नन्हे मुन्ने बच्चे किराये की आंगनवाड़ी भवन मे अपना भविष्य गढ़ रहे हैं बलरामपुर जिला में 482 आंगनवाड़ी भवन नहीं होने कारण नन्हे मुन्ने बच्चे किराये की आंगनवाड़ी भवन मे अपना भविष्य गढ़ रहे हैं बलरामपुर जिला में 482 आंगनवाड़ी भवन नहीं होने कारण प्रदेश भर मे सुशांसन तिहार मनाया गया आम जनता की समस्याओ का समाधान करने के लिए गाँव गाँव मे शिविर लगया जा रहा था शिविर मे समस्या का समाधान भी किया जा रहा था और शिवर मे सभी बिभाग के अधिकारी कर्मचारी आम जनता प्रतिनिधि मंत्री विधायक सांसद और खुद मुख्यमंत्री भी गांव मे पहुंच कर जनता को संवाद कर रहे थे लेकिन छतिसगढ सरकार ग्रामीण जनता को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का लाख दावे कर ले , लेकिन बलरामपुर जिले मे कई एसा गांव है आज भी विकास यहा कोसो दुर है बलरामपुर के 6 विकासखंड क्षेत्र में बसे गांव आज भी विकास चलकर इस गांव मे नहीं पहुंच हैं , एक तरफ देश चांद पर जाने की तैयारी कर रहा है तो वहीं दुसरी तरफ बलरामपुर जिला मे ग्राम 482 किराए के आंगनवाड़ी भवन मे पड़ने के लिए मजबुर हैं।.. रिपोर्ट देखिए - वीओ.1. बलरामपुर जिले के बलरामपुर 6 विकासखण्ड के क्षेत्र में बसा कई गांव का बच्चे आज भी बुनियादी सुविधाओं से अलग है एसा लगाता है कि इस गांव के लिए हुकुमनारो ने विकास कि पन्ना ही बदल दिया है यहाँ के,बच्चे को अच्छा एक आंगनवाड़ी भवन नसीब नहीं है ऐसा इस लिए कह रहा हु की बलरामपुर जिले में कई ग्राम पंचयात कई गाँव मे लग भग कई साल पहले आंगनवाड़ी भवन डिस मेंटल हुआ था जार्जर होने के कारण लेकिन आज तक आंगनवाड़ी भवन नहीं बना मजबूर गरीब परिवार के बच्चे किराए के भवन में पड़ने के लिए मज़बूरी है जब कार्यक्रम होता है मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े बड़ी-बड़ी बातें बड़ी-बड़ी बातें करती है लेकिन आज भी बलरामपुर वासियो को बुनियादी सुविधा कराने में नाकाम साबित हो रही है बलरामपुर मे 482 आंगनवाड़ी भवन नहीं है जब कोई कार्यक्रम लाखों करोड़ों सरकार पर बैठे सौगात देने के बाद करते हैं लेकिन यह सौगात कागजों में सिमट कर जाता है.. वीओ. 2.जब जब चुनाव नजदीक आते हैं तो जन प्रतिनिधि यहां की जनता को वोट के बदले आश्वासन का पुल बांध कर चले जाते हैं और चुनाव खत्म होता है तो व्यवस्थाएं जस की तस रह जाती है , पंचायत विधानसभा से पहले जन प्रतिनिधियों ने चुनावी प्रलोभन देने के लिए मुहल्ले में कुछ कह दीये लेकिन अब विभाग के अधिकारी उस कोई पहल नहीं कर रहे हैं, बलरामपुर मे आज भी कई गांव आंगनवाड़ी भवन के लिए तरस किराए के भवन मे पढ़ाई से वंचित रह जा रहे हैं , क्योंकि पूरी सुविधा नहीं मिल पता है यहां के लोगों ने कई बार जन समस्या निवारण शिविरों में अपनी समस्या सुनाई लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं निकला। विओ03- सरकार कुपोषित भगाने के लिए या फिर बच्चों की मानसिक विकास के लिए हर गांव में मोहल्ले में आंगनवाड़ी भी नियुक्ति एवं भवन बनाई गई है लेकिन इस गाँव के बच्चों के लिए आज भी आंगनवाड़ी जाने का सपना बनकर रह गया है लोगों का कहना है कि आंगनवाड़ी से ही शिक्षा की शुरुआत होती है लेकिन हमारे गांव में आंगनबाड़ी ही नहीं है तो कैसे पढ़ाई होगा और कैसे बच्चों का मानसिक विकास होगा हम नहीं कर सकते यहां तक की आंगनवाड़ी नहीं होने के कारण अब महतारियों को भी यहां पौष्टिक आहार नहीं मिल पाता है लेकिन किसी तरह जीवन गुजारने को मजबूर हैं इस गांव के लोग ग्रामीण यहां तक कहते हैं कि यहां किसी तरह का सुविधा ही नहीं है इसीलिए तो हम इस गांव में डूबे हुए हैं डूबता हुआ गांव बताना यह सरकार की योजना का कामी साबित हो रही है आखिर योजना बनाती है किस लिए और केवल आसपास के लोगों के लिए तभी तो दूधराज के गांव में आज तक योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है
नन्हे मुन्ने बच्चे किराये की आंगनवाड़ी भवन मे अपना भविष्य गढ़ रहे हैं बलरामपुर जिला में 482 आंगनवाड़ी भवन नहीं होने कारण नन्हे मुन्ने बच्चे किराये की आंगनवाड़ी भवन मे अपना भविष्य गढ़ रहे हैं बलरामपुर जिला में 482 आंगनवाड़ी भवन नहीं होने कारण प्रदेश भर मे सुशांसन तिहार मनाया गया आम जनता की समस्याओ का समाधान करने के लिए गाँव गाँव मे शिविर लगया जा रहा था शिविर मे समस्या का समाधान भी किया जा रहा था और शिवर मे सभी बिभाग के अधिकारी कर्मचारी आम जनता प्रतिनिधि मंत्री विधायक सांसद और खुद मुख्यमंत्री भी गांव मे पहुंच कर जनता को संवाद कर रहे थे लेकिन छतिसगढ सरकार ग्रामीण जनता को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का लाख दावे कर ले , लेकिन बलरामपुर जिले मे कई एसा गांव है आज भी विकास यहा कोसो दुर है बलरामपुर के 6 विकासखंड क्षेत्र में बसे गांव आज भी विकास चलकर इस गांव मे नहीं पहुंच हैं , एक तरफ देश चांद पर जाने की तैयारी कर रहा है तो वहीं दुसरी तरफ बलरामपुर जिला मे ग्राम 482 किराए के आंगनवाड़ी भवन मे पड़ने के लिए मजबुर हैं।.. रिपोर्ट देखिए - वीओ.1. बलरामपुर जिले के बलरामपुर 6 विकासखण्ड के क्षेत्र में बसा कई गांव का बच्चे आज भी बुनियादी सुविधाओं से अलग है एसा लगाता है कि इस गांव के लिए हुकुमनारो ने विकास कि पन्ना ही बदल दिया है यहाँ के,बच्चे को अच्छा एक आंगनवाड़ी भवन नसीब नहीं है ऐसा इस लिए कह रहा हु की बलरामपुर जिले में कई ग्राम पंचयात कई गाँव मे लग भग कई साल पहले आंगनवाड़ी भवन डिस मेंटल हुआ था जार्जर होने के कारण लेकिन आज तक आंगनवाड़ी भवन नहीं बना मजबूर गरीब परिवार के बच्चे किराए के भवन में पड़ने के लिए मज़बूरी है जब कार्यक्रम होता है मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े बड़ी-बड़ी बातें बड़ी-बड़ी बातें करती है लेकिन आज भी बलरामपुर वासियो को बुनियादी सुविधा कराने में नाकाम साबित हो रही है बलरामपुर मे 482 आंगनवाड़ी भवन नहीं है जब कोई कार्यक्रम लाखों करोड़ों सरकार पर बैठे सौगात देने के बाद करते हैं लेकिन यह सौगात कागजों में सिमट कर जाता है.. वीओ. 2.जब जब चुनाव नजदीक आते हैं तो जन प्रतिनिधि यहां की जनता को वोट के बदले आश्वासन का पुल बांध कर चले जाते हैं और चुनाव खत्म होता है तो व्यवस्थाएं जस की तस रह जाती है , पंचायत विधानसभा से पहले जन प्रतिनिधियों ने चुनावी प्रलोभन देने के लिए मुहल्ले में कुछ कह दीये लेकिन अब विभाग के अधिकारी उस कोई पहल नहीं कर रहे हैं, बलरामपुर मे आज भी कई गांव आंगनवाड़ी भवन के लिए तरस किराए के भवन मे पढ़ाई से वंचित रह जा रहे हैं , क्योंकि पूरी सुविधा नहीं मिल पता है यहां के लोगों ने कई बार जन समस्या निवारण शिविरों में अपनी समस्या सुनाई लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं निकला। विओ03- सरकार कुपोषित भगाने के लिए या फिर बच्चों की मानसिक विकास के लिए हर गांव में मोहल्ले में आंगनवाड़ी भी नियुक्ति एवं भवन बनाई गई है लेकिन इस गाँव के बच्चों के लिए आज भी आंगनवाड़ी जाने का सपना बनकर रह गया है लोगों का कहना है कि आंगनवाड़ी से ही शिक्षा की शुरुआत होती है लेकिन हमारे गांव में आंगनबाड़ी ही नहीं है तो कैसे पढ़ाई होगा और कैसे बच्चों का मानसिक विकास होगा हम नहीं कर सकते यहां तक की आंगनवाड़ी नहीं होने के कारण अब महतारियों को भी यहां पौष्टिक आहार नहीं मिल पाता है लेकिन किसी तरह जीवन गुजारने को मजबूर हैं इस गांव के लोग ग्रामीण यहां तक कहते हैं कि यहां किसी तरह का सुविधा ही नहीं है इसीलिए तो हम इस गांव में डूबे हुए हैं डूबता हुआ गांव बताना यह सरकार की योजना का कामी साबित हो रही है आखिर योजना बनाती है किस लिए और केवल आसपास के लोगों के लिए तभी तो दूधराज के गांव में आज तक योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है
- बलरामपुर जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका अपनी मांगों को लेकर धरने पर गए लेकिन अभी तक केंद्र सरकार की ओर से किसी प्रकार की कोई मांग पूरा नहीं हुआ ना आश्वासन राज सरकार से आया ना केंद्र सरकार से आया आंगनवाड़ी अपना धरना प्रदर्शन किया लेकिन सभी मांग जस्ट की तरफ1
- विश्व महिला दिवस कार्यक्रम अंतर्गत बलरामपुर के ऑटोटोरियम भवन में महिलाओं के सम्मान में कार्यक्रम आयोजन किया गया । उक्त कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला पंचायत पंचायत अध्यक्ष हीरामणि निकुंज एवं विशिष्ट अतिथि जनपद अध्यक्ष सुमित्रा चेरवा एवं भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ी महतारी के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रजलन कर प्रारंभ किया गया एवं महिला स्वयं सहायता समूह के दीदियों के द्वारा पुष्प गुच्छ भेंट कर एवं नृत्य के माध्यम से आए हुए सभी अतिथियों एवं कार्यक्रम में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिए हुए हुए महिलाओं का स्वागत किया गया कार्यक्रम स्थल में बिहान के दीदियों के द्वारा स्टाल पर महिलाएं के द्वारा लोकल व्यंजन एवं अन्य सामग्री का अतिथियों द्वारा अवलोकन किया गया आज महिलाएं आज हर क्षेत्र में आगे बढ़कर समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। महिला दिवस महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अवसर है साथ ही महिलाएं शिक्षा, सामाजिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बना रही हैं और समाज को नई दिशा दे रही हैं।1
- नशीले इंजेक्शन के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार, कुसमी पुलिस की कार्रवाई बलरामपुर-रामानुजगंज, 9 मार्च। जिले के कुसमी थाना पुलिस ने नशीले इंजेक्शन का अवैध परिवहन करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में नशीले इंजेक्शन बरामद किए हैं। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 8 मार्च 2026 को कुसमी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुसमी निवासी मनेश कुमार प्रजापति अपने दो साथियों के साथ झारखंड के महुआडांड़ की ओर से पल्सर मोटरसाइकिल में नशीले इंजेक्शन लेकर कुसमी की तरफ आ रहे हैं। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने कुसमी-कोरंधा रोड पर घेराबंदी कर जांच शुरू की। इस दौरान काले रंग की 150 सीसी बजाज पल्सर मोटरसाइकिल में सवार तीन युवक महुआडांड़ की ओर से आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोककर तलाशी ली। जांच में आरोपियों की पहचान मोहम्मद सैफ, मनेश कुमार प्रजापति और पंकज प्रजापति, सभी निवासी कुसमी जिला बलरामपुर के रूप में हुई। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से पॉलिथीन में रखे 13 नग फेनिरामाइन मेलिएट (Avil) इंजेक्शन और एक शीशी में लगभग 0.5 मिलीलीटर दवा बरामद हुई। इसके अलावा NRx बुप्रेनोर्फिन (Rexogesic) 2 एमएल के 13 एम्प्यूल भी मिले। कुल मिलाकर करीब 156.5 मिलीलीटर नशीला इंजेक्शन जब्त किया गया। पुलिस ने सभी इंजेक्शनों को जब्त कर आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी) के तहत मामला दर्ज किया। कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 9 मार्च 2026 को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। कुसमी पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।1
- ब्रेकिंग – बलरामपुर छत्तीसगढ़ कुसमी पुलिस ने नशीले इंजेक्शन के अवैध परिवहन के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने कुसमी–कोरंधा रोड पर घेराबंदी कर पल्सर बाइक सवार युवकों को पकड़ा। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 13 नग एविल इंजेक्शन व 13 नग रेक्सोजेसिक (Buprenorphine) इंजेक्शन बरामद किए गए। जप्त इंजेक्शनों की कुल मात्रा लगभग 156.5 एमएल बताई गई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 21(सी) के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।1
- अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस बलरामपुर बलरामपुर जिले के महिलाएं हो रही हैं ससक्त जिला पंचायत अध्यक्ष हिरमुनि निकुंज ने कहा1
- Post by Sunil singh1
- चिनियां से हेमंत कुमार की रिपोर्ट चिनियां मुख्यालय स्थित चिनियां-गढ़वा मुख्य सड़क पर सोमवार दोपहर क एक भीषण सड़क हादसा हो गया। देवेंद्र विश्वकर्मा के घर के पास दो मोटरसाइकिलों की जोरदार टक्कर में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि एक युवक भी जख्मी बताया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार घायल महिला शिवपूजनी देवी (35 वर्ष), पति अजय सिंह, चिनीयां स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में कंप्यूटर टीचर के रूप में कार्यरत हैं। बताया जाता है कि वह दोनों पैरों से दिव्यांग भी हैं। सोमवार को उनके पति अजय सिंह उन्हें अपने हीरो होंडा पैशन प्रो मोटरसाइकिल से किसी काम से चिनिया ब्लॉक की ओर लेकर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे डोल गांव निवासी राहुल कुमार रवि ने भी अपनी पैशन प्रो बाइक से ओवरटेक किया और अचानक आगे जाकर बाइक धीमी कर दी। अचानक ब्रेक लगने के कारण पीछे से आ रही अजय सिंह की बाइक उससे जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि शिवपूजनी देवी सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। वहीं राहुल कुमार रवि भी घायल हो गए, जबकि अजय सिंह को हल्की चोटें आई हैं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और राहगीरों की मदद से गंभीर रूप से घायल शिवपूजनी देवी को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिनिया पहुंचाया गया। वहां ड्यूटी पर मौजूद डॉ. पल्लवी कुमारी सिंह ने प्राथमिक उपचार किया। डॉ. पल्लवी सिंह ने बताया कि शिवपूजनी देवी के सिर में गंभीर चोट आई है, इसलिए बेहतर इलाज के लिए उन्हें गढ़वा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है। वहीं घायल राहुल कुमार रवि का इलाज अस्पताल में जारी है और वह खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। वही इस अचानक हुए भीषण हादसे से कुछ देर के लिए इलाके में कोहराम मच गया और सड़क पर लोगों की भीड़ जुट गई।1
- छत्तीसगढ़ सरकार एक तरफ सुशासन तिहार मना रहा है तो ही बलरामपुर जिले में नल जल सिर्फ कागजों में सिमट कर रह गए कागजों में नल जल जमीन में संकट गर्मी के मौसम आ चुका लेकिन जिले में नल जल की स्थिति काफी खराब हो चुका है ठेकेदार लाखों करोड़ों बाग में भरकर रफू चक्कर हो जा रहा है और नल जल कागजों में सिमट कर रह गया है1