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#कौशाम्बी जनपद के #मूरतगंज में स्थित #सहारा_नर्सिंग_होम को #सीएमओ ने किया #सील बीते दिनों कौशाम्बी जनपद में संदीपन घाट थाना क्षेत्र अंतर्गत जीवनगंज के निवासी राजकुमार पुत्र मक्खन लाल की हाइड्रोसील के आपरेशन के दौरान मृत्यु हो गई थी । उसके बाद परिजनों ने जमकर किया था हंगामा । किसी भी प्रकार कि घटनाएं होने पर एवं खबर चलवाने के लिए संपर्क करें - 8188070994 रिंकू राज Rinku Raaz Indian National News " सच की खोज " ( भारतीय राष्ट्रीय समाचार ) #fbreelsvideo #kaushambinews #fbreelsfypシ゚viralシ #rinku_raj_bharwari #fbreels2025ツ #fbyシvideo #trendingreel #fbviralpost2025シ
Indian National News INN
#कौशाम्बी जनपद के #मूरतगंज में स्थित #सहारा_नर्सिंग_होम को #सीएमओ ने किया #सील बीते दिनों कौशाम्बी जनपद में संदीपन घाट थाना क्षेत्र अंतर्गत जीवनगंज के निवासी राजकुमार पुत्र मक्खन लाल की हाइड्रोसील के आपरेशन के दौरान मृत्यु हो गई थी । उसके बाद परिजनों ने जमकर किया था हंगामा । किसी भी प्रकार कि घटनाएं होने पर एवं खबर चलवाने के लिए संपर्क करें - 8188070994 रिंकू राज Rinku Raaz Indian National News " सच की खोज " ( भारतीय राष्ट्रीय समाचार ) #fbreelsvideo #kaushambinews #fbreelsfypシ゚viralシ #rinku_raj_bharwari #fbreels2025ツ #fbyシvideo #trendingreel #fbviralpost2025シ
- HiAgra, Uttar Pradesh👏on 12 November
- User4949Chail, Kaushambi👏on 8 November
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- *विनय कुमार रिपोर्टर इंडियन नेशनल न्यूज सच कि खोज 8174801662* जनपद कौशाम्बी जिले के थाना कोखराज क्षेत्र अन्तर्गत चौकी शहजादपुर टेढ़ीपुर मोड़ के पास आज दिनांक 31 03 2026 को दिन में करीब 12:30 बजे तक ट्रेलर और ट्रैक्टर के आमने सामने के टक्कर मे ट्रैक्टर में सवार एक व्यक्ति की मौके पर हुई मौत और कई लोग गम्भीर रूप से घायल हो गए है स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और एम्बुलेंस 108 को व पुलिस को मामले कि जानकारी दिए सूचना पर पहुंचे चौकी प्रभारी व थाना प्रभारी कोखराज ने मामले कि जानकारी लेते हुए शव को अपने कब्जे में लेकर मर्चुरी हाउस पोस्मार्टम के लिए भेज दिया गया है घटना स्थल पर परिवार के लोग भी रोते बिलखते पहुंच गए है और घर के लोगो का रो रो कर बुरा हाल हो गया है1
- Post by Shudhakar Mishra1
- प्रयागराज, कोरॉव। किसान की फसल जलकर हुई राख, खेत में अज्ञात कारणों से लगी आग।1
- Post by हिमांशु गुप्ता समाचार नेशन1
- प्रयागराज। जनपद में देर रात से ही झमाझम बारिश हो रही है। अचानक जनपद में मौसम ने अपना मिजाज बदला और आंधियो के साथ झमाझम बारिश हुई।1
- प्रयागराज पुलिस कमिश्नर के दिशा निर्देश में नारकोटिक्स टास्क फोर्स कमिश्नरेट प्रयागराजवा थाना धूमनगंज की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा तीन अभियुक्त गिरफ्तार कब्जे से 6 पैकेट स्मैक कुल वजन 727 ग्राम अनुमानित अंतरराष्ट्रीय कीमत एक करोड़ 45 लाख 4 मोबाइल फोन 4940 नगद बरामद एक अवैध तमंचा 315 बोर जिंदा कारतूस बरामदअभियुक्त दीपक कुमार गौतम आशीष कुमार मौर्य विवेक कुमार प्रेस कॉन्फ्रेंस में डी सी पी कुलदीप गुनावत ने किया खुलासा1
- Post by गुरु ज्ञान1
- प्रयागराज। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित पांच दिवसीय भरत नाट्य समारोह का भव्य समापन मंगलवार को केंद्र प्रेक्षागृह में हुआ। अंतिम दिन महाकवि भवभूति रचित प्राचीन संस्कृत नाटक महावीरचरितम् का डॉ. हिमांशु द्विवेदी के निर्देशन और संगीत परिकल्पना में मंचन दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर गया। इस नाटक ने रामायण की अमर कथा को नाटकीय बिंबों, फ्लैशबैक और आधुनिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत कर सबको तालियों के पुल बांधने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम का आगाज मुख्य अतिथि प्रो. कीर्ति सिंह (इलाहाबाद विश्वविद्यालय), विशिष्ट अतिथि घनश्याम शाही (क्षेत्रीय संगठन मंत्री अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, पूर्वी उत्तर प्रदेश ), अभिलाष मिश्रा (काशी प्रांत संगठन मंत्री) एवं केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा, उपनिदेशक (कार्यक्रम) डॉ. मुकेश उपाध्याय और उपनिदेशक (प्रशासन) डॉ. आदित्य कुमार श्रीवास्तव व कार्यक्रम सलाहकार कल्पना सहाय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। मंच पर पारंपरिक संगीत और नृत्य ने वातावरण को पवित्र बना दिया। नाटक विश्वामित्र के यज्ञ महोत्सव से प्रारंभ होता है। जनक के छोटे भाई कुशध्वज उर्मिला व सीता संग पधारते हैं। राम-लक्ष्मण की उनसे भेंट में प्रेम का बीज अंकुरित होता है। तभी सर्वमाय नामक राक्षस माल्यवान के इशारे पर रावण का पत्र पढ़ता है, जिसमें सीता से विवाह का अहंकारी प्रस्ताव है। "यह अन्याय है!"—सर्वमाय क्रोधित होकर चीखता है। बीच में राम द्वारा अहल्या उद्धार, ताड़का-मारीच-सुबाहु वध के वृतांत रोमांचित करते हैं। विश्वामित्र राम को दिव्यास्त्र प्रदान करते हैं। शिवधनुष मंगवाकर राम उसे चूर-चूर कर देते हैं—रामायण की मूल कथा से हटकर यहां विवाह शर्त नहीं, विश्वामित्र की आज्ञा है। राम-सीता, लक्ष्मण-उर्मिला का विवाह धूमधाम से होता है। क्रोधित सर्वमाय माल्यवान को सूचना दे भागता है। षड्यंत्रों का नाटकीय मोड़ आता है। माल्यवान-सुरपनखा परशुराम को भड़काते हैं, लेकिन राम की सौम्यता से वे पिघल जाते हैं: "हे राम, यह धनुष लो, विजयी हो!" फ्लैशबैक में सुरपनखा मंथरा बनी कैकेयी को दो वर दिलवाती—राम का 14 वर्ष वनवास, भरत का राज्याभिषेक। राम प्रसन्नता से स्वीकारते हैं। जंगल में सीता हरण, जटायु वध, शबरी मिलन, बाली का राम-भक्त बनकर मृत्यु—सब चित्रित। रावण बाली भेजता है, लेकिन वह भक्त हो जाता है। मंदोदरी बार-बार समझाती है, "यह अधर्म है रावण!", पर वही अड़िग। युद्ध में राम विजयी, विभीषण को लंका सौंप अयोध्या लौटते हैं। कलाकारों ने अपने अभिनय से नाटक में जान डाल दी। अमिताभ आचार्य ने राम की भूमिका में गंभीरता दिखाई, वहीं अमन व्यास लक्ष्मण के रूप में जोश से भरे नजर आए। खुशी बघेल ने सीता के किरदार को बहुत ही सहजता से निभाया। शुभराज शुक्ला ने रावण और परशुराम दोनों किरदारों में दम दिखाया। सबसे ज्यादा ध्यान खींचा ऋतुराज चौहान ने, जिन्होंने मंथरा का किरदार निभाया। उनकी एक्टिंग इतनी प्रभावशाली रही कि दर्शक उनसे नजर नहीं हटा पाए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं नाट्य निर्देशक को केंद्र निदेशक द्वारा पौधा एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सुधांशु शुक्ला ने किया।1