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Kirti sahu
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More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा स्थित गलवानपोरा इलाके में एक दिल दहला देने वाली और इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ 8 से 10 साल की एक मासूम बच्ची, हीना शबीर, की बेरहमी से हत्या कर दी गई है, जिससे स्थानीय समुदाय में गहरा आक्रोश और पीड़ा व्याप्त है। जानकारी के अनुसार, हीना अपने घर से 'दरासगाह' नामक धार्मिक शिक्षा केंद्र के लिए निकली थी, लेकिन वह वहाँ नहीं पहुँच पाई। जब बच्ची घर वापस नहीं लौटी, तो परिवार और स्थानीय लोगों ने मिलकर उसकी तलाश शुरू की। गहन खोजबीन के बाद, हीना का शव पास के ही एक बगीचे या सुनसान इलाके में बेहद दुखद और गंभीर स्थिति में बरामद हुआ। शुरुआती रिपोर्टों और इलाके के लोगों के तीव्र आक्रोश के मुताबिक, इस जघन्य अपराध में बच्ची के साथ कथित तौर पर यौन शोषण (बलात्कार) भी किया गया और उसके बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में शोक और गुस्सा है।1
- कानपुर के यशोदा नगर में हुए रोड रेज कांड के संबंध में कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने वारदात का विस्तृत ब्यौरा दिया है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।1
- उत्तरप्रदेश के उन्नाव जिले में स्थित गंगाघाट पुलिस थाने पर IGRS प्रणाली में बड़े फर्जीवाड़े का आरोप लगाया गया है। जानकारी के अनुसार, थाने में पीड़ित व्यक्तियों से बिना मुलाकात किए ही उनकी आख्या रिपोर्ट दाखिल कर दी जाती है, जिससे इस महत्वपूर्ण व्यवस्था की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।1
- कानपुर के हनुमंत विहार थाना क्षेत्र के उस्मानपुर इलाके में एक बार फिर दबंगों का आतंक देखने को मिला है। पासी समाज के एक युवक पर दबंगों ने जानलेवा हमला किया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस हमले में उस्मानपुर क्षेत्र के निवासी नितिन पाल गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन पर नीलेश और राजू पाल नामक दबंगों ने हमला किया। इतना ही नहीं, हमलावरों ने पीड़ित युवक के पूरे परिवार को सरेआम नंगा घुमाने की भी धमकी दी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और घायल युवक को मेडिकल उपचार के लिए काशीराम अस्पताल भेजा। काशीराम में मौजूद डॉक्टरों ने युवक की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे हैलेट अस्पताल रेफर कर दिया है। यह घटना हनुमंत विहार पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है, क्योंकि लगातार दबंगों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। सवाल यह है कि हनुमंत विहार पुलिस के राज में दबंगों का यह आतंक कब तक जारी रहेगा और कब तक उनके हौसले बुलंद रहेंगे?1
- कक्षा 5 के छात्रों के लिए 'कारवां गणित' पुस्तक से संबंधित जानकारी साझा की गई है। इसके अनुसार, पुस्तक के अध्याय 10, जिसका विषय 'समय और तापमान' है, की प्रश्नावली 10(ए) के प्रश्न संख्या 1, 2 और 3 को हल करने का उल्लेख किया गया है।1
- कानपुर नगर में लाल बंगला मेन रोड स्थित बाज़ार में 'सुभाष द गिफ्ट शॉप' मौजूद है। यह दुकान इसी लाल बंगला मेन रोड क्षेत्र के मुख्य बाज़ार का हिस्सा है।4
- सीएमओ की पहली जांच रिपोर्ट में कृष्णा हॉस्पिटल और पारस हॉस्पिटल को क्लीन चिट मिली थी, लेकिन अब दूसरी जांच रिपोर्ट में इन्हीं दोनों अस्पतालों को दोषी पाया गया है। इस विरोधाभास के बाद यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि आखिर पहली रिपोर्ट में क्लीन चिट पाने के बावजूद ये अस्पताल दूसरी जांच में दोषी कैसे पाए गए। इसी के साथ, यह भी प्रश्न खड़ा हो गया है कि क्या पहली रिपोर्ट में इन अस्पतालों को क्लीन चिट देने वाले सीएमओ हरिदत्त नेमी पर कोई कार्रवाई की जाएगी।1
- कानपुर में आईटीबीपी जवान का हाथ काटे जाने के चर्चित मामले की जाँच ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) द्वारा गठित मेडिकल टीम की संशोधित जाँच रिपोर्ट में पारस अस्पताल और कृष्णा अस्पताल पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि दोनों अस्पतालों द्वारा उपचार में अत्यधिक विलंब किया गया, जिसके परिणामस्वरूप पीड़ित का हाथ काटना पड़ा। इस संबंध में, कानपुर नगर के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने जानकारी दी कि पहले प्राप्त मेडिकल रिपोर्ट निर्णायक नहीं थी और उसमें दोष का निर्धारण स्पष्ट रूप से नहीं किया गया था। इसके बाद, पुलिस ने मेडिकल टीम से बिंदुवार स्पष्टीकरण और जिम्मेदारी तय करते हुए एक संशोधित रिपोर्ट का अनुरोध किया था। संशोधित रिपोर्ट मिलने के बाद, पुलिस ने दोनों अस्पतालों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, क्योंकि इलाज में हुई देरी को गंभीर चिकित्सीय लापरवाही माना गया है। पुलिस आयुक्त ने आईटीबीपी और पुलिस के बीच किसी भी प्रकार के विवाद या टकराव की खबरों को भी सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की जाँच के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा के लिए आईटीबीपी के कमांडेंट और मेडिकल ऑफिसर को पुलिस कार्यालय में स्वयं आमंत्रित किया गया था, ताकि सीएमओ स्तर पर विस्तृत परीक्षण हो सके। पुलिस के अनुसार, बैठक के दौरान आईटीबीपी अधिकारी बड़ी संख्या में बल (फ़ोर्स) के साथ पहुँचे थे, जिससे पुलिस कार्यालय के बाहर भारी बल की मौजूदगी से मीडिया में गलत संदेश गया। इस पर कमांडेंट को तत्काल अतिरिक्त बल वापस भेजने का निर्देश दिया गया। पुलिस आयुक्त ने बताया कि पूरे प्रकरण की जानकारी आईटीबीपी मुख्यालय और महानिदेशक को पत्र भेजकर दे दी गई है, साथ ही संबंधित स्तर पर विभागीय और अनुशासनात्मक जाँच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है।1
- Post by Subhash the gift shop2