कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े ने स्वच्छता और जल संरक्षण को लेकर आज निवाड़ी शहर स्थित छोटा तालाब का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तालाब में बड़ी मात्रा में जलकुंभी फैली हुई पाई गई। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को तुरंत जलकुंभी हटाने और तालाब के आसपास तथा पूरे क्षेत्र की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए। कलेक्टर ने मौके पर मौजूद क्षेत्रीय आम जनता से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। स्थानीय नागरिकों ने तालाब की गंदगी और कचरा गाड़ी के समय पर न पहुंचने को लेकर अपनी बात रखी। इस पर कलेक्टर ने क्षेत्रीय जनता से अपील की कि सभी अपने घरों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, क्योंकि यह हमारा नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि घर का गीला और सूखा कचरा केवल कचरा गाड़ी में ही डालें, उसे सड़क या खुले में न फेंकें। उन्होंने सीएमओ को भी निर्देश दिए कि कचरा गाड़ी प्रतिदिन निर्धारित समय पर क्षेत्र में पहुंचे, इसका विशेष ध्यान रखा जाए, क्योंकि लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर श्रीमती भिड़े ने अंत में कहा कि तालाब को स्वच्छ और संरक्षित रखना प्रशासन और नागरिकों दोनों की संयुक्त जिम्मेदारी है।
कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े ने स्वच्छता और जल संरक्षण को लेकर आज निवाड़ी शहर स्थित छोटा तालाब का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तालाब में बड़ी मात्रा में जलकुंभी फैली हुई पाई गई। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को तुरंत जलकुंभी हटाने और तालाब के आसपास तथा पूरे क्षेत्र की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए। कलेक्टर ने मौके पर मौजूद क्षेत्रीय आम जनता से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। स्थानीय नागरिकों ने तालाब की गंदगी और कचरा गाड़ी के समय पर न पहुंचने को लेकर अपनी बात
रखी। इस पर कलेक्टर ने क्षेत्रीय जनता से अपील की कि सभी अपने घरों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, क्योंकि यह हमारा नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि घर का गीला और सूखा कचरा केवल कचरा गाड़ी में ही डालें, उसे सड़क या खुले में न फेंकें। उन्होंने सीएमओ को भी निर्देश दिए कि कचरा गाड़ी प्रतिदिन निर्धारित समय पर क्षेत्र में पहुंचे, इसका विशेष ध्यान रखा जाए, क्योंकि लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर श्रीमती भिड़े ने अंत में कहा कि तालाब को स्वच्छ और संरक्षित रखना प्रशासन और नागरिकों दोनों की संयुक्त जिम्मेदारी है।
- बाबा बागेश्वर धाम के पीठाधीश धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का वीरांगना जंक्शन झाँसी रेलवे स्टेशन पर आगमन हुआ। इस मौके पर उनके समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया, जिससे स्टेशन पर उत्साह का माहौल बन गया।1
- झाँसी के उन्नाव गेट के बाहर नत्थू कुषवाहा कॉलोनी में बारिश के दिनों में आए दिन जलभराव की समस्या बनी रहती है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस गंभीर स्थिति के बावजूद नगर निगम के अधिकारी मौके का मुआयना करने तक नहीं आते हैं, जिससे क्षेत्रवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।2
- मध्य प्रदेश के दतिया जिले के सेवढ़ा में कार्यरत लेखपाल दीप नारायण गौड़ को झांसी की एक महिला से कथित बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। दीप नारायण गौड़ की गिरफ्तारी थाना सिपरी बाजार पुलिस ने की है।1
- ग्राम कुदारी में आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता का फाइनल मैच सोमवार को उत्साह और रोमांच के साथ संपन्न हुआ। इस रोमांचक मुकाबले में थरेट की टीम ने चीना की टीम को हराकर शानदार जीत दर्ज की और प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया। फाइनल मैच में भारतीय मछुआ संघ के दतिया जिला अध्यक्ष पूरन केवट विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे।1
- थलापति और नरेंद्र मोदी के बीच हुई एक अप्रत्याशित मुलाकात ने पूरे देश को अचंभित कर दिया है। बताया जा रहा है कि यह बैठक एक 12 साल पुराने वादे से जुड़ी है। इस मुलाकात की तस्वीर सामने आने के बाद से यह घटनाक्रम देशभर में चर्चा का विषय बन गया है और लोग इसे लेकर हैरान हैं।1
- मां रतनगढ़ वाली के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु धाम पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। सुबह मंदिर के पट खुलते ही भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं और पूरे दिन मंदिर परिसर "जय माता दी" के जयकारों से गूंजता रहा।1
- इंदरगढ़ पुलिस ने अवैध रूप से शराब की तस्करी करने वालों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया है।1
- चूरू जिले के सिद्धमुख थाना क्षेत्र के दयावठ गांव में एक बेहद निंदनीय मामला सामने आया है, जहाँ फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों और पुलिस पर एक महिला के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगा है। यह घटना लोन की वसूली के नाम पर हुई है, जिसकी अब हर तरफ कड़ी निंदा हो रही है और स्थानीय ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लोन रिकवरी के लिए गांव पहुंचे फाइनेंस कर्मचारियों ने मर्यादाओं की सभी सीमाएं लांघते हुए महिला से दुर्व्यवहार किया। क्षेत्रवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि कानूनी प्रक्रिया अपनी जगह है, लेकिन बकाया वसूली के नाम पर आमजन, खासकर महिलाओं के सम्मान से खिलवाड़ किसी भी सभ्य समाज में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इस शर्मनाक घटना को लेकर स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर एवं स्थानीय प्रशासन से तुरंत संज्ञान लेने की पुरजोर अपील की है। आमजन ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की बिना किसी दबाव के, तुरंत और निष्पक्ष जांच करवाई जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि इस घटना में जो भी फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी या संबंधित पुलिस स्टाफ संलिप्त पाए जाएं, उन पर कड़ी से कड़ी दंडात्मक और विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में रिकवरी के नाम पर किसी भी नागरिक को इस तरह प्रताड़ित न किया जाए। यदि प्रशासन इस मामले में त्वरित और सख्त कदम नहीं उठाता, तो आमजन को मजबूरन कड़ा विरोध जताना पड़ेगा।1