मध्य प्रदेश के सतना में एक निजी अस्पताल पर लापरवाही और आर्थिक शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित पिता का आरोप है कि अस्पताल ने डेढ़ लाख रुपये वसूलने के बाद भी उनके बेटे का इलाज नहीं किया। अब अस्पताल प्रबंधन कथित तौर पर दवाइयां वापस मांग रहा है, और सवाल पूछने पर मरीज को रेफर कर दिया गया। पीड़ित पिता ने कैमरे पर बताया कि भर्ती के समय आईसीयू का खर्च प्रतिदिन 12-13 हजार रुपये बताया गया था, जबकि उसका वास्तविक शुल्क 3500 रुपये प्रतिदिन है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि "डेढ़ लाख पचास हजार घाटे में" देने के बावजूद बेटे का इलाज नहीं हुआ; बेटा अस्पताल में चलकर आया था, लेकिन आईसीयू में रखे जाने के बाद उसे पीलिया हो गया और उसकी हालत बिगड़ गई। जब पीड़ित ने अस्पताल से सवाल किए, तो बेटे को "सीरियस है" कहकर रेफर कर दिया गया। एक नए वीडियो में सामने आई बातचीत में अस्पताल द्वारा दी गई दवाइयां वापस मांगे जाने का आरोप है, जिसके जवाब में पीड़ित ने सभी दवाइयों के पूरे बिल होने की बात कही। लाल गमछा पहने और हल्के नीले कुर्ते में पीड़ित पिता ने अस्पताल के बिस्तर पर बैठकर हाथ जोड़ते हुए दर्द बयां किया कि "अच्छा, तो गरीबों के साथ अत्याचार नहीं होगा।" उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके पास दवा और जांच के सभी बिल मौजूद हैं। पीड़ित ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से इस मामले की जांच की मांग की है, सवाल करते हुए कि एक गरीब व्यक्ति इतना पैसा कहां से लाए और अब अपने बेटे को लेकर कहां जाए। इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यह जानकारी पीड़ित द्वारा कैमरे पर दिए गए बयानों पर आधारित है, और सतना के संबंधित निजी अस्पताल का पक्ष अभी तक सामने नहीं आया है।
मध्य प्रदेश के सतना में एक निजी अस्पताल पर लापरवाही और आर्थिक शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित पिता का आरोप है कि अस्पताल ने डेढ़ लाख रुपये वसूलने के बाद भी उनके बेटे का इलाज नहीं किया। अब अस्पताल प्रबंधन कथित तौर पर दवाइयां वापस मांग रहा है, और सवाल पूछने पर मरीज को रेफर कर दिया गया। पीड़ित पिता ने कैमरे पर बताया कि भर्ती के समय आईसीयू का खर्च प्रतिदिन 12-13 हजार रुपये बताया गया था, जबकि उसका वास्तविक शुल्क 3500 रुपये प्रतिदिन है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि "डेढ़ लाख पचास हजार घाटे
में" देने के बावजूद बेटे का इलाज नहीं हुआ; बेटा अस्पताल में चलकर आया था, लेकिन आईसीयू में रखे जाने के बाद उसे पीलिया हो गया और उसकी हालत बिगड़ गई। जब पीड़ित ने अस्पताल से सवाल किए, तो बेटे को "सीरियस है" कहकर रेफर कर दिया गया। एक नए वीडियो में सामने आई बातचीत में अस्पताल द्वारा दी गई दवाइयां वापस मांगे जाने का आरोप है, जिसके जवाब में पीड़ित ने सभी दवाइयों के पूरे बिल होने की बात कही। लाल गमछा पहने और हल्के नीले कुर्ते में पीड़ित पिता ने अस्पताल के बिस्तर पर बैठकर हाथ जोड़ते हुए
दर्द बयां किया कि "अच्छा, तो गरीबों के साथ अत्याचार नहीं होगा।" उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके पास दवा और जांच के सभी बिल मौजूद हैं। पीड़ित ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से इस मामले की जांच की मांग की है, सवाल करते हुए कि एक गरीब व्यक्ति इतना पैसा कहां से लाए और अब अपने बेटे को लेकर कहां जाए। इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यह जानकारी पीड़ित द्वारा कैमरे पर दिए गए बयानों पर आधारित है, और सतना के संबंधित निजी अस्पताल का पक्ष अभी तक सामने नहीं आया है।
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रामपुर बघेलान में रोगी कल्याण समिति द्वारा किए गए खर्चों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, जिससे समिति की मनमानी पर प्रश्नचिह्न लगा है। लगातार दस्तावेज़ सामने आ रहे हैं, जिसमें हनुमत इंटरप्राइजेज का लगभग ₹30,000 का सीसीटीवी कैमरा से संबंधित बिल (क्रमांक 85) प्रमुख है। इस बिल के साथ-साथ कार्यादेश, क्रेडिट मेमो और अन्य संबंधित दस्तावेज़ भी उपलब्ध कराए गए हैं। यह मुख्य प्रश्न उठाया गया है कि यदि लगभग ₹30,000 के अलग-अलग कार्यादेश बार-बार जारी किए जा रहे थे, तो क्या इन कार्यों को नियमानुसार एक समेकित प्रक्रिया के माध्यम से कराकर रोगी कल्याण समिति के धन की बचत नहीं की जा सकती थी? यदि ऐसा नहीं किया गया, तो इसके पीछे के कारणों की गहन जांच की मांग की गई है, क्योंकि यह एक महत्वपूर्ण जांच का विषय है। दस्तावेज़ों के आधार पर तथ्यों को लगातार सार्वजनिक करने का उद्देश्य सार्वजनिक धन के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। इस बात पर जोर दिया गया है कि सार्वजनिक धन का उपयोग केवल नियमों के अनुसार और जनहित में ही होना चाहिए। इस मुद्दे पर तथ्यों को सामने लाने के लिए लोगों से पोस्ट को अधिक से अधिक साझा करने और अपनी राय कमेंट में लिखने का आग्रह किया गया है।1
- सतना जिले के रामपुर बाघेलान में डालमिया सीमेंट के प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर आयोजित जन सुनवाई में प्रभावित किसानों का आक्रोश खुलकर सामने आया। इस जन शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने प्रशासन और कंपनी के अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं और आपत्तियां बेबाकी से रखीं। सुनवाई के दौरान किसानों ने विशेष रूप से मुआवजा, रोजगार और जमीन अधिग्रहण से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए, जिसके चलते जोरदार हंगामा देखने को मिला।3
- सतना जिले में बढईया से लेकर संतोषी माता मंदिर तक भारी यातायात जाम लग गया है। इस जाम की स्थिति इतनी गंभीर है कि इसमें एक पुलिस का वाहन भी फंसा हुआ है।2
- सतना जिले की महिला पुलिस अधिकारी इंस्पेक्टर श्वेता मौर्या का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि इंस्पेक्टर मौर्या ने मैहर स्थित प्रसिद्ध शारदा देवी मंदिर परिसर में एक कॉमेडी ऑडियो, "बड़ी मुश्किल से समझाया है दिल को। छोटी सी जिंदगी है.." पर रील बनाई है। इस रील को उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट *@inspector_shweta* पर पोस्ट किया है। इंस्पेक्टर मौर्या के इंस्टा प्रोफाइल के अनुसार, वे सतना एमपी पुलिस में कार्यरत हैं और उनके 75.7K फॉलोअर्स हैं। उनकी एक रील पर 9.7 लाख व्यूज भी देखे गए हैं। इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि पुलिस आचरण नियमावली के तहत वर्दी में रहते हुए धार्मिक स्थलों या सार्वजनिक स्थानों पर व्यक्तिगत मनोरंजन के लिए वीडियो बनाना सेवा शर्तों का उल्लंघन माना जा सकता है। इस घटना से पुलिस महकमा 'अलर्ट' हो गया है। हालांकि, इस मामले में अभी तक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह भी नोट किया गया है कि हमारा समूह इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।1
- रीवा जोन के आईजी गौरव राजपूत के निर्देशन में मैहर जिले के पिपरा कला गांव में 'जन चौपाल 3' का आयोजन किया गया। यह 'जन चौपाल' आईजी रीवा का एक नवाचार था जिसका उद्देश्य आमजन को पुलिस से जोड़ना था, जिससे अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाने में अभूतपूर्व सफलता मिली है। इसी कड़ी में आज रीवा रेंज के सभी थाना क्षेत्रों और चौकियों में भी 'जन चौपाल थ्री' का आयोजन किया गया। पिपरा कला गांव में आयोजित इस 'जन चौपाल' के दौरान पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने जागरूकता के लिए शिक्षा को सबसे अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा वह धरोहर है जिससे समाज और देश को नई दिशा दी जा सकती है। शिक्षित होकर ही व्यक्ति अपना और अपने परिवार का व्यवस्थित लालन-पालन कर पाएगा। पुलिस अधीक्षक ने यह भी बल दिया कि अगर हमें आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुधारना है, तो उन्हें पढ़ाने की हर संभव कोशिश करनी चाहिए, क्योंकि शिक्षा ही सार्थक निर्णय लेने में सक्षम बनाती है। पुलिस अधीक्षक ने बेटियों से संबंधित मुद्दों पर भी बात की, यह कहते हुए कि एक अजनबी के बहकावे में आकर माता-पिता से अलग होने के मामले समाज के लिए उचित नहीं हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपनी संतानों को प्यार और दुलार देने की अपील की, ताकि वे गलत रास्ते पर न जाएं। उन्होंने बताया कि बच्चों को हर समय अपनेपन का एहसास कराना प्राथमिकता होनी चाहिए, खासकर जब वे 12-13 साल की उम्र में हों। इसके अतिरिक्त, पुलिस अधीक्षक ने आमजन को साइबर धोखाधड़ी के प्रति जागरूक किया, विशेष रूप से 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी अवधारणाओं को स्पष्ट करते हुए कि ऐसी कोई गिरफ्तारी नहीं होती; गिरफ्तारी हमेशा भौतिक रूप से होगी और व्यक्ति को समय पर न्यायालय में पेश किया जाएगा। उन्होंने सड़क सुरक्षा और नशे के दुष्परिणामों के प्रति भी सचेत किया। पुलिस अधीक्षक ने लोगों से समाज में होने वाले किसी भी अपराध की जानकारी देने का आग्रह किया, यह आश्वासन देते हुए कि उनकी पहचान गुप्त रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि हर एक नागरिक का सहयोग देश और समाज को सही दिशा देने के लिए महत्वपूर्ण है। इस आयोजन के दौरान नगर निरीक्षक अनिमेष द्विवेदी और उनकी सहयोगी टीम के साथ सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में आमजन की समस्याएं सुनी गईं और उनके त्वरित निराकरण के निर्देश भी जारी किए गए।2
- सतना के रामनगर में एक व्यक्ति, जिसे पहले मोबाइल चोर बताया गया था, अब नशे के कारोबार का प्रमुख सौदागर बन गया है। रामनगर के वार्ड नंबर 07 निवासी रजनीश उर्फ ललूआ सोनी, जो कभी पपरा घाटी पर लोगों से मोबाइल छीनकर भागने और चोरी करने में शामिल था, आज रामनगर में नशे के व्यापार का मुख्य केंद्र बन गया है। पूर्व में मोबाइल चोरी करते हुए पकड़े जाने पर, ग्रामीण जनों द्वारा 'खातिरदारी' किए जाने के बाद, उसे कैमरे पर अपनी मोबाइल चोरी की घटना का विस्तृत बयान देते देखा गया था। अब दिनदहाड़े खुलेआम रामनगर में गांजा और नशीली कफ सिरप कोरेक्स बेची जा रही है, जिस पर बस्ती मुहल्ले के पड़ोसियों ने कड़ी निंदा करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि सुबह से ही नशेड़ियों का आना-जाना लगा रहता है और मध्य रात्रि तक यहां गांजेड़ियों और कोरेक्स पीने वालों का जमावड़ा रहता है। स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त की है कि नशे के इस कारोबारी पर किसी तरह की कोई रोक-टोक दिखाई नहीं देती।1
- मैहर में उत्तर दरवाजा से पांडे टोला मार्ग पर पेयजल व्यवस्था की एक गंभीर तस्वीर सामने आई है, जिस पर नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने नगर पालिका पर नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। द्विवेदी ने कहा कि नगर पालिका की घोर लापरवाही और असंवेदनशीलता के कारण घरों तक पहुंचने वाली पेयजल पाइपलाइन खुले नाले के भीतर से गुजर रही है, जिससे दूषित पानी के पेयजल में मिलने का खतरा लगातार बना हुआ है। उन्होंने बताया कि यह केवल एक तकनीकी खामी नहीं, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। क्षेत्र में नाली के अंदर गंदा और बदबूदार पानी भरा हुआ है, साथ ही प्लास्टिक कचरा, घरेलू अपशिष्ट और गंदगी के बीच से पेयजल पाइपलाइन निकल रही है। ऐसे में पाइपलाइन में किसी भी प्रकार के रिसाव से नाली का दूषित पानी पेयजल में मिलकर घरों तक पहुंच सकता है। श्री द्विवेदी ने यह भी जानकारी दी कि नाली में बड़ी मात्रा में कचरा जमा होने के कारण जल निकासी प्रभावित हो रही है, और कई स्थानों पर पाइपलाइन सीधे गंदे पानी के संपर्क में दिख रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दौरान स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, जिससे जलजनित बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ जाती है, जिनमें डायरिया, टाइफाइड और हैजा जैसी बीमारियाँ शामिल हैं। नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने जोर दिया कि नगर पालिका का दायित्व नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है, लेकिन यहाँ हालात इसके बिल्कुल विपरीत हैं। कांग्रेस ने जिला प्रशासन से तत्काल मामले की जांच, पेयजल की गुणवत्ता का परीक्षण कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, उत्तर दरवाजा से पांडे टोला मार्ग की पेयजल व्यवस्था को तत्काल सुधारने के निर्देश देने की भी मांग की गई है। प्रभात द्विवेदी का आरोप है कि नगर पालिका की उदासीनता के कारण जनता दूषित पेयजल पीने को मजबूर है और यदि शीघ्र सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो कांग्रेस जनआंदोलन करने को बाध्य होगी।1
- एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है जहाँ एक पति ने अपनी पत्नी को उसके प्रेमी के साथ पकड़ लिया। इस दौरान पति द्वारा विरोध करने पर, पति और प्रेमी के बीच जमकर जोरदार मारपीट हुई।1