गोरखपुर जिले के भटहट अंतर्गत जंगल डुमरी नंबर एक के भंडारो टोले में लगा एक हाईटेंशन बिजली का पोल पूरी तरह जर्जर हो चुका है। जंग लगा यह लोहे का पोल कभी भी गिर सकता है, जिससे बिजली विभाग की लापरवाही के कारण यहां किसी बड़े हादसे का खतरा लगातार मंडरा रहा है। बरसात के मौसम में इस जर्जर पोल के कारण खतरा और भी अधिक बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस जर्जर पोल की शिकायत काफी पहले बिजली विभाग से की गई थी। शिकायत के 6 महीने बाद विभाग ने पास में एक नया सीमेंट का पोल खड़ा तो कर दिया, लेकिन उसे लगाए भी अब 5 महीने बीत चुके हैं। हैरानी की बात यह है कि अभी तक जर्जर पोल से तार हटाकर नए पोल पर शिफ्ट नहीं किए गए हैं और सारे तार अभी भी पुराने जंग लगे लोहे के पोल पर ही लटके हैं। स्थानीय निवासी विनोद निषाद ने बताया कि पुराना पोल नीचे से पूरी तरह गल चुका है और हल्की आंधी-पानी में भी गिर सकता है, जिससे वहां से रोज गुजरने वाले बच्चों और बुजुर्गों के साथ कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। इस संबंध में जब बिजली विभाग के जेई से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। जर्जर पोल के पास ही लोगों के घर हैं और वहां मवेशी भी बंधते हैं, जिसके कारण स्थानीय लोग भारी दहशत में जी रहे हैं। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि किसी भी हादसे से पहले तत्काल संज्ञान लेते हुए जर्जर पोल से तार हटाकर नए पोल पर शिफ्ट किए जाएं।
गोरखपुर जिले के भटहट अंतर्गत जंगल डुमरी नंबर एक के भंडारो टोले में लगा एक हाईटेंशन बिजली का पोल पूरी तरह जर्जर हो चुका है। जंग लगा यह लोहे का पोल कभी भी गिर सकता है, जिससे बिजली विभाग की लापरवाही के कारण यहां किसी बड़े हादसे का खतरा लगातार मंडरा रहा है। बरसात के मौसम में इस जर्जर पोल के कारण खतरा और भी अधिक बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस जर्जर पोल की शिकायत काफी पहले बिजली विभाग से की गई थी। शिकायत के 6 महीने बाद विभाग ने पास में एक नया सीमेंट का पोल खड़ा तो कर दिया, लेकिन उसे लगाए भी अब 5 महीने बीत चुके हैं। हैरानी की बात यह है कि अभी तक जर्जर पोल से तार हटाकर नए पोल पर शिफ्ट नहीं किए गए हैं और सारे तार अभी भी पुराने जंग लगे लोहे के पोल पर ही लटके हैं। स्थानीय निवासी विनोद निषाद ने बताया कि पुराना पोल नीचे से पूरी तरह गल चुका है और हल्की आंधी-पानी में भी गिर सकता है, जिससे वहां से रोज गुजरने वाले बच्चों और बुजुर्गों के साथ कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। इस संबंध में जब बिजली विभाग के जेई से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। जर्जर पोल के पास ही लोगों के घर हैं और वहां मवेशी भी बंधते हैं, जिसके कारण स्थानीय लोग भारी दहशत में जी रहे हैं। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि किसी भी हादसे से पहले तत्काल संज्ञान लेते हुए जर्जर पोल से तार हटाकर नए पोल पर शिफ्ट किए जाएं।
- राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने एक बड़ा और तीखा बयान दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाते हुए कहा है कि रामजन्मभूमि चोरों के कब्जे में चली गई है। चढ़ावे को लेकर मचे इस घमासान के बीच शंकराचार्य का यह बयान बेहद हमलावर रुख को दिखाता है।1
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में गांव की एक नहर की पुलिया बेहद खराब हो चुकी है। गांव के बुजुर्ग खुद नहर पर आकर पानी की गहराई दिखाकर पुलिया की इस बदहाली को उजागर कर रहे हैं। नहर में पानी का भराव इतना ज्यादा है कि पुलिया का दूसरा छोर भी दिखाई नहीं दे रहा है। बुजुर्ग इस बात को दिखा रहे हैं कि नहर में कितना अधिक पानी भरा हुआ है और पुलिया की स्थिति कितनी चिंताजनक हो चुकी है।1
- गोरखपुर के सहजनवां से सूर्यांश न्यूज़ 24 'हर खबर पर नजर' की ओर से माननीय सांसद जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दी गई हैं। चैनल की तरफ से इस खास मौके पर माननीय सांसद जी के लिए आदरपूर्वक मंगलकामनाएं व्यक्त की गई हैं।1
- गोरखपुर में कांग्रेस ने भाजपा पर एक बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस के सतनारायण पटेल ने नीट (NEET) पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा और एथेनॉल पेट्रोल के मुद्दों को लेकर एक बड़ा बयान जारी किया है। सतनारायण पटेल के इस बड़े बयान के जरिए कांग्रेस ने भाजपा को निशाना बनाया है।1
- मध्य प्रदेश में एक परियोजना के खिलाफ आदिवासी समुदाय का आंदोलन कई दिनों से लगातार जारी है। इस परियोजना का कड़ा विरोध करते हुए आदिवासी समुदाय के लोग जीते जी समाधि पर बैठ गए हैं। अपनी मांगों और परियोजना के विरोध को लेकर आदिवासियों का यह प्रदर्शन पिछले कई दिनों से चल रहा है।1