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उत्तर प्रदेश के बहराइच में जमीनी विवाद के चलते एक महिला बुरी तरह जल गई, जिसे गंभीर हालत में लखनऊ रेफर किया गया है। सीसीटीवी फुटेज में महिला और उसका साथी आग लगाते संदिग्ध दिख रहे हैं, जिससे इस मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने बयान और फुटेज के आधार पर मुकदमा दर्ज कर हर पहलू की जांच शुरू कर दी है।
Arshad Quddus Reporter
उत्तर प्रदेश के बहराइच में जमीनी विवाद के चलते एक महिला बुरी तरह जल गई, जिसे गंभीर हालत में लखनऊ रेफर किया गया है। सीसीटीवी फुटेज में महिला और उसका साथी आग लगाते संदिग्ध दिख रहे हैं, जिससे इस मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने बयान और फुटेज के आधार पर मुकदमा दर्ज कर हर पहलू की जांच शुरू कर दी है।
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- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ नानपारा के पास एक 40 साल का लड़का मिला है। यह लड़का दौलतपुर गाँव का रहने वाला बताया जा रहा है, और उसने दावा किया कि वह एक मदरसे में पढ़ता था। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।1
- श्रावस्ती में राप्ती नदी एक बार फिर जानलेवा साबित हुई है, जहाँ नहाने गईं दो किशोरियां नदी में डूब गईं। इस दर्दनाक घटना में 15 वर्षीय रिंका की मौत हो गई है और उनका शव बरामद कर लिया गया है, जबकि दूसरी किशोरी गुंजन अभी भी लापता है। लापता गुंजन की तलाश में एनडीआरएफ, पुलिस और ग्रामीणों द्वारा संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी की चेतावनी के बावजूद नदी में नहाने की इस लापरवाही ने भारी कीमत चुकाई है, और इस घटना से पूरे गाँव में मातम का माहौल छा गया है।1
- खैरीघाट थानाक्षेत्र में थानाध्यक्ष महोदय द्वारा बड़े मंगलवार के अवसर पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।1
- पूज्य सरकार, जिन्हें बागेश्वर धाम सरकार के नाम से भी संदर्भित किया गया है, ने सनातनी 'भरत तिवारी' के विषय पर क्या कहा है, इस बारे में जानकारी मांगी गई है। भिवाड़ी (मुंबई) से संबंधित एक सोशल मीडिया पोस्ट में यह प्रश्न उठाया गया है, और यह विषय इन दिनों ट्रेंड कर रहा है।1
- सिरसिया के निराला नगर में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ एक डबल डेकर बस की चपेट में आने से एक बालिका की मौत हो गई।1
- बहराइच जिले के हुजूरपुर थाना क्षेत्र के अहिरन पुरवा में एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की जान चली गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा उस वक्त हुआ जब तीनों युवक, जो मुंबई में काम करते थे, मुहर्रम का त्योहार मनाने अपने पैतृक घर लौट रहे थे। परिजनों के मुताबिक, ये तीनों एक बाइक पर सवार होकर रिश्तेदारी में लोनावाला जा रहे थे। रास्ते में ही उनकी बाइक अनियंत्रित हो गई और वे हादसे का शिकार हो गए। हादसे के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ एक युवक को मृत घोषित कर दिया गया। बताया जा रहा है कि घायलों में से एक की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। मृतक और घायल आपस में भाई और चचेरे भाई बताए जा रहे हैं, और इस घटना से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री ने तुरंत घटना स्थल का दौरा किया और राहत एवं बचाव कार्यों का गहनता से समीक्षा की। इसके उपरांत, उन्होंने किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) पहुँचकर घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की, तथा चिकित्सकों से उनके उपचार की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने सभी घायलों को सर्वोत्तम उपचार प्रदान करने को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने इस हृदयविदारक हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को तत्काल ₹5-5 लाख और गंभीर रूप से घायलों को ₹50-50 हजार की आर्थिक सहायता राशि देने के निर्देश जारी किए। सरकार ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद का पूरा भरोसा दिलाया है, साथ ही दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।1
- बहराइच जिले में सतई मोहर्रम का जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस आयोजन के दौरान, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, जिससे जुलूस बिना किसी बाधा के निकाला जा सका।1
- बहराइच के खैरीघाट थाना क्षेत्र में मुहर्रम की सातवीं तारीख पर मंगलवार देर रात श्रद्धा, अकीदत और गम का अनूठा नज़ारा देखने को मिला। मुस्लिम समुदाय की ओर से पारंपरिक मातमी जुलूस पूरे सम्मान और धार्मिक उत्साह के साथ निकाला गया। देर शाम शुरू होकर यह जुलूस रात करीब 11 बजे तक विभिन्न गांवों, बाजारों, गलियों और मोहल्लों से होकर गुजरा, जिससे पूरे क्षेत्र में "या हुसैन... या हुसैन..." की सदाएं गूंज उठीं और माहौल मातमी रंग में रंग गया। इस जुलूस में सबसे आगे ढोल-ताशों की गूंज थी, जबकि पीछे बड़ी संख्या में अकीदतमंद मातम करते हुए चल रहे थे। हाथों में अलम लिए लोगों ने "हुसैन तेरी शहादत को सलाम" और "कर्बला-कर्बला" के नारों से वातावरण को और गमगीन बना दिया। जुलूस में युवाओं के साथ-साथ महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। मजलिस के दौरान, स्थानीय उलेमाओं और धर्मगुरुओं ने करबला की जंग, इमाम हुसैन की शहादत और उनके त्याग, बलिदान व इंसानियत के संदेश पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी बताया कि करबला का पैगाम सत्य, न्याय और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष की प्रेरणा देता है। वहीं, जुलूस को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी, और अधिकारियों द्वारा लगातार निगरानी रखी गई। चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के चलते, यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।4