भोपाल मध्य प्रदेश थाने की नाक के नीचे चल रहा था जुए का बड़ा फड़, क्राइम ब्रांच के छापे के बाद महिला TI समेत 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड DCP ने संदिग्धआचरण पर लिया कड़ा एक्शन l मुकेश कुमार दुबे संवाददाता उमरिया मध्य प्रदेश l भोपाल (मध्यप्रदेश एक्सप्रेस क्राइम डेस्क): राजधानी भोपाल में जुए के अवैध कारोबार पर क्राइम ब्रांच की दबिश के बाद पुलिस महकमे में जोरदार हड़कंप मच गया है। थाना क्षेत्र में खुलेआम चल रहे जुए के अड्डे की भनक स्थानीय पुलिस को न होने या मिलीभगत के संदेह पर पुलिस उपायुक्त (DCP) जोन-1 अखिल पटेल ने सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। डीसीपी ने बजरिया थाना प्रभारी (TI) शिल्पा कौरव, बीट प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक (ASI) सूर्यवंशी द्विवेदी और माइक्रोबीट प्रभारी आरक्षक प्रेमशंकर चौरे को कर्तव्य में घोर लापरवाही, उदासीनता और संदिग्ध आचरण के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। तीनों पुलिसकर्मियों को रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन) भोपाल संबद्ध किया गया है। हाजी मुस्तफा की चाल में चल रहा था दांव-पेंच का खेल मामले का घटनाक्रम और निलंबन आदेश के मुख्य बिंदु: क्राइम ब्रांच की अचानक रेड: 13 सितंबर को क्राइम ब्रांच की टीम ने बजरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाली 'हाजी मुस्तफा की चाल' में चल रहे जुए के बड़े अड्डे पर मुखबिर की सूचना पर गोपनीय दबिश दी थी। केस दर्ज: इस रेड के बाद क्राइम ब्रांच थाने में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 124/26 दर्ज किया गया। थाना पुलिस की खुली पोल: क्राइम ब्रांच की सीधी कार्रवाई से स्पष्ट हो गया कि स्थानीय थाना पुलिस या तो अपने इलाके की गतिविधियों से पूरी तरह बेखबर थी, या फिर संरक्षण दे रही थी। आदेश में 'संदिग्ध आचरण' का सीधा उल्लेख, 7 दिन में मांगी जांच रिपोर्ट गंभीर आरोपों के तहत कार्रवाई: डीसीपी अखिल पटेल द्वारा 14 सितंबर को जारी किए गए निलंबन आदेश में पुलिसकर्मियों के कर्तव्य के प्रति लापरवाही, अकर्मण्यता, उदासीनता और स्पष्ट रूप से 'संदिग्ध आचरण' का उल्लेख किया गया है। प्राथमिक जांच के आदेश: निलंबन के साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच बैठा दी गई है। जांच अधिकारी को 7 दिनों के भीतर विस्तृत प्राथमिक जांच पूरी कर रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। राजधानी में थाना प्रभारी स्तर के अधिकारी पर इस तरह की सीधी गाज गिरने से अन्य थानों के प्रभारियों और बीट प्रभारियों में भी खलबली मच गई हैं l
भोपाल मध्य प्रदेश थाने की नाक के नीचे चल रहा था जुए का बड़ा फड़, क्राइम ब्रांच के छापे के बाद महिला TI समेत 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड DCP ने संदिग्धआचरण पर लिया कड़ा एक्शन l मुकेश कुमार दुबे संवाददाता उमरिया मध्य प्रदेश l भोपाल (मध्यप्रदेश एक्सप्रेस क्राइम डेस्क): राजधानी भोपाल में जुए के अवैध कारोबार पर क्राइम ब्रांच की दबिश के बाद पुलिस महकमे में जोरदार हड़कंप मच गया है। थाना क्षेत्र में खुलेआम चल रहे जुए के अड्डे की भनक स्थानीय पुलिस को न होने या मिलीभगत के संदेह पर पुलिस उपायुक्त (DCP) जोन-1 अखिल पटेल ने सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। डीसीपी ने बजरिया थाना प्रभारी (TI) शिल्पा कौरव, बीट प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक (ASI) सूर्यवंशी द्विवेदी और माइक्रोबीट प्रभारी आरक्षक प्रेमशंकर चौरे को कर्तव्य में घोर लापरवाही, उदासीनता और संदिग्ध आचरण के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। तीनों पुलिसकर्मियों को रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन) भोपाल संबद्ध किया गया है। हाजी मुस्तफा की चाल में चल रहा था दांव-पेंच का खेल मामले का घटनाक्रम और निलंबन आदेश के मुख्य बिंदु: क्राइम ब्रांच की अचानक रेड: 13 सितंबर को क्राइम ब्रांच की टीम ने बजरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाली 'हाजी मुस्तफा की चाल' में चल रहे जुए के बड़े अड्डे पर मुखबिर की सूचना पर गोपनीय दबिश दी थी। केस दर्ज: इस रेड के बाद क्राइम ब्रांच थाने में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 124/26 दर्ज किया गया। थाना पुलिस की खुली पोल: क्राइम ब्रांच की सीधी कार्रवाई से स्पष्ट हो गया कि स्थानीय थाना पुलिस या तो अपने इलाके की गतिविधियों से पूरी तरह बेखबर थी, या फिर संरक्षण दे रही थी। आदेश में 'संदिग्ध आचरण' का सीधा उल्लेख, 7 दिन में मांगी जांच रिपोर्ट गंभीर आरोपों के तहत कार्रवाई: डीसीपी अखिल पटेल द्वारा 14 सितंबर को जारी किए गए निलंबन आदेश में पुलिसकर्मियों के कर्तव्य के प्रति लापरवाही, अकर्मण्यता, उदासीनता और स्पष्ट रूप से 'संदिग्ध आचरण' का उल्लेख किया गया है। प्राथमिक जांच के आदेश: निलंबन के साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच बैठा दी गई है। जांच अधिकारी को 7 दिनों के भीतर विस्तृत प्राथमिक जांच पूरी कर रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। राजधानी में थाना प्रभारी स्तर के अधिकारी पर इस तरह की सीधी गाज गिरने से अन्य थानों के प्रभारियों और बीट प्रभारियों में भी खलबली मच गई हैं l
- स्वच्छता व्यवस्था की खुली पोल, जननी एक्सप्रेस नहीं मिली तो गर्भवती महिला को पिकअप वाहन से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे बैगा परिवार स्वच्छता व्यवस्था की खुली पोल, जननी एक्सप्रेस नहीं मिली तो गर्भवती महिला को पिकअप वाहन से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे बैगा परिवार* *बैगा आदिवासी मध्य प्रदेश की विशेष रूप से संरक्षित जनजातीय समूहो में शामिल है। सरकार उनके उत्थान के लिए अलग से योजनाएं चलती हैं। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए फंड भी दिया जाता है। लेकिन कुर्सी पर बैठे जिम्मेदार इस्कोई पलीता लगा रहे हैं।* *मध्य प्रदेश उमरिया जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं, जननी एक्सप्रेस एवं 108 एम्बुलेंस व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम बरतराई निवासी एक आदिवासी बैगा परिवार को प्रशव के लिए गर्भवती महिला को जिला चिकित्सालय उमरिया तक पहुंचाने के लिए जननी एक्सप्रेस का काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। देर तक वाहन नहीं मिलने पर परिजनों ने मजबूरी में किराए की पिकअप वाहन की व्यवस्था की और गर्भवती महिला को उसी से जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे। परिजनों के अनुसार, गर्भवती महिला को प्रशव के लिए अस्पताल ले जाने की आवश्यकता थी। इसके लिए लगातार 108 एंबुलेंस और जननी एक्सप्रेस के लिए फोन किया जा रहा था। लेकिन समय पर वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। प्रसव पीड़ा से परेशान आखिरकार परिजन किराए की पिकअप में लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचे।1
- घरेलू गैस सिलेंडर उपयोग कर डामर रोड मे सफेद लाइन बनाने का काम किया जा रहा है सड़क किनारे की रेखा हम बात कर रहे हैं उमरिया जिले के ग्राम पंचायत पटपरा की जहां पर जनपद पंचायत करकेली अंतर्गत ग्राम पंचायत छादा से पटपरा और पटपरा से नागो ताल के लिए डामर रोड का निर्माण किया गया है। विडंबना देखिए बरसात के समय जबकि रोड के किनारे की मिट्टी घास उगी हुई है डामर रोड गीली है उस पर सड़क किनारे की सफेद रेखा बनाई जा रही है बनने के बाद इतना सुखना संभव नहीं है क्योंकि बरसात का मौसम है और पानी भी गिर रहा है। उससे बड़ी बात यह है कि सड़क किनारे की रेखा बनाने के लिए घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग किया जा रहा है जहां लोग गैस एजेंसी में घंटों सुबह से लेकर शाम तक खड़े रहते हैं अपने घर की उपयोग के लिए गैस सिलेंडर के लिए उन्हें आसानी से गैस सिलेंडर नहीं मिलता वहीं ठेकेदारों को रोड निर्माण के ऊपर किनारे की सफेद रेखा के लिए गैस सिलेंडर आसानी से मिल जाता है।1
- UGC कानून के विरोध में उमरिया में करणी सेना का आक्रोश, 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन UGC कानून के विरोध में उमरिया में करणी सेना का आक्रोश, 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन उमरिया जिले में करणी सेना ने विरोध जताते हुए पांच सूत्री मांगों को लेकर कलेक्टर ऑफिस पहुंच कर ज्ञापन सोपा1
- chotraw।ke।pas। बसा chitraw ke, पाश बसा गौ, जंगली जातियों,बैग,जाति, नष्ट हुआ है पानी बरसात में2
- राज्य स्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में शहडोल की अनुष्का करंगले अपनी प्रतिभा का करेगी प्रदर्शन। #shahdol #शहडोल1
- राज्य स्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में कृपा गुप्ता करेगी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन #शहडोल #shahdol राज्य स्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में कृपा गुप्ता करेगी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन #शहडोल #shahdol1
- बिल्कुल जी, इस नये वीडियो के हिसाब से फाइनल ग्राउंड रिपोर्ट तैयार है। ये वही कोइलारी नदी वाला दूसरा एंगल है जहाँ झाड़ियों में छिपाकर अतिक्रमण किया गया है। *🎥 फाइनल ग्राउंड रिपोर्ट - वीडियो के साथ पोस्ट करने के लिए* *नदी की जमीन में किया अतिक्रमण - देवराकला व बकठा के बीच* ये वीडियो ग्राम *देवराकला व बकठा* के बीच बहने वाली *कोइलारी नदी* का है। पुल के दोनों तरफ नदी की शासकीय जमीन पर घनी झाड़ियां उगाकर और टटवा-बाड़ी लगाकर अवैध कब्जा कर लिया गया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि नदी के प्राकृतिक बहाव को रोककर उसकी जमीन को अपनी निजी बाड़ी में मिलाया जा रहा है। पहले जहाँ नदी खुली बहती थी, अब वहाँ झाड़-झंखाड़ और बांस-बल्ली की बाड़ लगा दी गई है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि मवेशियों के पानी पीने और लोगों के नहाने की पुरानी नदी अब कब्जाधारियों के कारण सिकुड़ती जा रही है। शासन-प्रशासन को कई बार अवगत कराने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। *मांग:* नदी की जमीन को तत्काल पैमाइश कर अतिक्रमण मुक्त किया जाए। *ग्राउंड रिपोर्टर: पूरन लाल दुबे, MSSO स्वयंसेवक* *स्थान: कोइलारी नदी पुल, देवराकला - बकठा रोड, कटनी (MP)* क्या मैं अब इसी मामले का *कलेक्टर महोदय कटनी के नाम एक शिकायती आवेदन* बिल्कुल जी, इस नये वीडियो के हिसाब से फाइनल ग्राउंड रिपोर्ट तैयार है। ये वही कोइलारी नदी वाला दूसरा एंगल है जहाँ झाड़ियों में छिपाकर अतिक्रमण किया गया है। *🎥 फाइनल ग्राउंड रिपोर्ट - वीडियो के साथ पोस्ट करने के लिए* *नदी की जमीन में किया अतिक्रमण - देवराकला व बकठा के बीच* ये वीडियो ग्राम *देवराकला व बकठा* के बीच बहने वाली *कोइलारी नदी* का है। पुल के दोनों तरफ नदी की शासकीय जमीन पर घनी झाड़ियां उगाकर और टटवा-बाड़ी लगाकर अवैध कब्जा कर लिया गया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि नदी के प्राकृतिक बहाव को रोककर उसकी जमीन को अपनी निजी बाड़ी में मिलाया जा रहा है। पहले जहाँ नदी खुली बहती थी, अब वहाँ झाड़-झंखाड़ और बांस-बल्ली की बाड़ लगा दी गई है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि मवेशियों के पानी पीने और लोगों के नहाने की पुरानी नदी अब कब्जाधारियों के कारण सिकुड़ती जा रही है। शासन-प्रशासन को कई बार अवगत कराने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। *मांग:* नदी की जमीन को तत्काल पैमाइश कर अतिक्रमण मुक्त किया जाए। *ग्राउंड रिपोर्टर: पूरन लाल दुबे, MSSO स्वयंसेवक* *स्थान: कोइलारी नदी पुल, देवराकला - बकठा रोड, कटनी (MP)* क्या मैं अब इसी मामले का *कलेक्टर महोदय कटनी के नाम एक शिकायती आवेदन*4
- उमरिया जिले में इन दिनों अफसर शाही का आलम चरम पर है. जहां अफसर के बच्चों को भी स्कूल छोड़ने के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है. शायद शासन ने इन अधिकारियों को यह वाहन इनके और इनके परिवार के व्यक्तिगत उपयोग के लिए प्रदान किए हैं. जहां एक ओर आमजन के बच्चे प्राइवेट ऑटो या टैक्सी में ठसाठस भरकर विद्यालय जाते हैं जिस पर यातायात प्रभारी निरीक्षक ज्योति शुक्ला की कभी नजर नहीं पड़ी. क्योंकि दूसरे के बच्चे चाहे किसी भी स्थिति में विद्यालय जाएं पर उनके बच्चों को लाने ले जाने के लिए तो शासकीय वाहन व शासकीय कर्मचारी पाबंद है. यातायात थाने का यह वाहन अक्सर निरीक्षक ज्योति शुक्ला के पति व बच्चों को उमरिया जिले की सैर और मार्केटिंग करता हुआ देखा जा सकता है. थाना चंदिया में पदस्थापना के दौरान भी निरीक्षक ज्योति शुक्ला के शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग की चर्चा जनमानस के बीच आम थी. परंतु बताया जाता है कि निरीक्षक ज्योति शुक्ला पर अधिकारियों की विशेष कृपा है जिसकी वजह से निरीक्षक ज्योति शुक्ला का स्थानांतरण पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम किए जाने के पश्चात भी आज दिनांक तक निरीक्षक ज्योति शुक्ला थाना यातायात के प्रभार पर बनी हुई है और शासकीय संपत्तियों का लाभ भरपूर उठा रही हैं उमरिया जिले में इन दिनों अफसर शाही का आलम चरम पर है. जहां अफसर के बच्चों को भी स्कूल छोड़ने के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है. शायद शासन ने इन अधिकारियों को यह वाहन इनके और इनके परिवार के व्यक्तिगत उपयोग के लिए प्रदान किए हैं. जहां एक ओर आमजन के बच्चे प्राइवेट ऑटो या टैक्सी में ठसाठस भरकर विद्यालय जाते हैं जिस पर यातायात प्रभारी निरीक्षक ज्योति शुक्ला की कभी नजर नहीं पड़ी. क्योंकि दूसरे के बच्चे चाहे किसी भी स्थिति में विद्यालय जाएं पर उनके बच्चों को लाने ले जाने के लिए तो शासकीय वाहन व शासकीय कर्मचारी पाबंद है. यातायात थाने का यह वाहन अक्सर निरीक्षक ज्योति शुक्ला के पति व बच्चों को उमरिया जिले की सैर और मार्केटिंग करता हुआ देखा जा सकता है. थाना चंदिया में पदस्थापना के दौरान भी निरीक्षक ज्योति शुक्ला के शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग की चर्चा जनमानस के बीच आम थी. परंतु बताया जाता है कि निरीक्षक ज्योति शुक्ला पर अधिकारियों की विशेष कृपा है जिसकी वजह से निरीक्षक ज्योति शुक्ला का स्थानांतरण पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम किए जाने के पश्चात भी आज दिनांक तक निरीक्षक ज्योति शुक्ला थाना यातायात के प्रभार पर बनी हुई है और शासकीय संपत्तियों का लाभ भरपूर उठा रही हैं2