*मंडी में चुनावी घमासान शुरू, अध्यक्ष पद पर दो दिग्गज आमने-सामने* खैरथल / हीरालाल भूरानी प्रदेश में विशिष्ट पहचान रखने वाली खैरथल अनाज मंडी इन दिनों चुनावी हलचल से गुलजार है। व्यापार समिति के अध्यक्ष पद को लेकर माहौल पूरी तरह सियासी रंग में रंग चुका है। मंडी परिसर में रणनीति, बैठकों और समर्थन जुटाने की कवायद तेज हो गई है। अध्यक्ष पद की दौड़ में पिछले चुनाव के दोनों दावेदार सर्वेश गुप्ता और दीनदयाल गुप्ता एक बार फिर आमने-सामने माने जा रहे हैं। दोनों खेमे अपने समर्थकों को एकजुट करने में जुटे हैं, जिससे मुकाबला दिलचस्प होता नजर आ रहा है। व्यापारी वर्ग में भी इस बार कड़ा संघर्ष होने की चर्चा है। बुधवार को मंडी के सभा कक्ष में सभी व्यापारियों की अहम बैठक बुलाई गई है। इसमें सर्वसम्मति से चुनाव अधिकारी व उनकी टीम का गठन किया जाएगा। साथ ही मतदान की तिथि की औपचारिक घोषणा भी संभावित है। चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी व निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने का भरोसा दिलाया गया है। इधर, बाहरी व्यापारियों की मतदान में भागीदारी को लेकर बना असमंजस भी चर्चा का विषय बना हुआ है। दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे पर विचार-विमर्श जारी है, ताकि किसी प्रकार का विवाद न रहे और सभी पात्र मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें। प्रतिष्ठा और प्रभाव से जुड़े इस पद के लिए मुकाबला कांटे का माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें बुधवार की बैठक और घोषित होने वाली चुनाव तिथि पर टिकी हैं।
*मंडी में चुनावी घमासान शुरू, अध्यक्ष पद पर दो दिग्गज आमने-सामने* खैरथल / हीरालाल भूरानी प्रदेश में विशिष्ट पहचान रखने वाली खैरथल अनाज मंडी इन दिनों चुनावी हलचल से गुलजार है। व्यापार समिति के अध्यक्ष पद को लेकर माहौल पूरी तरह सियासी रंग में रंग चुका है। मंडी परिसर में रणनीति, बैठकों और समर्थन जुटाने की कवायद तेज हो गई है। अध्यक्ष पद की दौड़ में पिछले चुनाव के दोनों दावेदार सर्वेश गुप्ता और दीनदयाल गुप्ता एक बार फिर आमने-सामने माने जा रहे हैं। दोनों खेमे अपने समर्थकों को एकजुट करने में जुटे हैं, जिससे मुकाबला दिलचस्प होता नजर आ रहा है। व्यापारी वर्ग में भी इस बार कड़ा संघर्ष होने की चर्चा है। बुधवार को मंडी के सभा कक्ष में सभी व्यापारियों की अहम बैठक बुलाई गई है। इसमें सर्वसम्मति से चुनाव अधिकारी व उनकी टीम का गठन किया जाएगा। साथ ही मतदान की तिथि की औपचारिक घोषणा भी संभावित है। चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी व निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने का भरोसा दिलाया गया है। इधर, बाहरी व्यापारियों की मतदान में भागीदारी को लेकर बना असमंजस भी चर्चा का विषय बना हुआ है। दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे पर विचार-विमर्श जारी है, ताकि किसी प्रकार का विवाद न रहे और सभी पात्र मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें। प्रतिष्ठा और प्रभाव से जुड़े इस पद के लिए मुकाबला कांटे का माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें बुधवार की बैठक और घोषित होने वाली चुनाव तिथि पर टिकी हैं।
- *भिवाड़ी में प्रशासन की सख्ती, जांच के दौरान दो अवैध पटाखा फैक्ट्री पकड़ी* *मंगलवार को संयुक्त दल ने 315 औद्योगिक इकाइयों का किया निरीक्षण* खैरथल / हीरालाल भूरानी कारौली-भिवाड़ी स्थित रीको औद्योगिक क्षेत्र में हाल ही में हुई आगजनी की गंभीर घटना के बाद जिला प्रशासन द्वारा शुरू किए गए व्यापक जांच अभियान के तहत मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जांच टीम ने दो अवैध पटाखा निर्माण फैक्ट्री को सीज किया। यह मैसर्स कात्याल लॉजिस्टिक और लक्ष्मी एलॉयज के नाम पर संचालित की जा रही थी, जबकि अंदर बड़े पैमाने पर पटाखों का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था। सीज कि गई औद्योगिक प्लॉट का आईजी रेंज जयपुर एच.जी. राघवेंद्र सुहास ने निरीक्षण कर पुलिस अधिकारियों को जब्ती प्रक्रिया को नियमानुसार पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से की गई कार्रवाई की जानकारी भी ली। जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला के निर्देशानुसार गठित जांच दल जब रीको प्लॉट संख्या जी-1/682 एंव जी 1- 538ए पर पहुंचा तो दोनों फैक्ट्री बंद मिली और मालिक मौके से फरार था। टीम द्वारा कई बार संपर्क करने के बावजूद मालिक के नहीं पहुंचने पर प्रशासन, पुलिस एवं रीको अधिकारियों की मौजूदगी में फैक्ट्री का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया। निरीक्षण के दौरान परिसर से भारी मात्रा में पटाखे, कच्चा माल एवं निर्माण में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए। अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुमित्रा मिश्र ने बताया कि सूचना मिलने पर टीम तुरंत मौके पर पहुंची और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए दोनों फैक्ट्री की जांच की गई। प्रथम दृष्टया फैक्ट्री में विस्फोटक सामग्री का अवैध निर्माण एवं भंडारण पाया गया है, जो सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन है। एहतियातन फैक्ट्री की बिजली आपूर्ति भी तत्काल प्रभाव से काट दी गई है, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके। पहली कार्रवाई में खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र के भूखण्ड संख्या G1-682 पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं तहसीलदार टपूकड़ा की टीम ने निरीक्षण किया। यह भूखण्ड मैसर्स कात्याल लॉजिस्टिक के नाम आवंटित है, लेकिन मौके पर फैक्ट्री बंद मिली। प्रशासन द्वारा निर्देश देने के बाद जब गेट नहीं खोला गया, तो अधिकारियों ने अंदर प्रवेश कर निरीक्षण किया, जहां जिप्सम, सिलिका सैंड, नाइट्रिक एसिड, पत्थर, रेशा सहित पटाखा निर्माण से संबंधित मशीनें और रासायनिक पदार्थ पाए गए। पुलिस द्वारा मौके पर सामग्री जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है तथा मामले में FIR दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। फैक्ट्री संचालक ने बताया कि इकाई को मैसर्स शिवशक्ति इंडस्ट्रीज को किराये पर दिया गया था। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने स्तर पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जांच में उक्त भूखण्ड को बिना रीको की अनुमति किराये पर दिया गया था, जो रीको भू-निपटान नियम 1979 और लीज शर्तों का उल्लंघन है। इस पर रीको द्वारा 45 दिवस का कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए भूखण्ड निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई। दुसरी कार्रवाई में रीको क्षेत्र स्थित एक भूखण्ड, जो वर्तमान में मैसर्स लक्ष्मी अलॉयज के नाम दर्ज है, पर प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर फैक्ट्री को बंद और ताला लगा हुआ पाया। प्रोपराइटर श्री कृष्ण कुमार के अनुपस्थित होने पर प्रशासन की उपस्थिति में ताला तोड़कर निरीक्षण किया गया, जहां बड़ी मात्रा में पटाखे निर्माण से संबंधित सामग्री बरामद हुई। जांच में उक्त भूखण्ड को बिना रीको की अनुमति किराये पर दिया गया था, जो रीको भू-निपटान नियम 1979 और लीज शर्तों का उल्लंघन है। इस पर रीको द्वारा 90 दिवस का कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए भूखण्ड निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान मौके पर पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अतुल साहू, उपखंड अधिकारी टपूकडा लाखन सिंह गुर्जर, तिजारा डीएसपी शिवराज सिंह, तहसीलदार, नगर परिषद, फायर विभाग एवं रीको के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन द्वारा पूरे परिसर की गहन जांच की गई तथा संबंधित फैक्ट्री संचालक के विरुद्ध विस्फोटक अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भिवाड़ी, खुशखेड़ा, टपूकड़ा, चौपानकी एवं फेज-3 सहित सभी औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित इकाइयों की सघन जांच जारी रहेगी। जांच दल द्वारा मंगलवार को रीको यूनिट प्रथम ने 170 एवं रीको यूनिट द्वितीय ने 145 इकाइयों के निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों कि जांच सुनिश्चित की गई।4
- खुशखेड़ा क्षेत्र में अवैध रूप से पटाखा निर्माण करने वाली एक फैक्ट्री पकड़ी गई है। प्रशासन द्वारा मौके पर पहुंचकर फैक्ट्री की जांच जारी , कांग्रेस नेता धरने पर बैठे1
- *भिवाड़ी में प्रशासन की शक्ति, जांच के दौरान दो अवैध पटाखा फैक्ट्री पकड़ी* *मंगलवार को संयुक्त दल ने 315 औद्योगिक इकाइयों का किया निरीक्षण* जन जागरण संदेश संवाददाता देवराज मीणा मुंडावर खैरथल-तिजारा, 17 फरवरी। कारौली-भिवाड़ी स्थित रीको औद्योगिक क्षेत्र में हाल ही में हुई आगजनी की गंभीर घटना के बाद जिला प्रशासन द्वारा शुरू किए गए व्यापक जांच अभियान के तहत मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जांच टीम ने दो अवैध पटाखा निर्माण फैक्ट्री को सीज किया। यह मैसर्स कात्याल लॉजिस्टिक और लक्ष्मी एलॉयज के नाम पर संचालित की जा रही थी, जबकि अंदर बड़े पैमाने पर पटाखों का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था। सीज कि गई औद्योगिक प्लॉट का आईजी रेंज जयपुर एच.जी. राघवेंद्र सुहास ने निरीक्षण कर पुलिस अधिकारियों को जब्ती प्रक्रिया को नियमानुसार पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से की गई कार्रवाई की जानकारी भी ली। जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला के निर्देशानुसार गठित जांच दल जब रीको प्लॉट संख्या जी-1/682 एंव जी 1- 538ए पर पहुंचा तो दोनों फैक्ट्री बंद मिली और मालिक मौके से फरार था। टीम द्वारा कई बार संपर्क करने के बावजूद मालिक के नहीं पहुंचने पर प्रशासन, पुलिस एवं रीको अधिकारियों की मौजूदगी में फैक्ट्री का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया। निरीक्षण के दौरान परिसर से भारी मात्रा में पटाखे, कच्चा माल एवं निर्माण में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए। अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुमित्रा मिश्र ने बताया कि सूचना मिलने पर टीम तुरंत मौके पर पहुंची और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए दोनों फैक्ट्री की जांच की गई। प्रथम दृष्टया फैक्ट्री में विस्फोटक सामग्री का अवैध निर्माण एवं भंडारण पाया गया है, जो सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन है। एहतियातन फैक्ट्री की बिजली आपूर्ति भी तत्काल प्रभाव से काट दी गई है, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके। पहली कार्रवाई में खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र के भूखण्ड संख्या G1-682 पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं तहसीलदार टपूकड़ा की टीम ने निरीक्षण किया। यह भूखण्ड मैसर्स कात्याल लॉजिस्टिक के नाम आवंटित है, लेकिन मौके पर फैक्ट्री बंद मिली। प्रशासन द्वारा निर्देश देने के बाद जब गेट नहीं खोला गया, तो अधिकारियों ने अंदर प्रवेश कर निरीक्षण किया, जहां जिप्सम, सिलिका सैंड, नाइट्रिक एसिड, पत्थर, रेशा सहित पटाखा निर्माण से संबंधित मशीनें और रासायनिक पदार्थ पाए गए। पुलिस द्वारा मौके पर सामग्री जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है तथा मामले में FIR दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। फैक्ट्री संचालक ने बताया कि इकाई को मैसर्स शिवशक्ति इंडस्ट्रीज को किराये पर दिया गया था। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने स्तर पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जांच में उक्त भूखण्ड को बिना रीको की अनुमति किराये पर दिया गया था, जो रीको भू-निपटान नियम 1979 और लीज शर्तों का उल्लंघन है। इस पर रीको द्वारा 45 दिवस का कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए भूखण्ड निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई। दुसरी कार्रवाई में रीको क्षेत्र स्थित एक भूखण्ड, जो वर्तमान में मैसर्स लक्ष्मी अलॉयज के नाम दर्ज है, पर प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर फैक्ट्री को बंद और ताला लगा हुआ पाया। प्रोपराइटर श्री कृष्ण कुमार के अनुपस्थित होने पर प्रशासन की उपस्थिति में ताला तोड़कर निरीक्षण किया गया, जहां बड़ी मात्रा में पटाखे निर्माण से संबंधित सामग्री बरामद हुई। जांच में उक्त भूखण्ड को बिना रीको की अनुमति किराये पर दिया गया था, जो रीको भू-निपटान नियम 1979 और लीज शर्तों का उल्लंघन है। इस पर रीको द्वारा 90 दिवस का कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए भूखण्ड निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान मौके पर पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अतुल साहू, उपखंड अधिकारी टपूकडा लाखन सिंह गुर्जर, तिजारा डीएसपी शिवराज सिंह, तहसीलदार, नगर परिषद, फायर विभाग एवं रीको के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन द्वारा पूरे परिसर की गहन जांच की गई तथा संबंधित फैक्ट्री संचालक के विरुद्ध विस्फोटक अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भिवाड़ी, खुशखेड़ा, टपूकड़ा, चौपानकी एवं फेज-3 सहित सभी औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित इकाइयों की सघन जांच जारी रहेगी। जांच दल द्वारा मंगलवार को रीको यूनिट प्रथम ने 170 एवं रीको यूनिट द्वितीय ने 145 इकाइयों के निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों कि जांच सुनिश्चित की गई।7
- भिवाड़ी में प्रशासन की सख्ती, जांच के दौरान दो अवैध पटाखा फैक्ट्री पकड़ी मंगलवार को संयुक्त दल ने 315 औद्योगिक इकाइयों का किया निरीक्षण जयबीर सिंह ब्यूरो रिपोर्ट खैरथल तिजारा। खैरथल-तिजारा, 17 फरवरी। कारौली-भिवाड़ी स्थित रीको औद्योगिक क्षेत्र में हाल ही में हुई आगजनी की गंभीर घटना के बाद जिला प्रशासन द्वारा शुरू किए गए व्यापक जांच अभियान के तहत मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जांच टीम ने दो अवैध पटाखा निर्माण फैक्ट्री को सीज किया। यह मैसर्स कात्याल लॉजिस्टिक और लक्ष्मी एलॉयज के नाम पर संचालित की जा रही थी, जबकि अंदर बड़े पैमाने पर पटाखों का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था। सीज कि गई औद्योगिक प्लॉट का आईजी रेंज जयपुर एच.जी. राघवेंद्र सुहास ने निरीक्षण कर पुलिस अधिकारियों को जब्ती प्रक्रिया को नियमानुसार पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से की गई कार्रवाई की जानकारी भी ली। जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला के निर्देशानुसार गठित जांच दल जब रीको प्लॉट संख्या जी-1/682 एंव जी 1- 538ए पर पहुंचा तो दोनों फैक्ट्री बंद मिली और मालिक मौके से फरार था। टीम द्वारा कई बार संपर्क करने के बावजूद मालिक के नहीं पहुंचने पर प्रशासन, पुलिस एवं रीको अधिकारियों की मौजूदगी में फैक्ट्री का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया। निरीक्षण के दौरान परिसर से भारी मात्रा में पटाखे, कच्चा माल एवं निर्माण में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए। अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुमित्रा मिश्र ने बताया कि सूचना मिलने पर टीम तुरंत मौके पर पहुंची और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए दोनों फैक्ट्री की जांच की गई। प्रथम दृष्टया फैक्ट्री में विस्फोटक सामग्री का अवैध निर्माण एवं भंडारण पाया गया है, जो सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन है। एहतियातन फैक्ट्री की बिजली आपूर्ति भी तत्काल प्रभाव से काट दी गई है, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके। पहली कार्रवाई में खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र के भूखण्ड संख्या G1-682 पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं तहसीलदार टपूकड़ा की टीम ने निरीक्षण किया। यह भूखण्ड मैसर्स कात्याल लॉजिस्टिक के नाम आवंटित है, लेकिन मौके पर फैक्ट्री बंद मिली। प्रशासन द्वारा निर्देश देने के बाद जब गेट नहीं खोला गया, तो अधिकारियों ने अंदर प्रवेश कर निरीक्षण किया, जहां जिप्सम, सिलिका सैंड, नाइट्रिक एसिड, पत्थर, रेशा सहित पटाखा निर्माण से संबंधित मशीनें और रासायनिक पदार्थ पाए गए। पुलिस द्वारा मौके पर सामग्री जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है तथा मामले में FIR दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। फैक्ट्री संचालक ने बताया कि इकाई को मैसर्स शिवशक्ति इंडस्ट्रीज को किराये पर दिया गया था। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने स्तर पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जांच में उक्त भूखण्ड को बिना रीको की अनुमति किराये पर दिया गया था, जो रीको भू-निपटान नियम 1979 और लीज शर्तों का उल्लंघन है। इस पर रीको द्वारा 45 दिवस का कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए भूखण्ड निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई। दुसरी कार्रवाई में रीको क्षेत्र स्थित एक भूखण्ड, जो वर्तमान में मैसर्स लक्ष्मी अलॉयज के नाम दर्ज है, पर प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर फैक्ट्री को बंद और ताला लगा हुआ पाया। प्रोपराइटर कृष्ण कुमार के अनुपस्थित होने पर प्रशासन की उपस्थिति में ताला तोड़कर निरीक्षण किया गया, जहां बड़ी मात्रा में पटाखे निर्माण से संबंधित सामग्री बरामद हुई। जांच में उक्त भूखण्ड को बिना रीको की अनुमति किराये पर दिया गया था, जो रीको भू-निपटान नियम 1979 और लीज शर्तों का उल्लंघन है। इस पर रीको द्वारा 90 दिवस का कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए भूखण्ड निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान मौके पर पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अतुल साहू, उपखंड अधिकारी टपूकडा लाखन सिंह गुर्जर, तिजारा डीएसपी शिवराज सिंह, तहसीलदार, नगर परिषद, फायर विभाग एवं रीको के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन द्वारा पूरे परिसर की गहन जांच की गई तथा संबंधित फैक्ट्री संचालक के विरुद्ध विस्फोटक अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भिवाड़ी, खुशखेड़ा, टपूकड़ा, चौपानकी एवं फेज-3 सहित सभी औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित इकाइयों की सघन जांच जारी रहेगी। जांच दल द्वारा मंगलवार को रीको यूनिट प्रथम ने 170 एवं रीको यूनिट द्वितीय ने 145 इकाइयों के निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों कि जांच सुनिश्चित की गई।4
- आज के भाव अलवर मंडी1
- Post by Dk rajput Rajput1
- गोविंद डोटासरा ने आज अपने हमशक्ल में मुलाक़ात की। इनका नाम नरेश कुमार सिंधी है, जो डीडवाना जिले के लाडनूं में रहते हैं. 42 वर्षीय नरेश कुमार सिंधी मेडिकल क्षेत्र में जॉब करते हैं और उनका खुद का कैटरिंग का भी काम है. वे अक्सर शादी समारोह में कैटरिंग की बुकिंग पर जाते हैं. नरेश कुमार मूलतः जयपुर के रहने वाले हैं, मगर वे लगभग 12 सालों से लाडनूं में ही रहने लगे हैं. लाडनूं में ही उनका ससुराल भी है #कांग्रेस #राजस्थान1
- भिवाड़ी के खुशखेड़ा में जलकर कोयला हुए श्रमिकों की शिनाख्त अब DNA से होगी। टपूकड़ा अस्पताल में मची चीख-पुकार। विपक्ष ने उठाए मुआवजे और सुरक्षा पर सवाल। क्या दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा?1