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दिल्ली से सामने आई एक तीखी टिप्पणी में यह सवाल उठाया गया है कि जब लोकतंत्र की आवाज़ दरवाज़े पर दस्तक दे रही है, तो राष्ट्रपति भवन में चुप्पी क्यों छाई हुई है। इस आलोचना का मुख्य बिंदु यह है कि राष्ट्रपति महोदय के पास काँग्रेस विधायकों से मिलने के लिए समय नहीं है।
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दिल्ली से सामने आई एक तीखी टिप्पणी में यह सवाल उठाया गया है कि जब लोकतंत्र की आवाज़ दरवाज़े पर दस्तक दे रही है, तो राष्ट्रपति भवन में चुप्पी क्यों छाई हुई है। इस आलोचना का मुख्य बिंदु यह है कि राष्ट्रपति महोदय के पास काँग्रेस विधायकों से मिलने के लिए समय नहीं है।
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- लखनऊ के ईको गार्डन में 'कॉकरोच जनता पार्टी' द्वारा नीट (NEET) पेपर लीक और परीक्षाओं में हुई धांधली के खिलाफ आयोजित विरोध प्रदर्शन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हमशक्ल की उपस्थिति ने सबका ध्यान खींचा। साधु की वेशभूषा में पहुंचे इस व्यक्ति, जिनकी पहचान अवधेश कुमार साहनी उर्फ योगी जी 2 के रूप में हुई, ने छात्रों के लिए न्याय की मांग करते हुए प्रदर्शन में सक्रिय रूप से भाग लिया।1
- आजाद समाज पार्टी की 'गांव चौपाल यात्रा' तीसरे दिन दतिया के बामरोल सहित लगभग दर्जन भर गांवों में पहुंची, जहाँ जनसैलाब उमड़ पड़ा। पार्टी के मंडल प्रत्याशी दामोदर सिंह यादव के नेतृत्व में निकली इस यात्रा में सैकड़ों कार्यकर्ता और ग्रामीण शामिल हुए। बामरोल में एक विशाल सभा को संबोधित करते हुए दामोदर सिंह यादव ने दतिया की राजनीति और 'बाहरी नेताओं' पर सीधा हमला बोला, यह कहते हुए कि अब समय आ गया है कि 'फसाद की अम्मा को उखाड़ कर फेंकना पड़ेगा' और 'डबरा वाले को वापस डबरा भेजना पड़ेगा'। यादव ने ग्रामीणों से मुखातिब होते हुए आरोप लगाया कि दतिया की जनता दशकों से बाहरी नेताओं की राजनीति का शिकार हो रही है, जो केवल चुनाव के समय आकर झूठे वादे करते हैं और जीतने के बाद पाँच साल तक मुड़कर नहीं देखते। उन्होंने जोर देकर कहा कि दतिया का बेटा ही यहाँ का दर्द समझ सकता है, जबकि बाहरी नेताओं ने भय और भ्रष्टाचार की राजनीति को बढ़ावा दिया है। यादव ने दावा किया कि अब जनता जाग चुकी है और इस बार अपने बीच के, अपने सुख-दुख के साथी को विधानसभा भेजेगी। तीसरे दिन यह यात्रा बामरोल, बड़गांव, रवरी, हिनोतिया, चिरोल समेत करीब 11 गांवों में पहुंची, जहाँ दामोदर सिंह यादव ने चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। प्रमुख समस्याओं में बिजली कटौती, पेयजल संकट, जर्जर सड़कें और आवारा पशुओं की परेशानी शामिल थीं; किसानों ने नहरों में समय पर पानी न आने से फसल बर्बादी और युवाओं ने रोजगार न मिलने की शिकायत की। यादव ने सभी शिकायतों को डायरी में नोट किया और आश्वासन दिया कि इन मुद्दों पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा, साथ ही सत्ता में आने के 100 दिन के भीतर इन समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह चुनाव सिर्फ विधायक चुनने का नहीं, बल्कि बाबा साहेब के संविधान को बचाने की लड़ाई है, और आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग लगातार संविधान को कमजोर कर रहे हैं। आजाद समाज पार्टी सामाजिक न्याय और बराबरी की लड़ाई लड़ रही है। यात्रा में पार्टी के जिला अध्यक्ष राकेश गौतम, जिला प्रभारी शनि गौतम, ब्लॉक अध्यक्ष, युवा मोर्चा के पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता साथ थे, और ग्रामीणों ने जगह-जगह फूल-मालाओं से यात्रा का स्वागत किया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। दामोदर सिंह यादव ने बताया कि 'गांव चौपाल यात्रा' दतिया विधानसभा के सभी 150 गांवों में जाएगी, जहाँ चौपालों के माध्यम से जनता का 'मांग पत्र' तैयार किया जाएगा, जिसके आधार पर पार्टी का चुनावी घोषणा पत्र बनेगा। उन्होंने अंत में कहा कि चुनाव जनता के मुद्दों पर लड़ा जाएगा, न कि जाति-धर्म के नाम पर।1
- दतिया में भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन "12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के" अभियान के तहत "विकसित भारत संकल्प सम्मेलन" के रूप में किया गया। इस सम्मेलन में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य का सानिध्य प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने संबोधन में कार्यकर्ताओं को केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और विकसित भारत के संकल्प को लेकर विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में संभाग प्रभारी अभय प्रताप सिंह यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर कुशवाहा, जिला महामंत्री अतुल भूरे चौधरी, वरिष्ठ नेता रामदास झस्या और जिला महामंत्री संघमित्रा अहिरवार सहित जिला एवं मंडल के कई पदाधिकारी, मोर्चा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विकसित भारत के निर्माण हेतु संगठन को और अधिक मजबूत बनाना तथा केंद्र सरकार की विभिन्न उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना था, जिसके लिए सभी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया गया।1
- दतिया के राजनीतिक परिदृश्य में इस वक्त दोहरी चिंता हावी है। कुछ लोगों को जहाँ दतिया में अपना वर्चस्व बचाए रखने की फिक्र है, वहीं कुछ अन्य लोग दतिया से राजनीति में अपना वर्चस्व स्थापित करने के प्रयास में लगे हुए हैं।1
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा शहर में कई समाजसेवी संस्थाओं ने शहर में व्याप्त गंदगी और अतिक्रमण जैसी समस्याओं के समाधान के लिए एक जन जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में, इन संस्थाओं ने स्थानीय प्रशासन को इन मुद्दों और ओवरब्रिज के नीचे सुलभ शौचालय के निर्माण की मांग को लेकर एक ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (SDM) को सौंपा। ज्ञापन सौंपने वाली संस्थाओं में रोटरी क्लब, विश्व हिंदू परिषद, सेवा भारती, भारत विकास परिषद, रेडक्रॉस सोसाइटी सहित अन्य संगठन शामिल थे। इन संस्थाओं ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि ओवरब्रिज के नीचे दोनों ओर गंदगी का अंबार है और बाहर से आने-जाने वाले खरीदारों के लिए वहां एक भी सुलभ शौचालय उपलब्ध नहीं है, जिससे भारी परेशानी होती है। संस्थाओं के सभी सदस्यों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि इस मुहिम को सफल बनाने के लिए उनका सहयोग आवश्यक है। उनका मानना है कि प्रशासन के सक्रिय समर्थन के बिना यह अभियान सफल नहीं हो सकता।3
- उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मादंड एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता और इंसानियत के लिए चर्चा में हैं। जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा आगे रहने वाले डीएम मादंड ने गुरुवार को एक 78 वर्षीय बुजुर्ग महिला का दर्द बांटा और एक मिसाल पेश की। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें डीएम न केवल बुजुर्ग अम्मा का दर्द बांटते दिख रहे हैं, बल्कि अपनी परीक्षा ड्यूटी से मिले मानदेय के 22 हजार रुपये भी उनके थैले में रखते हुए भावुक नजर आए। दरअसल, कलक्ट्रेट पहुंची यह बुजुर्ग अम्मा वृद्धा पेंशन न मिलने से बेहद परेशान थीं। उन्होंने डीएम से मिलते ही अपनी पूरी व्यथा बताई कि उनकी उम्र 78 साल पार कर चुकी है। उनके पति के निधन के बाद बच्चों ने छोटा सा घर भी बेच दिया और अब वह किराए के कमरे में अकेली रहती हैं। अम्मा ने यह भी बताया कि कोरोना के बाद से उनका काम धंधा बंद है। उनके पास राशन कार्ड तो है, लेकिन घर चलाना मुश्किल हो रहा है, और महीनों से पेंशन नहीं आ रही है, जो उनका एकमात्र सहारा थी।1
- रतनगढ़ माता क्षेत्र के मेडपुरा गांव में पिछले 25 से 30 दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव का ट्रांसफार्मर (डीपी) लगभग एक महीने से खराब पड़ा हुआ है। उनकी शिकायत है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद भी अब तक खराब ट्रांसफार्मर की मरम्मत या उसे बदला नहीं गया है।1
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में एक बड़ी वारदात को टाल दिया गया। आंतरी थाना क्षेत्र की इंद्रा कॉलोनी में हैंडपंप पर पानी भर रहे युवक रिंकू जाटव पर उसके बदमाश पड़ोसी उत्तम जाटव ने अवैध कट्टे से गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि, रिंकू ने समय रहते सूझबूझ दिखाते हुए आरोपी को गोली चलाने से पहले ही दबोच लिया, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। इस घटना का एक लाइव वीडियो भी सामने आया है। रिंकू जाटव के मुताबिक, जैसे ही उत्तम जाटव 315 बोर का अवैध कट्टा लेकर उसके पास पहुंचा और गोली चलाने की कोशिश की, रिंकू की नज़र उस पर पड़ गई। उसने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया और सबकी मदद से आरोपी उत्तम को कट्टे समेत पकड़ लिया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी उत्तम जाटव को तुरंत हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 315 बोर का एक अवैध कट्टा और चार जिंदा कारतूस बरामद हुए। रिंकू ने पुलिस को बताया कि दो साल पहले उसने एक परचूनी की दुकान खोली थी। आरोप है कि उत्तम जाटव ने जादू-टोना करके उसकी दुकान पर नींबू काटकर डाल दिया था, जिसका रिंकू ने विरोध किया। इसी घटना के बाद से उत्तम और उसके परिवार में रिंकू के प्रति रंजिश थी, और इसी रंजिश में उत्तम ने उस पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की। पुलिस ने आरोपी उत्तम जाटव के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और उसे गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी के पास यह अवैध हथियार कहां से आया।3