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प्रतापगढ़ के मानिकपुर थाना क्षेत्र के अलुवा माई गांव स्थित एक वाटर पार्क में नहाने के दौरान एक मासूम बच्ची की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई है। इस हृदयविदारक हादसे के बाद पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। मृत बच्ची की पहचान सान्या केसरवानी (पुत्री सुशील केसरवानी) के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के साथ वाटर पार्क घूमने आई थी। मिली जानकारी के अनुसार, नहाते समय सान्या अचानक गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे किसी तरह बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। परिजन उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सान्या अपने माता-पिता की तीन बेटियों में से एक थी, और उसकी असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने वाटर पार्क प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बच्ची को लाइफ जैकेट तक उपलब्ध नहीं कराई गई थी, जबकि ऐसे जलक्रीड़ा स्थलों पर यह अनिवार्य सुरक्षा मानक है। इसके साथ ही, मौके पर पर्याप्त लाइफगार्ड और निगरानी स्टाफ की तैनाती न होने पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पीड़ित परिवार ने हादसे की निष्पक्ष जांच कराने और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक वाटर पार्कों और जलक्रीड़ा स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर कर दिया है, जिससे स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए इन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की कड़ी समीक्षा करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर शिकंजा कसने की अपील की है।

6 hrs ago
user_अजीत मिश्रा
अजीत मिश्रा
Local News Reporter कुंडा, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
6 hrs ago

प्रतापगढ़ के मानिकपुर थाना क्षेत्र के अलुवा माई गांव स्थित एक वाटर पार्क में नहाने के दौरान एक मासूम बच्ची की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई है। इस हृदयविदारक हादसे के बाद पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। मृत बच्ची की पहचान सान्या केसरवानी (पुत्री सुशील केसरवानी) के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के साथ वाटर पार्क घूमने आई थी। मिली जानकारी के अनुसार, नहाते समय सान्या अचानक गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे किसी तरह बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। परिजन उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सान्या अपने माता-पिता की तीन बेटियों में से एक थी, और उसकी असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने वाटर पार्क प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बच्ची को लाइफ जैकेट तक उपलब्ध नहीं कराई गई थी, जबकि ऐसे जलक्रीड़ा स्थलों पर यह अनिवार्य सुरक्षा मानक है। इसके साथ ही, मौके पर पर्याप्त लाइफगार्ड और निगरानी स्टाफ की तैनाती न होने पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पीड़ित परिवार ने हादसे की निष्पक्ष जांच कराने और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक वाटर पार्कों और जलक्रीड़ा स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर कर दिया है, जिससे स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए इन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की कड़ी समीक्षा करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर शिकंजा कसने की अपील की है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • बिहार में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, एनकाउंटर को अंजाम देने वाली पुलिस टीम के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। इस गंभीर कार्रवाई के कारण बिहार सरकार बैकफुट पर आ गई है, और उसकी स्थिति तथा इस मामले में अगले कदमों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
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    बिहार में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, एनकाउंटर को अंजाम देने वाली पुलिस टीम के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। इस गंभीर कार्रवाई के कारण बिहार सरकार बैकफुट पर आ गई है, और उसकी स्थिति तथा इस मामले में अगले कदमों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
    user_HEMRAJ MAURYA
    HEMRAJ MAURYA
    सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • कौशांबी के कोखराज थाना क्षेत्र में मुहर्रम पर्व को सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक ने कई गाँवों में पैदल मार्च कर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। रूप नारायणपुर सैलाबी, सीहोरी, बरीपुर, राला, मलाक भायल, उलाचूपुर और भरवारी सहित अनेक क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों ने भ्रमण किया और स्थानीय लोगों से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने का आग्रह किया। इस दौरान, सिराथू के सीओ सतेंद्र तिवारी और कोखराज थाना प्रभारी चंद्र भूषण मौर्य ने ताजिया कमेटियों के पदाधिकारियों से भेंट की। उन्होंने जुलूस के दौरान सामने आ सकने वाली समस्याओं के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि अफवाह फैलाने या किसी भी प्रकार की अराजकता उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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    कौशांबी के कोखराज थाना क्षेत्र में मुहर्रम पर्व को सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक ने कई गाँवों में पैदल मार्च कर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। रूप नारायणपुर सैलाबी, सीहोरी, बरीपुर, राला, मलाक भायल, उलाचूपुर और भरवारी सहित अनेक क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों ने भ्रमण किया और स्थानीय लोगों से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने का आग्रह किया।

इस दौरान, सिराथू के सीओ सतेंद्र तिवारी और कोखराज थाना प्रभारी चंद्र भूषण मौर्य ने ताजिया कमेटियों के पदाधिकारियों से भेंट की। उन्होंने जुलूस के दौरान सामने आ सकने वाली समस्याओं के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि अफवाह फैलाने या किसी भी प्रकार की अराजकता उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
    user_कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
    कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
    सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक असामान्य घटना सामने आई है, जहां एक बच्चे की परीक्षा छूट जाने के बाद उसका परिवार सीधे पुलिस अधीक्षक (SP) से ही भिड़ गया। आमतौर पर पुलिस अधिकारियों के साथ जनता की बहस उपनिरीक्षक (SO) या थाना प्रभारी (SHO) स्तर पर देखी जाती है, लेकिन यह पहली बार है जब लोगों का सीधा टकराव एक कप्तान से हुआ। इस पूरी बहस के दौरान, SP ने अत्यंत सभ्यता और शालीनता का परिचय दिया।
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    उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक असामान्य घटना सामने आई है, जहां एक बच्चे की परीक्षा छूट जाने के बाद उसका परिवार सीधे पुलिस अधीक्षक (SP) से ही भिड़ गया। आमतौर पर पुलिस अधिकारियों के साथ जनता की बहस उपनिरीक्षक (SO) या थाना प्रभारी (SHO) स्तर पर देखी जाती है, लेकिन यह पहली बार है जब लोगों का सीधा टकराव एक कप्तान से हुआ। इस पूरी बहस के दौरान, SP ने अत्यंत सभ्यता और शालीनता का परिचय दिया।
    user_पत्रकार आशू
    पत्रकार आशू
    Media company Manjhanpur, Prayagraj•
    8 hrs ago
  • कौशाम्बी जनपद के पिपरी थाना क्षेत्र के मुरादपुर गांव में एक महिला, बबली, की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बीती रात, उसका शव एक कच्चे मकान की धन्नी में प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटका हुआ पाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पिपरी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतका की माता का कहना है कि उनकी बेटी के पति और सास लगातार ₹50 हजार नकद और एक दोपहिया वाहन की मांग कर रहे थे। मायके पक्ष का आरोप है कि इन मांगों को पूरा न करने पर बबली को प्रताड़ित किया जाता था और अंततः दहेज की मांग पूरी न होने पर उसकी हत्या कर दी गई, जिसके बाद शव को फांसी पर लटका दिया गया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर ही आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महिला की मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी।
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    कौशाम्बी जनपद के पिपरी थाना क्षेत्र के मुरादपुर गांव में एक महिला, बबली, की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बीती रात, उसका शव एक कच्चे मकान की धन्नी में प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटका हुआ पाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पिपरी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी है।

मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतका की माता का कहना है कि उनकी बेटी के पति और सास लगातार ₹50 हजार नकद और एक दोपहिया वाहन की मांग कर रहे थे। मायके पक्ष का आरोप है कि इन मांगों को पूरा न करने पर बबली को प्रताड़ित किया जाता था और अंततः दहेज की मांग पूरी न होने पर उसकी हत्या कर दी गई, जिसके बाद शव को फांसी पर लटका दिया गया।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर ही आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महिला की मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी।
    user_पत्रकार आजाद पासी
    पत्रकार आजाद पासी
    मंझनपुर, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • हर साल की परंपरा को निभाते हुए इस बार भी रकसोले में छटाई का उत्सव बड़े धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया।
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    हर साल की परंपरा को निभाते हुए इस बार भी रकसोले में छटाई का उत्सव बड़े धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया।
    user_Mohammad Seboo
    Mohammad Seboo
    सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • पीड़ित के मुताबिक, एक जमीन का मामला पिछले कई वर्षों से न्यायालय में विचाराधीन है। पीड़ित का कहना है कि यह मामला अभी भी कानूनी प्रक्रिया में है, लेकिन इसके बावजूद उस विवादित जमीन पर जबरन निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
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    पीड़ित के मुताबिक, एक जमीन का मामला पिछले कई वर्षों से न्यायालय में विचाराधीन है। पीड़ित का कहना है कि यह मामला अभी भी कानूनी प्रक्रिया में है, लेकिन इसके बावजूद उस विवादित जमीन पर जबरन निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
    user_Talib Siddique
    Talib Siddique
    Local News Reporter सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा रा (अ.भा.ब्रा.म.रा.) प्रतापगढ़ संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी प्रतापगढ़ को सौंपा है। इस ज्ञापन में बिहार में कथित फर्जी एनकाउंटर में भरत भूषण तिवारी की हत्या करने वाले पुलिस कर्मियों को फांसी की सजा दिए जाने की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि पिछले हफ्ते बिहार में समाजसेवी और क्रांति वीर भरत भूषण तिवारी, जो समाज और गरीब जनता की लड़ाई लड़ रहे थे, उन्हें पुलिस कर्मियों ने आत्मसमर्पण के लिए ललकारा था। भरत भूषण तिवारी ने पिस्तौल फेंककर आत्मसमर्पण कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद "बिहार की नपुंसक पुलिस" ने उन्हें गोलियों से छलनी कर उनकी हत्या कर दी। इस घटना के बाद से पूरे ब्राह्मण समाज सहित देश और प्रदेश में काफी आक्रोश फैल गया है, और बिहार सरकार की हर जिले तथा हर प्रदेश में आलोचना हो रही है। महासभा ने आरोप लगाया कि अभी तक इस फर्जी एनकाउंटर में भरत भूषण तिवारी को मारने वाले पुलिस कर्मियों के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे ब्राह्मण समाज सहित आम जनमानस काफी आहत है। महासभा ने मांग की है कि दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा पंजीकृत कर उन्हें जेल भेजा जाए। इसके अतिरिक्त, भरत भूषण तिवारी के परिजनों को ₹10 करोड़ की आर्थिक सहायता, परिवार में एक सरकारी नौकरी दी जाए और भरत तिवारी एनकाउंटर की जांच किसी उच्च स्तरीय जांच एजेंसी से कराई जाए। संगठन ने भरत तिवारी के साथ हुए अन्यायपूर्ण हत्याकांड के दोषियों के साथ कठोर से कठोर कार्रवाई की अपील की है। यह ज्ञापन अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा रा के जिला अध्यक्ष विनोद चतुर्वेदी के नेतृत्व में सौंपा गया। इस दौरान विनोद तिवारी, संतोष पांडे, कुलदीप दुबे, राकेश पांडे, अंकित शर्मा, अश्वनी, ओम प्रकाश मिश्रा, नीरज, आदर्श चतुर्वेदी, महेश दुबे, देवी शंकर, गोलू पंडित और कई मातृ शक्तियों सहित प्रमुख रूप से कई कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध दर्ज कराया।
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    अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा रा (अ.भा.ब्रा.म.रा.) प्रतापगढ़ संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी प्रतापगढ़ को सौंपा है। इस ज्ञापन में बिहार में कथित फर्जी एनकाउंटर में भरत भूषण तिवारी की हत्या करने वाले पुलिस कर्मियों को फांसी की सजा दिए जाने की मांग की गई है।

ज्ञापन में बताया गया है कि पिछले हफ्ते बिहार में समाजसेवी और क्रांति वीर भरत भूषण तिवारी, जो समाज और गरीब जनता की लड़ाई लड़ रहे थे, उन्हें पुलिस कर्मियों ने आत्मसमर्पण के लिए ललकारा था। भरत भूषण तिवारी ने पिस्तौल फेंककर आत्मसमर्पण कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद "बिहार की नपुंसक पुलिस" ने उन्हें गोलियों से छलनी कर उनकी हत्या कर दी। इस घटना के बाद से पूरे ब्राह्मण समाज सहित देश और प्रदेश में काफी आक्रोश फैल गया है, और बिहार सरकार की हर जिले तथा हर प्रदेश में आलोचना हो रही है। महासभा ने आरोप लगाया कि अभी तक इस फर्जी एनकाउंटर में भरत भूषण तिवारी को मारने वाले पुलिस कर्मियों के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे ब्राह्मण समाज सहित आम जनमानस काफी आहत है।

महासभा ने मांग की है कि दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा पंजीकृत कर उन्हें जेल भेजा जाए। इसके अतिरिक्त, भरत भूषण तिवारी के परिजनों को ₹10 करोड़ की आर्थिक सहायता, परिवार में एक सरकारी नौकरी दी जाए और भरत तिवारी एनकाउंटर की जांच किसी उच्च स्तरीय जांच एजेंसी से कराई जाए। संगठन ने भरत तिवारी के साथ हुए अन्यायपूर्ण हत्याकांड के दोषियों के साथ कठोर से कठोर कार्रवाई की अपील की है।

यह ज्ञापन अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा रा के जिला अध्यक्ष विनोद चतुर्वेदी के नेतृत्व में सौंपा गया। इस दौरान विनोद तिवारी, संतोष पांडे, कुलदीप दुबे, राकेश पांडे, अंकित शर्मा, अश्वनी, ओम प्रकाश मिश्रा, नीरज, आदर्श चतुर्वेदी, महेश दुबे, देवी शंकर, गोलू पंडित और कई मातृ शक्तियों सहित प्रमुख रूप से कई कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध दर्ज कराया।
    user_अजीत मिश्रा
    अजीत मिश्रा
    Local News Reporter कुंडा, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • कौशाम्बी के समदा गांव स्थित जिला मुख्यालय में एक विवादित भूमि पर कथित अवैध कब्जे और निर्माण का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष, शमशाद खान, का आरोप है कि जिस भूमि को लेकर वर्षों से न्यायालय में वाद लंबित है, उस पर जगदीश प्रसाद शिवहरे नामक व्यक्ति द्वारा जबरन निर्माण कराया जा रहा है। उनकी शिकायत है कि जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों को सूचित करने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। शमशाद खान के अनुसार, उनके पिता ने आराजी संख्या-21 की भूमि खरीदी थी, जो बाद में राज्य सरकार के अधिग्रहण में चली गई और इस संबंध में उनका मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। वर्ष 2016 में कोर्ट ऑफ रेवेन्यू, प्रयागराज ने भी इस भूमि को किसी व्यक्ति को आवंटित न करने का आदेश दिया था। पीड़ित का दावा है कि जगदीश प्रसाद शिवहरे की अपनी भूमि आराजी संख्या-19 और 20 में दर्ज है, जबकि वह विवादित आराजी संख्या-21 पर निर्माण करवा रहे हैं। इस पूरे मामले में जिलाधिकारी कौशाम्बी समेत अन्य अधिकारियों से लिखित शिकायत की गई है, लेकिन निर्माण कार्य रोका नहीं गया और न ही कोई कार्रवाई हुई। इससे न्यायिक प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित पक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच कर निर्माण कार्य को तत्काल रुकवाने की मांग की है, और अब यह देखना होगा कि न्यायालय में लंबित विवाद और पूर्व के आदेशों के बावजूद हो रहे इस कथित निर्माण पर जिला प्रशासन क्या रुख अपनाता है।
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    कौशाम्बी के समदा गांव स्थित जिला मुख्यालय में एक विवादित भूमि पर कथित अवैध कब्जे और निर्माण का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष, शमशाद खान, का आरोप है कि जिस भूमि को लेकर वर्षों से न्यायालय में वाद लंबित है, उस पर जगदीश प्रसाद शिवहरे नामक व्यक्ति द्वारा जबरन निर्माण कराया जा रहा है। उनकी शिकायत है कि जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों को सूचित करने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

शमशाद खान के अनुसार, उनके पिता ने आराजी संख्या-21 की भूमि खरीदी थी, जो बाद में राज्य सरकार के अधिग्रहण में चली गई और इस संबंध में उनका मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। वर्ष 2016 में कोर्ट ऑफ रेवेन्यू, प्रयागराज ने भी इस भूमि को किसी व्यक्ति को आवंटित न करने का आदेश दिया था। पीड़ित का दावा है कि जगदीश प्रसाद शिवहरे की अपनी भूमि आराजी संख्या-19 और 20 में दर्ज है, जबकि वह विवादित आराजी संख्या-21 पर निर्माण करवा रहे हैं।

इस पूरे मामले में जिलाधिकारी कौशाम्बी समेत अन्य अधिकारियों से लिखित शिकायत की गई है, लेकिन निर्माण कार्य रोका नहीं गया और न ही कोई कार्रवाई हुई। इससे न्यायिक प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित पक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच कर निर्माण कार्य को तत्काल रुकवाने की मांग की है, और अब यह देखना होगा कि न्यायालय में लंबित विवाद और पूर्व के आदेशों के बावजूद हो रहे इस कथित निर्माण पर जिला प्रशासन क्या रुख अपनाता है।
    user_कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
    कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
    सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • नीतीश कुमार ने फ़र्ज़ी इनकाउंटर के एक मामले को लेकर एक मुख्यमंत्री को ज़बरदस्त फटकार लगाई है। इस घटना को एक 'बड़ा धमाका' बताया जा रहा है, जो फ़र्ज़ी इनकाउंटर के गंभीर मुद्दे पर तीखी आलोचना को उजागर करता है।
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    नीतीश कुमार ने फ़र्ज़ी इनकाउंटर के एक मामले को लेकर एक मुख्यमंत्री को ज़बरदस्त फटकार लगाई है। इस घटना को एक 'बड़ा धमाका' बताया जा रहा है, जो फ़र्ज़ी इनकाउंटर के गंभीर मुद्दे पर तीखी आलोचना को उजागर करता है।
    user_सच के साथ
    सच के साथ
    सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
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