जोधपुर में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) जोधपुर की 2026 पुनर्गठन के बाद पहली औपचारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस कॉन्फ्रेंस को नव चयनित अध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ राज लोढ़ा, नए सचिव डॉ. प्रदीप जैन, नवनियुक्त कोषाध्यक्ष डॉ. अमित सिंघवी और नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष डॉ. कंतेश खेतानी ने संबोधित किया। कॉन्फ्रेंस के दौरान, डॉ. प्रदीप जैन ने भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) के मुख्य कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आईएमए चिकित्सकों के हितों की रक्षा, सरकार और नियामक संस्थाओं के समक्ष उनका प्रतिनिधित्व, कानूनी एवं नैतिक मार्गदर्शन प्रदान करने के साथ-साथ चिकित्सा नैतिकता को बढ़ावा देने का कार्य करता है। आईएमए सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) के माध्यम से चिकित्सकों को नवीनतम वैज्ञानिक प्रगति से अवगत कराता है और जनस्वास्थ्य गतिविधियों जैसे जागरूकता अभियान, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में भागीदारी तथा आपदा राहत कार्य में सक्रिय योगदान देता है। इसके अतिरिक्त, आईएमए स्वास्थ्य नीति निर्माण में सहभागिता करता है, समाज के वंचित वर्गों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाता है और झोलाछाप चिकित्सा के विरुद्ध अभियान चलाता है। संघ का मूल मंत्र है: "चिकित्सकों के हितों की रक्षा, चिकित्सा विज्ञान की उन्नति और समाज के स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए समर्पित सेवा।" आईएमए जोधपुर ने अपने सामाजिक-आर्थिक सरोकारों के निर्वहन हेतु विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया। इस अवसर पर, आईएमए जोधपुर ने सभी नागरिकों से तंबाकू एवं तंबाकू उत्पादों के सेवन से दूर रहने का आह्वान किया, क्योंकि तंबाकू विश्वभर में रोकी जा सकने वाली मृत्यु और गंभीर बीमारियों का एक प्रमुख कारण है। धूम्रपान, गुटखा, खैनी, जर्दा जैसे उत्पाद फेफड़ों के कैंसर, मुख कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, सीओपीडी और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के लिए जिम्मेदार हैं। तंबाकू का दुष्प्रभाव सेवन करने वाले व्यक्ति तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके परिवार, विशेषकर बच्चों और गर्भवती महिलाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के उपलक्ष्य में, आईएमए जोधपुर द्वारा एक जन-जागरूकता रैली एवं विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ डॉ. एस.एन. मेडिकल कॉलेज, जोधपुर से प्रातः 6:30 बजे हुआ। इस रैली को माननीय न्यायमूर्ति श्री मुकेश राजपुरोहित एवं डॉ. बी.एस. जोधा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। आईएमए जोधपुर के अध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ राज लोढ़ा ने स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए तंबाकू मुक्त जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया, वहीं सचिव डॉ. प्रदीप जैन ने युवाओं से विशेष अपील की कि वे तंबाकू की लत से दूर रहें और अपने परिवार तथा समाज को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। डॉ. कंतेश खेतानी ने तंबाकू के विभिन्न प्रकारों और उनसे होने वाली बीमारियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने धूम्रपान वाले उत्पादों जैसे सिगरेट, बीड़ी, सिगार से फेफड़ों, मुख, गले और स्वरयंत्र के कैंसर, सीओपीडी, हृदयाघात और स्ट्रोक जैसी बीमारियों का उल्लेख किया। चबाने वाले तंबाकू उत्पादों जैसे गुटखा, खैनी, जर्दा से मुंह और जीभ के कैंसर, ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस और पाचन तंत्र के कैंसर का खतरा बताया। नसवार जैसे सूंघने वाले तंबाकू से नाक, साइनस के कैंसर और श्वसन तंत्र की समस्याओं की जानकारी दी। ई-सिगरेट और वेपिंग जैसे आधुनिक निकोटिन उत्पादों से निकोटिन की लत, फेफड़ों की क्षति और हृदय रोगों का जोखिम बढ़ने की चेतावनी दी गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि तंबाकू का कोई भी रूप सुरक्षित नहीं है और इसे छोड़ना ही स्वास्थ्य, परिवार व भविष्य की सुरक्षा का सबसे प्रभावी उपाय है। डॉ. अमित सिंघवी ने तंबाकू से गुर्दा (किडनी) एवं मूत्र तंत्र (पेशाब की नली और मूत्राशय) पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धूम्रपान मूत्राशय कैंसर का सबसे बड़ा रोके जा सकने वाला कारण है, जिसके लक्षणों में पेशाब में खून आना, बार-बार पेशाब आना और पेशाब करते समय जलन शामिल हैं। तंबाकू के सेवन से किडनी कैंसर का जोखिम भी बढ़ जाता है और यह क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) का कारण बन सकता है, जिससे गुर्दों की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुँचता है और उनकी कार्यक्षमता कम होने लगती है। तंबाकू सेवन से पेशाब में प्रोटीन आने लगता है, जो किडनी क्षति का प्रारंभिक संकेत है, और लंबे समय तक सेवन करने वालों में किडनी फेल होने का खतरा बढ़ जाता है। पुरुषों में, तंबाकू रक्त प्रवाह को प्रभावित कर स्तंभन दोष और प्रजनन क्षमता में कमी का कारण बन सकता है। डॉ. सिंघवी ने संदेश दिया कि "तंबाकू केवल फेफड़ों को ही नहीं, बल्कि गुर्दों और मूत्राशय को भी गंभीर नुकसान पहुंचाता है। समय रहते तंबाकू छोड़ें और अपने गुर्दों की रक्षा करें।" सभी वक्ताओं ने तंबाकू उत्पादों पर कठोर सरकारी नियमों और उनके अनुपालन की आवश्यकता पर बल दिया। आईएमए जोधपुर ने प्रसिद्ध युवाओं के आदर्शों द्वारा तंबाकू युक्त पदार्थों के विज्ञापन का कड़ा विरोध किया और लोक लुभावन तंबाकू विज्ञापनों पर रोक लगाने की वकालत की। अंत में, एक बार फिर यह संदेश दोहराया गया: "स्वास्थ्य चुनें, तंबाकू नहीं। तंबाकू छोड़ें, जीवन अपनाएं।"
जोधपुर में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) जोधपुर की 2026 पुनर्गठन के बाद पहली औपचारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस कॉन्फ्रेंस को नव चयनित अध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ राज लोढ़ा, नए सचिव डॉ. प्रदीप जैन, नवनियुक्त कोषाध्यक्ष डॉ. अमित सिंघवी और नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष डॉ. कंतेश खेतानी ने संबोधित किया। कॉन्फ्रेंस के दौरान, डॉ. प्रदीप जैन ने भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) के मुख्य कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आईएमए चिकित्सकों के हितों की रक्षा, सरकार और नियामक संस्थाओं के समक्ष उनका प्रतिनिधित्व, कानूनी एवं नैतिक मार्गदर्शन प्रदान करने के साथ-साथ चिकित्सा नैतिकता को बढ़ावा देने का कार्य करता है। आईएमए सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) के माध्यम से चिकित्सकों को नवीनतम वैज्ञानिक प्रगति से अवगत कराता है और जनस्वास्थ्य गतिविधियों जैसे जागरूकता अभियान, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में भागीदारी तथा आपदा राहत कार्य में सक्रिय योगदान देता है। इसके अतिरिक्त, आईएमए स्वास्थ्य नीति निर्माण में सहभागिता करता है, समाज के वंचित वर्गों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाता है और झोलाछाप चिकित्सा के विरुद्ध अभियान चलाता है। संघ का मूल मंत्र है: "चिकित्सकों के हितों की रक्षा, चिकित्सा विज्ञान की उन्नति और समाज के स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए समर्पित सेवा।" आईएमए जोधपुर ने अपने सामाजिक-आर्थिक सरोकारों के निर्वहन हेतु विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया। इस अवसर पर, आईएमए जोधपुर ने सभी नागरिकों से तंबाकू एवं तंबाकू उत्पादों के सेवन से दूर रहने का आह्वान किया, क्योंकि तंबाकू विश्वभर में रोकी जा सकने वाली मृत्यु और गंभीर बीमारियों का एक प्रमुख कारण है। धूम्रपान, गुटखा, खैनी, जर्दा जैसे उत्पाद फेफड़ों के कैंसर, मुख कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, सीओपीडी और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के लिए जिम्मेदार हैं। तंबाकू का दुष्प्रभाव सेवन करने वाले व्यक्ति तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके परिवार, विशेषकर बच्चों और गर्भवती महिलाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के उपलक्ष्य में, आईएमए जोधपुर द्वारा एक जन-जागरूकता रैली एवं विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ डॉ. एस.एन. मेडिकल कॉलेज, जोधपुर से प्रातः 6:30 बजे हुआ। इस रैली को माननीय न्यायमूर्ति श्री मुकेश राजपुरोहित एवं डॉ. बी.एस. जोधा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। आईएमए जोधपुर के अध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ राज लोढ़ा ने स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए तंबाकू मुक्त जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया, वहीं सचिव डॉ. प्रदीप जैन ने युवाओं से विशेष अपील की कि वे तंबाकू की लत से दूर रहें और अपने परिवार तथा समाज को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। डॉ. कंतेश खेतानी ने तंबाकू के विभिन्न प्रकारों और उनसे होने वाली बीमारियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने धूम्रपान वाले उत्पादों जैसे सिगरेट, बीड़ी, सिगार से फेफड़ों, मुख, गले और स्वरयंत्र के कैंसर, सीओपीडी, हृदयाघात और स्ट्रोक जैसी बीमारियों का उल्लेख किया। चबाने वाले तंबाकू उत्पादों जैसे गुटखा, खैनी, जर्दा से मुंह और जीभ के कैंसर, ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस और पाचन तंत्र के कैंसर का खतरा बताया। नसवार जैसे सूंघने वाले तंबाकू से नाक, साइनस के कैंसर और श्वसन तंत्र की समस्याओं की जानकारी दी। ई-सिगरेट और वेपिंग जैसे आधुनिक निकोटिन उत्पादों से निकोटिन की लत, फेफड़ों की क्षति और हृदय रोगों का जोखिम बढ़ने की चेतावनी दी गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि तंबाकू का कोई भी रूप सुरक्षित नहीं है और इसे छोड़ना ही स्वास्थ्य, परिवार व भविष्य की सुरक्षा का सबसे प्रभावी उपाय है। डॉ. अमित सिंघवी ने तंबाकू से गुर्दा (किडनी) एवं मूत्र तंत्र (पेशाब की नली और मूत्राशय) पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धूम्रपान मूत्राशय कैंसर का सबसे बड़ा रोके जा सकने वाला कारण है, जिसके लक्षणों में पेशाब में खून आना, बार-बार पेशाब आना और पेशाब करते समय जलन शामिल हैं। तंबाकू के सेवन से किडनी कैंसर का जोखिम भी बढ़ जाता है और यह क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) का कारण बन सकता है, जिससे गुर्दों की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुँचता है और उनकी कार्यक्षमता कम होने लगती है। तंबाकू सेवन से पेशाब में प्रोटीन आने लगता है, जो किडनी क्षति का प्रारंभिक संकेत है, और लंबे समय तक सेवन करने वालों में किडनी फेल होने का खतरा बढ़ जाता है। पुरुषों में, तंबाकू रक्त प्रवाह को प्रभावित कर स्तंभन दोष और प्रजनन क्षमता में कमी का कारण बन सकता है। डॉ. सिंघवी ने संदेश दिया कि "तंबाकू केवल फेफड़ों को ही नहीं, बल्कि गुर्दों और मूत्राशय को भी गंभीर नुकसान पहुंचाता है। समय रहते तंबाकू छोड़ें और अपने गुर्दों की रक्षा करें।" सभी वक्ताओं ने तंबाकू उत्पादों पर कठोर सरकारी नियमों और उनके अनुपालन की आवश्यकता पर बल दिया। आईएमए जोधपुर ने प्रसिद्ध युवाओं के आदर्शों द्वारा तंबाकू युक्त पदार्थों के विज्ञापन का कड़ा विरोध किया और लोक लुभावन तंबाकू विज्ञापनों पर रोक लगाने की वकालत की। अंत में, एक बार फिर यह संदेश दोहराया गया: "स्वास्थ्य चुनें, तंबाकू नहीं। तंबाकू छोड़ें, जीवन अपनाएं।"
- जोधपुर की प्रसिद्ध स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सोनल परिहार कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 में रेड कार्पेट पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के बाद अपने गृह नगर लौट आई हैं। रविवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, उन्होंने फ्रांस के कान्स में बिताए गए अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि यह यात्रा उनके लिए केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि भारतीय महिलाओं, डॉक्टरों और छोटे शहरों से आने वाली प्रतिभाओं के लिए एक प्रेरणादायक संदेश भी है। उन्होंने वर्षों तक ऑपरेशन थिएटर में मरीजों की सेवा करने के बाद दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म और फैशन मंचों में से एक, कान्स फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट तक पहुंचने को एक सपने के सच होने जैसा बताया। अपने सोशल मीडिया पोस्ट्स और रील्स में भी उन्होंने इस सफर को "ऑपरेशन थिएटर से फैशन रनवे तक" का सफर बताया है। डॉ. परिहार ने बताया कि कान्स में उन्हें दुनिया भर के कलाकारों, फिल्म निर्माताओं, फैशन डिजाइनर्स और रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों से संवाद करने का अवसर मिला। उनके अनुसार, यह मंच केवल ग्लैमर का प्रतीक नहीं है, बल्कि संस्कृति, कला और वैश्विक संवाद का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने गर्व व्यक्त किया कि उन्हें भारत की परंपराओं और संस्कृति को इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने भारतीय परिधानों और पारंपरिक सौंदर्य को विशेष महत्व दिया, जिसकी झलक उनके सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों और वीडियो में भी देखी जा सकती है, जहाँ उन्होंने भारतीयता को वैश्विक मंच पर सम्मानपूर्वक प्रस्तुत करने की बात कही। प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. परिहार ने यह भी कहा कि जीवन को केवल एक ही पहचान तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि डॉक्टर होने के साथ-साथ समाज, संस्कृति और रचनात्मक क्षेत्रों में भी योगदान दिया जा सकता है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं को संदेश दिया कि विवाह, परिवार या पेशेवर जिम्मेदारियों के बाद भी सपनों को जिया जा सकता है और नए अवसरों को अपनाया जा सकता है। उन्होंने जोधपुर और राजस्थान की मिट्टी से जुड़े होने पर गर्व व्यक्त किया और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने शहर व प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने को एक बेहद भावुक क्षण बताया। डॉ. परिहार ने विश्वास दिलाया कि यदि समर्पण, मेहनत और आत्मविश्वास हो तो छोटे शहरों से निकलकर भी वैश्विक मंचों तक पहुंचा जा सकता है। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय परिवार, सहयोगियों, शुभचिंतकों और उन सभी को दिया जिन्होंने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। डॉ. परिहार ने कहा कि कान्स की यह यात्रा उनके लिए एक नई शुरुआत है और वह भविष्य में भी चिकित्सा सेवा के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाती रहेंगी।1
- उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में, जिलाधिकारी ने एक 'अनूठी पहल' करते हुए फरियादियों को स्वयं फोन करके उनकी शिकायतों की जानकारी ली और उनके निवारण की स्थिति जानी। इस कदम से उन्होंने कुर्सी पर बैठे अन्य अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने का आइना दिखाया। जिला प्रशासन और जिलाधिकारी द्वारा यह एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम है, जिसे शिकायतों के त्वरित समाधान के तहत अपनाया जाता है। संपूर्ण समाधान दिवस (जिला या तहसील स्तर पर) में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की स्थिति जानने के लिए, जिलाधिकारी या एसडीएम खुद फरियादियों को फोन करके उनकी संतुष्टि का स्तर पूछते हैं। यदि किसी शिकायत में लापरवाही, कर्मचारियों की अनुपस्थिति या झूठी रिपोर्ट पाई जाती है, तो फोन कॉल से सत्यापन के बाद संबंधित दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है। AIN नेटवर्क ने संतोष कुमार शर्मा को उनके कार्य करने की शैली के लिए सलाम किया है।1
- आगरा के खेरिया मोड़ रेलवे ओवरब्रिज पर अब भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दी गई है। यह निर्णय प्रशासन द्वारा पुल की कमजोर स्थिति और रेलवे द्वारा प्रस्तावित जीर्णोद्धार तथा गार्डर बदलने के कार्य के मद्देनजर लिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सुरक्षा कारणों से पुल के दोनों ओर प्रतिबंधात्मक बोर्ड और हर्डल लगाए गए हैं। भारी वाहनों को फिलहाल वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद ही भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर अगला निर्णय लिया जाएगा। वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे निर्धारित डायवर्जन मार्गों का पालन करें।1
- आगरा के ताजगंज थाना क्षेत्र में टीडीआई मॉल के पीछे स्थित एक होटल के बाहर उस समय हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब एक पत्नी ने अपने पति को उसकी प्रेमिका के साथ देख लिया। पति संग प्रेमिका को देखकर पत्नी भड़क उठी और उसने प्रेमिका को बीच सड़क पर घेर लिया। इसके बाद पति, पत्नी और प्रेमिका के बीच जमकर गाली-गलौज और हाथापाई हुई, जिसमें पत्नी ने प्रेमिका की पिटाई भी की। इस हंगामे को देखने के लिए मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हंगामे के बीच प्रेमिका अपने दोपहिया वाहन से मौके से निकल गई। इस मारपीट और विवाद का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- आगरा के ताजगंज थाना क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला ने अपने पति को उसकी कथित प्रेमिका के साथ एक होटल के बाहर देख लिया। TDI मॉल के पीछे स्थित इस होटल के बाहर, बीच सड़क पर पत्नी ने कथित प्रेमिका को घेर लिया, जिसके बाद उनके बीच जमकर गाली-गलौज और हाथापाई शुरू हो गई। गुस्साई पत्नी ने मौके पर ही प्रेमिका की पिटाई कर दी। इस पूरे हंगामे को देखने के लिए मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हंगामे के बीच, कथित प्रेमिका एक दोपहिया वाहन से घटनास्थल से निकल गई। इस पूरे विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे 'हाईवोल्टेज ड्रामा' बताया जा रहा है।1
- राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य कर्म सिंह कर्मा आज आगरा के दो दिवसीय दौरे पर पहुँचे। सुबह दर्जनों गाड़ियों के काफिले के साथ उनके आगरा पहुँचते ही कई कार्यक्रमों और स्वागत-सम्मान का सिलसिला शुरू हो गया। इस दौरान सफाई कर्मचारियों ने उन्हें मांग पत्र के रूप में अपनी समस्याएँ सौंपीं, लेकिन आयोग के सदस्य सफाई कर्मचारियों की समस्याओं और उनके निराकरण के संबंध में असहज और लाचार दिखाई दिए। इसी कारण सफाई कर्मचारी काफी मायूस भी नज़र आए। आयोग के सदस्य का आगरा दौरा मुख्य रूप से स्वागत और दावतों की औपचारिकताओं में ही बीता।1
- कासगंज के सहावर क्षेत्र में सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य लक्ष्मण सिंह ने अपनी पुत्रवधू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने शिकायत की है कि उनकी पुत्रवधू ने मकान और दुकानों पर कब्ज़ा करने की कोशिश की है, उनका मोबाइल और नकदी छीन ली है, और उन्हें धमकी भी दी है। इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस और एसपी से की गई है। हालांकि, आरोपों के संबंध में दूसरे पक्ष का बयान अभी सामने नहीं आया है और इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है। अधिकारियों द्वारा जांच के बाद ही इस प्रकरण की पूरी सच्चाई सामने आएगी।1
- जोधपुर में शनिवार शाम जालोरी गेट पर भारतीय जनता युवा मोर्चा जोधपुर शहर ने नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल का पुतला दहन कर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ पर आरएलपी कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए हमले के जवाब में किया गया। भाजपा जोधपुर शहर जिलाध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल के निर्देशानुसार और भाजयुमो जोधपुर शहर के जिलाध्यक्ष गौरव जैन के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश मंत्री आईदान सिंह भाटी ने कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, पर राजनीतिक हिंसा और हमले किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं हैं। राजेंद्र पालीवाल ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पर हुए हमले को अत्यंत निंदनीय और लोकतांत्रिक परंपराओं के विरुद्ध बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि खींवसर विधानसभा उपचुनाव में जनता द्वारा दिए गए जनादेश को नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल अपनी पत्नी की हार के रूप में स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं, जिसके कारण उनके समर्थकों द्वारा लगातार टकराव और अराजकता की राजनीति की जा रही है। पालीवाल ने जोर दिया कि लोकतंत्र में जीत और हार दोनों का सम्मान होना चाहिए, और राजनीतिक विरोध को हिंसा का माध्यम नहीं बनाना चाहिए। भाजयुमो जिलाध्यक्ष गौरव जैन ने युवा मोर्चा की लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध का अधिकार सबको है, लेकिन हिंसा, हमले और अमर्यादित व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था में अस्वीकार्य हैं, और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा और भाजयुमो के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, और राष्ट्रवादी युवा उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में राजनीतिक हिंसा की निंदा करते हुए लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया। इस अवसर पर भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष शुभम हंस, जितेंद्र सिंह सुथला, हिमांशु कच्छवाहा, सचिन आचार्य, एससी मोर्चा जिला अध्यक्ष राजीव बारासां, गणपत खींची, मंडल अध्यक्ष हितेश गौड़, शेखर जैन, देवेश परिहार, पंकज मेहरा, हिमांशु प्रजापत सहित मोर्चा के अनेक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।1