उदयपुर में 12 जून को हल्दीघाटी स्थित रक्त तलाई में वीर सेनापति हकीम खां सूरी की मजार पर मुस्लिम महासंघ ने चादर शरीफ पेश कर खिराज-ए-अकीदत दी। यह आयोजन वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर किया गया। इस अवसर पर, महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद हनीफ खान ने बताया कि हकीम खां सूरी ने मेवाड़ की आन, बान और शान की रक्षा हेतु अपने 3000 से अधिक पठान सैनिकों के साथ महाराणा प्रताप का सहयोग करते हुए मुगल सम्राट अकबर की विशाल सेना का डटकर मुकाबला किया और वीरगति प्राप्त की। महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष हाजी मोहम्मद बक्श ने जानकारी दी कि 19 जून 1576 को हल्दीघाटी युद्ध में हकीम खां सूरी ने शहादत प्राप्त की थी। मान्यतानुसार, उनका सिर हल्दीघाटी में और धड़ रक्त तलाई में दफन है। उनके बलिदान को मेवाड़ और राष्ट्र के प्रति समर्पण एवं वीरता का अद्वितीय उदाहरण बताया गया। हाजी मोहम्मद बक्श के नेतृत्व में सामूहिक रूप से खिराज-ए-अकीदत पेश की गई। इस कार्यक्रम में उदयपुर से महासंघ के राष्ट्रीय सचिव इरफान मुल्तानी, प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद हनीफ खान, प्रदेश संगठन सचिव मोइनुद्दीन, जिला उपाध्यक्ष अयूब शेख, गोगुंदा ब्लॉक अध्यक्ष शेर खान सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस दौरान सज्जाद मोहम्मद, शाहिद भाई, शेरू खान, अमन खान, हजरत शेर खान, सईद भाई तथा मुस्लिम महासंघ एवं कादरी अंजुमन खमनोर के कार्यकर्ताओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए हकीम खां सूरी को खीराजे अकीदत पेश की।
उदयपुर में 12 जून को हल्दीघाटी स्थित रक्त तलाई में वीर सेनापति हकीम खां सूरी की मजार पर मुस्लिम महासंघ ने चादर शरीफ पेश कर खिराज-ए-अकीदत दी। यह आयोजन वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर किया गया। इस अवसर पर, महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद हनीफ खान ने बताया कि हकीम खां सूरी ने मेवाड़ की आन, बान और शान की रक्षा हेतु अपने 3000 से अधिक पठान सैनिकों के साथ महाराणा प्रताप का सहयोग करते हुए मुगल सम्राट अकबर की विशाल सेना का डटकर मुकाबला किया और वीरगति प्राप्त की। महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष हाजी मोहम्मद बक्श ने जानकारी दी कि 19 जून 1576 को हल्दीघाटी युद्ध में हकीम खां सूरी ने शहादत प्राप्त की थी। मान्यतानुसार, उनका सिर हल्दीघाटी में और धड़ रक्त तलाई में दफन है। उनके बलिदान को मेवाड़ और राष्ट्र के प्रति समर्पण एवं वीरता का अद्वितीय उदाहरण बताया गया। हाजी मोहम्मद बक्श के नेतृत्व में सामूहिक रूप से खिराज-ए-अकीदत पेश की गई। इस कार्यक्रम में उदयपुर से महासंघ के राष्ट्रीय सचिव इरफान मुल्तानी, प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद हनीफ खान, प्रदेश संगठन सचिव मोइनुद्दीन, जिला उपाध्यक्ष अयूब शेख, गोगुंदा ब्लॉक अध्यक्ष शेर खान सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस दौरान सज्जाद मोहम्मद, शाहिद भाई, शेरू खान, अमन खान, हजरत शेर खान, सईद भाई तथा मुस्लिम महासंघ एवं कादरी अंजुमन खमनोर के कार्यकर्ताओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए हकीम खां सूरी को खीराजे अकीदत पेश की।
- नीमच में एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसकी जमीन को कुछ लोगों ने हड़प लिया और फिर धोखाधड़ी करके बेच दिया। इस गंभीर मामले में न्याय की मांग करते हुए, महिला ने जिला कलेक्टर से मुलाकात की है। उसने कलेक्टर से अपनी हड़पी हुई जमीन वापस दिलाने और इस धोखाधड़ी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जी7 देशों के नेताओं के साथ मिलकर एक 'फैमिली फोटो' खिंचवाई है। इस शिखर सम्मेलन में भारत की मजबूत मौजूदगी स्पष्ट रूप से दिखाई दी।1
- मंगलवार शाम 5 बजे मनासा थाना परिसर में मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से एक शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में पुलिस प्रशासन, विभिन्न ताजिया कमेटियों के सदस्यों, नगर के गणमान्य नागरिकों और पत्रकारों ने हिस्सा लिया। चर्चा के मुख्य बिंदुओं में ताजिया जुलूस के मार्ग, समय-सारणी, आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएँ, तथा बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएँ शामिल थीं। बैठक के दौरान, थाना प्रभारी नीलेश अवस्थी ने सभी उपस्थित पक्षों से मोहर्रम का त्योहार आपसी सद्भाव और परंपरा के अनुसार मनाने का आग्रह किया। उन्होंने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि ताजियों के जुलूस केवल पूर्व निर्धारित मार्गों से ही निकाले जाएँ, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट से बचने और अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न देने की सख्त हिदायत दी गई। आयोजकों से पुलिस को वालंटियर्स की सूची सौंपने का निर्देश भी दिया गया, और यह भी कहा गया कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए पुलिस का पूरा सहयोग करें। बैठक में थाना प्रभारी नीलेश अवस्थी, थाना स्टाफ, नगर के गणमान्य नागरिक और पत्रकारगण मौजूद रहे।1
- नीमच जिले के मनासा में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनासा, रामपुरा और कुकड़ेश्वर के संयुक्त तत्वावधान में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्यसभा निर्वाचन के दौरान नामांकन फार्म निरस्त किए जाने के विरोध में एक जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने इस घटना को "लोकतंत्र की हत्या" बताते हुए चुनाव आयोग का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। इसी प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं ने डीजल एवं खाद की किल्लत और लगातार बढ़ रही महंगाई के विरोध में कारगिल चौराहे से एडीएम कार्यालय तक एक मौन जुलूस भी निकाला। बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर एडीएम कार्यालय पहुंचे। एडीएम कार्यालय पहुँचकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को एक कोरा ज्ञापन सौंपने का प्रयास किया, परंतु अधिकारियों ने ज्ञापन लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद, कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष श्याम सोनी ने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं को लेकर प्रशासन को पहले भी कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन किसी भी मुद्दे पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी उदासीनता को उजागर करने के उद्देश्य से इस बार कोरा ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया। प्रदर्शन में मौजूद कांग्रेस के विभिन्न पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधियों ने केंद्र एवं राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए जनता से जुड़े मुद्दों पर शीघ्र समाधान की मांग की।2
- डूंगला में अरावली पर्वतमाला की ऐलागढ़ पहाड़ी पर स्थित प्राचीन ऐलवा माताजी मंदिर में सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर, लोक न्यास ट्रस्ट एवं ऐलवा माता विकास समिति द्वारा मंदिर का भंडार विधिवत खोला गया। समिति के पदाधिकारियों और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में हुई गणना में भंडार से 1 लाख 52 हजार 360 रुपये की नकद राशि और श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए गए आभूषण प्राप्त हुए। यह मंदिर क्षेत्र के प्राचीनतम और प्रसिद्ध शक्ति पीठों में से एक है, जहाँ वर्षभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचते हैं। ग्रामीणों और भक्तों का अटूट विश्वास है कि माता के दरबार में सच्ची श्रद्धा से मांगी गई मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है। इसी आस्था के चलते, मनोकामना पूर्ण होने पर श्रद्धालु माता को नकद, आभूषण और अन्य चढ़ावा अर्पित करने के साथ-साथ मंदिर परिसर में भोजन प्रसादी (भंडारे) का आयोजन भी करवाते हैं, जो यहाँ की वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा है। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, भंडार में प्राप्त हुई राशि का उपयोग मंदिर के विकास, धार्मिक आयोजनों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार के लिए किया जाएगा। प्राप्त आभूषणों को भी नियमानुसार सुरक्षित रखते हुए अभिलेखों में दर्ज कर लिया गया है। सोमवती अमावस्या पर मंदिर परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और माता के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। इस अवसर पर समिति अध्यक्ष नारायण लाल व्यास, ओंकार लाल व्यास, पूरणमल अहीर, दुर्गाशंकर शर्मा सहित ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धालुओं के सहयोग और विश्वास के प्रति आभार व्यक्त करते हुए जनसहयोग से मंदिर की धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।2
- Post by Bapulal Ahari1
- पुरुषोत्तम मास की सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर तीन-चार गौशालाओं में गौ माताओं को लापसी और मालपुआ का भोग लगाया गया। इस दौरान, गौ भक्तों को अल्पाहार और ठंडी-ठंडी रचना भी पिलाई गई। यह आयोजन श्री मगरा माताजी कृष्ण कमल गौशाला, आकोदड़ा के सहयोग से और भक्तों द्वारा संपन्न किया गया।1
- नीमच में जमीन धोखाधड़ी और धमकी का एक मामला सामने आया है, जहाँ एक पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई है कि उसके साथ जमीन को लेकर धोखाधड़ी की गई है और उसे धमकी भी दी गई है। पीड़ित ने इस गंभीर आरोप पर प्रशासन से न्याय दिलाने की माँग की है।1
- राष्ट्रपति भवन में रज पर्व का आयोजन किया गया। इस दौरान पर्व की कुछ अच्छी झलकियां देखने को मिलीं।1