इंदौर के देपालपुर क्षेत्र में लगभग 30 साल पुराने एक जमीन सौदे का विवाद अब कलेक्टर कार्यालय पहुँच गया है। ग्राम दतोदा निवासी किसान ओमप्रकाश चौधरी ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुँचकर न्याय की गुहार लगाई है। किसान का आरोप है कि वर्ष 1996 में खरीदी गई कृषि भूमि की आज तक रजिस्ट्री नहीं कराई गई है, और अब जमीन की कीमत बढ़ने के बाद विक्रेता पक्ष उनसे अतिरिक्त रकम की माँग करते हुए धमकियाँ दे रहा है। पीड़ित किसान ने बताया है कि उन्होंने वर्ष 1996 में सर्वे क्रमांक 145/2 की कृषि भूमि करीब 3 लाख 80 हजार रुपये में खरीदी थी। उनका कहना है कि पूरी राशि देने के बाद उन्हें जमीन का कब्जा मिल गया था और विक्रेता ने बाद में रजिस्ट्री कराने का भरोसा दिया था। किसान का दावा है कि वह पिछले लगभग 30 वर्षों से इसी जमीन पर खेती कर रहे हैं। किसान का यह भी आरोप है कि जब हाल ही में रजिस्ट्री कराने की बात की गई, तो विक्रेता पक्ष ने अतिरिक्त धनराशि की माँग शुरू कर दी। पैसे न देने पर उन्हें जमीन से बेदखल करने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। फिलहाल यह मामला शिकायत के स्तर पर है, और पूरे मामले की सच्चाई पुलिस तथा प्रशासन की जाँच के बाद ही सामने आएगी।
इंदौर के देपालपुर क्षेत्र में लगभग 30 साल पुराने एक जमीन सौदे का विवाद अब कलेक्टर कार्यालय पहुँच गया है। ग्राम दतोदा निवासी किसान ओमप्रकाश चौधरी ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुँचकर न्याय की गुहार लगाई है। किसान का आरोप है कि वर्ष 1996 में खरीदी गई कृषि भूमि की आज तक रजिस्ट्री नहीं कराई गई है, और अब जमीन की कीमत बढ़ने के बाद विक्रेता पक्ष उनसे अतिरिक्त रकम की माँग करते हुए धमकियाँ दे रहा है। पीड़ित किसान ने बताया है कि उन्होंने वर्ष 1996 में सर्वे क्रमांक 145/2 की कृषि भूमि करीब 3 लाख 80 हजार रुपये में खरीदी थी। उनका कहना है कि पूरी राशि देने के बाद उन्हें जमीन का कब्जा मिल गया था और विक्रेता ने बाद में रजिस्ट्री कराने का भरोसा दिया था। किसान का दावा है कि वह पिछले लगभग 30 वर्षों से इसी जमीन पर खेती कर रहे हैं। किसान का यह भी आरोप है कि जब हाल ही में रजिस्ट्री कराने की बात की गई, तो विक्रेता पक्ष ने अतिरिक्त धनराशि की माँग शुरू कर दी। पैसे न देने पर उन्हें जमीन से बेदखल करने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। फिलहाल यह मामला शिकायत के स्तर पर है, और पूरे मामले की सच्चाई पुलिस तथा प्रशासन की जाँच के बाद ही सामने आएगी।
- इंदौर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देते हुए चेकिंग के दौरान अवैध शराब पकड़ी है। यह कार्रवाई पुलिस द्वारा क्षेत्र में की जा रही जांच का परिणाम है, जिसमें अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने का प्रयास किया गया।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रदेशभर में खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में, इंदौर में कलेक्टर श्री शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। इस अभियान के तहत मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब का उपयोग कर 23 नमूनों की मौके पर ही जांच की गई, जिनमें से 3 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। इन 3 फेल नमूनों पर तुरंत कानूनी नमूना कार्रवाई शुरू की गई है। यह अभियान विद्यालयों, डेयरी प्रतिष्ठानों, मसाला निर्माण इकाइयों, नमकीन उद्योगों और मिठाई प्रतिष्ठानों जैसे विभिन्न स्थानों पर केंद्रित था। निरीक्षण के दौरान कुल 64 खाद्य नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए। इसके अतिरिक्त, प्राप्त शिकायतों पर त्वरित जांच की गई और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई भी अमल में लाई गई।1
- इंदौर की सड़कों पर जल्द ही इलेक्ट्रिक बसें दौड़ेंगी, जो स्वचालित दरवाजों से लैस होंगी और यात्रियों को आरामदायक यात्रा का अनुभव देंगी। इसके साथ ही, आने वाली 1, 2, 3 और 4 तारीख को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इस वर्ष कम बारिश होने के कारण बुवाई के कार्यों में देरी हो रही है। खबर में डॉक्टर मोहन यादव और शिवानी का भी उल्लेख है।1
- इंदौर के कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए आम नागरिकों ने प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएँ रखीं। फरियादियों ने भूमि विवाद, पेंशन, राशन कार्ड, आवास, बिजली-पानी सहित अन्य प्रशासनिक शिकायतों के शीघ्र निराकरण की गुहार लगाई। जनसुनवाई में पहुँचे लोगों का कहना है कि वे अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर प्रशासन के दरवाजे पर आए हैं, और अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि संबंधित विभाग उनकी शिकायतों पर कितनी जल्द कार्रवाई करते हैं।1
- महु नगर परिषद में एक पीड़ित व्यक्ति पिछले दो महीने से लगातार चक्कर काट रहा है।1
- इंदौर की द्वारकापुरी थाना पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कुख्यात तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और अन्य सामग्री बरामद की है, जिसमें 270 ग्राम ब्राउन शुगर, 8 किलो गांजा, ₹19 लाख नकद, एक नोट गिनने की मशीन, 22 जिंदा कारतूस और नशीले पदार्थों की पैकिंग का सामान शामिल है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आरोपी राजस्थान के प्रतापगढ़ से ब्राउन शुगर लाकर इंदौर में इसकी सप्लाई करता था। इस बड़े खुलासे के बाद, पुलिस अब पूरे ड्रग्स नेटवर्क और इस धंधे से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुट गई है।1
- इंदौर में एक महिला अपनी बहन के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंची, जहाँ उन्होंने अपने मकान को निशाना बनाए जाने और बिना निष्पक्ष जाँच के बेदखली की कार्रवाई किए जाने पर विरोध दर्ज कराया। महिला ने बताया कि वह करीब 30 सालों से उसी जगह पर रह रही है। उसके घर में बिजली का कनेक्शन है और वह नियमित रूप से बिजली का बिल भी जमा करती है। महिला का कहना है कि इन सब के बावजूद, बिना किसी निष्पक्ष जाँच के उसे वहाँ से हटाने की कार्रवाई की जा रही है, जिस पर उसने पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच की मांग की है।1