जामताड़ा जिले में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 अभियान के तहत एन्यूमरेशन फॉर्म के वितरण, संग्रहण और डिजिटाइजेशन का कार्य काफी तेजी से चल रहा है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त आलोक कुमार के निर्देशन में 13 जुलाई अपराह्न 4 बजे तक जिले के कुल 5,70,633 मतदाताओं में से 5,56,506 मतदाताओं तक एन्यूमरेशन फॉर्म पहुंचा दिया गया है, जो कुल मतदाताओं का 97.52 प्रतिशत है। इसके साथ ही, अब तक 1,87,679 फॉर्म का डिजिटाइजेशन भी पूरा हो चुका है, जो कुल फॉर्म का 32.89 प्रतिशत है। विधानसभा क्षेत्रों की स्थिति देखें तो नाला विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,43,895 मतदाताओं में से 98.91 प्रतिशत को फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं और वहां 37.81 प्रतिशत फॉर्म का डिजिटाइजेशन पूरा हो गया है। वहीं, जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र में 96.49 प्रतिशत मतदाताओं तक फॉर्म पहुंचाए जा चुके हैं, जबकि इस क्षेत्र में 29.22 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज किए गए हैं। इस अभियान को समय पर पूरा करने के लिए उपायुक्त ने सभी बीएलओ, बीएलओ सुपरवाइजर, ईआरओ एवं एईआरओ को निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत पात्र मतदाताओं तक फॉर्म पहुंचाने तथा संग्रहण व डिजिटाइजेशन कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया है। उन्होंने मतदाताओं से भी अपील की है कि वे जल्द से जल्द फॉर्म भरकर अपने संबंधित बीएलओ को उपलब्ध कराएं। इस अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से जिले के सभी प्रखंडों में वॉलंटियर्स के साथ बैठक कर जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
जामताड़ा जिले में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 अभियान के तहत एन्यूमरेशन फॉर्म के वितरण, संग्रहण और डिजिटाइजेशन का कार्य काफी तेजी से चल रहा है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त आलोक कुमार के निर्देशन में 13 जुलाई अपराह्न 4 बजे तक जिले के कुल 5,70,633 मतदाताओं में से 5,56,506 मतदाताओं तक एन्यूमरेशन फॉर्म पहुंचा दिया गया है, जो कुल मतदाताओं का 97.52 प्रतिशत है। इसके साथ ही, अब तक 1,87,679 फॉर्म का डिजिटाइजेशन भी पूरा हो चुका है, जो कुल फॉर्म का 32.89 प्रतिशत है। विधानसभा क्षेत्रों की स्थिति देखें तो नाला विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,43,895 मतदाताओं में से 98.91 प्रतिशत को फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं और वहां 37.81 प्रतिशत फॉर्म का डिजिटाइजेशन पूरा हो गया है। वहीं, जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र में 96.49 प्रतिशत मतदाताओं तक फॉर्म पहुंचाए जा चुके हैं, जबकि इस क्षेत्र में 29.22 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज किए गए हैं। इस अभियान को समय पर पूरा करने के लिए उपायुक्त ने सभी बीएलओ, बीएलओ सुपरवाइजर, ईआरओ एवं एईआरओ को निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत पात्र मतदाताओं तक फॉर्म पहुंचाने तथा संग्रहण व डिजिटाइजेशन कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया है। उन्होंने मतदाताओं से भी अपील की है कि वे जल्द से जल्द फॉर्म भरकर अपने संबंधित बीएलओ को उपलब्ध कराएं। इस अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से जिले के सभी प्रखंडों में वॉलंटियर्स के साथ बैठक कर जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
- झारखंड के धनबाद में रॉयल्टी चालान की नई व्यवस्था के विरोध में सोमवार को जिला संवेदक संघ ने जोरदार प्रदर्शन किया। संवेदकों ने कंबाइंड बिल्डिंग से रणधीर वर्मा चौक तक पैदल मार्च निकालकर सरकार और खनन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संघ के अध्यक्ष आकाश रवानी ने कहा कि बिना रॉयल्टी चालान के भुगतान रोकने से करोड़ों रुपये फंस गए हैं और विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। संवेदकों ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री और खनन मंत्री को ज्ञापन सौंपकर इस नियम को वापस लेने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो जिले के संवेदक सरकारी टेंडरों में भाग नहीं लेंगे और इसका बहिष्कार करेंगे।1
- जामताड़ा के करमाटांड़ में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहां पुलिस ने 19 पुड़िया ब्राउन शुगर के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद पुलिस अब गिरफ्तार युवक के पिता की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।1
- धनबाद के निरसा में आगामी 15.7.26 को एलिवेटेड फ्लाई ओवर को लेकर सांसद ढुल्लू महतो एक पदयात्रा निकालने जा रहे हैं। यह पदयात्रा निरसा के बेलचरी से शुरू होगी और हाथबाड़ी तक जाकर एक सभा में तब्दील हो जाएगी।1
- निरसा विधानसभा क्षेत्र के बैजना पंचायत स्थित आदिवासी फुटबॉल मैदान में स्थापित स्वतंत्रता सेनानी सिद्धू-कान्हो की प्रतिमा को अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा खंडित कर दिया गया है। यह घटना शनिवार देर रात की बताई जा रही है। रविवार सुबह जब ग्रामीण मैदान पहुंचे तो क्षतिग्रस्त प्रतिमा को देख स्तब्ध रह गए। इस घटना की खबर फैलते ही पूरे बैजना पंचायत सहित संथाली समाज में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने रोष जताते हुए कहा कि सिद्धू-कान्हो केवल स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि आदिवासी स्वाभिमान, संस्कृति और 1855 के संथाल हूल विद्रोह के अमर प्रतीक हैं। उनकी प्रतिमा को क्षति पहुंचाना पूरे आदिवासी समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के समान है। घटना की सूचना मिलने पर बैजना पंचायत के मुखिया अजय पासवान भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए इसे समाज को बांटने और शांति भंग करने का प्रयास बताया और प्रशासन से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। इसके बाद ग्रामीणों ने सामूहिक हस्ताक्षरयुक्त एक लिखित आवेदन निरसा थाना को सौंपा है। आवेदन के जरिए मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों को अविलंब गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है।3
- झारखंड के दुमका में सड़क मरम्मत के नाम पर खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। इस कार्य को देखकर अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि यह क्षेत्र का विकास हो रहा है या विनाश।1
- दुमका के मसलियां प्रखंड अंतर्गत बेलिया पंचायत के ग्राम सुंदर मोहनी शितरसनी के बीच सड़क पर एक पेड़ पड़ा हुआ है। इस वजह से वहां से गुजरने वाले चार पहिया वाहन चालकों को आवागमन में भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के बीचों-बीच पेड़ होने के कारण किसी भी समय बड़ी दुर्घटना होने का खतरा बना हुआ है, लेकिन इसके बावजूद वन विभाग के लोग अभी भी इस पूरे मामले से बेखबर बने हुए हैं।3
- धनबाद में बिना रॉयल्टी और चालान के भुगतान पर रोक लगाने की झारखंड सरकार की नीति के खिलाफ धनबाद जिला संवेदक संघ ने कंबाइंड बिल्डिंग से लेकर रणधीर वर्मा चौक तक पैदल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने झारखंड सरकार और खनन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सरकार के नए नियम का कड़ा विरोध करते हुए एक दिवसीय धरना दिया। संवेदकों में सरकार की इस नई नियमावली को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। प्रदर्शन के दौरान धनबाद संवेदक संघ के अध्यक्ष आकाश रवानी ने सरकार के इस फैसले को 'काला कानून' करार देते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि उपायुक्त (डीसी) के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री और माननीय खनन मंत्री को इस समस्या से अवगत कराया जाएगा ताकि वे इस पर संज्ञान ले सकें। संघ के अध्यक्ष ने बताया कि धनबाद में न तो बालू का टेंडर हुआ है और न ही गिट्टी का चालान सही तरीके से मिल पाता है। पहले मानक के आधार पर चालान के पैसे जमा कर भुगतान मिल जाता था, लेकिन अब इस नए नियम के कारण संवेदकों का पैसा फंस गया है जिससे काम करने में भारी कठिनाई हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार का रवैया नहीं बदला तो संवेदकों द्वारा किसी भी विभाग में टेंडर नहीं डाला जाएगा।1
- जामताड़ा जिले के मिहिजाम क्षेत्र में स्थित जियाजोरी चौक पर लगी हाईमास्ट लाइट पिछले लगभग एक साल से खराब पड़ी है, जिसके कारण यह महज एक शोपीस बनकर रह गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों को कई बार इसकी सूचना देने के बावजूद अब तक इसे ठीक नहीं कराया गया है। बरसात के मौसम में चौक पर पसरे अंधेरे के कारण राहगीरों और दुकानदारों की परेशानी और अधिक बढ़ गई है।1