उत्तर प्रदेश की फैमिली कोर्ट्स में रिश्तों का संकट लगातार गहराता जा रहा है, जिसका खुलासा एक आरटीआई के जवाब से हुआ है। प्रदेश की पारिवारिक अदालतों में लंबित मामलों की संख्या चार लाख के आंकड़े को पार कर गई है, जिसमें साल 2025 में 4 लाख 7 हजार 130 मामले दर्ज हैं। यह आंकड़ा पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। आगरा सहित राज्य के कई जिलों में पारिवारिक विवादों के निपटारे की गति अत्यंत धीमी है, जिससे परिवारों को 'तारीख पर तारीख' मिलती है और उन्हें न्याय की आस में वर्षों तक इंतजार करना पड़ता है। यह समस्या केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन टूटते रिश्तों और मासूम बच्चों पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ रहा है, जो माता-पिता के बीच चल रही कानूनी लड़ाई का सबसे बड़ा खामियाजा भुगत रहे हैं। लंबी कानूनी प्रक्रिया बच्चों के मानसिक विकास, उनकी पढ़ाई और उनके भविष्य पर गहरा नकारात्मक असर डाल रही है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि पारिवारिक मामलों के त्वरित निपटान के लिए विशेष अदालतें, अतिरिक्त न्यायाधीश और एक प्रभावी मध्यस्थता प्रणाली तुरंत लागू नहीं की गई, तो आने वाले समय में यह संकट और भी गंभीर रूप ले सकता है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या रिश्तों को बचाने और बच्चों का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए न्याय व्यवस्था में तेजी लाने की आवश्यकता अब पहले से कहीं अधिक नहीं है।
उत्तर प्रदेश की फैमिली कोर्ट्स में रिश्तों का संकट लगातार गहराता जा रहा है, जिसका खुलासा एक आरटीआई के जवाब से हुआ है। प्रदेश की पारिवारिक अदालतों में लंबित मामलों की संख्या चार लाख के आंकड़े को पार कर गई है, जिसमें साल 2025 में 4 लाख 7 हजार 130 मामले दर्ज हैं। यह आंकड़ा पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। आगरा सहित राज्य के कई जिलों में पारिवारिक विवादों के निपटारे की गति अत्यंत धीमी है, जिससे परिवारों को 'तारीख पर तारीख' मिलती है और उन्हें न्याय की आस में वर्षों तक इंतजार करना पड़ता है। यह समस्या केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन टूटते रिश्तों और मासूम बच्चों पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ रहा है, जो माता-पिता के बीच चल रही कानूनी लड़ाई का सबसे बड़ा खामियाजा भुगत रहे हैं। लंबी कानूनी प्रक्रिया बच्चों के मानसिक विकास, उनकी पढ़ाई और उनके भविष्य पर गहरा नकारात्मक असर डाल रही है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि पारिवारिक मामलों के त्वरित निपटान के लिए विशेष अदालतें, अतिरिक्त न्यायाधीश और एक प्रभावी मध्यस्थता प्रणाली तुरंत लागू नहीं की गई, तो आने वाले समय में यह संकट और भी गंभीर रूप ले सकता है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या रिश्तों को बचाने और बच्चों का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए न्याय व्यवस्था में तेजी लाने की आवश्यकता अब पहले से कहीं अधिक नहीं है।
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आगरा पुलिस लाइन में एक भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में एडीजी और पुलिस कमिश्नर के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। इस दौरान सभी डीसीपी, एसीपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने योग को स्वस्थ जीवन, मानसिक संतुलन और फिटनेस का आधार बताते हुए नियमित योग अपनाने का संदेश दिया। उत्साहपूर्ण माहौल में आयोजित इस कार्यक्रम में अनुशासन, सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली पर विशेष जोर दिया गया।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में थाना ताजगंज क्षेत्र के पुरानी मंडी श्यामलाल मार्ग पर एक युवक गौरव को गोली मार दी गई। यह घटना तब हुई जब गौरव एक परचूनी की दुकान पर बैठे थे, और इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों ने उन पर फायर कर दिया। घायल गौरव को उनके परिजन तुरंत उपाध्याय हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। इस मामले में घायल युवक की बहन ने गंभीर आरोप लगाए हैं, उनका कहना है कि डेढ़ साल से लगातार शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने बीजेपी नेता प्रदीप राठौर और सपा नेता सुनील राठौर समेत कई अन्य लोगों पर संगीन आरोप लगाए हैं। बताया गया कि घटना के दौरान घायल गौरव आरोपियों से भिड़ भी गए थे। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई है और मामले की गहन जांच में जुट गई है।1
- NEET-UG 2026 की परीक्षा को लेकर आगरा में हाई अलर्ट जारी किया गया है। शहर के 20 परीक्षा केंद्रों पर कुल 9,688 परीक्षार्थी यह परीक्षा देंगे, जिसके लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। परीक्षा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तीन स्तरीय निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। इसमें पुलिस के साथ-साथ CRPF और CISF के जवान भी तैनात रहेंगे। परीक्षार्थियों को कड़ी जांच के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिलेगा और किसी भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के मोदीनगर में आबकारी विभाग के हेड कांस्टेबल जगत सिंह को उनके रिटायरमेंट वाले दिन ही एंटी करप्शन ब्यूरो ने ₹6,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। हेड कांस्टेबल की मानसिकता में भ्रष्टाचार इस कदर समाहित हो चुका था कि वे अपने पूरे करियर के आखिरी दिन भी रिश्वत लेने से बाज नहीं आए। इस गिरफ्तारी के बाद जगत सिंह को अब अपनी पूरी जिंदगी की कमाई, पेंशन, ग्रेच्युटी, पीएफ और अन्य फंड्स से हाथ धोना पड़ेगा। इसे अपने पद का दुरुपयोग करने वाले सभी भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक कड़ा सबक बताया गया है।1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आगरा के ऐतिहासिक पालीवाल पार्क में एक भव्य योग महोत्सव का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सुबह 5:00 बजे से शुरू होकर 8:30 बजे तक चला, जिसमें डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं, प्रोफेसरों और नगर निगम के आला अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस योग शिविर में लोगों को विभिन्न प्रकार के योगासन और प्राणायाम की क्रियाएं सिखाई गईं। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के संबोधन का सीधा प्रसारण (लाइव टेलीकास्ट) भी दिखाया गया। यह आयोजन हजारों की संख्या में जुटे लोगों के एक अद्भुत योग उत्सव की पूरी झलक प्रस्तुत करता है।1
- DJ hd dj1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ होमियोपैथिक फिजिशियंस (IIHP) की आगरा यूनिट ने जोनल पार्क में एक योग कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में होमियोपैथिक चिकित्सकों ने भाग लिया, जहाँ IIHP के नेशनल चीफ कॉर्डिनेटर सेंट्रल जोन डॉ. राजेन्द्र सिंह ने योग को स्वस्थ और सफल जीवन की कुंजी बताते हुए सभी उपस्थित लोगों को नियमित रूप से योग अपनाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।1
- मथुरा के यमुना एक्सप्रेस-वे पर रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में मांट विधायक राजेश चौधरी की सुरक्षा में तैनात उप निरीक्षक राजेंद्र सिंह यादव का निधन हो गया। इस घटना से पुलिस विभाग और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है, जिससे गहरा दुख व्यक्त किया जा रहा है।1