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Hiring Job Title : स्कूल बस ड्राइवर Company / Shop : संस्कार माउंट पब्लिक स्कूल Job Field : बस ड्राइवर Locality : खुर्शी मोड़, बाकल, तहसील बहोरीबंद, जिला कटनी Job Type : Full Time Required Work Experience : 1-2 Years वेतन अनुभव के आधार पर....
गोकुल पटेल
Hiring Job Title : स्कूल बस ड्राइवर Company / Shop : संस्कार माउंट पब्लिक स्कूल Job Field : बस ड्राइवर Locality : खुर्शी मोड़, बाकल, तहसील बहोरीबंद, जिला कटनी Job Type : Full Time Required Work Experience : 1-2 Years वेतन अनुभव के आधार पर....
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- कटनी में स्टेशन चौराहा स्थित एक शराब दुकान पर कर्मचारी को कट्टा दिखाकर धमकाने और दहशत फैलाने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद यह पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया। कोतवाली पुलिस ने मामले पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की जांच में मुख्य आरोपी गांधीगंज निवासी गोलू सक्सेना को पकड़ा गया, जिसके कब्जे से एक देशी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। वहीं, पुलिस ने जानू उर्फ महेंद्र चौहान और अंशुल भारती को भी गिरफ्तार किया है, जिनके पास से धारदार चाकू जब्त किए गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शराब दुकान के कर्मचारी और मुख्य आरोपी के बीच कोई पुराना विवाद था। पुलिस इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि यह घटना केवल डराने-धमकाने के उद्देश्य से की गई थी या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी। फिलहाल, आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई जारी है।1
- Post by User11511
- कटनी शहर में एक शराब दुकान पर कट्टा लहराकर कर्मचारियों और ग्राहकों में दहशत फैलाने वाले तीन बदमाशों को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपियों ने खुलेआम हथियार दिखाकर इलाके में भय का माहौल बनाने की कोशिश की थी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई थी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस तत्काल सक्रिय हुई और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई के परिणामस्वरूप, तीनों आरोपी जल्द ही गिरफ्त में आ गए। पुलिस अब गिरफ्तार बदमाशों से पूछताछ कर रही है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आरोपियों ने शराब दुकान पहुँचकर कट्टा लहराते हुए कर्मचारियों को धमकाया, जिससे वहाँ मौजूद लोगों में दहशत फैल गई थी। इस गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में पुलिस की तत्परता की सराहना की जा रही है, और लोगों का कहना है कि समय पर कार्रवाई होने से एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कटनी में गुंडागर्दी, हथियारबाजी और आम जनता को डराने-धमकाने वालों के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया जाएगा और कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। कटनी पुलिस का साफ संदेश है कि कट्टा लहराने वालों की जगह अब सलाखों के पीछे है।1
- Post by RAHUL YADAV1
- कटनी नगर में नेशनल मीडिया प्रेस क्लब (NMPC) द्वारा पत्रकारों के लिए एक निःशुल्क कानूनी पाठशाला संचालित की जा रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य डिजिटल युग में पत्रकारिता के गिरते मानकों की रक्षा करना और मीडियाकर्मियों को उनके वैधानिक अधिकारों, सुरक्षा और पत्रकारिता के नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना है। यह कार्यशाला पत्रकारों को कानूनी चुनौतियों से बचाने और उन्हें एक सशक्त व जिम्मेदार प्रहरी के रूप में कार्य करने के लिए तैयार करती है। इस पाठशाला के तहत कानूनी सुरक्षा और अधिकार सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि मीडियाकर्मी कार्यस्थल पर होने वाले गैर-संवैधानिक हमलों, उत्पीड़न या झूठे मुकदमों के खिलाफ कानूनी रूप से लड़ सकें। इसके अतिरिक्त, पत्रकारों को प्रेस की स्वतंत्रता के दायरे में रहकर निष्पक्ष, सटीक और जवाबदेह रिपोर्टिंग करने का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है। कार्यशाला का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह भारतीय प्रेस परिषद और मीडिया कानूनों, जैसे मानहानि और सूचना का अधिकार, की सटीक व स्पष्ट जानकारी देकर पत्रकारों को बिना किसी भय के कार्य करने हेतु दबाव से मुक्ति दिलाती है। नेशनल मीडिया प्रेस क्लब इस मुहिम में शामिल होने के लिए पत्रकारों को आमंत्रित कर रहा है, जहाँ संगठित होकर अपने अधिकारों व कर्तव्यों की आवाज उठाने पर जोर दिया जा रहा है। ‘संघे शक्ति कलयुगे’ के सिद्धांत को रेखांकित करते हुए, यह बताया गया है कि इस कलयुग में संगठन व संगठित रहना ही शक्ति है। क्लब की ओर से स्पष्ट किया गया है कि केवल नैतिक व संवैधानिक रूप से सही दिशा पर कार्य कर रहे पत्रकार ही इससे जुड़ें। पत्रकारों को संवैधानिक अधिकार मिलने चाहिए, इसी उद्देश्य के साथ यह कानूनी पाठशाला अपने अधिकारों व कर्तव्यों को विस्तार से समझने, संगठित होकर बुलंद आवाज के साथ ‘पत्रकार एकता जिंदाबाद’ का उद्घोष करने और पत्रकारों के हितों की लड़ाई में सहभागिता निभाने का आह्वान करती है।1
- एक बेहद गंभीर मामले में, एक लड़के को 13 साल की उम्र में जेल भेज दिया गया था और अब, 25 साल की उम्र में, वह आखिरकार रिहा हो गया है, जिसने अपनी ज़िंदगी के महत्वपूर्ण 12 साल जेल में बिताए हैं। इस पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं कि एक मासूम 13 साल का लड़का पार्टी पॉलिटिक्स के बारे में क्या जान सकता था। आरोप है कि अभिषेक बनर्जी ने एक दिन लड़के के हाथ में बीजेपी का झंडा देखा, जिसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को बुलाया और लड़के को ऐसे आरोपों में जेल भेजने का आदेश दिया जिससे उसे ज़िंदगी भर कभी जमानत न मिल सके। इस घटना की तुलना अंग्रेजों के अत्याचार से करते हुए कहा गया है कि अंग्रेज भी इतने बेरहम नहीं थे, फिर भी एक लड़के की पूरी ज़िंदगी बर्बाद कर दी गई। सवाल उठाया गया है कि अब उसके उन सालों के नुकसान की भरपाई कौन करेगा जिनसे उसका भविष्य बनना चाहिए था, और क्या हमारे संविधान में इसका कोई प्रावधान है। यह मांग की गई है कि अभिषेक बनर्जी को लड़के की ज़िंदगी बर्बाद करने के लिए ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए और उसे तथा उसके परिवार को तुरंत कम से कम पांच करोड़ रुपये का मुआवज़ा दिया जाना चाहिए। इसके अलावा, एफआईआर दर्ज होने के समय थाने में मौजूद पूरे पुलिस स्टाफ को नौकरी से निकाल देना चाहिए और उनसे जुर्माना भी वसूला जाना चाहिए।1
- जी डी मेमोरियल हॉस्पिटल में एक निशुल्क चिकित्सा शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस शिविर में जबलपुर और नागपुर से आए वरिष्ठ डॉक्टरों ने मरीजों को परामर्श प्रदान किया।1
- सतना के बरौंधा में पदस्थ रहे रेंजर बृजेंद्र पांडेय, जिनका तबादला अब सीधी हो गया है, और उनकी आरक्षक पत्नी भारती उपाध्याय के बीच का पारिवारिक विवाद गहरा गया है। यह हाईप्रोफाइल विवाद उस समय और बढ़ गया जब रेंजर को रीवा के एक होटल में एक अन्य महिला के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया। इस घटना के बाद से दोनों पक्षों में लगातार टकराव जारी है। पति ने अपनी पत्नी पर चोरी का मामला दर्ज कराया है, जबकि पत्नी ने अब पति पर मारपीट और गंभीर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया है। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1