2 जून के बाद बड़े बदलाव की भविष्यवाणी की गई है, जहाँ ग्रहों की स्थिति में परिवर्तन से खेल पूरी तरह बदलने वाला है। ज्योतिषीय आकलन के अनुसार, राहु के ऊपर से गुरु की दृष्टि समाप्त होते ही भ्रम, छल और पर्दे के पीछे चल रहे सभी गुप्त कार्यों का संरक्षण कमजोर पड़ जाएगा। इसके साथ ही, शनि पर गुरु की दृष्टि पड़ने से कर्मों का हिसाब बहुत तेजी से शुरू होगा, जिसके परिणाम तत्काल सामने आने की संभावना है। यह ग्रहों का योग उन लोगों के लिए मुश्किल खड़ी करेगा जो वर्षों से सच को दबा रहे थे, अब उन्हें अपने हर कार्य का जवाब देना पड़ सकता है। जिन्होंने विभिन्न षड्यंत्रों को रचा है, उनके चेहरे बेनकाब हो सकते हैं और उनकी सच्चाई सबके सामने आ सकती है। इस अवधि में सत्ता, प्रशासन, व्यापार और समाज से जुड़े कई बड़े राज खुलने की बात कही गई है, जो अब तक गुप्त रखे गए थे। यह भी बताया गया है कि शनि भले ही देर करता है, लेकिन अन्याय नहीं करता। जब गुरु शनि को उचित दिशा देता है, तो सत्य को सामने आने से कोई नहीं रोक सकता। 2 जून के बाद का समय कई व्यक्तियों के लिए कड़ी परीक्षा का दौर लेकर आ सकता है, जबकि बहुतों को इसी दौरान न्याय भी प्राप्त होगा। यह दृढ़ता से कहा गया है कि "झूठ कितना भी ताकतवर क्यों न हो, ग्रहों का न्याय उससे बड़ा होता है!"
2 जून के बाद बड़े बदलाव की भविष्यवाणी की गई है, जहाँ ग्रहों की स्थिति में परिवर्तन से खेल पूरी तरह बदलने वाला है। ज्योतिषीय आकलन के अनुसार, राहु के ऊपर से गुरु की दृष्टि समाप्त होते ही भ्रम, छल और पर्दे के पीछे चल रहे सभी गुप्त कार्यों का संरक्षण कमजोर पड़ जाएगा। इसके साथ ही, शनि पर गुरु की दृष्टि पड़ने से कर्मों का हिसाब बहुत तेजी से शुरू होगा, जिसके परिणाम तत्काल सामने आने की संभावना है। यह ग्रहों का योग उन लोगों के लिए मुश्किल खड़ी करेगा जो वर्षों से सच को दबा रहे थे, अब उन्हें अपने हर कार्य का जवाब देना पड़ सकता है। जिन्होंने विभिन्न षड्यंत्रों को रचा है, उनके चेहरे बेनकाब हो सकते हैं और उनकी सच्चाई सबके सामने आ सकती है। इस अवधि में सत्ता, प्रशासन, व्यापार और समाज से जुड़े कई बड़े राज खुलने की बात कही गई है, जो अब तक गुप्त रखे गए थे। यह भी बताया गया है कि शनि भले ही देर करता है, लेकिन अन्याय नहीं करता। जब गुरु शनि को उचित दिशा देता है, तो सत्य को सामने आने से कोई नहीं रोक सकता। 2 जून के बाद का समय कई व्यक्तियों के लिए कड़ी परीक्षा का दौर लेकर आ सकता है, जबकि बहुतों को इसी दौरान न्याय भी प्राप्त होगा। यह दृढ़ता से कहा गया है कि "झूठ कितना भी ताकतवर क्यों न हो, ग्रहों का न्याय उससे बड़ा होता है!"
- चम्बल ढीपरी में प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहाँ विकास के नाम पर खोदा गया एक नाला अब ग्रामीणों के लिए आफत बन गया है। नालियां अवरुद्ध होने के कारण अब घरों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, जिससे स्थानीय लोग दहशत में हैं। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारी चैन की नींद सो रहे हैं, प्रशासन की इस बेपरवाही पर सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- राजस्थान के बारां जिले की किशनगंज तहसील के रानीबडौद गांव में जलदाय विभाग की घोर अनदेखी और लापरवाही के कारण पेयजल सप्लाई के मुख्य होद (टैंक) में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस जगह से नलों को चालू किया जाता है, वहां जमीन के भीतर एक होद बना है जो हमेशा कूड़ा-कचरा और गंदे पानी से भरा रहता है। नल चालू करते या बंद करते समय पानी इसी होद से होकर बहता है, और जब पानी बंद किया जाता है, तब इस दूषित होद का गंदा पानी सीधे घरों के नलों में पहुँच जाता है। विभाग द्वारा इस महत्वपूर्ण होद की साफ-सफाई कभी नहीं कराए जाने के कारण, क्षेत्र के निवासियों को लगातार दूषित और अस्वच्छ पानी पीने पर मजबूर होना पड़ रहा है।1
- जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी 81 दिवसीय 'गौमाता-राष्ट्रमाता गविष्टि यात्रा' के साथ जालौन जिले के कोंच नगर पहुँचे, जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर शंकराचार्य ने सरकार से स्पष्ट मांग की कि गाय को मात्र एक पशु न मानकर उसे 'गौमाता' के रूप में घोषित किया जाए। उन्होंने सनातन धर्म के लिए 'नकली हिंदुओं' को सबसे बड़ा खतरा बताया। शंकराचार्य ने भाजपा, आरएसएस सहित कई मुख्यमंत्रियों के बयानों पर तीखा निशाना साधा। विशेष रूप से, उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'वैध बूचड़खाने' संबंधी बयान पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर गाय ने ऐसा कौन सा अपराध किया है, जिसके कारण उसे काटा जा रहा है। शंकराचार्य ने गौहत्या को रोकने और सनातन धर्म की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए समाज से एकजुट होकर आगे आने का आह्वान किया।1
- एक रेलवे इंजीनियर की नौकरी लगने के मात्र तीन महीने बाद मौत हो गई। यह दुखद घटना अंडरपास बनाते समय मिट्टी ढहने के कारण हुई, जिसमें इंजीनियर सहित कुल दो लोगों की जान चली गई। मृतक इंजीनियर अपने परिवार का इकलौता बेटा था।1
- बूंदी के हिंडोली स्थित आदर्श पुलिस थाना क्षेत्र के मुख्य बाजार में शनिवार शाम एक रेडीमेड कपड़ा व्यापारी पर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया गया, जिसने कस्बे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद स्थानीय व्यापारियों और आम जनता में भारी आक्रोश और भय का माहौल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हीरा का बाड़ा निवासी 28 वर्षीय पीड़ित व्यापारी नरेश कुमार गुर्जर अपनी दुकान पर थे। शाम करीब 7:25 बजे, धनपुरा निवासी मुकुट गुर्जर, जो अपने साथ 5-7 अन्य अज्ञात बदमाशों को एक स्विफ्ट कार (नंबर RJ 08 2019) में लेकर आया था, उसने धारदार गंडासों से लैस होकर नरेश पर जानलेवा हमला कर दिया। पीड़ित ने मकान मालिक असलम के घर में छिपकर अपनी जान बचाई, लेकिन बदमाशों का हौसला इतना बुलंद था कि उन्होंने पीड़ित की मारुति आल्टो कार (नंबर RJ 08 CA 7629) के सभी शीशे तोड़ दिए और गाड़ी को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। आरोपियों ने नरेश को जान से मारने की धमकियां देते हुए मौके से फरार हो गए। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। मुख्य बाजार जैसी व्यस्ततम जगह पर शाम के समय हुई इस घटना ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि अगर व्यापारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिक खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेगा। इस घटना से यह भी स्पष्ट होता है कि बदमाशों में कानून का कोई डर नहीं है। पीड़ित की तहरीर पर हिंडोली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2), 333 और 324(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और जांच एएसआई भागचंद को सौंपी गई है। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने जिला प्रशासन व पुलिस अधीक्षक से क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने और मुख्य आरोपी मुकुट गुर्जर सहित सभी हमलावरों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है, ताकि जनता का कानून पर विश्वास बहाल हो सके।1
- दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में 300 पक्के मकानों पर दिल्ली सरकार ने बुलडोजर कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत, उन परिवारों को उनके घरों से बेदखल कर दिया गया जो पीढ़ियों से यहां रह रहे थे। बुलडोजर एक्शन में इन 300 घरों को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया है।1