ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने ली विकास कार्यों की मैराथन बैठक ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने ली विकास कार्यों की मैराथन बैठक लापरवाही पर दी सख्त चेतावनी, पेयजल और सड़कों के लिए दिए विशेष निर्देश विकास कार्यों की समीक्षा की, समयबद्ध गुणवत्तापूर्ण निर्माण के दिए निर्देश कोटा, 12 मार्च। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने गुरुवार को इन्द्र विहार स्थित अपने आवास पर विभिन्न सरकारी विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, शिक्षा विभाग, समग्र शिक्षा अभियान (समसा), जिला परिषद्, पंचायत समिति, सार्वजनिक निर्माण विभाग और जल संसाधन विभाग के अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान मंत्री नागर ने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ फील्ड में रहकर मॉनिटरिंग करने और कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए पाबंद किया। बैठक के दौरान ऊर्जा मंत्री ने सांगोद के सौंदर्यकरण और पर्यटन की दृष्टि से एक बड़ा निर्देश दिया। उन्होंने सांगोद नगर पालिका अधिशासी अधिकारी ईओ को निर्देशित किया कि उजाड़ नदी के किनारे रिवर फ्रंट विकसित करने के लिए उपयुक्त जगह की तलाश शुरू करें। उन्होंने कहा कि रिवर फ्रंट बनने से न केवल शहर की सुंदरता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों को भ्रमण और मनोरंजन के लिए एक बेहतर स्थान मिल सकेगा। इसके लिए उन्होंने जल्द से जल्द प्रस्ताव तैयार करने को कहा। *पेयजल संकट के लिए करें अग्रिम प्रबंध* आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए ऊर्जा मंत्री ने पेयजल आपूर्ति को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गर्मी में पानी की किल्लत न हो। इसके लिए अभी से व्यापक प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन के माध्यम से पानी की उपलब्धता नहीं है, वहां आवश्यकतानुसार टैंकरों से जलापूर्ति की योजना बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही, उन्होंने नए ट्यूबवेल और हैंडपंप की संभावना तलाशने की बात कही।ताकि भूजल स्रोतों का बेहतर उपयोग हो सके। मंत्री ने नौनेरा और अकावद पेयजल परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। मंत्री नागर ने जोर दिया कि सिंचाई और पीने का पानी वितरण प्रणाली के अंतिम छोर तक पहुंचना चाहिए। *समसा का चार्ज पीडब्ल्यूडी को दें* बैठक में शिक्षा विभाग और 'समसा' के कार्यों पर चर्चा करते हुए मंत्री नागर ने एक बड़ा प्रशासनिक निर्देश दिया। उन्होंने जिला कलेक्टर से बात कर 'समसा' के निर्माण कार्यों का चार्ज सार्वजनिक निर्माण विभाग को सौंपने की प्रक्रिया पर चर्चा की। ताकि निर्माण की गुणवत्ता और गति में सुधार हो सके। उन्होंने क्षेत्र के जर्जर स्कूलों और सरकारी भवनों की सूची तत्काल तैयार करने के निर्देश दिए ताकि केंद्र और राज्य सरकार को मरम्मत एवं नए निर्माण हेतु प्रस्ताव भेजे जा सकें। इसके अलावा, उन्होंने सड़कों के निर्माण में तकनीकी सुधार की बात करते हुए कहा कि ग्रेवल की जगह 'जीएस' का उपयोग किया जा सकता है। *विकास कार्यों में हो जनभागीदारी* ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य करते समय स्थानीय ग्रामीणों को भी शामिल करें। ग्रामीणों से उनकी प्राथमिकता पूछकर ही प्रोजेक्ट तैयार किए जाएं। ताकि सरकारी धन का सही उपयोग हो सके। फसल कटाई के सीजन को देखते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि जो विकास कार्य या सड़कों का काम फसलों की वजह से रुका हुआ था, उन्हें अब तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाए। खेतों के रास्तों और ग्रामीण सड़कों के सुदृढ़ीकरण एवं नवीनीकरण के लिए उन्होंने 'जीरामजी' के माध्यम से भी नए प्रोजेक्ट्स की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा। *आगजनी से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड की तैनाती के निर्देश दिए* आगामी ग्रीष्म ऋतु में आगजनी की घटनाओं की आशंका को देखते हुए ऊर्जा मंत्री ने जन सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने चीफ फायर ऑफिसर राकेश व्यास को कड़े निर्देश दिए कि सांगोद, कनवास, बपावर, देवली, दीगोद और सिमलिया जैसे प्रमुख केंद्रों पर तुरंत फायर ब्रिगेड (दमकल) की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मंत्री नागर ने कहा कि ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में आग लगने पर दूर से दमकल आने में समय लगता है। जिससे भारी नुकसान होता है। ऐसे में इन क्षेत्रों में दमकल की तैनाती से त्वरित राहत मिल सकेगी। *गैस संकट पर विपक्ष को जवाब* बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मंत्री हीरालाल नागर ने देश में चल रही गैस की किल्लत पर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की समस्या है। जिसका समाधान निकालने के लिए केंद्र सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष केवल भ्रम फैलाने का काम कर रहा है। जबकि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत हर चुनौती का सामना करने के लिए सक्षम है। उन्होंने आश्वस्त किया कि गैस की वैकल्पिक व्यवस्था कर ली गई है और कहीं भी बड़ी कमी नहीं होने दी जाएगी। विशेष रूप से कोटा के हॉस्टल्स में गैस सप्लाई न रोकने के भी निर्देश दिए गए हैं। ताकि स्टूडेंट्स को परेशानी न हों।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने ली विकास कार्यों की मैराथन बैठक ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने ली विकास कार्यों की मैराथन बैठक लापरवाही पर दी सख्त चेतावनी, पेयजल और सड़कों के लिए दिए विशेष निर्देश विकास कार्यों की समीक्षा की, समयबद्ध गुणवत्तापूर्ण निर्माण के दिए निर्देश कोटा, 12 मार्च। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने गुरुवार को इन्द्र विहार स्थित अपने आवास पर विभिन्न सरकारी विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, शिक्षा विभाग, समग्र शिक्षा अभियान (समसा), जिला परिषद्, पंचायत समिति, सार्वजनिक निर्माण विभाग और जल संसाधन विभाग के अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान मंत्री नागर ने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ फील्ड में रहकर मॉनिटरिंग करने और कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए पाबंद किया। बैठक के दौरान ऊर्जा मंत्री ने सांगोद के सौंदर्यकरण और पर्यटन की दृष्टि से एक बड़ा निर्देश दिया। उन्होंने सांगोद नगर पालिका अधिशासी अधिकारी ईओ को निर्देशित किया कि उजाड़ नदी के किनारे रिवर फ्रंट विकसित करने के लिए उपयुक्त जगह की तलाश शुरू करें। उन्होंने कहा कि रिवर फ्रंट बनने से न केवल शहर की सुंदरता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों को भ्रमण और मनोरंजन के लिए एक बेहतर स्थान मिल सकेगा। इसके लिए उन्होंने जल्द से जल्द प्रस्ताव तैयार करने को कहा। *पेयजल संकट के लिए करें अग्रिम प्रबंध* आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए ऊर्जा मंत्री ने पेयजल आपूर्ति को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गर्मी में पानी की किल्लत न हो। इसके लिए अभी से व्यापक प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन के माध्यम से पानी की उपलब्धता नहीं है, वहां आवश्यकतानुसार टैंकरों से जलापूर्ति की योजना बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही, उन्होंने नए ट्यूबवेल और हैंडपंप की संभावना तलाशने की बात कही।ताकि भूजल स्रोतों का बेहतर उपयोग हो सके। मंत्री ने नौनेरा और अकावद पेयजल परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। मंत्री नागर ने जोर दिया कि सिंचाई और पीने का पानी वितरण प्रणाली के अंतिम छोर तक पहुंचना चाहिए। *समसा का चार्ज पीडब्ल्यूडी को दें* बैठक में शिक्षा विभाग और 'समसा' के कार्यों पर चर्चा करते हुए मंत्री नागर ने एक बड़ा प्रशासनिक निर्देश दिया। उन्होंने जिला कलेक्टर से बात कर 'समसा' के निर्माण कार्यों का चार्ज सार्वजनिक निर्माण विभाग
को सौंपने की प्रक्रिया पर चर्चा की। ताकि निर्माण की गुणवत्ता और गति में सुधार हो सके। उन्होंने क्षेत्र के जर्जर स्कूलों और सरकारी भवनों की सूची तत्काल तैयार करने के निर्देश दिए ताकि केंद्र और राज्य सरकार को मरम्मत एवं नए निर्माण हेतु प्रस्ताव भेजे जा सकें। इसके अलावा, उन्होंने सड़कों के निर्माण में तकनीकी सुधार की बात करते हुए कहा कि ग्रेवल की जगह 'जीएस' का उपयोग किया जा सकता है। *विकास कार्यों में हो जनभागीदारी* ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य करते समय स्थानीय ग्रामीणों को भी शामिल करें। ग्रामीणों से उनकी प्राथमिकता पूछकर ही प्रोजेक्ट तैयार किए जाएं। ताकि सरकारी धन का सही उपयोग हो सके। फसल कटाई के सीजन को देखते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि जो विकास कार्य या सड़कों का काम फसलों की वजह से रुका हुआ था, उन्हें अब तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाए। खेतों के रास्तों और ग्रामीण सड़कों के सुदृढ़ीकरण एवं नवीनीकरण के लिए उन्होंने 'जीरामजी' के माध्यम से भी नए प्रोजेक्ट्स की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा। *आगजनी से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड की तैनाती के निर्देश दिए* आगामी ग्रीष्म ऋतु में आगजनी की घटनाओं की आशंका को देखते हुए ऊर्जा मंत्री ने जन सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने चीफ फायर ऑफिसर राकेश व्यास को कड़े निर्देश दिए कि सांगोद, कनवास, बपावर, देवली, दीगोद और सिमलिया जैसे प्रमुख केंद्रों पर तुरंत फायर ब्रिगेड (दमकल) की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मंत्री नागर ने कहा कि ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में आग लगने पर दूर से दमकल आने में समय लगता है। जिससे भारी नुकसान होता है। ऐसे में इन क्षेत्रों में दमकल की तैनाती से त्वरित राहत मिल सकेगी। *गैस संकट पर विपक्ष को जवाब* बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मंत्री हीरालाल नागर ने देश में चल रही गैस की किल्लत पर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की समस्या है। जिसका समाधान निकालने के लिए केंद्र सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष केवल भ्रम फैलाने का काम कर रहा है। जबकि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत हर चुनौती का सामना करने के लिए सक्षम है। उन्होंने आश्वस्त किया कि गैस की वैकल्पिक व्यवस्था कर ली गई है और कहीं भी बड़ी कमी नहीं होने दी जाएगी। विशेष रूप से कोटा के हॉस्टल्स में गैस सप्लाई न रोकने के भी निर्देश दिए गए हैं। ताकि स्टूडेंट्स को परेशानी न हों।
- कोटा: गुमानपुरा में नगर निगम की बड़ी अतिक्रमण कार्रवाई कोटा। गुमानपुरा में नगर निगम ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सड़क से सभी अस्थायी अतिक्रमण हटाए और बैरिकेडिंग कर दुकानदारों को चेतावनी दी। सड़क पर फैला सामान तुरंत हटाया गया। मल्टीपरपज स्कूल के बाहर लगी थडियां हटाईं गईं। स्टैंडी, फ्लेक्स और बैनर जब्त, चालान की कार्यवाही की गई। निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि क्षेत्रीय व्यापार संघ की मांग पर कार्रवाई की गई। पूरा क्षेत्र अब साफ-सुथरा और खुला नजर आ रहा है।1
- कोटा ब्यूरो | राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर आज अपने गृह क्षेत्र कोटा में विकास कार्यों और विभागीय फीडबैक को लेकर काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं। आज सुबह 11 बजे उनके इन्द्र विहार स्थित निजी आवास पर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक का मुख्य एजेंडा इस बैठक में मुख्य रूप से ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। बैठक के केंद्र में निम्नलिखित बिंदु रहने की संभावना है: विभागीय समीक्षा: ऊर्जा विभाग के चालू प्रोजेक्ट्स और बिजली आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा। विकास कार्यों में तेजी: क्षेत्र में लंबित पड़े विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट पर चर्चा। जनसुनवाई का फीडबैक: आमजन की शिकायतों का त्वरित निस्तारण और विभागीय समन्वय (Coordination) को बेहतर बनाना। रणनीतिक निर्देश: आगामी गर्मियों के सीजन को देखते हुए बिजली प्रबंधन पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा सकते हैं। क्यों अहम है यह बैठक? चूंकि यह बैठक मंत्री जी के आवास पर हो रही है, इसे 'ग्राउंड जीरो' से फीडबैक लेने की कवायद माना जा रहा है। अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया जा सकता है कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नोट: बैठक के बाद ऊर्जा मंत्री मीडिया से रूबरू होकर महत्वपूर्ण घोषणाएं या बैठक के निष्कर्षों की जानकारी भी साझा कर सकते हैं।1
- जंग का आज 13 वां दिन:1
- कोटा। तलवंडी क्षेत्र में बार-बार सीवरेज लाइन बिछाने के नाम पर हो रही अव्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश उपाध्यक्ष नवीन पालीवाल के नेतृत्व में केडीए आयुक्त ममता तिवारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। जिला महासचिव राजेन्द्र मीणा ने बताया कि तलवंडी के सेक्टर-2 और सेक्टर-3 में सीवरेज लाइन डालने के लिए बार-बार सड़कों और फुटपाथों की खुदाई की जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इससे पहले केडीए और आरयूआईडीपी द्वारा यहां सीवरेज लाइन डाली जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद कई घरों को अब तक कनेक्शन नहीं मिला है। अब दोबारा उसी क्षेत्र में नई पाइपलाइन डालने के लिए खुदाई की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह स्थिति खराब योजना, विभागों के बीच समन्वय की कमी और सरकारी धन के दुरुपयोग की ओर इशारा करती है। यदि शुरुआत में सही सर्वे और तकनीकी योजना बनाई जाती तो बार-बार सड़कें खोदने की नौबत नहीं आती। आम आदमी पार्टी के अनुसार लगातार खुदाई के कारण क्षेत्र में आवागमन बाधित हो रहा है। धूल-मिट्टी और गंदगी से लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। पार्टी का कहना है कि यह जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी है। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि जब स्थानीय लोगों के साथ मीडिया कर्मी दुष्यंत सिंह गहलोत मौके पर स्थिति जानने पहुंचे, तो भाजपा से जुड़े एक पूर्व पार्षद के मुंशी ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और धमकियां दीं। आम आदमी पार्टी ने केडीए आयुक्त से पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही वर्तमान में चल रहे कार्य को सुनियोजित और समयबद्ध तरीके से पूरा कराकर सड़कों और फुटपाथों को जल्द पूर्व स्थिति में बहाल करने की मांग भी की है। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि इस जनसमस्या पर जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा।4
- कम बजट में भव्य शादी का सपना पूरा करे अजरा इलेक्ट्रॉनिक फर्नीचर शोरूम, कोटा कोटा। शादी के मौसम को खास और यादगार बनाने के लिए अजरा इलेक्ट्रॉनिक फर्नीचर शोरूम, कोटा की ओर से शानदार और किफायती शादी पैकेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सीमित बजट में उच्च गुणवत्ता वाले इलेक्ट्रॉनिक और फर्नीचर आइटम्स अब एक ही जगह पर मिलेंगे। शोरूम द्वारा ग्राहकों को 100 किलोमीटर तक फ्री होम डिलीवरी की सुविधा दी जा रही है। यानी गाड़ी का किराया पूरी तरह मुफ्त रहेगा और सामान सीधे आपके घर तक सुरक्षित पहुंचाया जाएगा। अजरा इलेक्ट्रॉनिक फर्नीचर शोरूम की खास बात यह है कि यहां उपलब्ध सभी इलेक्ट्रॉनिक सामान पर वारंटी व गारंटी दी जा रही है, वहीं फर्नीचर पर 5 साल तक की वारंटी उपलब्ध है। ग्राहक शोरूम पर आकर पहले सामान देख सकते हैं, गुणवत्ता से संतुष्ट होने के बाद ही खरीदारी कर सकते हैं। कम बजट, भरोसेमंद गुणवत्ता और फ्री डिलीवरी जैसी सुविधाओं के चलते यह शादी पैकेज शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। संपर्क करें: 📞 6378168686, 9251178686 👉 शादी की खरीदारी हो या घर सजाने का सपना—अजरा इलेक्ट्रॉनिक फर्नीचर शोरूम, कोटा पर जरूर आएं और शानदार ऑफर्स का लाभ उठाएं।1
- Post by VKH NEWS1
- Suno...... MAA JOGANIA EPISODE.-151
- महंगाई और तेल के बढ़ते दामों के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, गैस सिलेंडर को पहनाई माला #kota #कोटा #गैस #सिलेंडर #कांग्रेस1