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महादलित लड़के ने खोल दी ,स्थानीय प्रतिनिधियों की पोल। चांद प्रखंड के इचांव महादलित बस्ती में, अभी तक नहीं बना पक्की गली एवं नाली, बरसात में लोगों को होती है परेशानी।
Pramod Kumar Singh Yadav
महादलित लड़के ने खोल दी ,स्थानीय प्रतिनिधियों की पोल। चांद प्रखंड के इचांव महादलित बस्ती में, अभी तक नहीं बना पक्की गली एवं नाली, बरसात में लोगों को होती है परेशानी।
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- भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष जितेंद्र पाण्डेय के माता जी की पुण्यतिथि के अवसर पर आकांक्षा ट्रस्ट के द्वारा जनार्दन पुर गांव मे जरूरतमंदो के बीच कंबल का वितरण किया गया1
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- घर के बाहर खड़ी दो बाईकों को आज्ञात अपराधियों ने जलाया कैमूर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र के बेरा गांव में बुधवार को देर रात घर के बाहर खड़ी दो बाईकों में अज्ञात अपराधियों ने आग लगा दी जिसमें एक अपाची व प्लेटिना जलकर खाक हो गई। जानकारी के अनुसार उक्त गांव के बिनोद चौधरी एवं बिनेश्री चौधरी जो दोनों भाई बताए गए है, बुधवार को शाम घर के बाहर बाइक खड़ी कर अंदर सोने चले गए ,देर रात धुएं के गुब्बार देख दरवाजा खोल कर बाहर देखा तो जलती बाईकों को देखकर उनके होस उड़ गए ।जबतक आग बुझ पाती तबतक दोनों बाइक बुरी तरह जल चुकी थी ।1
- बिहार के बेतिया से पति-पत्नी के रिश्ते को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के महनागनी गांव में एक महिला ने पुलिस को कॉल कर कहा कि उसे अपने पति के साथ सोने में डर लगता है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान बिस्तर के नीचे से गोल्डन रंग का देसी कट्टा बरामद हुआ, जिसे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। महिला ने पुलिस को बताया कि उसका पति रमेश पासवान अक्सर उसके साथ मारपीट करता है और हथियार रखता है, जिससे उसे अपनी जान का खतरा महसूस होता है। महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया और हथियार को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- 📢 सब्सिडी वाली यूरिया खाद में खुली लूट – किसान परेशान भारत सरकार द्वारा किसानों को यूरिया खाद सब्सिडी पर ₹266.50 में उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि वही यूरिया खाद किसानों को ₹450 तक में खरीदनी पड़ रही है। 👉 तय सरकारी दर से ₹180 से अधिक की अवैध वसूली 👉 छोटे और सीमांत किसानों पर सीधा आर्थिक बोझ 👉 खेती की लागत बढ़ने से किसान भारी नुकसान में ❓ सवाल यह है कि जब सरकार ने स्पष्ट रूप से मूल्य तय किया है, तो उससे अधिक राशि क्यों वसूली जा रही है? ❓ क्या कृषि विभाग और प्रशासन इस अवैध वसूली से अनजान हैं? हम मांग करते हैं कि— ✔️ तत्काल दुकानों की जांच हो ✔️ दोषी खाद विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई हो ✔️ किसानों को तय सरकारी दर पर ही खाद उपलब्ध कराई जाए 🎥 यह वीडियो इसी सच्चाई को सामने लाने के लिए बनाया गया है। कृपया संबंधित विभाग संज्ञान लें और किसानों को न्याय दिलाएँ।1
- ढकवा गांव पहुंचे सांसद वीरेंद्र सिंह, मृतक आकाश निषाद के परिजनों से की मुलाकात1
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