बरेली के पऊ नगला ब्लॉक समिति में प्रदीप सिंह निर्विरोध निर्वाचित। भूता क्षेत्र के सहकारी समिति डायरेक्टर पद पर जीत। बरेली के पऊ नगला उर्फ कुआं डाडा ब्लॉक में सहकारी समिति के चुनाव संपन्न हुए। इन चुनावों में भूता क्षेत्र के रिछा निवासी प्रदीप सिंह को निर्विरोध डायरेक्टर चुना गया। डायरेक्टर पद पर निर्वाचित होने के बाद प्रदीप सिंह ने क्षेत्रवासियों और जनपद वासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपनी जीत का श्रेय डेलीगेटों को देते हुए कहा कि डेलीगेट चुनाव में उनकी अहम भूमिका रही, जिसके कारण उन्हें यह सफलता मिली। इस अवसर पर प्रदीप सिंह ने थाना प्रभारी रविंद्र कुमार को माला पहनाकर सम्मानित किया। उन्होंने पुलिस बल की भूमिका की भी प्रशंसा की। प्रदीप सिंह की जीत के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल देखा गया। समर्थकों ने उन्हें माला पहनाकर सम्मानित किया और प्रदीप सिंह ने सभी से आशीर्वाद भी लिया।
बरेली के पऊ नगला ब्लॉक समिति में प्रदीप सिंह निर्विरोध निर्वाचित। भूता क्षेत्र के सहकारी समिति डायरेक्टर पद पर जीत। बरेली के पऊ नगला उर्फ कुआं डाडा ब्लॉक में सहकारी समिति के चुनाव संपन्न हुए। इन चुनावों में भूता क्षेत्र के रिछा निवासी प्रदीप सिंह को निर्विरोध डायरेक्टर चुना गया। डायरेक्टर पद पर निर्वाचित होने के बाद प्रदीप सिंह ने क्षेत्रवासियों और जनपद वासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपनी जीत का श्रेय डेलीगेटों को देते हुए कहा कि डेलीगेट चुनाव में उनकी अहम भूमिका रही, जिसके कारण उन्हें यह सफलता मिली। इस अवसर पर प्रदीप सिंह ने थाना प्रभारी रविंद्र कुमार को माला पहनाकर सम्मानित किया। उन्होंने पुलिस बल की भूमिका की भी प्रशंसा की। प्रदीप सिंह की जीत के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल देखा गया। समर्थकों ने उन्हें माला पहनाकर सम्मानित किया और प्रदीप सिंह ने सभी से आशीर्वाद भी लिया।
- रिपोर्ट: अमित दीक्षित जिला ब्यूरो चीफ (पीलीभीत) पीलीभीत: खाकी फिर शर्मसार, मारपीट के बाद समझौते के नाम पर रिश्वत लेते दरोगा का वीडियो वायरल पीलीभीत। जनपद के कोतवाली दियोरिया कलां क्षेत्र में कानून के रखवाले ही अब कानून की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं। ग्राम मुड़िया भगबंतपुर में प्रधान पति और दरोगा के बीच हुई तीखी नोकझोंक और मारपीट के हाई-प्रोफाइल मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है। इस पूरे प्रकरण में दरोगा जी का रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। क्या है पूरा मामला? बीते दिनों ग्राम मुड़िया भगबंतपुर में किसी विवाद को लेकर प्रधान पति और संबंधित क्षेत्र के दरोगा के बीच जमकर कहासुनी हुई थी। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट तक की नौबत आ गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल था और पुलिस कार्रवाई की तैयारी में थी। समझौते के नाम पर 'डील' ताजा अपडेट के अनुसार, इस विवाद को रफा-दफा करने और मामला शांत कराने के लिए "खाकी" ने चांदी के जूतों का सहारा लिया। वायरल वीडियो में दरोगा जी कथित तौर पर समझौते के नाम पर रिश्वत की रकम वसूलते हुए साफ नजर आ रहे हैं। मुख्य बिंदु: स्थान: ग्राम मुड़िया भगबंतपुर, कोतवाली दियोरिया कलां। घटना: प्रधान पति और दरोगा के बीच पहले मारपीट, फिर रिश्वतखोरी। साक्ष्य: रिश्वत लेते हुए दरोगा का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित। पुलिस महकमे में मची खलबली वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस के उच्चाधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया है। एक तरफ जहां पुलिस कर्मियों पर अनुशासन बनाए रखने की जिम्मेदारी होती है, वहीं इस तरह के वीडियो सामने आने से विभाग की छवि धूमिल हो रही है। ग्रामीणों में भी इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है। जांच की सुगबुगाहट सूत्रों की मानें तो इस वायरल वीडियो के आधार पर आरोपी दरोगा के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जा सकती है। अब देखना यह होगा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने वाली सरकार और प्रशासन इस 'रिश्वतखोर' दरोगा पर क्या कार्रवाई करता है।1
- पीलीभीत/बीसलपुर। राष्ट्रीय योगी सेना के कार्यकर्ताओं ने राजूपुर कुंडरी गौशाला का औचक निरीक्षण किया, जहां चौंकाने वाली स्थिति सामने आई। गौशाला में कई गायों की आंखें फूटी हुई मिलीं, जबकि आसपास के खेतों में गायों के अवशेष बिखरे पड़े थे और मृत गायों को कुत्ते खा रहे थे। इस गंभीर स्थिति की सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए। कार्यकर्ताओं ने गौशाला केयरटेकर बनवारी लाल और ग्राम प्रधान पति शमसुल हसन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने ग्राम पंचायत अधिकारी और पशु चिकित्सा अधिकारी के निलंबन की भी मांग की। शिकायतकर्ताओं में हिमांशु मिश्रा, गौरव मिश्रा, आदित्य मिश्रा, नितिन शर्मा, मुकुल कश्यप, आशीष और अजय राजपूत शामिल हैं। सूचना मिलने पर एसडीएम और कोतवाल ने गौशाला का मौके पर जायजा लिया। उन्होंने कमियों को दूर करने के सख्त निर्देश दिए। एसडीएम ने बताया कि केयरटेकर बनवारी लाल और ग्राम प्रधान पति शमसुल हसन के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। ग्राम पंचायत अधिकारी और पशु चिकित्सा अधिकारी के निलंबन के लिए उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया है। राष्ट्रीय योगी सेना ने इस घटना को गौमाता के प्रति अमानवीयता बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यह घटना स्थानीय गौशाला प्रबंधन की घोर लापरवाही को उजागर करती है।6
- Post by अशोक सरकार1
- सोलर चक्की के बारे में पूरी जानकारी देखिए आपके अपने न्यूज़ चैनल पर1
- बरेली। भोजीपुरा विकासखंड क्षेत्र के ग्राम घुर समसपुर में पूजा स्थल पहुंचने से पहले कचरे के दर्शन हो जाते हैं। बुधवार को पूजा स्थल भव्य सेन महाराज पर रामायण पाठ होने से पहले लोगों ने कीचड़ का सामना किया जिससे लोगों में आक्रोश हुआ स्थानीय लोगों से पूछताछ के दौरान पता चला कि हमेशा ही भव्य सेन महाराज के रास्ते पर अधिकतर गंदे नाली का पानी बहता रहता है जिससे पूजा करने जाने वाले भक्तों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। पूजा स्थल पर जाते समय शुद्धता की जगह अशुद्धता हो जाती है। एक ओर पूजा स्थल के चारों ओर गंदगी पसरी हुई है। जिससे दुर्गंध आती है। स्थानीय लोगों में विशन लाल कोहली, परसोत्तम मौर्य, प्रेमपाल मौर्य, ओमकार यादि लोगों ने बताया ग्राम घुर समसपुर में पूजा स्थल की तरफ न तो कभी सफाई होती है ना ही शीशी रोड का निर्माण कार्य हुआ है।1
- बरेली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक और सख्त कदम उठाया है। थाना सीबीगंज पुलिस द्वारा प्राप्त आदेश के क्रम में शातिर अपराधी के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की गई है। थाना सीबीगंज पुलिस ने आज माननीय अपर जिलाधिकारी नगर मंडल, बरेली के आदेश के अनुपालन में उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत अभियुक्त विकास रस्तोगी को 6 माह के लिए जिला बदर किया है।1
- Post by Puranpur1
- जनपद बरेली में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना बिथरी चैनपुर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने नालंदा पब्लिक स्कूल से चोरी किए गए कंप्यूटर सामान के साथ दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।1
- वन विभाग ने उसे पकड़ने के लिए जो पिंजरा लगाया था, अब वही पिंजरा चोरों के निशाने पर है। बीते एक हफ्ते के भीतर पिंजरे में बाघ को लुभाने के लिए बांधी गई दो बकरियां चोरी हो चुकी हैं, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।1