अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा के बैनर तले शुक्रवार को जालौन नगर में मजदूरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के बाद ब्लॉक जालौन पहुंचकर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन खंड विकास अधिकारी को सौंपा गया। मजदूरों की मुख्य मांगों में मनरेगा के तहत सालभर काम और प्रतिदिन 729 रुपये की दैनिक मजदूरी निर्धारित करना शामिल है। प्रदर्शन का नेतृत्व भाकपा (माले) के जिला सचिव कॉमरेड राजीव कुशवाहा, भाकपा (माले) राज्य कमेटी सदस्य एवं एक्टू राष्ट्रीय पार्षद कॉमरेड राम सिंह चौधरी, कॉमरेड रमेश टेलर, खेत ग्रामीण मजदूर सभा के नेता कॉमरेड काशीराम वर्मा, कॉमरेड शिवबालक बाथम और कॉमरेड आसाराम कुशवाहा ने किया। कॉमरेड राम सिंह चौधरी ने आरोप लगाया कि प्रदेशभर में मजदूरों को पर्याप्त रोजगार नहीं मिल रहा है, जिससे वे पलायन को मजबूर हैं। उन्होंने मनरेगा को कमजोर करने और श्रम कानूनों में बदलाव करके मजदूरों के यूनियन बनाने, हड़ताल करने तथा अपने अधिकारों के लिए लड़ने की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने का भी आरोप लगाया। कॉमरेड राजीव कुशवाहा ने देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को आम लोगों के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक अधिकारों पर दबाव बनाने की बात कही। कॉमरेड काशीराम वर्मा ने गरीब, मजदूर और वंचित वर्ग की समस्याओं की अनदेखी पर चिंता व्यक्त करते हुए मनरेगा में पूरे वर्ष रोजगार की गारंटी और न्यूनतम 729 रुपये प्रतिदिन मजदूरी सुनिश्चित करने की मांग दोहराई। इस प्रदर्शन में कॉमरेड रामकिशोर गुप्ता, अभिनेंद्र सिंह, शिवदयाल, पल्लेदार मजदूर यूनियन जालौन के अध्यक्ष रामबाबू, रामबाबू दोहरे, संपूर्णानंद, सुरेंद्र दोहरे, एडवोकेट प्रेम नारायण सहित दर्जनों कार्यकर्ता और मजदूर मौजूद थे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों के अधिकारों पर लगातार हमला जारी रहा, तो खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा एक प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ने को मजबूर होगी। अंत में, खंड विकास अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन को शासन-प्रशासन तक भेजे जाने की बात कही गई, जिसमें यह दृढ़ संदेश भी शामिल था कि मजदूरों के हक पर डाका बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रहेगा।
अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा के बैनर तले शुक्रवार को जालौन नगर में मजदूरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के बाद ब्लॉक जालौन पहुंचकर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन खंड विकास अधिकारी को सौंपा गया। मजदूरों की मुख्य मांगों में मनरेगा के तहत सालभर काम और प्रतिदिन 729 रुपये की दैनिक मजदूरी निर्धारित करना शामिल है। प्रदर्शन का नेतृत्व भाकपा (माले) के जिला सचिव कॉमरेड राजीव कुशवाहा, भाकपा (माले) राज्य कमेटी सदस्य एवं एक्टू राष्ट्रीय पार्षद कॉमरेड राम सिंह चौधरी, कॉमरेड रमेश टेलर, खेत ग्रामीण मजदूर सभा के नेता कॉमरेड काशीराम वर्मा, कॉमरेड शिवबालक बाथम और कॉमरेड आसाराम कुशवाहा ने किया। कॉमरेड राम सिंह चौधरी ने आरोप लगाया कि प्रदेशभर में मजदूरों को पर्याप्त रोजगार नहीं मिल रहा है, जिससे वे पलायन को मजबूर हैं। उन्होंने मनरेगा को कमजोर करने और श्रम कानूनों में बदलाव करके मजदूरों के यूनियन बनाने, हड़ताल करने तथा अपने अधिकारों के लिए लड़ने की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने का भी आरोप लगाया। कॉमरेड राजीव कुशवाहा ने देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को आम लोगों के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक अधिकारों पर दबाव बनाने की बात कही। कॉमरेड काशीराम वर्मा ने गरीब, मजदूर और वंचित वर्ग की समस्याओं की अनदेखी पर चिंता व्यक्त करते हुए मनरेगा में पूरे वर्ष रोजगार की गारंटी और न्यूनतम 729 रुपये प्रतिदिन मजदूरी सुनिश्चित करने की मांग दोहराई। इस प्रदर्शन में कॉमरेड रामकिशोर गुप्ता, अभिनेंद्र सिंह, शिवदयाल, पल्लेदार मजदूर यूनियन जालौन के अध्यक्ष रामबाबू, रामबाबू दोहरे, संपूर्णानंद, सुरेंद्र दोहरे, एडवोकेट प्रेम नारायण सहित दर्जनों कार्यकर्ता और मजदूर मौजूद थे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों के अधिकारों पर लगातार हमला जारी रहा, तो खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा एक प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ने को मजबूर होगी। अंत में, खंड विकास अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन को शासन-प्रशासन तक भेजे जाने की बात कही गई, जिसमें यह दृढ़ संदेश भी शामिल था कि मजदूरों के हक पर डाका बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रहेगा।
- User9061Jalaun, Uttar Pradesh🙏5 hrs ago
- जनपद जालौन के अजीतापुर गांव में मोहर्रम के अवसर पर एक भव्य ताजिया निकाला गया, जो आसपास के गांवों और कस्बों से आए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। इस दौरान पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, अनुशासन और आपसी भाईचारे का अनूठा माहौल देखने को मिला। ताजिया जुलूस निर्धारित मार्गों से शांतिपूर्ण ढंग से गुजरा, जिसकी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी लगातार मुस्तैद रहे। मोहर्रम के इस पवित्र अवसर पर, स्थानीय लोगों ने हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद करते हुए सत्य, न्याय और इंसानियत के उनके संदेश को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। अजीतापुर का यह ऐतिहासिक और भव्य ताजिया हर वर्ष की तरह इस बार भी लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहा।1
- जालौन में अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी ने गुरुवार को कोतवाली जालौन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना कार्यालय के अभिलेखों, एचएस इंडेक्स, मिशन शक्ति केंद्र, महिला हेल्प डेस्क, साइबर हेल्प डेस्क तथा हवालात का जायजा लिया और वहां की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के समय कोतवाली प्रभारी निरीक्षक हरिशंकर चंद्र भी मौजूद रहे। एएसपी ने अधिकारियों को अभिलेखों के सही रखरखाव और उन्हें अद्यतन रखने के निर्देश दिए, साथ ही लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध निस्तारण करने और वांछित अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने पुलिस कर्मियों को फरियादियों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने, थाना परिसर में आने वाले लोगों के साथ संवेदनशील और शालीन व्यवहार रखने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने व अपराध नियंत्रण के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया।4
- जालौन जिले के जालौन कोतवाली क्षेत्र में पुलिस को दो अलग-अलग मामलों में बड़ी सफलता मिली है। जालौन कोतवाली पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों से दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक शराब तस्कर और एक शातिर चोर शामिल है। पुलिस ने शराब तस्कर के पास से 19 देशी शराब के क्वाटर बरामद किए हैं। वहीं, शातिर चोर की गिरफ्तारी के बाद उसके कब्जे से चोरी की स्कूटी भी बरामद की गई है। इन सफलताओं के बाद, शाम को अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी ने जालौन कोतवाली का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पैदल गस्त भी की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।1
- आगरा में बीजेपी पार्षद किशन नायक ने अपने जन्मदिन के अवसर पर सफाई व्यवस्था को लेकर एक अनूठा विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान वे एक गंदे नाले में खड़े होकर क्षेत्र में सफाई की मांग करते हुए नजर आए।1
- Post by Sugirv Kushwha1
- जालौन जिले के कालपी नगर में शाम करीब 7:15 बजे बाजार से खरीदारी करने आए पति-पत्नी के साथ लूट की वारदात हुई। दो अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने घात लगाकर महिला सावित्री मौर्य के गले से चेन छीन ली और मौके से फरार हो गए। अर्जुन प्रसाद मौर्य ने बताया कि वह अपनी पत्नी सावित्री मौर्य के साथ कैनरा बैंक के पास स्थित सुमित पुस्तक भंडार के समीप थे, तभी बाइक सवार चोरों ने उनकी पत्नी की चेन छीन ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक सवार चोरों ने बहुत फुर्ती और सफाई से महिला के गले से चेन तोड़ी और तेज रफ्तार बाइक चलाकर तुरंत फरार हो गए। बीच बाजार में घटी इस घटना से स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया है।3
- जनपद जालौन के मुख्यालय उरई में 10वीं मोहर्रम अशूरा के अवसर पर शिया समुदाय द्वारा पारंपरिक मातमी जुलूस पूरे धार्मिक अनुशासन, अकीदत और गमगीन माहौल के बीच शांतिपूर्वक निकाला गया। यह जुलूस सुबह करीब 10 बजे बजरिया स्थित इमामबाड़े से शुरू हुआ और निर्धारित मार्गों से होते हुए शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरा, अंततः इमामबाड़े में ही संपन्न हुआ। जुलूस में सैकड़ों अकीदतमंद शामिल हुए, वहीं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मार्गों पर मौजूद रहकर जुलूस का नज़ारा देखते रहे। जुलूस के दौरान 'या हुसैन या अब्बास' और अन्य मातमी सदाओं से पूरा इलाका गूंज उठा। नौहाख्वानी और सीना ज़नी के माध्यम से कर्बला के मैदान में हज़रत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को याद किया गया। अकीदतमंदों ने गम और अकीदत का इजहार करते हुए मातम किया और इमाम हुसैन की कुर्बानी को इंसानियत, न्याय और सच्चाई की राह में दी गई सबसे बड़ी मिसाल बताया। धार्मिक परंपरा के अनुसार, कई अकीदतमंदों ने ज़ंजीरों और ब्लेड से स्वयं को घायल कर शोक व्यक्त किया, जिससे कई स्थानों पर सड़कों पर खून के निशान भी दिखाई दिए। इस जुलूस में युवाओं के साथ कुछ बच्चे भी पूरी श्रद्धा के साथ धार्मिक रस्मों में हिस्सा लेते हुए दिखाई दिए, पूरे मार्ग पर गम, अकीदत और अनुशासन का माहौल बना रहा। मोहर्रम के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। जुलूस के पूरे रूट पर पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारी और अन्य सुरक्षा कर्मी तैनात थे, वहीं संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। अधिकारियों ने लगातार जुलूस की निगरानी की और यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाए रखा। यह जुलूस शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ और कहीं से भी किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, जिसने शहर में आपसी सौहार्द, धार्मिक आस्था और अनुशासन की एक मिसाल पेश की।4