बिलासपुर के तखतपुर में मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत लगभग 28 लाख रुपये की लागत से निर्मित चार कमरों वाला एक अतिरिक्त स्कूल भवन 23 जुलाई 2025 को जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में बड़े उत्साह के साथ लोकार्पित किया गया था। हालांकि, इस उद्घाटन के कुछ ही महीनों के भीतर भवन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भवन की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें उभर आई हैं, वहीं फर्श पर लगी टाइल्स भी जगह-जगह से टूटकर उखड़ने लगी हैं, जिससे इसकी मौजूदा स्थिति जर्जर हो गई है। इस घटना से पालकों और स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी है। लोगों का सीधा आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग किया गया है, जिसके कारण लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद भवन इतनी जल्दी खराब होने लगा है। स्थानीय नागरिकों ने यह आशंका भी व्यक्त की है कि यदि समय रहते इसकी जांच और आवश्यक मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिससे स्कूल में पढ़ने वाले मासूम बच्चों की सुरक्षा गंभीर खतरे में पड़ सकती है। सबसे चिंताजनक बात यह भी है कि विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा भी उपलब्ध नहीं है, जिससे छात्र-छात्राओं को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों और नागरिकों ने अब इस निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। यह घटना स्कूल भवन निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोपों को जन्म दे रही है।
बिलासपुर के तखतपुर में मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत लगभग 28 लाख रुपये की लागत से निर्मित चार कमरों वाला एक अतिरिक्त स्कूल भवन 23 जुलाई 2025 को जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में बड़े उत्साह के साथ लोकार्पित किया गया था। हालांकि, इस उद्घाटन के कुछ ही महीनों के भीतर भवन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भवन की
दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें उभर आई हैं, वहीं फर्श पर लगी टाइल्स भी जगह-जगह से टूटकर उखड़ने लगी हैं, जिससे इसकी मौजूदा स्थिति जर्जर हो गई है। इस घटना से पालकों और स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी है। लोगों का सीधा आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग किया गया है, जिसके कारण लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद भवन
इतनी जल्दी खराब होने लगा है। स्थानीय नागरिकों ने यह आशंका भी व्यक्त की है कि यदि समय रहते इसकी जांच और आवश्यक मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिससे स्कूल में पढ़ने वाले मासूम बच्चों की सुरक्षा गंभीर खतरे में पड़ सकती है। सबसे चिंताजनक बात यह भी है कि विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए
शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा भी उपलब्ध नहीं है, जिससे छात्र-छात्राओं को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों और नागरिकों ने अब इस निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। यह घटना स्कूल भवन निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोपों को जन्म दे रही है।
- बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में सभी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की आशंका से हड़कंप मच गया है। यह गंभीर स्थिति तब पैदा हुई है जब विश्वविद्यालय के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले समर्थ पोर्टल के हैक होने की आशंका जताई जा रही है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय ने तुरंत एक पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। मीडिया प्रभारी ने भी स्वीकार किया है कि पेपर लीक की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता है। वर्तमान में, विश्वविद्यालय सभी परीक्षाओं को रद्द करने पर भी विचार कर रहा है, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 10,000 छात्रों का भविष्य अधर में लटक सकता है।1
- मुंगेली पुलिस ने लोरमी थाना क्षेत्र के ग्राम नवलपुर स्थित महामाया गुड़ फैक्ट्री में हुई चोरी के मामले का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल (IPS) के निर्देशन में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन बाज' के तहत कार्रवाई करते हुए लोरमी पुलिस ने कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से चोरी का कुल ₹4,88,000 मूल्य का मशरूका बरामद किया है, जिसमें चोरी का सामान, एक मोटरसाइकिल, एक लूना और एक पिकअप वाहन शामिल हैं। इस मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।1
- ग्राम पंचायत रामपुर के किसान रामकुमार कंवर देशी मुर्गा का पालन कर हजारों रुपए कमा रहे हैं।1
- बिलासपुर जिले में चार व्यक्तियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है।1
- बिलासपुर जिले के सकरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सैदा स्थित दीनदयाल आवासीय परिसर के मकान क्रमांक 106 में एक 35 वर्षीय शिक्षक की हत्या कर दी गई है। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।1