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महोबा जिले के चरखारी में उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के आगमन को लेकर रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इस संबंध में चरखारी नगर कांग्रेस कमेटी और जिला कांग्रेस कमेटी ने मिलकर कांग्रेस प्रभारी के आगमन से जुड़ी रूपरेखा को अंतिम रूप दिया है।
इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
महोबा जिले के चरखारी में उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के आगमन को लेकर रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इस संबंध में चरखारी नगर कांग्रेस कमेटी और जिला कांग्रेस कमेटी ने मिलकर कांग्रेस प्रभारी के आगमन से जुड़ी रूपरेखा को अंतिम रूप दिया है।
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- उत्तर प्रदेश के महोबा में दुकानदारों ने दुकानों के निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग उठाई है। इस संबंध में दुकानदारों ने उपजिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य को तुरंत रुकवाने की मांग की है।1
- महोबा जिले के चरखारी ब्लॉक स्थित बराये गांव में लंबे समय से बनी हुई कीचड़ और जलभराव की समस्या का समाधान कर दिया गया है। इस समस्या के दूर होने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।1
- छतरपुर जिले के सिगरामपुरा गांव में 22 वर्षीय प्रेमलाल रैकवार की संदिग्ध हत्या का मामला सामने आया है, जहां उसका शव अमरोनिया गांव के पास जंगल में जमीन में दफन मिला। मृतक के परिजनों ने उसकी पत्नी और उसके कथित प्रेमी पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। शव मिलने की सूचना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। बताया गया है कि प्रेमलाल की शादी करीब दो महीने पहले ही हुई थी। परिजनों का आरोप है कि उसकी पत्नी ने पार्टी के बहाने उसे अपने गांव बुलाया था, जिसके बाद वह देर रात तक घर नहीं लौटा। खोजबीन के दौरान परिजनों को सबसे पहले प्रेमलाल की लावारिस बाइक मिली और फिर अमरोनिया गांव से करीब दो किलोमीटर दूर जंगल में एक नाले के पास जमीन में दबी हुई उसकी लाश बरामद हुई। मृतक की बहन रामकली रैकवार ने आरोप लगाया है कि पत्नी ने अपने कथित प्रेमी के साथ मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया है। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।1
- दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 को लेकर कांग्रेस ने आखिरकार अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है, जिससे अब यहां का चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। इस नए राजनीतिक घटनाक्रम के बाद भारत जंक्शन न्यूज ने एक विशेष विश्लेषण जारी किया है, जिसमें कांग्रेस द्वारा मैदान में उतारे गए प्रत्याशी, उनके राजनीतिक सफर और इस फैसले के प्रभाव पर चर्चा की गई है। इस फैसले के बाद अब चुनावी समीकरणों का राजनीतिक विश्लेषण तेज हो गया है और यह सवाल बड़ा हो गया है कि क्या कांग्रेस के इस कदम से भाजपा की टेंशन बढ़ने वाली है। बीजेपी बनाम कांग्रेस के इस सीधे मुकाबले को लेकर सरगर्मियां तेज हैं।1
- महोबा जिले में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बेलाताल से कुडई गुढ़ा को जोड़ने वाले मार्ग पर स्थित ग्राम हंसला में हाल ही में बनाई गई एक नई पुलिया निर्माण के महज 10 दिन के भीतर ही धंस गई है। इस पुलिया में कई जगहों पर गहरी दरारें आ गई हैं और इसका एक हिस्सा नीचे बैठ गया है। पुलिया की इस खस्ताहाल स्थिति के कारण बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार ने इस निर्माण कार्य में मानकों की खुलेआम अनदेखी की और बेहद घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर भारी भ्रष्टाचार किया है। लोगों का कहना है कि अगर गुणवत्तापूर्ण निर्माण किया गया होता, तो पहली ही बारिश में पुलिया इस तरह क्षतिग्रस्त नहीं होती। वीडियो में भी पुलिया की टूटी हुई सतह, धंसा हुआ हिस्सा और दीवारों में आई दरारें साफ दिखाई दे रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में पुलिया की यह बदहाल स्थिति किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे में लोगों ने पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी ठेकेदार व संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।1
- महोबा जिले के खन्ना थाना क्षेत्र के सिरसी कला गांव में लोक निर्माण विभाग (PWD) की कथित लापरवाही के कारण एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ एक निर्माणाधीन पुल के कारण बनाए गए वैकल्पिक मार्ग से गुजर रही बारातियों से भरी एक वैन उफनती श्यामा नदी के तेज बहाव में बह गई। हादसे के दौरान इस वैन में दूल्हा समेत कई बाराती सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नदी का जलस्तर बढ़ा होने के बावजूद इस वैकल्पिक मार्ग पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम, चेतावनी बोर्ड या आवागमन रोकने की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई थी। इसी वजह से वैन तेज बहाव की चपेट में आकर नदी में बहने लगी। ऐसे नाजुक वक्त में स्थानीय मुस्लिम युवकों ने असाधारण साहस का परिचय दिया और अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में उतरकर दूल्हे सहित सभी बारातियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे कई लोगों की जान बच गई। इस हादसे के बाद लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माणाधीन पुल के दौरान बनाए गए वैकल्पिक मार्ग की सुरक्षा को लेकर विभाग ने घोर लापरवाही बरती, जिसके कारण यह हादसा हुआ। फिलहाल सभी बाराती सुरक्षित हैं और स्थानीय लोग इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1