वाराणसी में एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जो मैट्रिमोनियल वेबसाइटों के माध्यम से महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर विदेश से 'कूरियर' भेजने और फिर फर्जी कस्टम अधिकारी बनकर पैसे ऐंठता था। पुलिस ने इस गिरोह के सरगना समेत दो शातिर साइबर अपराधियों को मोतिहारी, बिहार से गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गई है। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब 13 मार्च, 2026 को वाराणसी की पूनम (काल्पनिक नाम) ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि अज्ञात साइबर अपराधियों ने मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए उन्हें फंसाया और विदेश से भेजे गए कोरियर के नाम पर फर्जी कस्टम अधिकारी बनकर उनसे अवैध रूप से पैसे ठग लिए। इस शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम वाराणसी में मु0अ0सं0 10/2026 धारा 318(4) बीएनएस व 66डी आई०टी० एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया, जिसकी विवेचना प्रभारी निरीक्षक उदयवीर सिंह कर रहे हैं। पुलिस आयुक्त श्री मोहित अग्रवाल, पुलिस उपायुक्त (अपराध) सुश्री नीतू कादयान और अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) श्री नृपेन्द्र के निर्देश पर सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध) श्री विदुष सक्सेना के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 31 मई, 2026 को मोतिहारी, बिहार से इन दो अपराधियों को धर दबोचा। गिरोह के सदस्य अपराध को अंजाम देने के लिए मैट्रिमोनियल वेबसाइटों पर फर्जी प्रोफाइल बनाते थे। वे खुद को विदेशों में बड़ा व्यवसायी बताकर महिलाओं को महंगे उपहार जैसे घड़ी, मोबाइल फोन और ज्वैलरी वाला पार्सल भेजने का झांसा देते थे। इसके बाद गिरोह के अन्य सदस्य फर्जी कस्टम अधिकारी, जीएसटी अधिकारी या ड्रग अधिकारी बनकर महिलाओं से 'गिफ्ट' प्राप्त करने के लिए पैसों की मांग करते थे और अवैध रूप से साइबर ठगी को अंजाम देते थे। इन ठगी के पैसों को वे अपने सिंडिकेट के माध्यम से खुलवाए गए लगभग 500 फर्जी 'म्यूल' बैंक खातों में भेजकर रोटेट करते थे और फिर विभिन्न माध्यमों से नकद निकाल लेते थे। गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान पूर्वी चंपारण, बिहार निवासी 28 वर्षीय विजय कुमार (शिक्षा 8वीं पास) और 19 वर्षीय रोहित रंजन (बीटेक अध्ययनरत) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से 03 एंड्रॉइड मोबाइल फोन और 10,200 रुपये नकद बरामद किए हैं। उनके खिलाफ अन्य आपराधिक मामलों की भी जांच की जा रही है।
वाराणसी में एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जो मैट्रिमोनियल वेबसाइटों के माध्यम से महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर विदेश से 'कूरियर' भेजने और फिर फर्जी कस्टम अधिकारी बनकर पैसे ऐंठता था। पुलिस ने इस गिरोह के सरगना समेत दो शातिर साइबर अपराधियों को मोतिहारी, बिहार से गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गई है। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब 13 मार्च, 2026 को वाराणसी की पूनम (काल्पनिक नाम) ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि अज्ञात साइबर अपराधियों ने मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए उन्हें फंसाया और विदेश से भेजे गए कोरियर के नाम पर फर्जी कस्टम अधिकारी बनकर उनसे अवैध रूप से पैसे ठग लिए। इस शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम वाराणसी में मु0अ0सं0 10/2026 धारा 318(4) बीएनएस व 66डी आई०टी० एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया, जिसकी विवेचना प्रभारी निरीक्षक उदयवीर सिंह कर रहे हैं। पुलिस आयुक्त श्री मोहित अग्रवाल, पुलिस उपायुक्त (अपराध) सुश्री नीतू कादयान और अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) श्री नृपेन्द्र के निर्देश पर सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध) श्री विदुष सक्सेना के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 31 मई, 2026 को मोतिहारी, बिहार से इन दो अपराधियों को धर दबोचा। गिरोह के सदस्य अपराध को अंजाम देने के लिए मैट्रिमोनियल वेबसाइटों पर फर्जी प्रोफाइल बनाते थे। वे खुद को विदेशों में बड़ा व्यवसायी बताकर महिलाओं को महंगे उपहार जैसे घड़ी, मोबाइल फोन और ज्वैलरी वाला पार्सल भेजने का झांसा देते थे। इसके बाद गिरोह के अन्य सदस्य फर्जी कस्टम अधिकारी, जीएसटी अधिकारी या ड्रग अधिकारी बनकर महिलाओं से 'गिफ्ट' प्राप्त करने के लिए पैसों की मांग करते थे और अवैध रूप से साइबर ठगी को अंजाम देते थे। इन ठगी के पैसों को वे अपने सिंडिकेट के माध्यम से खुलवाए गए लगभग 500 फर्जी 'म्यूल' बैंक खातों में भेजकर रोटेट करते थे और फिर विभिन्न माध्यमों से नकद निकाल लेते थे। गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान पूर्वी चंपारण, बिहार निवासी 28 वर्षीय विजय कुमार (शिक्षा 8वीं पास) और 19 वर्षीय रोहित रंजन (बीटेक अध्ययनरत) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से 03 एंड्रॉइड मोबाइल फोन और 10,200 रुपये नकद बरामद किए हैं। उनके खिलाफ अन्य आपराधिक मामलों की भी जांच की जा रही है।
- कर्तव्य और अनुशासन की मिसाल के रूप में पहचाने जाने वाले अशोक पाण्डेय सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त हो गए हैं। उनकी विदाई के अवसर पर एक भावभीना समारोह आयोजित किया गया, जहाँ उन्हें सम्मानित किया गया।1
- वाराणसी की हरि-हर की नगरी में पुरुषोत्तम पूर्णिमा के विशेष अवसर पर नमामि गंगे ने सनातन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण पंचक्रोशी परिक्रमा के यात्रियों पर पुष्प वर्षा की। इस दौरान मणिकर्णिका तीर्थ क्षेत्र 'हर-हर महादेव', 'जय श्री विष्णु' और 'जय श्री पुरुषोत्तम' के जयघोष से गूंज उठा। नमामि गंगे की टीम ने तीर्थों में सर्वोच्च मणिकर्णिका चक्र पुष्करिणी कुंड की आरती भी उतारी, जिसके माध्यम से जल संरक्षण की कामना की गई। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला के नेतृत्व में, पंचक्रोशी यात्रियों को अंगवस्त्रम पहनाकर सम्मानित किया गया। लगभग 3300 वर्ष पुरानी 88 किलोमीटर लंबी पंचक्रोशी परिक्रमा पथ के यात्री चक्र पुष्करिणी कुंड की आरती और यह सम्मान पाकर अत्यंत प्रसन्न दिखे और सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। राजेश शुक्ला ने बताया कि पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु का महीना है, और इस मास में पंचक्रोशी परिक्रमा पूरी करने वाले व्यक्ति को 33 कोटि देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना तथा अश्वमेध यज्ञ कराने जैसा पुण्य लाभ मिलता है। पुराणों के अनुसार, 'इदं मम प्रियंक्षेत्रं पंचकोशीपरीमितः' कहकर काशी के इस पांच कोस तक विस्तृत क्षेत्र को भगवान भोलेनाथ का अत्यंत प्रिय बताया गया है। आयोजन के तहत नमामि गंगे की टीम ने गंगा किनारे मणिकर्णिका तीर्थ और चक्र पुष्करिणी कुंड के आस-पास विशेष सफाई अभियान भी चलाया। इस कार्यक्रम में राजेश शुक्ला के साथ रविंद्र मिश्रा, सिमरन कपूर, निधि मेहरोत्रा, रितु कपूर, नवरंग गुप्ता, तारा गुप्ता और बड़ी संख्या में पंचक्रोशी यात्री शामिल रहे।1
- मुरादाबाद के कुंदरकी थाना क्षेत्र स्थित चकफाजलपुर गांव में 21 वर्षीय फरहत ने अपने पिता की लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस पूरी घटना का युवक ने वीडियो भी बनाया। परिजनों ने बताया है कि फरहत कुछ समय से मानसिक तनाव और अवसाद से जूझ रहा था। घटना के समय मौके पर कुछ बच्चे भी मौजूद थे।1
- पुरुषोत्तम पूर्णिमा के पावन अवसर पर वाराणसी की हरि-हर नगरी भगवान विष्णु के जयकारों से गूंज उठी। सनातन धर्म में विशेष महत्व रखने वाले पुरुषोत्तम मास की पूर्णिमा के दिन नमामि गंगे ने 33 कोटि देवी-देवताओं को प्रसन्न करने वाली पंचक्रोशी परिक्रमा के यात्रियों पर पुष्प वर्षा की। इस दौरान तीर्थों में सर्वोच्च माने जाने वाले मणिकर्णिका चक्र पुष्करिणी कुंड की आरती भी उतारी गई, जिसमें जल संरक्षण की कामना की गई। मणिकर्णिका तीर्थ क्षेत्र हर-हर महादेव, जय श्री विष्णु और जय श्री पुरुषोत्तम के घोष से गुंजायमान रहा। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला के नेतृत्व में यह आयोजन हुआ, जहाँ पंचक्रोशी यात्रियों को अंगवस्त्रम पहनाकर सम्मानित किया गया। लगभग 3300 वर्ष पुरानी और 88 किलोमीटर लंबी पंचक्रोशी परिक्रमा के यात्री चक्र पुष्करिणी कुंड की आरती और सम्मान पाकर बेहद प्रसन्न नज़र आए। सभी यात्रियों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लिया। नमामि गंगे टीम ने गंगा किनारे मणिकर्णिका तीर्थ और चक्र पुष्करिणी कुंड के आस-पास सफाई भी की। राजेश शुक्ला ने बताया कि पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु का महीना है और इस मास में पंचक्रोशी परिक्रमा पूरी करने वाले व्यक्ति को 33 कोटि देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना और अश्वमेध यज्ञ कराने जैसा पुण्य लाभ मिलता है। पुराणों के अनुसार, पाँच कोस तक फैला काशी क्षेत्र भगवान भोलेनाथ को अत्यंत प्रिय है। इस आयोजन में राजेश शुक्ला के साथ रविंद्र मिश्रा, सिमरन कपूर, निधि मेहरोत्रा, रितु कपूर, नवरंग गुप्ता, तारा गुप्ता सहित कई पंचक्रोशी यात्री शामिल रहे।1
- थाना बीजपुर क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम धरतीदाड़ के पास जंगल में एक महिला का कंकाल पाया गया है। इस घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी दुद्धी, श्री राजेश कुमार राय ने अपना बयान जारी किया है।1
- बनारस के चौबेपुर क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में सीधे तौर पर एक लेखपाल पर कब्जा करने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित का कहना है कि बनारस में कानून नाम की कोई चीज नहीं बची है, और सरकारी जमीनों पर खुलेआम कब्जा किया जा रहा है, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने भारत की ऋषि परंपरा के गहरे महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय ऋषि परंपरा हमें 'अहिंसा परमो धर्मः, धर्म हिंसा तथैव च' का प्रेरणादायी संदेश देती है, जो धर्म के लिए अहिंसा और आवश्यकता पड़ने पर हिंसा, दोनों के महत्व को दर्शाता है।1
- सोनबरसा में बहुउद्देशीय पंचायत भवन का निर्माण कार्य एक बार फिर से शुरू हो गया है। इस निर्माण कार्य के पुनः आरंभ होने से स्थानीय ग्रामीणों में हर्ष का माहौल है।1