मधेपुरा के कुमारखंड प्रखंड में बारिश की कमी और उमस भरी गर्मी के कारण धान की रोपाई का काम बेहद सुस्त पड़ा है। अब तक क्षेत्र के मात्र 29 प्रतिशत खेतों में ही रोपाई हो पाई है, जबकि इस समय तक 50 से 60 प्रतिशत काम पूरा हो जाना चाहिए था। जलस्तर में निरंतर गिरावट के चलते खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे मजबूरन किसानों को मोटर और डीजल पंप सेट का सहारा लेना पड़ रहा है, जो उनके लिए काफी महंगा साबित हो रहा है। कृषि विभाग के बीएओ दीपक कुमार और कृषि कोर्डिनेटर सुमन सौरभ के अनुसार, प्रखंड में धान रोपाई का लक्ष्य 13,999 हेक्टेयर भूमि है, लेकिन मानसून की बेरुखी ने स्थिति कठिन कर दी है। किसानों की परेशानी तब और बढ़ गई है क्योंकि सरकार ने अभी तक डीजल अनुदान की घोषणा नहीं की है। साथ ही, नहरों में पानी का अभाव है और कृषि फीडर से हर जगह बिजली की आपूर्ति न होने के कारण भी किसान सिंचाई के वैकल्पिक संसाधनों से वंचित हैं। धान उत्पादक किसान अब मानसून के बदले रुख को लेकर आशंकित हैं क्योंकि धान की बेहतर रोपाई के लिए 15 से 20 जुलाई का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। इस संकट को लेकर राजद अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह, प्रो. वेदप्रकाश रिंकू, सीपीआईएम अंचल मंत्री ललन कुमार यादव, किसान नेता जगरनाथ झा, पन्नालाल यादव, भोला यादव, परशुराम तिवारी और जनसुराज पार्टी के नेता राजेश झा सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि किसानों को पटवन के लिए राशि मुहैया कराई जाए और सरकारी नलकूपों व बिजली कनेक्शन व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए।
मधेपुरा के कुमारखंड प्रखंड में बारिश की कमी और उमस भरी गर्मी के कारण धान की रोपाई का काम बेहद सुस्त पड़ा है। अब तक क्षेत्र के मात्र 29 प्रतिशत खेतों में ही रोपाई हो पाई है, जबकि इस समय तक 50 से 60 प्रतिशत काम पूरा हो जाना चाहिए था। जलस्तर में निरंतर गिरावट के चलते खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे मजबूरन किसानों को मोटर और डीजल पंप सेट का सहारा लेना पड़ रहा है, जो उनके लिए काफी महंगा साबित हो रहा है। कृषि विभाग के बीएओ दीपक कुमार और कृषि कोर्डिनेटर सुमन सौरभ के अनुसार, प्रखंड में धान रोपाई का लक्ष्य 13,999 हेक्टेयर भूमि है, लेकिन मानसून की बेरुखी ने स्थिति कठिन कर दी है। किसानों की परेशानी तब और बढ़ गई है क्योंकि सरकार ने अभी तक डीजल अनुदान की घोषणा नहीं की है। साथ ही, नहरों में पानी का अभाव है और कृषि फीडर से हर जगह बिजली की आपूर्ति न होने के कारण भी किसान सिंचाई के वैकल्पिक संसाधनों से वंचित हैं। धान उत्पादक किसान अब मानसून के बदले रुख को लेकर आशंकित हैं क्योंकि धान की बेहतर रोपाई के लिए 15 से 20 जुलाई का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। इस संकट को लेकर राजद अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह, प्रो. वेदप्रकाश रिंकू, सीपीआईएम अंचल मंत्री ललन कुमार यादव, किसान नेता जगरनाथ झा, पन्नालाल यादव, भोला यादव, परशुराम तिवारी और जनसुराज पार्टी के नेता राजेश झा सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि किसानों को पटवन के लिए राशि मुहैया कराई जाए और सरकारी नलकूपों व बिजली कनेक्शन व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए।
- सुपौल जिले के अमहा गांव और पिपरा थाना क्षेत्र में बिजली कटौती की समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां रात के 9:00 बजे से लेकर रात के 11:00 बजे तक बिजली काट दी जाती है। खास बात यह है कि यह बिजली कटौती बिना किसी मौसमी बदलाव या बादलों के ही की जा रही है।2
- सुपौल के बोराह कर्जन बाजार में लगातार पानी पड़ने और रोज-रोज हो रही बारिश के कारण धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। हर तरफ सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है, जिससे धान की फसल डूब गई है। पानी की इस गंभीर समस्या और धान की भारी बर्बादी को देखते हुए अब यह डर सताने लगा है कि अगली बार धान की फसल नहीं हो पाएगी।1
- सहरसा से पूर्णिया जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित बैजनाथ पुर चौक वर्षों से एक बड़ी समस्या का केंद्र बना हुआ है। सड़क निर्माण कार्य समय पर पूरा न होने के कारण स्थानीय निवासियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। सड़क मार्ग का निर्माण अधूरा रहने के कारण थोड़ी सी बारिश होते ही यह इलाका जलमग्न हो जाता है, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोग लंबे समय से इस जर्जर और अधूरी सड़क से निजात पाने का इंतजार कर रहे हैं।1
- सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर में शादी में हुई मारपीट के बाद पीड़ित परिवार गमगीन है। इस घटना के बाद अब परिवार को अपने बेटे और बहू के घर पहुंचने का इंतजार है।1
- अररिया में नगर परिषद द्वारा कूड़ा फेंकने के खिलाफ स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए हैं और कड़ा विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस समस्या को लेकर फैसल जावेद यासीन के नेतृत्व में एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें आक्रोशित लोगों ने प्रशासन को अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा। 'नदी बचाओ' और 'स्वच्छ अररिया' की मांग के साथ दमहेली और बांसबारी जैसे क्षेत्रों के लोग इस गंभीर मुद्दे को लेकर नगर परिषद के खिलाफ लामबंद हैं।1
- सुपौल के परसरमा गांव में 7 वर्षीय मासूम प्रीति कुमारी की हत्या के बाद कोसी प्रक्षेत्र के DIG डॉ. कुमार आशीष ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए हैं। दौरे के दौरान DIG ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें स्पीडी ट्रायल चलाने, आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।1