जोधपुर जिले के बोरुंदा कस्बे के निकटवर्ती बीटन गांव की सरहद में रविवार को हुए एक भीषण सड़क हादसे में दम्पति और उनके मासूम पुत्र की दर्दनाक मौत हो गई। सोमवार को राजकीय अस्पताल बोरुंदा की मोर्चरी में तीनों शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सुपुर्द किया गया, जिसके बाद शवों को एम्बुलेंस के जरिए उनके पैतृक गांव मूसेपुर (रेवाड़ी, हरियाणा) के लिए रवाना किया गया। इस दौरान मोर्चरी के बाहर बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं परिचितजन एकत्रित रहे। हादसे में हरियाणा के रेवाड़ी जिले के मूसेपुर निवासी श्रीनिवास यादव (35) पुत्र ओमप्रकाश यादव, उनकी पत्नी रिनू यादव (32) तथा पुत्र जयेश यादव (7) की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं कार में सवार उनकी पुत्री प्राक्षी (10) गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे बोरुंदा अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल रेफर किया गया। उपचार के बाद देर रात उसे छुट्टी दे दी गई और परिजनों के पहुंचने तक बालिका को पुलिस निगरानी में रखा गया। जसनगर पुलिस थाने में मृतक के मामा शेर सिंह यादव निवासी मंगलपुर, जिला कोटपुतली-बहरोड़ की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, श्रीनिवास यादव अपनी पत्नी रेणु, पुत्री प्राक्षी एवं पुत्र जयेश के साथ कार संख्या HR-05-BM-2130 में जोधपुर जा रहे थे। रविवार शाम करीब 3:30 बजे बीटन गांव के पास सामने से आ रहे ट्रेलर संख्या RJ-19-GD-8357 के चालक ने तेज गति एवं लापरवाही से वाहन चलाते हुए रॉन्ग साइड में आकर कार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रेलर कार को काफी दूर तक घसीटता ले गया, जिससे कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। करीब 450 किलोमीटर दूर रेवाड़ी से पहुंचे परिजनों को तीनों शवों के पोस्टमार्टम को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ा। दुर्घटना नागौर जिले के जसनगर थाना क्षेत्र में हुई थी, जबकि शवों को नजदीक होने के कारण बोरुंदा अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया था। जसनगर पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम के लिए शवों को मेड़ता ले जाने की बात कही गई, लेकिन परिजनों ने इसका विरोध करते हुए बोरुंदा में ही पोस्टमार्टम कराने की मांग की। स्थिति को देखते हुए बोरुंदा चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेंद्र पाल चौधरी ने नागौर सीएमएचओ एवं मेड़ता बीसीएमओ से समन्वय स्थापित किया, जिसके बाद राजकीय अस्पताल कुरड़ाया के डॉ. राजेंद्र कुमावत एवं राजकीय अस्पताल खाकड़की के चिकित्सा अधिकारी डॉ. भूपेंद्र रिया की टीम ने सोमवार दोपहर करीब 12 बजे तीनों शवों का पोस्टमार्टम किया। घटना के बाद ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है तथा फरार चालक की तलाश जारी है।
जोधपुर जिले के बोरुंदा कस्बे के निकटवर्ती बीटन गांव की सरहद में रविवार को हुए एक भीषण सड़क हादसे में दम्पति और उनके मासूम पुत्र की दर्दनाक मौत हो गई। सोमवार को राजकीय अस्पताल बोरुंदा की मोर्चरी में तीनों शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सुपुर्द किया गया, जिसके बाद शवों को एम्बुलेंस के जरिए उनके पैतृक गांव मूसेपुर (रेवाड़ी, हरियाणा) के लिए रवाना किया गया। इस दौरान मोर्चरी के बाहर बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं परिचितजन एकत्रित रहे। हादसे में हरियाणा के रेवाड़ी जिले के मूसेपुर निवासी श्रीनिवास यादव (35) पुत्र ओमप्रकाश यादव, उनकी पत्नी रिनू यादव (32) तथा पुत्र जयेश यादव (7) की मौके
पर ही मौत हो गई थी। वहीं कार में सवार उनकी पुत्री प्राक्षी (10) गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे बोरुंदा अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल रेफर किया गया। उपचार के बाद देर रात उसे छुट्टी दे दी गई और परिजनों के पहुंचने तक बालिका को पुलिस निगरानी में रखा गया। जसनगर पुलिस थाने में मृतक के मामा शेर सिंह यादव निवासी मंगलपुर, जिला कोटपुतली-बहरोड़ की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, श्रीनिवास यादव अपनी पत्नी रेणु, पुत्री प्राक्षी एवं पुत्र जयेश के साथ कार संख्या HR-05-BM-2130 में जोधपुर जा रहे थे। रविवार शाम करीब
3:30 बजे बीटन गांव के पास सामने से आ रहे ट्रेलर संख्या RJ-19-GD-8357 के चालक ने तेज गति एवं लापरवाही से वाहन चलाते हुए रॉन्ग साइड में आकर कार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रेलर कार को काफी दूर तक घसीटता ले गया, जिससे कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। करीब 450 किलोमीटर दूर रेवाड़ी से पहुंचे परिजनों को तीनों शवों के पोस्टमार्टम को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ा। दुर्घटना नागौर जिले के जसनगर थाना क्षेत्र में हुई थी, जबकि शवों को नजदीक होने के कारण बोरुंदा अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया था। जसनगर पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम के लिए शवों
को मेड़ता ले जाने की बात कही गई, लेकिन परिजनों ने इसका विरोध करते हुए बोरुंदा में ही पोस्टमार्टम कराने की मांग की। स्थिति को देखते हुए बोरुंदा चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेंद्र पाल चौधरी ने नागौर सीएमएचओ एवं मेड़ता बीसीएमओ से समन्वय स्थापित किया, जिसके बाद राजकीय अस्पताल कुरड़ाया के डॉ. राजेंद्र कुमावत एवं राजकीय अस्पताल खाकड़की के चिकित्सा अधिकारी डॉ. भूपेंद्र रिया की टीम ने सोमवार दोपहर करीब 12 बजे तीनों शवों का पोस्टमार्टम किया। घटना के बाद ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है तथा फरार चालक की तलाश जारी है।
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- एक घटना में, एक बच्ची को कैंपस के अंदर ले लिया गया था, लेकिन इसके बावजूद उसे परमिशन नहीं मिल पाई। जानकारी के अनुसार, बच्ची सिर्फ 2 मिनट देर से पहुँची थी, और इसी छोटे से विलंब के कारण उसे अनुमति से वंचित कर दिया गया।1
- ब्यावर जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को जनता के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा, जहाँ उनके सामने 'मोदी-मोदी', 'मोदी जिंदाबाद' और 'बीजेपी जिंदाबाद' के नारे लगाए गए। यह घटना माननीय नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जी जूली और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद डोटासरा जी को संदर्भित करते हुए सामने आई है। पोस्ट के अनुसार, ब्यावर कांग्रेस जिलाध्यक्ष, उपाध्यक्ष और उनकी टीम को जनता ने इन्हीं नारों के साथ कार्यक्रम स्थल से भगा दिया। संदेश में इस घटना को दर्शाते हुए कहा गया है कि ब्यावर जिले की देवतुल्य जनता भाजपा के साथ है, और यह कांग्रेस की विचारधारा ही नहीं, बल्कि कांग्रेसियों को भी जड़ से उखाड़ फेंकेगी।1
- ब्यावर जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक माहौल तब गरमा गया जब कांग्रेस पदाधिकारियों की मौजूदगी में कुछ लोगों ने "मोदी-मोदी", "मोदी जिंदाबाद" और "भाजपा जिंदाबाद" के नारे लगाए। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो को लेकर भाजपा समर्थकों का दावा है कि जनता ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का विरोध किया है। वहीं, कांग्रेस की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो के साथ राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का भी उल्लेख किया जा रहा है, जो वर्तमान में राजस्थान कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। फिलहाल इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। घटना को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं और सोशल मीडिया पर पक्ष-विपक्ष के समर्थक अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।1
- आहोर थाना क्षेत्र के गुडा बालोतान गाँव में सोमवार रात एक संदिग्ध युवक के मकान में घुसने से हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की तत्परता से युवक को पकड़ा गया, जिसने गणेश टिमाजी प्रजापत के घर में प्रवेश किया था। ग्राम प्रशासक दीपक कुमार द्वारा घटना की सूचना पुलिस को दिए जाने के बाद, पुलिस मौके पर पहुँची और मध्य प्रदेश निवासी संदिग्ध युवक संदीप कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। बताया गया है कि यह युवक अगवरी क्षेत्र में पानी-पूरी का ठेला लगाता है। ग्रामीणों के अनुसार, इस क्षेत्र में पहले भी लाखों रुपये की चोरी की कई घटनाएँ हो चुकी हैं, जिससे लोगों में चिंता का माहौल बना हुआ है। फिलहाल, पुलिस पकड़े गए युवक से गहन पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की जाँच में जुटी है।1
- पूर्व सीएम अशोक गहलोत अपने दो दिवसीय जालोर प्रवास के दौरान सोमवार को आहोर हॉस्पिटल चौराहे पर पहुंचे, जहाँ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गजेंद्र सिंह डोडियाली और विधानसभा कांग्रेस प्रत्याशी सरोज चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारी और कई कार्यकर्ताओं ने पूर्व सीएम को साफा पहनाकर और माल्यार्पण कर सम्मानित किया। इस अवसर पर, पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी जन समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की और इस भव्य स्वागत-सत्कार के लिए सभी का आभार भी व्यक्त किया।1
- बीएसएनएल ने अपने नौ करोड़ से अधिक यूजर्स के लिए एक बड़ा तोहफा देने की घोषणा की है। सरकारी टेलीकॉम कंपनी के सभी 4G टावर अगले 6 से 8 महीनों के भीतर 5G में अपग्रेड हो जाएंगे, जिससे यूजर्स को सुपरफास्ट कनेक्टिविटी मिलेगी। कंपनी ने इस बड़े अपग्रेडेशन के लिए अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं, जो उसके करोड़ों ग्राहकों के लिए खुशी की खबर है।1
- पाली जिले के रानी नगर के मुख्य बाजार क्षेत्र में सोमवार को कुछ लोगों के बीच हुए विवाद का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में कई व्यक्ति सड़क किनारे आपस में धक्का-मुक्की और हाथापाई करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिसके कारण आसपास के क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। हालांकि, घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है, और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस प्रकार की घटनाएं कानून व्यवस्था के लिए चिंता का विषय हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस घटना को लेकर पुलिस में कोई मामला दर्ज हुआ है या नहीं। मामले की वास्तविक जानकारी पुलिस जांच और प्रशासनिक पुष्टि के बाद ही सामने आ सकेगी।1