जनगणना कार्य एवं पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण कार्य तथा सहयोग शिविर स्थल का जिलाधिकारी द्वारा किया गया निरीक्षण:- जिला पदाधिकारी द्वारा अमौर प्रखंड अंतर्गत पंचायत दलमालपुर के पंचायत भवन मे चल रहें "सहयोग शिविर", पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण तथा जनगणना-2027 के कार्यों का जमीनी स्तर अद्मतन प्रगति का गहन निरिक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में जिला पदाधिकारी द्वारा संबंधित अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिया गया। दलमालपुर पंचायत भवन में चल रहे सहयोग शिविर का निरीक्षण किया गया। शिविर स्थल पर प्रतिदिन एक पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति और प्राप्त आवेदनों का ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया गया है। डाटा प्रबंधन के लिए Google Sheet और Summary Report ससमय तैयार करने का निर्देश दिया गया। प्राप्त सभी आवेदनों का निष्पादन 19 मई 2026 से पहले करने का लक्ष्य जिलाधिकारी द्वारा दिया गया। जनगणना कार्य में तेजी लाते हुए प्रति प्रगणक को प्रतिदिन कम से कम 25 भवनों/मकानों की गणना गुणवत्तापूर्ण सुनिश्चित करने का लक्ष्य जिलाधिकारी द्वारा दिया गया। जिन पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण अभी तक किसी कारणवश नहीं हो पाया है।उन सभी पेंशनभोगियों के जीवन प्रमाणीकरण कार्य मे तेजी लाने का निदेश संबंधित अधिकारियों को दिया गया।
जनगणना कार्य एवं पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण कार्य तथा सहयोग शिविर स्थल का जिलाधिकारी द्वारा किया गया निरीक्षण:- जिला पदाधिकारी द्वारा अमौर प्रखंड अंतर्गत पंचायत दलमालपुर के पंचायत भवन मे चल रहें "सहयोग शिविर", पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण तथा जनगणना-2027 के कार्यों का जमीनी स्तर अद्मतन प्रगति का गहन निरिक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में जिला पदाधिकारी द्वारा संबंधित अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिया गया। दलमालपुर पंचायत भवन में चल रहे सहयोग शिविर का निरीक्षण किया गया। शिविर स्थल पर प्रतिदिन एक पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति और प्राप्त आवेदनों का ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य रूप से करने
का निर्देश दिया गया है। डाटा प्रबंधन के लिए Google Sheet और Summary Report ससमय तैयार करने का निर्देश दिया गया। प्राप्त सभी आवेदनों का निष्पादन 19 मई 2026 से पहले करने का लक्ष्य जिलाधिकारी द्वारा दिया गया। जनगणना कार्य में तेजी लाते हुए प्रति प्रगणक को प्रतिदिन कम से कम 25 भवनों/मकानों की गणना गुणवत्तापूर्ण सुनिश्चित करने का लक्ष्य जिलाधिकारी द्वारा दिया गया। जिन पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण अभी तक किसी कारणवश नहीं हो पाया है।उन सभी पेंशनभोगियों के जीवन प्रमाणीकरण कार्य मे तेजी लाने का निदेश संबंधित अधिकारियों को दिया गया।
- दिल्ली में बेसहारा और असहाय लोगों की मदद के लिए सामाजिक संस्था का एक बड़े मानवीय अभियान की शुरुआत राजधानी दिल्ली में बेसहारा, असहाय और पीड़ित लोगों की मदद के लिए एक बड़ा मानवीय अभियान शुरू होने जा रहा है। 11 मई से 15 मई तक दिल्ली के सभी 13 जिलों में विशेष रेस्क्यू सेवा अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर रहने वाले जरूरतमंद लोगों को रेस्क्यू कर उन्हें इलाज, भोजन, कपड़े और आश्रय की सुविधा दी जाएगी। पूठ खुर्द स्थित अपना घर आश्रम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस अभियान की विस्तृत जानकारी साझा की गई पूठ खुर्द स्थित अपना घर आश्रम में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया गया कि यह विशेष सेवा एवं रेस्क्यू अभियान अपना घर आश्रम, दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग और सेवा भारती के संयुक्त तत्वावधान में चलाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य दिल्ली की सड़कों, फुटपाथों और सार्वजनिक स्थानों पर रहने वाले बेसहारा, असहाय और पीड़ित लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर उन्हें सम्मानपूर्ण जीवन देना है, प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अपना घर महिला आश्रम बुधपुर के अध्यक्ष सावरमल गोयल ने कहा कि संस्था कई वर्षों से निराश्रित और मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों की सेवा कर रही है। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू किए गए लोगों को आश्रम में उपचार, भोजन, कपड़े और रहने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं अपना घर आश्रम के संस्थापक डॉ. बी. एम. भारद्वाज ने कहा कि यह अभियान केवल पांच दिनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी कोई बेसहारा या पीड़ित व्यक्ति दिखाई दे तो तुरंत अपना घर आश्रम से संपर्क करें, ताकि एम्बुलेंस टीम मौके पर पहुंचकर सहायता कर सके। सेवा भारती के आपदा प्रबंधन प्रमुख संजय जिंदल ने बताया कि सेवा भारती के कार्यकर्ता दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में जाकर जरूरतमंद लोगों की पहचान करेंगे और रेस्क्यू अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री रविन्द्र इंद्राज ने कहा कि दिल्ली सरकार इस मानवीय अभियान में हर संभव सहयोग देगी। उन्होंने बताया कि सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं ताकि रेस्क्यू के दौरान किसी प्रकार की प्रशासनिक परेशानी न हो और जरूरतमंद लोगों तक जल्द सहायता पहुंचाई जा सके। फिलहाल यह पांच दिवसीय अभियान दिल्ली में बेसहारा और जरूरतमंद लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया है। अब देखना होगा कि यह मुहिम कितने लोगों की जिंदगी में बदलाव ला पाती है।1
- फरीदाबाद: रूह कपा देने वाली वारदात, पिता ने 5 वर्षीय मासूम की हत्या कर खुद को लगाया फंदा मुख्य समाचार: औद्योगिक नगरी फरीदाबाद से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक पिता ने कथित तौर पर अपने ही 5 साल के मासूम बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी और उसके बाद खुद भी पंखे से लटककर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस दोहरी मौत की खबर ने पूरे इलाके में सन्नाटा पसारा हुआ है। पूरी घटना का विवरण यह घटना फरीदाबाद के इलाके की है। पुलिस के अनुसार, मृतक पिता की पहचान के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि घर के भीतर पहले पिता ने अपने इकलौते बेटे को मौत के घाट उतारा और फिर कमरे के अंदर सुसाइड कर लिया। जब परिवार के अन्य सदस्यों या पड़ोसियों ने काफी देर तक हलचल नहीं देखी, तो पुलिस को सूचित किया गया। मौके पर पहुँची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर दोनों के शवों को बरामद किया। संभावित कारण हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक 'सुसाइड नोट' बरामद होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुलिस सूत्रों का मानना है कि इसके पीछे पारिवारिक कलह या भारी आर्थिक तंगी मुख्य कारण हो सकते हैं। पड़ोसियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से युवक काफी तनाव में देखा जा रहा था। पुलिस की कार्रवाई फरीदाबाद पुलिस के प्रवक्ता ने बताया: "हमने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है कि आखिर एक पिता ने इतना खौफनाक कदम क्यों उठाया।" इलाके में शोक की लहर मासूम बच्चे की मौत की खबर सुनकर हर किसी की आँखें नम हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बच्चा बेहद होनहार था। इस घटना ने एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया है। 1
- महासमुंद में सामने आया डेढ़ करोड़ रुपये के एलपीजी गैस गबन का मामला अब सिर्फ चोरी का केस नहीं रहा। बल्कि सिस्टम के भीतर बैठे भ्रष्टाचार की बड़ी मिसाल बन चुका है। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि जिस अधिकारी पर सरकारी संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी। वही इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड निकला। जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव पर आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर करोड़ों की गैस गायब करने की पूरी साजिश रची।1
- ঝালদায় ড্রেন থেকে দেহ উদ্ধার ঘিরে চাঞ্চল্য ছড়াল এলাকায়1
- दिल्ली में भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि दुनिया इस समय अभूतपूर्व आर्थिक, सामरिक और ऊर्जा संकट से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि मध्य-पूर्व और पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात हैं, जबकि रूस-यूक्रेन संघर्ष वर्षों से जारी है। इसके अलावा थाईलैंड और कंबोडिया की सीमा पर भी तनाव बना हुआ है। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि ऐसे वैश्विक संकट के दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नागरिकों से सतर्कता और सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और यूरोप में पेट्रोलियम की कीमतों में 20 से 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है, जबकि कई अफ्रीकी देशों में यह बढ़ोतरी 60 प्रतिशत तक पहुंच गई है। भाजपा सांसद ने विपक्ष के आरोपों को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार का विरोध करते-करते विपक्ष “देश विरोध” की सीमा तक पहुंच रहा है। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि क्या वह भारत के भविष्य की आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के पक्ष में है या नहीं।1
- आगरा जिले में थाने के भीतर भिड़ गए पुलिसकर्मी, मचा बवाल जिले में एक थाने के भीतर पुलिसकर्मी आपस में भिड़ गए। इस घटना से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।1
- Rohini कुछ दिनों से सफाई और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर लोगों में चर्चा बढ़ गई है। स्थानीय प्रशासन ने मुख्य सड़कों की मरम्मत और बाजार क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने का काम शुरू किया है। शाम के समय ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। वहीं, पार्कों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई अभियान भी चलाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन बदलावों से क्षेत्र में सुविधाएं बेहतर होंगी और लोगों को राहत मिलेगी। कुछ दिनों से सफाई और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर लोगों में चर्चा बढ़ गई है। स्थानीय प्रशासन ने मुख्य सड़कों की मरम्मत और बाजार क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने का काम शुरू किया है। शाम के समय ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। वहीं, पार्कों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई अभियान भी चलाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन बदलावों से क्षेत्र में सुविधाएं बेहतर होंगी और लोगों को राहत मिलेगी।1
- कानपुर: फिल्मी अंदाज में नवजात की चोरी की कोशिश, झोले में बच्चा भरकर भाग रही महिला को भीड़ ने दबोचा कानपुर (घाटमपुर) | [आज की तारीख] कानपुर के घाटमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में रविवार देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक महिला ने अस्पताल से नवजात बच्चे को चुराने का दुस्साहसिक प्रयास किया। आरोपी महिला ने बड़ी चालाकी से बच्चे को एक झोले में छिपा लिया था, लेकिन परिजनों की सूझबूझ और मौके पर मौजूद लोगों की तत्परता से एक मासूम की जान बच गई और आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया गया। घटना का विवरण: झोले में 'जिंदगी' चुराने की कोशिश जानकारी के अनुसार, घाटमपुर सीएचसी में भर्ती एक प्रसूता के पास से मौका पाकर संदिग्ध महिला ने नवजात को उठा लिया। अस्पताल की सुरक्षा और स्टाफ की नजरों से बचकर वह बच्चे को एक कपड़े के झोले में डालकर अस्पताल से बाहर निकलने की फिराक में थी। महिला की संदिग्ध गतिविधियों को देखकर परिजनों को शक हुआ। जब उन्होंने उसे रोका और तलाशी ली, तो झोले के अंदर बच्चा देखकर सबके होश उड़ गए। शोर मचते ही अस्पताल परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई। भीड़ ने घेरा, पुलिस ने लिया हिरासत में गुस्साई भीड़ ने आरोपी महिला को मौके पर ही पकड़ लिया। घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची घाटमपुर पुलिस ने महिला को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर हिरासत में ले लिया है। पुलिस फिलहाल महिला से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किसी बड़े बच्चा चोर गिरोह का हिस्सा तो नहीं है। अस्पताल की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल इस घटना ने सरकारी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं: सुरक्षा में चूक: देर रात एक बाहरी महिला वार्ड के अंदर तक कैसे पहुंच गई? सीसीटीवी और गार्ड्स: क्या अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे थे, और सुरक्षा गार्ड उस समय कहां तैनात थे? अटेंडेंट पास: क्या अस्पताल में आने-जाने वालों की उचित चेकिंग और रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है? अधिकारी का बयान पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी महिला के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। बच्चे को सुरक्षित उसके परिजनों को सौंप दिया गया है और अस्पताल प्रशासन को भविष्य में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।1