भिंड के अटेर कस्बे में जन कल्याण संघर्ष समिति द्वारा क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को लेकर किया जा रहा धरना-प्रदर्शन मंगलवार को अपने 33वें दिन में प्रवेश कर गया। इसी दिन कांग्रेस विधायक एवं उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे धरना स्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने आंदोलनकारियों और स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य रूप से अटेर पुल को शीघ्र चालू कराने की मांग उठाई। लोगों का कहना था कि पुल का निर्माण कार्य काफी समय पहले ही पूरा हो चुका है, लेकिन इसे अभी तक यातायात के लिए शुरू नहीं किया गया है। इसके चलते उत्तर प्रदेश आने-जाने वाले हजारों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धरना दे रहे युवाओं ने यह भी बताया कि बरही गांव स्थित चंबल नदी का पुल भी हाल ही में क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे आवागमन की समस्या और भी गंभीर हो गई है। ऐसी स्थिति में अटेर पुल को तत्काल शुरू किया जाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। विधायक हेमंत कटारे ने लोगों की समस्याएं सुनने के बाद आश्वासन दिया कि क्षेत्र की ये सभी समस्याएं पहले से ही उनके एजेंडे में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अटेर पुल का मुद्दा विधानसभा में भी उठाया जा चुका है और इस संबंध में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कटारे ने भरोसा दिलाया कि जनता की मांगों को लेकर संबंधित अधिकारियों से दोबारा गंभीरता से चर्चा की जाएगी और अटेर पुल को जल्द से जल्द चालू कराने का प्रयास किया जाएगा। उनके इस आश्वासन के बाद धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने उम्मीद जताई कि लंबे समय से लंबित उनकी यह मांग अब जल्द ही पूरी हो सकेगी।
भिंड के अटेर कस्बे में जन कल्याण संघर्ष समिति द्वारा क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को लेकर किया जा रहा धरना-प्रदर्शन मंगलवार को अपने 33वें दिन में प्रवेश कर गया। इसी दिन कांग्रेस विधायक एवं उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे धरना स्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने आंदोलनकारियों और स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य रूप से अटेर पुल को शीघ्र चालू कराने की मांग उठाई। लोगों का कहना था कि पुल का निर्माण कार्य काफी समय पहले ही पूरा हो चुका है, लेकिन इसे अभी तक यातायात के लिए शुरू नहीं किया गया है। इसके चलते उत्तर प्रदेश आने-जाने वाले हजारों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धरना दे रहे युवाओं ने यह भी बताया कि बरही गांव स्थित चंबल नदी का पुल भी हाल ही में क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे आवागमन की समस्या और भी गंभीर हो गई है। ऐसी स्थिति में अटेर पुल को तत्काल शुरू किया जाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। विधायक हेमंत कटारे ने लोगों की समस्याएं सुनने के बाद आश्वासन दिया कि क्षेत्र की ये सभी समस्याएं पहले से ही उनके एजेंडे में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अटेर पुल का मुद्दा विधानसभा में भी उठाया जा चुका है और इस संबंध में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कटारे ने भरोसा दिलाया कि जनता की मांगों को लेकर संबंधित अधिकारियों से दोबारा गंभीरता से चर्चा की जाएगी और अटेर पुल को जल्द से जल्द चालू कराने का प्रयास किया जाएगा। उनके इस आश्वासन के बाद धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने उम्मीद जताई कि लंबे समय से लंबित उनकी यह मांग अब जल्द ही पूरी हो सकेगी।
- भिंड के कलेक्ट्रेट कार्यालय सभागार में आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर ने जनसामान्य की शिकायतों को सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित, समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए निर्देश दिए। इस दौरान जिला पंचायत भिंड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अपर कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर ने भी आवेदकों की समस्याओं पर सुनवाई की। कार्यक्रम में कुल 84 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर संबंधितों को कार्यवाही के निर्देश जारी किए गए। जनसुनवाई के दौरान ग्राम भारौली का पुरा निवासी रामबहादुर पुत्र हरदयाल ने ट्राइसाइकिल के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। इस पर कलेक्टर ने तत्काल कार्यवाही करते हुए सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए, जिसके फलस्वरूप आवेदक श्री रामबहादुर को ट्राइसाइकिल तुरंत उपलब्ध कराई गई। कलेक्टर ने जनसुनवाई कार्यक्रम में गंभीर बीमारी से संबंधित इलाज, विद्युत बिलों में सुधार, हैंडपंपों के संधारण, पेंशन, सड़क दुर्घटना सहायता, हितग्राही मूलक योजनाओं, बीपीएल राशन कार्ड और जमीन पर कब्जा से संबंधित आवेदनों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि आवेदकों को की गई कार्यवाही से अवगत कराया जाए।1
- भिंड में कलेक्टर किरोड़ी लाल मीना ने मंगलवार सुबह करीब 11 बजे कलेक्ट्रेट कक्ष में जनसुनवाई आयोजित की। इस दौरान उन्होंने आम जनता की शिकायतें सुनीं और उनके त्वरित, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, अपर कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर ने भी आवेदकों की समस्याओं पर सुनवाई की। कुल 84 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश भेजे गए। एक विशेष मामले में, ग्राम भारौली का पुरा निवासी रामबहादुर पुत्र श्री हरदयाल ने ट्राइसाइकिल के लिए आवेदन प्रस्तुत किया, जिस पर कलेक्टर ने तत्काल सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर श्री रामबहादुर को ट्राइसाइकिल उपलब्ध करवाई। कलेक्टर ने गंभीर बीमारी के इलाज, विद्युत बिलों में सुधार, हैण्डपंपों के संधारण, पेंशन, सड़क दुर्घटना सहायता, हितग्राही मूलक योजनाओं, बीपीएल राशन कार्ड और जमीन पर कब्जे से संबंधित आवेदनों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही, आवेदकों को की गई कार्रवाई से अवगत कराने के भी निर्देश दिए गए।1
- जनपद जालौन की ग्राम पंचायत लहचूरा कोरीपुरा में कुलदीप पाल पुत्र श्री मलखान पाल द्वारा अपने खेत में लगाई गई आग अनियंत्रित होकर फैल गई। इस घटना से पड़ोसी किसान नरेंद्र पाल सिंह पुत्र राजा भैया के खेत तक आग पहुंच गई, जिससे उनके लगभग 40 पाइप जलकर नष्ट हो गए। इस आगजनी के कारण नरेंद्र पाल सिंह को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय निवासियों ने तत्काल 112 पुलिस सेवा और फायर ब्रिगेड को सूचित किया। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे उसे और अधिक फैलने से रोका जा सका। पीड़ित किसान नरेंद्र पाल सिंह पुत्र राजा भैया ने हुए नुकसान की भरपाई की मांग की है। इस मामले की जांच पूरी होने के बाद, संबंधित नियमों के अनुसार नुकसान का आकलन कर उचित कार्रवाई किए जाने की संभावना है।1
- भिंड में स्थित शिवहरे पंप पर सीएनजी उपलब्ध न होने के कारण ग्राहकों को भारी समस्या का सामना करना पड़ा। पंप पर सीएनजी नहीं होने के बावजूद, कर्मचारियों ने कथित तौर पर मनमानी करते हुए गैस नहीं दी, जिसके परिणामस्वरूप वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई।1
- 23 जून के प्रमुख घटनाक्रमों के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने महिला क्रिकेटर्स के लिए 'रिटर्न टू प्ले पोस्ट-प्रेग्नेंसी' (पोस्ट-प्रेग्नेंसी के बाद खेल में वापसी) गाइडलाइंस जारी की हैं। वहीं दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता का कार्यकाल तीन साल के लिए बढ़ा दिया है। इस विस्तार के बाद, मेहता अब 30 जून 2029 तक इस महत्वपूर्ण पद पर बने रहेंगे।1
- चंबल अंचल की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के अभियान को लगातार व्यापक समर्थन मिल रहा है। इसी क्रम में, मध्यप्रदेश विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष एवं अटेर विधायक श्री हेमंत कटारे के साथ प्रतिनिधि मंडल की भिंड में विस्तृत एवं सार्थक चर्चा संपन्न हुई। बैठक के दौरान प्रतिनिधि मंडल ने गोहद (गौ-हद धाम), श्रीकृष्ण गमन पथ योजना, चंबल अंचल की प्राचीन धार्मिक विरासत, देवस्थानी संपत्तियों, ऐतिहासिक मंदिरों तथा प्रस्तावित धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन सर्किट का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। चर्चा के दौरान एक महत्वपूर्ण सुझाव सामने आया कि भिंड जिले के जमदारा स्थित भगवान परशुराम जन्मस्थली धाम को भी इस व्यापक सांस्कृतिक परिपथ में शामिल किया जाना चाहिए। श्री कटारे ने इस बात पर जोर दिया कि चंबल केवल इतिहास का नहीं, बल्कि ऋषि परंपरा, सनातन संस्कृति और लोकआस्था का भी महत्वपूर्ण केंद्र रहा है, और ऐसे में भगवान परशुराम से जुड़ी जनमान्यताओं तथा धार्मिक स्थलों का संरक्षण एवं विकास आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि चंबल अंचल के धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को एक समेकित दृष्टि से विकसित किया जाए, तो यह क्षेत्र केवल पर्यटन का केंद्र ही नहीं बनेगा, बल्कि अपनी वास्तविक ऐतिहासिक पहचान भी प्राप्त करेगा। श्री हेमंत कटारे ने इसे केवल धार्मिक विषय नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का विषय बताते हुए गोहद, अटेर, जमदारा, दंदरौआ धाम, रावतपुरा सरकार, मितावली, पढ़ावली, काकनमठ, पीताम्बरा पीठ और अन्य प्राचीन स्थलों के प्रदेश व देश के लिए महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने चंबल की विरासत पर गंभीर अध्ययन, संरक्षण और योजनाबद्ध विकास की आवश्यकता को स्वीकार करते हुए इस दिशा में सकारात्मक प्रयासों का आह्वान किया। यह उल्लेखनीय है कि इस अभियान को पहले भी संत समाज, सामाजिक संगठनों, पत्रकारों, गोहद विधायक श्री केशव देसाई तथा भिंड-दतिया की सांसद श्रीमती संध्या राय का समर्थन मिल चुका है। अब उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे के साथ हुई इस चर्चा ने अभियान को और व्यापक आयाम प्रदान किया है, जो दर्शाता है कि राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठकर विभिन्न जनप्रतिनिधियों का इस विषय पर संवाद यह संकेत देता है कि चंबल की सांस्कृतिक विरासत का प्रश्न अब जनभावना का विषय बन चुका है। प्रतिनिधि मंडल में प्रमुख रूप से कवि गौरव राज सोनी (तेजस्वी), पुखराज भटेले, विवेक पचौरी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं धर्मप्रेमी नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने चंबल अंचल की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की आवश्यकता पर विस्तृत चर्चा की। अभियान के अंतर्गत यह दृढ़ता से कहा जा रहा है कि चंबल का भविष्य उसकी विरासत से जुड़ा है, और अब प्रश्न केवल विकास का नहीं, बल्कि पहचान का है, क्योंकि चंबल अपनी विरासत के साथ आगे बढ़ना चाहता है। इस मांग के साथ कि गौ-हद धाम को सम्मान मिले, भगवान परशुराम जन्मस्थली को संरक्षण मिले, चंबल की विरासत को पहचान मिले, और गोहद मध्यप्रदेश का वृंदावन बने, यह अभियान अपनी जड़ों को मजबूत कर रहा है।3
- लहार विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कई जगहों पर रेत का अवैध कारोबार बेरोकटोक जारी है। वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है, जिससे अवैध रेत खनन और परिवहन पर कोई लगाम नहीं लग पा रही है। भिंड जिले के असवार थाना क्षेत्र के गिरवासा में अवैध रेत खनन और इसका परिवहन धड़ल्ले से चल रहा है, जिसका अंदाजा आज के एक वीडियो से लगाया जा सकता है। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि अवैध रेत उत्खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है और इस पर लगाम लगाने के लिए खनन विभाग को सख्ती दिखानी पड़ेगी।1
- भिण्ड जिले के इंडस्ट्रियल एरिया मालनपुर में सोनू धाकड़ और उनकी पत्नी पूजा धाकड़ ने काजू प्रोसेसिंग के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने "सोनाधिका एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड" की स्थापना कर अफ्रीका से कच्चा माल आयात किया, जिसे अपनी यूनिट में प्रोसेस और पैक करके अंतर्राष्ट्रीय तथा स्थानीय बाजारों में सफलतापूर्वक पहुंचाया जा रहा है। उनकी तैयार पैकिंग यूएई तक निर्यात होती है, वहीं घरेलू स्तर पर ग्वालियर और आगरा में भी काजू की मांग पूरी की जा रही है। पर्यावरण और संसाधन उपयोग की व्यावहारिक सोच के तहत, दंपति ने प्रोसेसिंग के बाद बचे काजू के छिलकों से तेल निकालने का भी व्यवस्थित प्रबंध किया है। इस नवोन्मेषी कदम ने न केवल अपशिष्ट को मूल्यवान कच्चे माल में बदला, बल्कि अतिरिक्त आय का स्रोत भी तैयार किया। उनकी इकाई में प्रत्यक्ष रूप से 50-60 लोगों को रोजगार मिला है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और कई परिवारों के जीवन स्तर में सुधार दिख रहा है। सोनू और पूजा की इस यात्रा में राज्य सरकार की भूमिका भी उल्लेखनीय रही है। उन्हें राज्य सरकार की एमएसएमई प्रोत्साहन योजना के तहत उद्योग विकास अनुदान प्राप्त हुआ, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने और निर्यात नेटवर्क को मजबूत करने में सहायता मिली। आज मंगलवार शाम 4 बजे, दंपति ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का हृदय से धन्यवाद व्यक्त किया, जिनके समर्थन से यह छोटा उद्योग बड़ी सफलता की ओर अग्रसर हो पाया है। सोनाधिका एक्सपोर्ट्स की यह सफलता की कहानी दर्शाती है कि सही योजना, नवोन्मेष और समुदाय के लिए प्रतिबद्धता मिलकर छोटे उद्यमों को बड़े मुकाम तक पहुंचा सकती है। स्थानीय कौशल के विकास, निर्यातमुखी सोच और सरकारी सहयोग ने मिलकर सोनू और पूजा धाकड़ के सपने को साकार किया है।1