च शिक्षा के अवसरों से वंचित रहना पड़ता है। डॉ. रावत ने अपने संबोधन में क्षेत्र की भौगोलिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि दुर्गम अरावली पहाड़ियों में बसे इन गांवों के विद्यार्थियों के लिए प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण तैयार करना समय की मांग है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि संविधान के अनुच्छेद 275 (1) के अंतर्गत विशेष बजट प्रावधान कर इन पांचों स्थानों पर एकलव्य विद्यालयों की स्वीकृति जल्द प्रदान की जाए। सांसद की इस पहल से स्थानीय नागरिकों में हर्ष की लहर है, क्योंकि इन क्षेत्रों में लंबे समय से शिक्षा के इस आधुनिक ढांचे की मांग की जा रही थी। यदि यह मांग स्वीकार होती है, तो इन सुदूर क्षेत्रों के जनजाति विद्यार्थियों को भी समग्र और वैश्विक स्तर की शिक्षा सुलभ हो सकेगी।1
- Dungarpur विधायक गणेश घोघरा जी ने जोरदार1
- Post by VAGAD news241
- *आदिवासी कोड को लेकर प्रेस कोमप्रेस करते हुऐ मध्यप्रदेश काग्रेंस प्रतिपक्ष नेता उमंग जी सिगार साहब।* धन्यवाद देते *आदिवासीयो कि जब अपनी संस्कृति अपने रिती रिवाज है तो फिर आदिवासी धर्म कोड मिलना चाहिए।*जय जौहर जय आदिवासी 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻बी ऐम अहारी👏👏1
- झाड़ोल पुलिस की कार्रवाई: अवैध देशी टोपीदार बंदूक के साथ एक आरोपी गिरफ्तार1
- -पंचायत समिति ओगणा, सुलाव, देवला, नाई एवं कल्याणपुर है इसके लिए पात्र उदयपुर/डूंगरपुर। सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने पांच पंचायत समितियों में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय खोलने की मांग की है। सांसद डॉ रावत ने मंगलवार को संसद में नियम 377 के अधीन यह मामला रखा। सांसद डॉ रावत ने संसद में बताया कि लोकसभा क्षेत्र उदयपुर के अंतर्गत जिला उदयपुर की पंचायत समितियों ओगणा, सुलाव, देवला, नाई एवं कल्याणपुर में वर्तमान में एक भी एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय संचालित नहीं है, जबकि ये सभी क्षेत्र जनजाति बहुल हैं। जनगणना 2011 के अनुसार पंचायत समिति ओगणा में 68 प्रतिशत, सुलाव में 95 प्रतिशत, देवला में 98 प्रतिशत, नाई में 86 प्रतिशत तथा कल्याणपुर में 88 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति जनसंख्या निवास करती है एवं एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय खोले जाने हेतु सम्पूर्ण पात्रता रखती है। ये पंचायत समितियां दुर्गम एवं भौगोलिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में स्थित हैं, जिससे जनजाति बालक-बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा के समुचित अवसर उपलब्ध नहीं हो पाते। परिणामस्वरूप उच्च शिक्षा में उनकी भागीदारी एवं प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित होती है। स्थानीय नागरिकों द्वारा लंबे समय से यहां एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय स्थापित किए जाने की मांग की जा रही है। अतः अनुरोध है कि संविधान के अनुच्छेद 275 (1) के अंतर्गत उपर्युक्त पांचों पंचायत समितियों में नवीन एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की स्वीकृति प्रदान कर जनजाति विद्यार्थियों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं समग्र शिक्षा सुनिश्चित की जाए।1