कुंजी और वन वीक सीरीज की सफलता को पेपर लीक कहना गलत : कोचिंग महासंघ जयपुर। नीट परीक्षा को लेकर हाल में उठे पेपर लीक के आरोपों के बीच ऑल कोचिंग इंस्टिट्यूट महासंघ ने स्पष्ट किया है कि किसी पासबुक, कुंजी या वन वीक सीरीज में से बड़ी संख्या में प्रश्न आने मात्र से पेपर लीक मान लेना उचित नहीं है। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अनीष कुमार नाडार ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों से कुंजी और वन वीक सीरीज का उपयोग होता आया है और संभावित प्रश्नों का सटीक अनुमान लगाना शिक्षकों व विषय विशेषज्ञों की शैक्षणिक क्षमता का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यदि प्रश्नों के मेल खाने को ही पेपर लीक का आधार माना जाए, तो देशभर में लंबे समय से प्रकाशित हो रही कुंजियों और वन वीक सीरीज को हर बार संदेह के घेरे में लाना पड़ेगा, जो न केवल हास्यास्पद बल्कि चिंताजनक स्थिति होगी। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों में परीक्षाओं को लेकर स्थायी भ्रम और आशंका का माहौल बन सकता है। महासंघ ने मीडिया और संबंधित विभागों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी शिकायत या सूचना को लेकर पूरी जांच होने के बाद ही निष्कर्ष सामने लाए जाएं, ताकि युवाओं के भविष्य और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर अनावश्यक असर न पड़े। अनीष नाडार ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मामलों में शिकायत दर्ज कराने की प्रभावी व्यवस्था नहीं थी, जबकि वर्तमान भजनलाल शर्मा सरकार ने हेल्पलाइन नंबर और ऑनलाइन शिकायत प्रणाली शुरू कर पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास किया है। इसी कारण अब हर परीक्षा से पहले अधिक संख्या में शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में हजारों प्रकाशकों और शिक्षकों के बीच किसी का अनुमान अधिक सटीक होना स्वाभाविक है और इसे सीधे पेपर लीक से जोड़ना उचित नहीं है। महासंघ ने राज्य सरकार द्वारा पेपर लीक रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राजस्थान में पहली बार इस दिशा में गंभीर और प्रभावी कदम उठाए गए हैं। महासंघ ने एसओजी की जांच प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए कहा कि अंतिम जांच रिपोर्ट आने तक सभी पक्षों को धैर्य रखना चाहिए और मामले को राजनीति से दूर रखते हुए निष्पक्ष जांच में सहयोग करना चाहिए।
कुंजी और वन वीक सीरीज की सफलता को पेपर लीक कहना गलत : कोचिंग महासंघ जयपुर। नीट परीक्षा को लेकर हाल में उठे पेपर लीक के आरोपों के बीच ऑल कोचिंग इंस्टिट्यूट महासंघ ने स्पष्ट किया है कि किसी पासबुक, कुंजी या वन वीक सीरीज में से बड़ी संख्या में प्रश्न आने मात्र से पेपर लीक मान लेना उचित नहीं है। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अनीष कुमार नाडार ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों से कुंजी और वन वीक सीरीज का उपयोग होता आया है और संभावित प्रश्नों का सटीक अनुमान लगाना शिक्षकों व विषय विशेषज्ञों की शैक्षणिक क्षमता का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यदि प्रश्नों के मेल खाने को ही पेपर लीक का आधार माना जाए, तो देशभर में लंबे समय से प्रकाशित हो रही कुंजियों और वन वीक सीरीज को हर बार संदेह के घेरे में लाना पड़ेगा, जो न केवल हास्यास्पद बल्कि चिंताजनक स्थिति होगी। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों में परीक्षाओं को लेकर स्थायी भ्रम और आशंका का माहौल बन सकता है। महासंघ ने मीडिया और संबंधित विभागों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी शिकायत या सूचना को लेकर पूरी जांच होने के बाद ही निष्कर्ष सामने लाए जाएं, ताकि युवाओं के भविष्य और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर अनावश्यक असर न पड़े। अनीष नाडार ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मामलों में शिकायत दर्ज कराने की प्रभावी व्यवस्था नहीं थी, जबकि वर्तमान भजनलाल शर्मा सरकार ने हेल्पलाइन नंबर और ऑनलाइन शिकायत प्रणाली शुरू कर पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास किया है। इसी कारण अब हर परीक्षा से पहले अधिक संख्या में शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में हजारों प्रकाशकों और शिक्षकों के बीच किसी का अनुमान अधिक सटीक होना स्वाभाविक है और इसे सीधे पेपर लीक से जोड़ना उचित नहीं है। महासंघ ने राज्य सरकार द्वारा पेपर लीक रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राजस्थान में पहली बार इस दिशा में गंभीर और प्रभावी कदम उठाए गए हैं। महासंघ ने एसओजी की जांच प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए कहा कि अंतिम जांच रिपोर्ट आने तक सभी पक्षों को धैर्य रखना चाहिए और मामले को राजनीति से दूर रखते हुए निष्पक्ष जांच में सहयोग करना चाहिए।
- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की जनसंवाद शैली और सादगीपूर्ण व्यवहार इन दिनों प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। हाल ही में वे कड़ेल गांव में एक ग्रामीण लादू मेघवाल के घर पहुंचे और आत्मीयता से भोजन किया, साथ ही स्थानीय लोगों की समस्याएं भी सुनीं। उनकी इस पहल को जनता से सीधे जुड़ाव और जमीनी स्तर पर समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।1
- राजस्थान के देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र में पेयजल समस्या गंभीर होती जा रही है। आम जनता कल दोपहर 12 बजे टोंक जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस मुद्दे पर आवाज उठाएगी।1
- कांग्रेस पार्टी पर अपने सहयोगियों को धोखा देने और उन्हें 'पनौती' साबित होने का गंभीर आरोप लगा है। लालू परिवार, ममता और हाल ही में तमिलनाडु में DMK जैसी पार्टियों को कांग्रेस के साथ गठबंधन के बाद नुकसान उठाना पड़ा है। यह आरोप राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के गठबंधन समझौतों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है।1
- सोशल मीडिया पोस्ट दावा कर रही है कि बंगाल में आजादी के बाद पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री बन गया है। इसके बाद, राज्य में 'जय श्री राम' के नारे लगने की बात कही जा रही है।1
- प्रहलाद सिंह खटाना ने भजनलाल को बताया कुएं का मेंढक....|| #PrahladSinghKhatana #BhajanlalSharma #RajasthanPolitics #BreakingNews #TrendingNews Vijay Bainsla Bhajanlal Sharma Prahlad Singh1
- जयपुर के थानों में संचालित जनसुनवाई केंद्रों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों का मानना है कि यहां अक्सर सिर्फ आश्वासन मिलते हैं, ठोस समस्याओं का समाधान नहीं।1
- JJM घोटाले में बड़ा एक्शन: महेश जोशी के करीबी संजय बड़ाया दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार JJM घोटाले में बड़ा एक्शन: महेश जोशी के करीबी संजय बड़ाया दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार राजस्थान के करीब 900 करोड़ रुपए के जल जीवन मिशन यानी JJM घोटाले में एसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी के करीबी संजय बड़ाया को गिरफ्तार कर लिया है। एसीबी ने रविवार देर रात दिल्ली एयरपोर्ट से उसे हिरासत में लिया, जब वह थाईलैंड से शादी समारोह में शामिल होकर भारत लौटा था।बताया जा रहा है कि संजय बड़ाया इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड और बिचौलिया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक वह टेंडरों में कथित गड़बड़ियां, पैसों के लेन-देन, ट्रांसफर-पोस्टिंग और नए लोगों को जोड़ने जैसे कामों में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।एसीबी ने उसके खिलाफ पहले ही लुक आउट नोटिस जारी कर रखा था। फिलहाल उसे जयपुर लाया जा रहा है। वहीं इस मामले में तीन आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।जांच में यह भी सामने आया है कि संजय बड़ाया पूर्व मंत्री महेश जोशी के साथ-साथ रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल का भी करीबी रहा है। गौरतलब है कि सुबोध अग्रवाल को भी 9 अप्रैल को गिरफ्तार किया जा चुका है और वे फिलहाल जेल में हैं।ईडी की जांच के अनुसार, बड़ाया पहले एक इंश्योरेंस कंपनी में नौकरी करता था और सालाना करीब 7 लाख रुपए कमाता था, लेकिन JJM घोटाले के दौरान वह करोड़पति बन गया। उस पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए जेडीए की जमीनों पर कब्जे की कोशिश के भी आरोप हैं।उधर, पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी को आज एसीबी कोर्ट में पेश किया जाएगा। उन्हें 7 मई को गिरफ्तार किया गया था और 11 मई तक एसीबी रिमांड पर भेजा गया था।एसीबी की चार्जशीट के मुताबिक अगर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप साबित होते हैं तो महेश जोशी, सुबोध अग्रवाल समेत अन्य आरोपियों को 10 साल तक की सजा हो सकती है।1
- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा अब गांवों में रात गुजारकर सीधे जनता की समस्याएं सुन रहे हैं। उनका लक्ष्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और प्रशासन को मौके पर ही जवाबदेह बनाना है।1
- एक यूज़र ने Shuru ऐप में स्वस्थ मनोरंजन के लिए एक अलग मंच बनाने की मांग की है। यूज़र का कहना है कि चुटकुले, किस्से और मनोरंजक वीडियो के लिए एक सेक्शन होना चाहिए। उन्होंने ऐप के संस्थापकों से इस अनुरोध पर विचार करने का आग्रह किया है।1