लखीमपुर खीरी के थाना पढ़ुआ पुलिस ने थानाध्यक्ष के कुशल नेतृत्व में वारंटियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष गिरफ्तारी अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। शनिवार को की गई इस कार्रवाई में कुल 7 वारंटी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जिनके विरुद्ध विभिन्न न्यायालयों द्वारा वारंट जारी किए गए थे। पुलिस के अनुसार, 31 मई 2026 को थाना पढ़ुआ पुलिस टीम ने अलग-अलग गांवों से इन वारंटियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों में अनिल पुत्र शत्रोहन, दयाशंकर पुत्र जगन्नाथ और तोताराम पुत्र हरनाम (सभी ग्राम लखनपुरवा, थाना पढ़ुआ निवासी) शामिल हैं, जो एक वाद से संबंधित न्यायालय में वांछित थे। उनके मामले की अगली सुनवाई 2 जून 2026 को सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/एफटीसी लखीमपुर खीरी में निर्धारित है। इसके अतिरिक्त, निसार पुत्र जुम्मन (ग्राम जम्हौरा, थाना पढ़ुआ निवासी) को भी गिरफ्तार किया गया, जिसके विरुद्ध न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लखीमपुर खीरी में विचाराधीन मामले में 11 जून 2026 की तिथि नियत है। पुलिस ने नरेश पुत्र भारत (ग्राम दुलही, थाना निघासन निवासी) को भी अपनी गिरफ्त में लिया, जो न्यायालय सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/न्यायिक मजिस्ट्रेट, बाह्य न्यायालय निघासन में लंबित मामले में वांछित था, जिसकी अगली पेशी 3 जुलाई 2026 को होनी है। इसी क्रम में मोलहे पुत्र महरूम और प्रधान पुत्र चुन्ना (दोनों ग्राम पठाननपुरवा, थाना पढ़ुआ निवासी) को भी न्यायालय द्वारा जारी वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया गया। प्रधान के मामले में अगली सुनवाई 10 जून 2026 को निर्धारित है। सभी गिरफ्तार वारंटियों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है और उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया चल रही है। इस सफल गिरफ्तारी अभियान में उपनिरीक्षक पुष्कर वर्मा, उपनिरीक्षक अभिषेक सिंह, उपनिरीक्षक दधिबल यादव, हेड कांस्टेबल राजेन्द्र गंगवार, कांस्टेबल माता प्रसाद, चन्द्रमोहन त्यागी, तथा रिजर्व कांस्टेबल शिवम प्रजापति, उत्तम सिंह, आजिद खान एवं अमित सिंह रजावत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने यह भी बताया कि न्यायालय के आदेशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए वारंटियों और वांछित अपराधियों के विरुद्ध यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
लखीमपुर खीरी के थाना पढ़ुआ पुलिस ने थानाध्यक्ष के कुशल नेतृत्व में वारंटियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष गिरफ्तारी अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। शनिवार को की गई इस कार्रवाई में कुल 7 वारंटी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जिनके विरुद्ध विभिन्न न्यायालयों द्वारा वारंट जारी किए गए थे। पुलिस के अनुसार, 31 मई 2026 को थाना पढ़ुआ पुलिस टीम ने अलग-अलग गांवों से इन वारंटियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों में अनिल पुत्र शत्रोहन, दयाशंकर पुत्र जगन्नाथ और तोताराम पुत्र हरनाम (सभी ग्राम लखनपुरवा, थाना पढ़ुआ निवासी) शामिल हैं, जो एक वाद से संबंधित न्यायालय में वांछित थे। उनके मामले की अगली सुनवाई 2 जून 2026 को सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/एफटीसी लखीमपुर खीरी में निर्धारित है। इसके अतिरिक्त, निसार पुत्र जुम्मन (ग्राम जम्हौरा, थाना पढ़ुआ निवासी) को भी गिरफ्तार किया गया, जिसके विरुद्ध न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लखीमपुर खीरी में विचाराधीन मामले में 11 जून 2026 की तिथि नियत है। पुलिस ने नरेश पुत्र भारत (ग्राम दुलही, थाना निघासन निवासी) को भी अपनी गिरफ्त में लिया, जो न्यायालय सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/न्यायिक मजिस्ट्रेट, बाह्य न्यायालय निघासन में लंबित मामले में वांछित था, जिसकी अगली पेशी 3 जुलाई 2026 को होनी है। इसी क्रम में मोलहे पुत्र महरूम और प्रधान पुत्र चुन्ना (दोनों ग्राम पठाननपुरवा, थाना पढ़ुआ निवासी) को भी न्यायालय द्वारा जारी वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया गया। प्रधान के मामले में अगली सुनवाई 10 जून 2026 को निर्धारित है। सभी गिरफ्तार वारंटियों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है और उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया चल रही है। इस सफल गिरफ्तारी अभियान में उपनिरीक्षक पुष्कर वर्मा, उपनिरीक्षक अभिषेक सिंह, उपनिरीक्षक दधिबल यादव, हेड कांस्टेबल राजेन्द्र गंगवार, कांस्टेबल माता प्रसाद, चन्द्रमोहन त्यागी, तथा रिजर्व कांस्टेबल शिवम प्रजापति, उत्तम सिंह, आजिद खान एवं अमित सिंह रजावत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने यह भी बताया कि न्यायालय के आदेशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए वारंटियों और वांछित अपराधियों के विरुद्ध यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
- उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ जितेंद्र पाठक नामक व्यक्ति ने एक महिला के मासूम बेटे को जमीन पर पटककर बेरहमी से मार डाला। इस अमानवीय कृत्य से उपजे गहरे दर्द और आक्रोश में डूबी माँ ने आरोपी के लिए खौफनाक प्रतिशोध की मांग की है। माँ ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि जितेंद्र पाठक को एक बार उनके हवाले कर दिया जाए ताकि वे उसे नोंच-नोंचकर मार सकें। उन्होंने प्रशासन से जितेंद्र पाठक को फांसी देने या उसी तरह पटक-पटककर मरवा देने की पुरजोर मांग की, और कहा कि उन्हें बस इस दौरान वहाँ सामने खड़ा कर दिया जाए।1
- लखीमपुर खीरी जिले के प्रभारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने हाल ही में विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए। मंत्री अग्रवाल ने बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं को 15 जून तक पूरा करने, सड़क पुनर्स्थापन कार्यों में तेजी लाने तथा स्वास्थ्य, आवास और किसान योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। समीक्षा बैठक में गेहूं खरीद, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, गोवंश संरक्षण और महिला स्वयं सहायता समूहों की प्रगति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस बैठक में जिला मजिस्ट्रेट (डीएम), पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में शामिल होने के लिए प्रभारी मंत्री नितिन अग्रवाल निरीक्षण भवन से कलेक्ट्रेट तक पैदल पहुंचे। उनके इस सादगीपूर्ण अंदाज का लोगों ने स्वागत किया और यह उनके इस दौरे में चर्चा का विषय बना रहा।2
- रविवार को लखीमपुर-खीरी के जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग ने जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल की सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई और बंदियों को दी जा रही सुविधाओं का गहनता से जायजा लिया और कारागार प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। अधिकारियों ने कारागार परिसर का भ्रमण करते हुए पुरुष और महिला बैरकों, मेस और चिकित्सालय सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी बैरकों में प्रवेश कर सुरक्षा व्यवस्था और अन्य इंतजामों की बारीकी से जांच की। निरीक्षण के दौरान, कारागार परिसर में स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही, बंदियों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की गई, और मेस में तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा निर्धारित मानकों का पालन करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। इस औचक निरीक्षण में, जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बंदियों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और शिकायतों की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिया कि बंदियों की समस्याओं का त्वरित और नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने जेल प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने और कारागार की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने का निर्देश भी दिया, यह कहते हुए कि बंदियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। निरीक्षण के समय कारागार प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।2
- उत्तर प्रदेश पुलिस के कथित 'नारी वंदन' का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ औरैया जिले के एक थाने में तैनात हेड कांस्टेबल राजेंद्र सिंह पर आधी रात को एक युवती को अश्लील गालियाँ देने का आरोप लगा है। यह घटना तब हुई जब कांस्टेबल ने युवती को उसकी रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी देने के लिए फोन किया था। फोन पर, हेड कांस्टेबल राजेंद्र सिंह ने युवती को बताया कि उसकी रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। इसके बाद, उसने युवती की माँ से बात कराने की अनुचित मांग की, यह कहते हुए कि, "मम्मी तुम्हारी सो रही है और हम यहां जग रहे है, हम *** आदमी है. बात करवाओ मम्मी से." जब युवती ने कांस्टेबल की इस मांग को पूरा नहीं किया और अपनी माँ से बात नहीं कराई, तो उसने ऐसी-ऐसी गालियां दीं, जिन्हें हेडफोन के बिना सुनना भी मुश्किल होगा।1
- उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ मैलानी कस्बे के एक मुस्लिम युवक ने सोशल मीडिया पर सरेआम एक बेहद भड़काऊ पोस्ट किया है। इस युवक ने ईरान से भारत पर 5 से 6 हजार मिसाइलें दागने की मांग की, जिसका कथित मकसद नरेंद्र मोदी को भारत से भगाना था। अपनी इस मांग के साथ उसने बेहद आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ईरान इतनी मिसाइलें दागे कि 'इंडिया की मां चु..... जाये'। यह टिप्पणी उसी देश में सार्वजनिक रूप से की गई है, जहाँ वह रहता है, जिससे जनता में भारी आक्रोश है। इस विवादित पोस्ट के सामने आने के बाद नगर के आक्रोशित कस्बावासी देर रात मैलानी थाने पहुंचे। मैलानी पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपी युवक की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।1
- राजस्थान के चुरू जिले में एक भयंकर रेत का तूफान कैमरे में कैद हो गया है। इस घटना को रिकॉर्ड किया गया है।1
- लखीमपुर खीरी में खीरी पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत वांछित चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत यह अहम कार्रवाई की गई। थाना खीरी प्रभारी निरीक्षक निराला तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मनीष कुमार मिश्रा उर्फ मोनू मिश्रा को गिरफ्तार किया, जो ग्राम अटकोहना निवासी चन्द्रमोहन मिश्रा के पुत्र हैं और मुकदमा संख्या 277/26 धारा 8/17 एनडीपीएस एक्ट में वांछित चल रहे थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी मनीष कुमार मिश्रा उर्फ मोनू मिश्रा को थाना शारदानगर क्षेत्र में 3.700 किलोग्राम अवैध गांजा के साथ पकड़ा गया था। इस संबंध में उसके खिलाफ मुकदमा संख्या 0367/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत एक नया मामला भी दर्ज किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी को अब न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में स्थित एक थाने से हेड कांस्टेबल राजेंद्र सिंह ने आधी रात को एक युवती को फोन किया। हेड कांस्टेबल ने युवती को सूचित किया कि उसकी रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, लेकिन इसके बाद उन्होंने युवती से उसकी माँ से बात करवाने की मांग की। जब युवती ने अपनी माँ से बात कराने से इनकार कर दिया, तो हेड कांस्टेबल राजेंद्र सिंह ने उसे अत्यंत भद्दी गालियां दीं। बातचीत के दौरान, हेड कांस्टेबल ने कथित तौर पर कहा, "मम्मी तुम्हारी सो रही है और हम यहां जग रहे है, हम *** आदमी है. बात करवाओ मम्मी से." इस घटना को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस के आचरण पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, और इसे "आधी रात को नारी वंदन" कहते हुए कड़ी आलोचना की गई है, जो महिलाओं के प्रति पुलिस के व्यवहार पर सवाल खड़ा करता है।1