मैहर की धार्मिक नगरी में रात 10 बजे के बाद पेट्रोल पंप बंद हो जाने से आम नागरिकों, यात्रियों और मरीजों को लेकर आने-जाने वाले वाहन चालकों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बीती रात ऐसे ही दो मामले सामने आए, जिनमें भेड़ा क्षेत्र से एक मरीज को मैहर सिविल अस्पताल पहुंचा रहे ऑटो चालक को रास्ते में डीजल की जरूरत पड़ी। हालांकि, रात 10 बजे के बाद पंप बंद होने के कारण उसे काफी देर तक परेशान होना पड़ा और मरीज के परिजन भी चिंता में पड़ गए। कोई वैकल्पिक व्यवस्था न मिलने पर ऑटो चालक ने जोखिम उठाते हुए किसी तरह मरीज को अस्पताल तक पहुंचाया। इसी प्रकार, हिनौता से नागौद की ओर अपने बीमार परिजन को देखने जा रहे एक बाइक सवार को भी रात में पेट्रोल नहीं मिल सका। कई स्थानीय लोग भी रात के समय ईंधन की तलाश में भटकते हुए देखे गए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मैहर जैसे धार्मिक और पर्यटन महत्व वाले शहर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु और अन्य प्रदेशों से आने वाले लोग गुजरते हैं, ऐसे में शहर के दोनों प्रमुख पेट्रोल पंपों का रात 10 बजे बंद हो जाना कई सवाल खड़े करता है। आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाले वाहनों, एम्बुलेंस, ऑटो चालकों और दूर-दराज से आने वाले यात्रियों के लिए कोई विशेष व्यवस्था दिखाई नहीं देती है। नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर समस्या पर संज्ञान लिया जाए और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि कम से कम एक पेट्रोल पंप को रात 12 बजे तक संचालित रखा जा सके या आपातकालीन स्थिति में ईंधन उपलब्ध कराने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाए, जिससे रात में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके और लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
मैहर की धार्मिक नगरी में रात 10 बजे के बाद पेट्रोल पंप बंद हो जाने से आम नागरिकों, यात्रियों और मरीजों को लेकर आने-जाने वाले वाहन चालकों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बीती रात ऐसे ही दो मामले सामने आए, जिनमें भेड़ा क्षेत्र से एक मरीज को मैहर सिविल अस्पताल पहुंचा रहे ऑटो चालक को रास्ते में डीजल की जरूरत पड़ी। हालांकि, रात 10 बजे के बाद पंप बंद होने
के कारण उसे काफी देर तक परेशान होना पड़ा और मरीज के परिजन भी चिंता में पड़ गए। कोई वैकल्पिक व्यवस्था न मिलने पर ऑटो चालक ने जोखिम उठाते हुए किसी तरह मरीज को अस्पताल तक पहुंचाया। इसी प्रकार, हिनौता से नागौद की ओर अपने बीमार परिजन को देखने जा रहे एक बाइक सवार को भी रात में पेट्रोल नहीं मिल सका। कई स्थानीय लोग भी रात के समय ईंधन की तलाश में भटकते
हुए देखे गए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मैहर जैसे धार्मिक और पर्यटन महत्व वाले शहर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु और अन्य प्रदेशों से आने वाले लोग गुजरते हैं, ऐसे में शहर के दोनों प्रमुख पेट्रोल पंपों का रात 10 बजे बंद हो जाना कई सवाल खड़े करता है। आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाले वाहनों, एम्बुलेंस, ऑटो चालकों और दूर-दराज से आने वाले यात्रियों के लिए कोई विशेष व्यवस्था दिखाई नहीं
देती है। नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर समस्या पर संज्ञान लिया जाए और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि कम से कम एक पेट्रोल पंप को रात 12 बजे तक संचालित रखा जा सके या आपातकालीन स्थिति में ईंधन उपलब्ध कराने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाए, जिससे रात में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके और लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
- मैहर में अचानक मौसम का मिजाज बदला है, जिससे चिलचिलाती गर्मी और तेज धूप से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली है। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी की मार झेल रहे मैहरवासियों को आज बादलों के छाने और ठंडी हवाएं चलने से सुहाने मौसम का अनुभव हुआ। मौसम में इस बदलाव के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली और उनके चेहरे पर मुस्कान लौट आई है।2
- जगत जननी राजराजेश्वरी माँ शारदा भवानी जी के आज, रविवार, 31 मई 2026 को प्रातः काल के श्रृंगार दर्शन हुए। इस अवसर पर भक्तों ने 'जय हो माई की' का जयघोष किया।2
- जिला कलेक्टर के निर्देश पर एक वार्डन को शो काज नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर के सीधे आदेश पर की गई।1
- राजस्थान के चूरू जिले में एक भीषण धूल भरी आंधी और रेत के बवंडर ने ऐसा कहर बरपाया कि दोपहर में ही आसमान पर घना अंधेरा छा गया, जिससे माहौल पूरी तरह रात जैसा लगने लगा। स्थानीय लोगों के अनुसार, अचानक से तेज हवाएं चलने लगीं और देखते ही देखते रेत का एक विशाल गुबार पूरे इलाके में फैल गया, जिसने कुछ ही मिनटों के भीतर दिन के उजाले को पूरी तरह निगल लिया। यह भयंकर रेत का बवंडर 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से आया है, जिसने गंगानगर, बीकानेर, हनुमानगढ़, चूरू और सीकर सहित राजस्थान के कई जिलों को प्रभावित किया है। इस तूफानी मौसम के कारण इन क्षेत्रों में हल्की बारिश भी हो रही है, जिससे सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।1
- उत्तराखंड स्थित श्री हेमकुंड साहिब में हाल ही में ताज़ा बर्फबारी हुई है। इस बर्फबारी के बाद की तस्वीरें सामने आई हैं।1
- मैहर में मां शारदा प्रबंधक समिति के सदस्य सचिन मिश्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सोशल मीडिया पर कई दिनों से वायरल हो रहे एक ऑडियो को लेकर अपनी बात मीडिया के सामने रखी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने वायरल ऑडियो से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि कुछ लोग तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं। मिश्रा ने जोर देकर कहा कि समिति मां शारदा धाम की व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा और पारदर्शिता के साथ लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि सोशल मीडिया पर फैल रहे भ्रामक संदेशों के माध्यम से समिति की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। सचिन मिश्रा ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी खबर या ऑडियो पर भरोसा करने से पहले उसकी सच्चाई की जांच अवश्य कर लें।1
- मैहर में यातायात प्रभारी ने ओवरब्रिज और उसके आसपास के क्षेत्रों में यातायात बाधित करने वाले बेतरतीब खड़े वाहनों के खिलाफ एक अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान, सड़क किनारे खड़े वाहनों को हटवाया गया और उनके चालकों को यातायात नियमों का पालन करने की कड़ी चेतावनी दी गई। यातायात प्रभारी ने स्पष्ट किया कि ओवरब्रिज क्षेत्र में जाम और दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि सड़क को पार्किंग स्थल बनाने वालों पर भविष्य में भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। अभियान के दौरान, लोगों से शहर की व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील भी की गई।2
- मैहर में NEET परीक्षा लीक मामले को लेकर युवक कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार मोर्चा खोल दिया है। दोपहर में युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश लखन घनघोरिया और जिला अध्यक्ष सौरभ शर्मा के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी रेलवे स्टेशन तक पहुँचे और ट्रेन रोकने का प्रयास किया, जिससे प्रशासन व पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। प्रदर्शन की पूर्व सूचना मिलने के कारण रेलवे स्टेशन परिसर को पुलिस छावनी में बदल दिया गया था। सीएसपी महेंद्र सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात था और जगह-जगह बैरिकेडिंग कर सुरक्षा मजबूत की गई थी। जैसे ही कार्यकर्ताओं का जत्था रेलवे स्टेशन की ओर बढ़ा, पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, साथ ही NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। लगभग एक घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश लखन घनघोरिया समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के समय कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल भी बना रहा, हालाँकि पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी से स्थिति नियंत्रण में आ गई। युवक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष यश लखन घनघोरिया ने आरोप लगाया कि NEET परीक्षा लीक ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं के साथ हुए इस अन्याय के खिलाफ कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक अपना संघर्ष जारी रखेगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होने तक यह आंदोलन चलता रहेगा।4