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उत्तर प्रदेश के एक अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने से हड़कंप मच गया। स्टाफ की लापरवाही को इसका कारण बताया जा रहा है, जिससे मरीजों को भारी परेशानी हुई।
Himanshu mishra
उत्तर प्रदेश के एक अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने से हड़कंप मच गया। स्टाफ की लापरवाही को इसका कारण बताया जा रहा है, जिससे मरीजों को भारी परेशानी हुई।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- बाबेरू में मोहर्रम की सातवीं तारीख को हजरत क़ासिम की याद में मेहंदी पलंग जुलूस निकाला गया।1
- मोहर्रम की सातवीं तारीख पर शिया समुदाय के लोगों ने इमाम बारगाह से पूरे अकीदत और एहतराम के साथ अलम का मातमी जुलूस निकाला।1
- बांदा कांग्रेस कार्यालय पर एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राजेश दीक्षित और कार्यकर्ताओं ने अजय राय जी के निर्देशन में नेट पेपर लीक और बेरोज़गार युवाओं के साथ हो रहे 'खिलवाड़' को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। इस बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि कैसे बेरोज़गार युवा लाखों रुपए खर्च करके परीक्षा देने पहुंचते हैं, लेकिन इसके बावजूद पेपर लीक की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। कार्यकर्ताओं ने इस स्थिति को 'बच्चों के साथ खिलवाड़' बताते हुए सरकार से इस मामले में ठोस कार्रवाई की मांग की।1
- लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद बांदा का प्रशासन अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। इसी क्रम में, मंडलायुक्त अजीत कुमार ने निजी अस्पतालों और कोचिंग सेंटरों का औचक निरीक्षण किया, जहाँ उन्हें फायर सेफ्टी से जुड़ी व्यवस्थाओं में कई गंभीर खामियां मिलीं। इन खामियों के मद्देनजर, अस्पतालों को 24 घंटे के भीतर सुधार करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं और ऐसा न करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। इसके अतिरिक्त, आकाश कोचिंग सेंटर को सुरक्षा मानकों को पूरी तरह से लागू करने तक सभी कक्षाएं स्थगित करने का आदेश दिया गया है। प्रशासन की ओर से होटलों, लाइब्रेरी और अन्य सार्वजनिक स्थलों की जांच भी लगातार जारी है। इस निरीक्षण के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट और मुख्य अग्निशमन अधिकारी भी मंडलायुक्त के साथ मौजूद रहे।2
- बाँदा जिले के मरका स्थित यमुना नदी पुल से एक पति-पत्नी ने नदी में छलांग लगा दी। इस घटना में पत्नी की मौत हो गई, जबकि पति को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।1
- बांदा में शहीदाने कर्बला की याद में मनाए जा रहे मोहर्रम की सातवीं तारीख को शिया समुदाय द्वारा पूर्वी कोठी से एक मातमी जुलूस निकाला गया। इस दौरान शिया समुदाय के लोगों ने सीनाजनी मातम करते हुए याद-ए-हुसैन में खुद को लहूलुहान कर लिया। इसके साथ ही, छावनी मोहल्ले से लेकर जिला परिषद रोड तक अलम जुलूस भी निकाले गए, जिनमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे और लंगर का भी आयोजन हुआ। दस दिवसीय मोहर्रम की श्रृंखला के तहत मंगलवार को मोहर्रम की सातवीं पर शहर के विभिन्न इमामबाड़ों से दोपहर तीन बजे से अलम जुलूस उठाए गए। ये सभी जुलूस अपने-अपने परंपरागत मार्गों से होते हुए जिला परिषद रोड पर पहुंचे, जहां मातमी धुनों के बीच करतब भी दिखाए गए। देर शाम, शहर की पूर्वी कोठी से शिया समुदाय का अलम जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में शिया समुदाय के लोगों ने सीनाजनी मातम कर खुद को लहूलुहान किया। यह जुलूस मातमी धुनों के बीच सट्टन चौराहा स्थित शिया इमामबाड़े में समाप्त हुआ, जहाँ देर रात तक मजलिस का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और पुलिस अधीक्षक पूरे जुलूस पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे, जबकि शहर कोतवाल बलराम सिंह लगातार गस्त करते नजर आए। मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष शोएब नियाजी और अरशद निजामी भी जुलूस में मौजूद रहे।2