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नरसिंहपुर के ग्राम बांस कुंवारी में बदहाल सड़क और कीचड़ के कारण ग्रामीण भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं और इसी रास्ते से होकर गुजरने को मजबूर हैं। इस खराब रास्ते के कारण स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों की सुरक्षा पर भी खतरा बना हुआ है, क्योंकि उन्हें प्रतिदिन इसी कीचड़ भरे मार्ग से होकर जाना पड़ता है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने इस ज्ञापन के जरिए प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है।
कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
नरसिंहपुर के ग्राम बांस कुंवारी में बदहाल सड़क और कीचड़ के कारण ग्रामीण भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं और इसी रास्ते से होकर गुजरने को मजबूर हैं। इस खराब रास्ते के कारण स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों की सुरक्षा पर भी खतरा बना हुआ है, क्योंकि उन्हें प्रतिदिन इसी कीचड़ भरे मार्ग से होकर जाना पड़ता है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने इस ज्ञापन के जरिए प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है।
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- नरसिंहपुर के कन्हेरी गांव में ग्राम कोटवार ने ग्रामीणों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कोटवार का सीधा आरोप है कि शासन द्वारा उन्हें जो जमीन दी गई थी, उसे हथियाने के लिए ग्रामीणों द्वारा साजिश रची जा रही है। ग्रामीण मिलकर इस सरकारी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे लेकर कोटवार ने खुलकर अपना विरोध जताया है।1
- नरसिंहपुर जिले की ग्राम पंचायत नकटुआ में नाली निर्माण कार्य के कारण आम जनता का जीवन पूरी तरह दूभर हो गया है। बीते जून महीने से चल रहे इस निर्माण कार्य की वजह से एक मुख्य मार्ग को पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया गया है, जिससे स्कूली विद्यार्थियों से लेकर अंतिम संस्कार के लिए जाने वाले लोगों तक को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। कब्रिस्तान से केंद्रीय विद्यालय होते हुए नेशनल हाईवे 44 तक जाने वाला यह मुख्य मार्ग पिछले एक महीने से बंद पड़ा है। निर्माण कार्य के दौरान सड़क पर मिट्टी के बड़े-बड़े ढेर बना दिए गए हैं, जिसके कारण मुक्तिधाम और कब्रिस्तान तक पहुंचना पूरी तरह नामुमकिन हो गया है और स्थानीय लोग मजबूरी में दूसरे मुक्तिधामों और कब्रिस्तानों का रुख कर रहे हैं। इसी मार्ग पर केंद्रीय विद्यालय स्थित होने के कारण स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा जोखिम उठाना पड़ रहा है। मुख्य मार्ग बंद होने के चलते विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को छिंदवाड़ा रोड और नेशनल हाईवे 44 का लंबा व खतरनाक रास्ता तय करना पड़ रहा है, जहां तेज रफ्तार भारी वाहनों के बीच बच्चों का आना-जाना किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है। इस गंभीर समस्या से परेशान स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द नाली निर्माण कार्य को पूरा कराकर रास्ता सुचारू रूप से खोलने की मांग की है। वहीं, इस संबंध में जब संबंधित इंजीनियर से जानकारी ली गई तो उन्होंने आश्वस्त किया कि निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा कर रास्ता खोल दिया जाएगा।2
- करेली से शाम के एक विशेष पल (इवनिंग मोमेंट) को साझा किया गया है। इस दौरान मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ (मप्र छग) का उल्लेख करते हुए हाथ जोड़कर अभिवादन व्यक्त किया गया है।1
- नरसिंहपुर के गाडरवारा में एक मिनी ट्रक की टक्कर से गो माता की दर्दनाक मौत हो गई है। इस घटना के बाद गौसेवकों और पुलिस ने अपनी सक्रियता दिखाई। गौसेवकों और पुलिस की इसी सक्रियता के चलते मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।1
- नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा में गायत्री परिवार द्वारा एक पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत गायत्री परिवार द्वारा पौधारोपण किया गया।1
- एसीएन भारत समाचार के अनुसार, मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर कलेक्ट्रेट में उस समय भारी हड़कंप मच गया जब जनसुनवाई की कार्रवाई के बीच ही एक युवक ने खुद पर पेट्रोल उड़ेल लिया।1
- नरसिंहपुर जिले की तेंदूखेड़ा पुलिस ने मुस्तैदी और तत्परता की एक और बड़ी मिसाल पेश की है। पुलिस ने मानसिंह राठौर के घर हुई चोरी की एक बड़ी वारदात का खुलासा महज कुछ ही घंटों के भीतर कर दिया है। इस त्वरित कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस की सख्ती के आगे आरोपियों ने घुटने टेक दिए, जिसके बाद एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चार महीने पुरानी एक अन्य बड़ी चोरी की वारदात का भी राज खोल दिया है।1
- नरसिंहपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को दोपहर 1 बजे उस समय भारी हड़कंप मच गया, जब पटेल वार्ड गुरुद्वारा के पास रहने वाले विजय दुबे ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। वह अपने साथ एक प्लास्टिक की बोतल में पेट्रोल भरकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने तुरंत बीच-बचाव करते हुए उन्हें समझाइश दी और किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। इस घटना के चलते कलेक्ट्रेट परिसर में काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा। पूछताछ के दौरान पीड़ित विजय दुबे ने बताया कि उनकी दुकान पर एक अन्य व्यक्ति ने कथित रूप से अवैध कब्जा कर रखा है और बार-बार प्रयास करने के बावजूद वह दुकान खाली नहीं कर रहा है। पीड़ित का कहना है कि वह अपनी शिकायत लेकर पहले कोतवाली थाना और फिर कलेक्ट्रेट के कई चक्कर काट चुका है, लेकिन उसकी समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया। शासन-प्रशासन से न्याय न मिलने और लगातार परेशान होने के कारण वह मानसिक रूप से बेहद आहत हो चुका था, जिसके चलते आज उसने यह जानलेवा कदम उठाया।1