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विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर ताप्ती सेवा समिति का जनजागरण अभियान
Danish Raza Khan
विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर ताप्ती सेवा समिति का जनजागरण अभियान
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- एंकर - खरगोन में आज गुरुपूर्णिमा के अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य और माता भगवती देवी शर्मा के दर्शन एवं पूजन के लिए पहुंचे। इस बार का गुरुपूर्णिमा पर्व इसलिए भी ऐतिहासिक रहा, क्योंकि शक्तिपीठ की स्थापना के 46 वर्ष बाद गुरुदेव एवं माता जी के प्रखर, प्रज्ञा और सजल श्रद्धा स्वरूपों की वैदिक मंत्रोच्चार और विधि- विधान के साथ प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई। एंकर - खरगोन में आज गुरुपूर्णिमा के अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य और माता भगवती देवी शर्मा के दर्शन एवं पूजन के लिए पहुंचे। इस बार का गुरुपूर्णिमा पर्व इसलिए भी ऐतिहासिक रहा, क्योंकि शक्तिपीठ की स्थापना के 46 वर्ष बाद गुरुदेव एवं माता जी के प्रखर, प्रज्ञा और सजल श्रद्धा स्वरूपों की वैदिक मंत्रोच्चार और विधि- विधान के साथ प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई। V0-1 खरगोन में गुरुपूर्णिमा पर सुबह से ही गायत्री शक्तिपीठ में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन किया गया। गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य एवं माता भगवती देवी शर्मा के प्रखर, प्रज्ञा और सजल श्रद्धा स्वरूपों की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा की गई। पूरे शक्तिपीठ का वातावरण भक्तिमय बना रहा। महोत्सव के दौरान आयोजित 24 कुंडीय महायज्ञ में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आहुतियां देकर विश्व कल्याण और राष्ट्र निर्माण की कामना की। विशेष रूप से 24 करोड़ गायत्री मंत्रों की हस्तलिखित पुस्तिका, देश के 24 प्रमुख तीर्थों का पवित्र जल और रज प्रखर, प्रज्ञा एवं सजल श्रद्धा स्वरूपों के नीचे स्थापित किए गए, जिसे आयोजन का विशेष आध्यात्मिक आकर्षण माना गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरुदीक्षा ग्रहण की और गुरुकार्य, समाज जागरण तथा राष्ट्र निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित करने का संकल्प लिया। पूरे दिन चले धार्मिक अनुष्ठानों, भजन-पूजन और यज्ञ के कारण शक्तिपीठ में गुरुपूर्णिमा का उत्सव पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। बाईट 01 - सौरभ मोरे, परिव्राजक, गायत्री शक्तिपीठ खरगोन2
- सुंदरधाम आश्रम सहित मंदिरों व गुरु स्थानों पर धूमधाम से मनाया गया गुरु पूर्णिमा महोत्सव..1
- आज बुधवार दिनांक 29/07/2026 को गुरू पुर्णिमा के पावन अवसर पर मूदी नगर की पारंपरिक निशान यात्रा का मुस्लिम एवं बोहरा समाज ने पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया।1
- गायत्री परिवार द्वारा गुरु पूजन उत्सव मनाया गया -----------------सभी स्नेहल परिजनों को परम पूज्य गुरुदेव की ओर से ढेर सारा प्यार आज गुरु पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर गायत्री परिवार शाखा= हरसूद छनेरा की ओर से हमारे वरिष्ठ गायत्री परिजन सोहन जी सिसोदिया के कोचिंग संस्थान पर गायत्री यज्ञ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर परम पूज्य गुरुदेव के संकल्प को दोहराते हुए उनके विचारों का स्मरण किया और भविष्य की रणनीति बनाई इस अवसर पर गायत्री परिवारके वरिष्ठ सोहन जी सिसोदिया,,शिव मालवीय,,संतोष जी मालवीय,, शिवनारायण जी सेन,,हुकुमचंद जी पटेल,,राजोरिया गुरुजी,,ओमप्रकाश ज यादव,,चंदन जी ठाकुर,,, पुनीत जी सिसोदिया,,, भुवनेश सेन,, हरनारायण राजपूत,, सहितबड़ी संख्या मे मातृशक्ति भी उपस्थित रही....... 🙏🙏🙏🙏🙏 गायत्री परिवार द्वारा गुरु पूजन उत्सव मनाया गया -----------------सभी स्नेहल परिजनों को परम पूज्य गुरुदेव की ओर से ढेर सारा प्यार आज गुरु पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर गायत्री परिवार शाखा= हरसूद छनेरा की ओर से हमारे वरिष्ठ गायत्री परिजन सोहन जी सिसोदिया के कोचिंग संस्थान पर गायत्री यज्ञ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर परम पूज्य गुरुदेव के संकल्प को दोहराते हुए उनके विचारों का स्मरण किया और भविष्य की रणनीति बनाई इस अवसर पर गायत्री परिवारके वरिष्ठ सोहन जी सिसोदिया,,शिव मालवीय,,संतोष जी मालवीय,, शिवनारायण जी सेन,,हुकुमचंद जी पटेल,,राजोरिया गुरुजी,,ओमप्रकाश ज यादव,,चंदन जी ठाकुर,,, पुनीत जी सिसोदिया,,, भुवनेश सेन,, हरनारायण राजपूत,, सहितबड़ी संख्या मे मातृशक्ति भी उपस्थित रही....... 🙏🙏🙏🙏🙏2
- पाडल्या फाके पर सेवा और श्रद्धा का संगम: दादाजी धूनीवाले समाधि जाने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क भंडारा, दिन-रात सेवा में जुटे ग्रामीण हरसूद- गुरु पूर्णिमा महापर्व के पावन अवसर पर परम पूज्य श्री दादाजी धूनीवाले समाधि के दर्शन के लिए प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु पदयात्रा करते हुए खंडवा पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, विश्राम और सेवा को ध्यान में रखते हुए खंडवा जिले के पाडल्या गांव के श्रद्धालुओं द्वारा पाडल्या फाके पर विशाल निशुल्क भंडारे एवं सेवा शिविर का आयोजन किया गया है। यह सेवा शिविर श्रद्धा, समर्पण और मानवता का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है। सेवा शिविर में पहुंचने वाले प्रत्येक श्रद्धालु का आत्मीय स्वागत किया जा रहा है। यहां भोजन, चाय, पेयजल, नाश्ता तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। लंबी पदयात्रा कर रहे श्रद्धालु इस सेवा का लाभ उठाकर विश्राम कर रहे हैं और आयोजकों की सेवा भावना की सराहना कर रहे हैं। भंडारे में सेवा दे रहे दादाजी भक्तों का कहना है कि गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की सेवा करना उनके लिए किसी सौभाग्य और आशीर्वाद से कम नहीं है। इसी भावना के साथ गांव के युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और अन्य स्वयंसेवक दिन-रात पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ सेवा कार्य में लगे हुए हैं। भोजन वितरण से लेकर पेयजल व्यवस्था और श्रद्धालुओं के स्वागत तक प्रत्येक व्यवस्था को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा रहा है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर हर वर्ष परम पूज्य श्री दादाजी धूनीवाले समाधि पर हजारों श्रद्धालु निशान अर्पित करने एवं दर्शन करने पहुंचते हैं। इस दौरान मार्ग में लगाए जाने वाले सेवा शिविर भारतीय संस्कृति की सेवा, परोपकार और अतिथि सत्कार की गौरवशाली परंपरा को जीवंत करते हैं। पाडल्या फाके पर लगाया गया यह निशुल्क भंडारा भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए श्रद्धालुओं के लिए राहत और प्रेरणा का केंद्र बना हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की निस्वार्थ सेवा कर उन्हें आत्मिक संतोष और दादाजी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। सेवा शिविर में लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या के बावजूद स्वयंसेवकों का उत्साह और समर्पण देखने योग्य है। गुरु पूर्णिमा के इस पावन पर्व पर पाडल्या गांव के श्रद्धालुओं द्वारा किया जा रहा यह सेवा कार्य समाज में सहयोग, करुणा और मानवता का संदेश प्रसारित कर रहा है। श्रद्धा और सेवा का यह अद्भुत संगम निश्चित रूप से सभी के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।1
- 1 Masood jaaved 9424550560/ 8109113760 -------------------------- 2 जुनैद कादरी 6261553595 -------------------------- 3 Dr.A. S. Qureshi हैदराबाद, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली 7869232309 -------------------------- 4 मोहम्मद नेहाल एहमद ( भोपाल संभाग ) 78692 94702 -------------------------- 5 लालू जमालकर मध्य प्रदेश, इंदौर संभाग, खरगोन जिला 9098056166 ------------------------ 6 Dr. Ajay vaadhvaani डाक्टर जूली वाधवानी 9300129774 7 तालिब हुसैन 7067726973 -------------------- 8 रजाक खान 7724039094 9 रफीक तिगाला 84588 88351 10 दीपक ठाकुर 8517091147 ------------------- 1 Masood jaaved 9424550560/ 8109113760 -------------------------- 2 जुनैद कादरी 6261553595 -------------------------- 3 Dr.A. S. Qureshi हैदराबाद, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली 7869232309 -------------------------- 4 मोहम्मद नेहाल एहमद ( भोपाल संभाग ) 78692 94702 -------------------------- 5 लालू जमालकर मध्य प्रदेश, इंदौर संभाग, खरगोन जिला 9098056166 ------------------------ 6 Dr. Ajay vaadhvaani डाक्टर जूली वाधवानी 9300129774 7 तालिब हुसैन 7067726973 -------------------- 8 रजाक खान 7724039094 9 रफीक तिगाला 84588 88351 10 दीपक ठाकुर 8517091147 -------------------1
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- धूनीवाले दादाजी, जिन्हें साईं खेड़ा वाले दादाजी (केशवानंदजी महाराज) के रूप में जाना जाता है, मध्य प्रदेश के एक महान अवधूत संत थे। वे भगवान शिव के अवतार माने जाते हैं और साईं खेड़ा में एक वृक्ष के नीचे प्रकट हुए थे। अपने जीवन में उन्होंने चने को सोना बनाने जैसी अद्भुत लीलाएं और चमत्कार किए। दादाजी ने निरंतर धूनी जलाकर ध्यान किया, जो अब खंडवा के 'दादा दरबार' में भी प्रज्वलित है। अंततः, वे 1930 में महासमाधि में चले गए, और उनके प्रति श्रद्धा आज भी लाखों भक्तों के मन में है। धूनीवाले दादाजी, जिन्हें साईं खेड़ा वाले दादाजी (केशवानंदजी महाराज) के रूप में जाना जाता है, मध्य प्रदेश के एक महान अवधूत संत थे। वे भगवान शिव के अवतार माने जाते हैं और साईं खेड़ा में एक वृक्ष के नीचे प्रकट हुए थे। अपने जीवन में उन्होंने चने को सोना बनाने जैसी अद्भुत लीलाएं और चमत्कार किए। दादाजी ने निरंतर धूनी जलाकर ध्यान किया, जो अब खंडवा के 'दादा दरबार' में भी प्रज्वलित है। अंततः, वे 1930 में महासमाधि में चले गए, और उनके प्रति श्रद्धा आज भी लाखों भक्तों के मन में है।1