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उत्तर प्रदेश जिला मेरठ बैरक भवन थाना बहसूमा की वीडियो है वीडियो पूरी दोनों देखे लाइक और सबस्क्राइब करें

22 hrs ago
user_Amresh Rajput  Paterkar
Amresh Rajput Paterkar
Voice of people सवायाजपुर, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
22 hrs ago

उत्तर प्रदेश जिला मेरठ बैरक भवन थाना बहसूमा की वीडियो है वीडियो पूरी दोनों देखे लाइक और सबस्क्राइब करें

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • Post by जितेंद्र श्रीवास्तव
    1
    Post by जितेंद्र श्रीवास्तव
    user_जितेंद्र श्रीवास्तव
    जितेंद्र श्रीवास्तव
    Taxi Driver सवायाजपुर, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Post by Amresh Rajput Paterkar
    1
    Post by Amresh Rajput  Paterkar
    user_Amresh Rajput  Paterkar
    Amresh Rajput Paterkar
    Voice of people सवायाजपुर, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • Post by Arvind kushwaha
    3
    Post by Arvind kushwaha
    user_Arvind kushwaha
    Arvind kushwaha
    फर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • जागो न्यूज हरदोई उ.प्र. शाहाबाद में हुई डकैती के शातिर बदमाशों से मुठभेड़ डकैती के शातिर बदमाशों ने मुठभेड़ के दौरान किया गिरफ्तार बदमाशों के पैर में लगी गोली,दो बदमाश गोली से घायल पुलिस ने तीन बदमाशों को मुठभेड़ के दौरान किया गिरफ्तार ‌ तीनों शातिर बदमाशों पर 25-25 हजार रुपए का था इनाम एसपी अशोक मीणा के नेतृत्व में गठित की गई थी टीमे बदमाशों के पास से तीन अवैध तमंचे नगदी बरामद शाहबाज कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत हुई मुठभेड़। Jaago News Hardoi
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    जागो न्यूज हरदोई उ.प्र. 
शाहाबाद में हुई डकैती के शातिर बदमाशों से मुठभेड़
डकैती के शातिर बदमाशों ने मुठभेड़ के दौरान किया गिरफ्तार
बदमाशों के पैर में लगी गोली,दो बदमाश गोली से घायल 
पुलिस ने तीन बदमाशों को मुठभेड़ के दौरान किया गिरफ्तार 
‌
तीनों शातिर बदमाशों पर 25-25 हजार रुपए का था इनाम 
एसपी अशोक मीणा के नेतृत्व में गठित की गई थी टीमे 
बदमाशों के पास से तीन अवैध तमंचे नगदी बरामद
शाहबाज कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत हुई मुठभेड़।
Jaago News Hardoi
    user_जागो न्यूज "उत्तर प्रदेश"
    जागो न्यूज "उत्तर प्रदेश"
    Lawyer शाहबाद, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • kc समाचार फर्रुखाबाद पत्रकार शाहरुख खान
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    kc समाचार फर्रुखाबाद पत्रकार शाहरुख खान
    user_शाहरुख खान पत्रकार
    शाहरुख खान पत्रकार
    पत्रकार फर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • खबर फर्रुखाबाद से
    1
    खबर फर्रुखाबाद से
    user_Rahul katheriya
    Rahul katheriya
    Samaj Sevak फर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • हरदोई। जनपद से दिल्ली, फरीदाबाद, गुड़गांव और जयपुर की ओर दौड़ रही डबल डेकर बसों ने नियम-कानून को मजाक बनाकर रख दिया है और शासन-प्रशासन की आंखों में धूल झोंकते हुए रोजाना सरकार को लाखों का चूना लगा रही हैं। परमिट की शर्त साफ कहती है कि बस एक निर्धारित स्थान से पार्टी बुकिंग लेकर गंतव्य तक जाएगी, लेकिन हकीकत यह है कि ये बसें शहर के चौराहों, ढाबों, कस्बों और गांवों तक से सवारियां भरती हैं, बीच रास्ते किराया वसूलती हैं और बिना टिकट, बिना रसीद खुलेआम नकद लेनदेन करती हैं। क्षमता 50 की, सवारियां 80 से ऊपर—क्या परिवहन विभाग को यह दिखाई नहीं देता या फिर आंखें जानबूझकर बंद कर ली गई हैं? कई बसों के परमिट संदिग्ध बताए जा रहे हैं, कुछ के पास वैध कागजात तक नहीं, फिर भी वे बेखौफ सड़कों पर दौड़ रही हैं। सवाल सीधा है—जब एक आम वाहन चालक से हेलमेट या कागज की कमी पर हजारों का चालान काट लिया जाता है तो इन बस मालिकों पर मेहरबानी क्यों? क्या एआरटीओ कार्यालय, चेकपोस्ट और संबंधित थाने केवल छोटे वाहन चालकों पर कार्रवाई के लिए बने हैं? ओवरलोडिंग से दुर्घटना का खतरा हर पल बना रहता है, लेकिन लगता है प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा। आरोप तो यहां तक हैं कि इन बसों के जरिये बिना टैक्स का माल और पार्सल भी एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे सरकार को दोहरी मार—राजस्व हानि और सुरक्षा जोखिम—झेलनी पड़ रही है। आखिर यह सब किसके संरक्षण में चल रहा है? क्या संबंधित विभागों की मिलीभगत के बिना इतना बड़ा खेल संभव है? जनपद की जनता पूछ रही है कि अगर नियम सिर्फ आम आदमी के लिए हैं तो फिर इन डबल डेकर बसों को किसने खुली छूट दे रखी है? सरकार सख्ती के दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके उलट हैं। जरूरत है तत्काल विशेष जांच अभियान की, हर बस के परमिट, फिटनेस, टैक्स और यात्री सूची की कड़ी जांच की, अवैध संचालन पर सीधी एफआईआर की और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की। वरना यह साफ समझा जाएगा कि राजस्व लूट का यह खेल विभागीय संरक्षण में चल रहा है। अब फैसला प्रशासन को करना है—कार्रवाई करेगा या फिर मूकदर्शक बनकर सरकार को लग रहे इस खुले चूने पर चुप्पी साधे रहेगा।
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    हरदोई। जनपद से दिल्ली, फरीदाबाद, गुड़गांव और जयपुर की ओर दौड़ रही डबल डेकर बसों ने नियम-कानून को मजाक बनाकर रख दिया है और शासन-प्रशासन की आंखों में धूल झोंकते हुए रोजाना सरकार को लाखों का चूना लगा रही हैं। परमिट की शर्त साफ कहती है कि बस एक निर्धारित स्थान से पार्टी बुकिंग लेकर गंतव्य तक जाएगी, लेकिन हकीकत यह है कि ये बसें शहर के चौराहों, ढाबों, कस्बों और गांवों तक से सवारियां भरती हैं, बीच रास्ते किराया वसूलती हैं और बिना टिकट, बिना रसीद खुलेआम नकद लेनदेन करती हैं। क्षमता 50 की, सवारियां 80 से ऊपर—क्या परिवहन विभाग को यह दिखाई नहीं देता या फिर आंखें जानबूझकर बंद कर ली गई हैं? कई बसों के परमिट संदिग्ध बताए जा रहे हैं, कुछ के पास वैध कागजात तक नहीं, फिर भी वे बेखौफ सड़कों पर दौड़ रही हैं। सवाल सीधा है—जब एक आम वाहन चालक से हेलमेट या कागज की कमी पर हजारों का चालान काट लिया जाता है तो इन बस मालिकों पर मेहरबानी क्यों? क्या एआरटीओ कार्यालय, चेकपोस्ट और संबंधित थाने केवल छोटे वाहन चालकों पर कार्रवाई के लिए बने हैं? ओवरलोडिंग से दुर्घटना का खतरा हर पल बना रहता है, लेकिन लगता है प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा। आरोप तो यहां तक हैं कि इन बसों के जरिये बिना टैक्स का माल और पार्सल भी एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे सरकार को दोहरी मार—राजस्व हानि और सुरक्षा जोखिम—झेलनी पड़ रही है। आखिर यह सब किसके संरक्षण में चल रहा है? क्या संबंधित विभागों की मिलीभगत के बिना इतना बड़ा खेल संभव है? जनपद की जनता पूछ रही है कि अगर नियम सिर्फ आम आदमी के लिए हैं तो फिर इन डबल डेकर बसों को किसने खुली छूट दे रखी है? सरकार सख्ती के दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके उलट हैं। जरूरत है तत्काल विशेष जांच अभियान की, हर बस के परमिट, फिटनेस, टैक्स और यात्री सूची की कड़ी जांच की, अवैध संचालन पर सीधी एफआईआर की और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की। वरना यह साफ समझा जाएगा कि राजस्व लूट का यह खेल विभागीय संरक्षण में चल रहा है। अब फैसला प्रशासन को करना है—कार्रवाई करेगा या फिर मूकदर्शक बनकर सरकार को लग रहे इस खुले चूने पर चुप्पी साधे रहेगा।
    user_Journalist,Abdheshkumar
    Journalist,Abdheshkumar
    Graphic designer शाहबाद, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • Post by जितेंद्र श्रीवास्तव
    1
    Post by जितेंद्र श्रीवास्तव
    user_जितेंद्र श्रीवास्तव
    जितेंद्र श्रीवास्तव
    Taxi Driver सवायाजपुर, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
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