कोडरमा जिला बस ऑनर्स एसोसिएशन ने 1 जून 2026 से विभिन्न रूटों पर बस किराये में 15 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। यह निर्णय शनिवार को झुमरीतिलैया बस स्टैंड के पास हुई एसोसिएशन की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मेंद्र उर्फ बंशी यादव ने की और संचालन सचिव संजय यादव ने किया। इस बढ़ोतरी से यात्रियों को बड़ा झटका लगेगा। एसोसिएशन ने किराया बढ़ाने का कारण डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि, टायर, मोटर पार्ट्स और टोल टैक्स की बढ़ी हुई लागत को बताया है। उनके मुताबिक, इन बढ़ते खर्चों के कारण पुराने किराये पर बसों का संचालन करना मुश्किल हो गया था, जिससे किराया बढ़ाना उनकी मजबूरी बन गई। इस किराया वृद्धि का सीधा असर झुमरीतिलैया से चलने वाली करीब 55 बसों के यात्रियों पर पड़ेगा, जिनमें 15 एसी और 30 नॉन-एसी बसें शामिल हैं। नए किराये के अनुसार, रांची (एसी) का किराया ₹350 से बढ़कर ₹400 और (नॉन-एसी) का ₹300 से ₹350 हो जाएगा। हजारीबाग (एसी) का किराया ₹120 से ₹150 और (नॉन-एसी) का ₹120 से ₹140 होगा। रामगढ़ (एसी) का किराया ₹200 से ₹250 और (नॉन-एसी) का ₹200 से ₹220 हो जाएगा। गिरिडीह (नॉन-एसी) का किराया ₹200 से ₹250, नवादा (एसी) का ₹170 से ₹200 और (नॉन-एसी) का ₹150 से ₹180 निर्धारित किया गया है। वहीं, चतरा (नॉन-एसी) का किराया ₹200 से बढ़कर ₹220 हो जाएगा। यह किराया बढ़ोतरी केवल बस यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ट्रांसपोर्टिंग लागत बढ़ने के कारण बाजार में आने वाले सामानों की ढुलाई भी महंगी होगी। ऐसी आशंका है कि इससे रोजमर्रा की कई वस्तुओं के दाम बढ़ सकते हैं, जिसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। गौरतलब है कि कोडरमा में बस किराये में आखिरी बार करीब पांच साल पहले बढ़ोतरी की गई थी।
कोडरमा जिला बस ऑनर्स एसोसिएशन ने 1 जून 2026 से विभिन्न रूटों पर बस किराये में 15 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। यह निर्णय शनिवार को झुमरीतिलैया बस स्टैंड के पास हुई एसोसिएशन की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मेंद्र उर्फ बंशी यादव ने की और संचालन सचिव संजय यादव ने किया। इस बढ़ोतरी से यात्रियों को बड़ा झटका लगेगा। एसोसिएशन ने किराया बढ़ाने का कारण डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि, टायर, मोटर पार्ट्स और टोल टैक्स की बढ़ी हुई लागत को बताया है। उनके मुताबिक, इन बढ़ते खर्चों के कारण पुराने किराये पर बसों का संचालन करना मुश्किल हो गया था, जिससे किराया बढ़ाना उनकी मजबूरी बन गई। इस किराया वृद्धि का सीधा असर झुमरीतिलैया से चलने वाली करीब 55 बसों के यात्रियों पर पड़ेगा, जिनमें 15 एसी और 30 नॉन-एसी बसें शामिल हैं। नए किराये के अनुसार, रांची (एसी) का किराया ₹350 से बढ़कर ₹400 और (नॉन-एसी) का ₹300 से ₹350 हो जाएगा। हजारीबाग (एसी) का किराया ₹120 से ₹150 और (नॉन-एसी) का ₹120 से ₹140 होगा। रामगढ़ (एसी) का किराया ₹200 से ₹250 और (नॉन-एसी) का ₹200 से ₹220 हो जाएगा। गिरिडीह (नॉन-एसी) का किराया ₹200 से ₹250, नवादा (एसी) का ₹170 से ₹200 और (नॉन-एसी) का ₹150 से ₹180 निर्धारित किया गया है। वहीं, चतरा (नॉन-एसी) का किराया ₹200 से बढ़कर ₹220 हो जाएगा। यह किराया बढ़ोतरी केवल बस यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ट्रांसपोर्टिंग लागत बढ़ने के कारण बाजार में आने वाले सामानों की ढुलाई भी महंगी होगी। ऐसी आशंका है कि इससे रोजमर्रा की कई वस्तुओं के दाम बढ़ सकते हैं, जिसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। गौरतलब है कि कोडरमा में बस किराये में आखिरी बार करीब पांच साल पहले बढ़ोतरी की गई थी।
- हजारीबाग जिले में अवैध शराब के निर्माण और तस्करी के खिलाफ प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत, उत्पाद विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है। उपायुक्त के निर्देशों पर हुए इस अभियान में, सदर और बड़ा बाजार थाना क्षेत्रों के पारनाला स्थित गहरे नालों के गड्ढों में छिपाकर संचालित की जा रही पाँच अवैध महुआ शराब भट्ठियों को ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान, टीम ने मौके पर ही लगभग 1400 किलोग्राम जावा महुआ को नष्ट कर दिया। इसके अतिरिक्त, 370 लीटर अवैध चुलाई शराब भी जब्त की गई। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अवैध शराब के निर्माण में उपयोग होने वाले उपकरणों को भी पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है, ताकि ऐसी गतिविधियों को भविष्य में दोबारा संचालित न किया जा सके। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के कारोबार के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी रहेगा। इसमें संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- झारखंड के रामगढ़ जिले के मांडू प्रखंड अंतर्गत कुजू स्थित अक्षत बैंक्वेट हॉल के सभागार में संथाल समाज दिशोम माँझी परगना का 30वां स्थापना दिवस समारोह पारंपरिक संथाली संस्कृति और गौरवशाली विरासत के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। इस समारोह में झारखंड सरकार समन्वय समिति के सदस्य दर्जा प्राप्त मंत्री एवं संथाल समाज दिशोम माँझी परगना के केंद्रीय अध्यक्ष फागु बेसरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों के साथ-साथ ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम और बिहार से बड़ी संख्या में समाज की महिला-पुरुष पारंपरिक संथाली वेशभूषा में शामिल हुए। समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के पारंपरिक संथाली रीति-रिवाज, ढोल-मांदर की थाप और उत्साहपूर्ण स्वागत के साथ हुई, जिसके बाद उन्हें पगड़ी, अंगवस्त्र, पुष्पमाला, बैज और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान भगवान बिरसा मुंडा, तिलका मांझी, सिद्धू-कान्हू, चांद-भैरव और झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता एवं दिशोम गुरु शिबू सोरेन के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। केंद्रीय अध्यक्ष फागु बेसरा ने अपने संबोधन में बताया कि संथाल समाज दिशोम माँझी परगना संथाल समुदाय का एक सामाजिक संगठन है, जिसकी स्थापना 30-31 मई 1997 को हुई थी। उन्होंने पूर्वजों द्वारा सौंपी गई सामाजिक व्यवस्था, स्वशासन, ग्राम सभा, संस्कृति, परंपरा, न्याय व्यवस्था, प्रकृति पूजा और सामाजिक मूल्यों की विरासत को संरक्षित रखने को सभी की जिम्मेदारी बताया। बेसरा ने संथाली भाषा, संस्कृति और धर्म की रक्षा के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन तथा संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष को मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम को केंद्रीय महासचिव सोनाराम हेंब्रम और केंद्रीय कोषाध्यक्ष एतो वास्के ने भी संबोधित करते हुए समाज की एकता, संगठन की मजबूती और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर दिया। इस अवसर पर केंद्रीय मांझी बुढ़ी लीलमुनी देवी, मरांग बुरु बचाव संघर्ष समिति के केंद्रीय महासचिव हिरालाल मांझी, केंद्रीय उपाध्यक्ष अलख कुमार मांझी, सोनोत संथाल समाज के केंद्रीय सचिव अनिल टुडू, केंद्रीय कोषाध्यक्ष रतीलाल टुडू, डाड़ी प्रखंड प्रमुख सह केंद्रीय सचिव महिला सेल दीपा देवी, बड़कागांव प्रखंड अध्यक्ष सुरज बेसरा, चुरचू प्रखंड अध्यक्ष सहदेव किस्कू, पतरातू प्रखंड अध्यक्ष शंकर मुर्मू सहित टीरु मांझी, पन्नालाल मुर्मू, मनोहर मुर्मू, बिरजू सोरेन, अशोक मुर्मू, विनोद हेंब्रम और रामचंद्र टुडू समेत समाज के कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष फागु बेसरा ने की, जबकि संचालन केंद्रीय कोषाध्यक्ष एतो वास्के ने किया। समारोह के अंत में सभी अतिथियों, गणमान्य व्यक्तियों और विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों को अंगवस्त्र, बैज एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया, जिसके साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।1
- रामगढ़ के कुजू में संथाल समाज ने अपने 30वें स्थापना दिवस के अवसर पर जोरदार एकजुटता प्रदर्शित की, जहाँ उन्होंने अपनी पैतृक 'जल-जंगल-जमीन' की रक्षा के लिए प्रबल आह्वान किया। यह आयोजन संथाल संस्कृति और आदिवासी पहचान को सुरक्षित रखने के महत्व पर केंद्रित रहा। दिशोम मांझी परगना के बैनर तले, संथाल समाज ने अपने संवैधानिक अधिकारों और आदिवासी अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर, समाज ने अपनी अनूठी विरासत और परंपरागत जीवनशैली को बनाए रखने के लिए संघर्ष जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि उनके समुदाय के अधिकारों को सशक्त किया जा सके।1
- केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने हजारीबाग में मीडिया से बातचीत के दौरान झारखंड सरकार पर राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और आम जनता की समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है। अन्नपूर्णा देवी ने हाल ही में हुई एक ट्रिपल मर्डर की घटना का विशेष रूप से जिक्र करते हुए दावा किया कि इतनी गंभीर वारदात के बाद भी सरकार और प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई देखने को नहीं मिल रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल व्याप्त है। केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय अन्य कार्यों में व्यस्त है। उन्होंने सरकार से अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की, जिसके बाद राज्य का राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।1
- झारखंड के हजारीबाग जिले में कभी शान से खड़ा रहने वाला एक ऐतिहासिक चर्च आज अपनी बदहाली पर आँसू बहा रहा है, जिसे देखकर किसी का भी दिल बैठ सकता है। अंग्रेजी हुकूमत के दौर की यह धरोहर अब खंडहर में तब्दील हो चुकी है। इसकी मौजूदा दुर्दशा का मुख्य कारण लोगों की बेरुखी और अनदेखी है, जिसने इस महत्वपूर्ण विरासत को पूरी तरह से उपेक्षित कर दिया है। यह तस्वीर इस बात की स्पष्ट गवाह है कि जो कौम अपनी विरासत को भुला देती है, उसका वजूद धुंधला पड़ जाता है।1
- संथाल समाज दिशोम मांझी परगना का तीसरा स्थापना दिवस सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, जो संस्था के स्थापना के महत्व को दर्शाते हैं।1
- हजारीबाग जिले के बिष्णुगढ़ प्रखंड अंतर्गत चानों पंचायत में एक पानी की टंकी मात्र शोपीस बनकर रह गई है। भीषण गर्मी के इस मौसम में भी यह टंकी ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराने में विफल है, जिसके चलते इलाके के लोग पानी की हर बूंद के लिए तरस रहे हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है और वह इस मामले पर पूरी तरह मौन बना हुआ है।1
- झारखंड के रामगढ़ में जदयू की प्रमंडलीय बैठक संपन्न हो गई है। इस बैठक में आगामी आने वाले चुनावों को लेकर गहन रणनीति तैयार की गई।1
- आरसीबी की टीम ने लगातार दूसरी बार आईपीएल चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया है। इस जीत के साथ आरसीबी को लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने का सौभाग्य मिला। फाइनल मुकाबले में आरसीबी ने गुजरात को 5 विकेट से मात दी। इस शानदार जीत में कोहली और रसिक को टीम का जीत का हीरो बताया गया है।1