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जालौन पुलिस ने एक सनसनीखेज अपहरण की वारदात का पर्दाफाश करते हुए ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। थाना आटा पुलिस, स्वाट/सर्विलांस टीम और दिल्ली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अपहृत रोहित, पुत्र महेन्द्रपाल (उम्र करीब 24 वर्ष, निवासी ग्राम बारा, थाना आटा, जालौन) को सकुशल बरामद कर लिया गया है। इस मामले में कुल 05 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त डिजायर कार (UP14ST1864) और अपहृत की बिना नंबर की मोटरसाइकिल भी बरामद की है। रोहित का अपहरण 02.06.2026 को कुसमरा रोड से दिनदहाड़े किया गया था। उनकी पत्नी की तहरीर पर थाना आटा में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में 3 टीमें गठित की गईं। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, लोकेशन ट्रैकिंग और जमीनी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम दिल्ली और गाजियाबाद पहुंची, जहां दबिश देकर रोहित को छुड़ाया गया और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में अजय पुत्र जयप्रकाश (उम्र 26 वर्ष, निवासी ग्राम अटकुआँ थाना चरखारी, महोबा / हाल निवासी लक्ष्मीनगर, दिल्ली), शंकर कुमार पुत्र महेश (उम्र 25 वर्ष, निवासी वैशाली, थाना कौशाम्बी, गाजियाबाद), सुनील पुत्र छोटेलाल (उम्र 30 वर्ष, निवासी स्वासी खुर्द, थाना ललपुरा, हमीरपुर), रिजवान पुत्र सलीम कुरैशी (उम्र 19 वर्ष, निवासी सदनपुर, थाना कोतवाली उरई, जालौन) और दीपक पुत्र राजेश (उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम बारा, थाना आटा, जालौन) शामिल हैं। अपहृत रोहित के मुताबिक, पैसों के लेन-देन के विवाद में अजय, शंकर और रविन्द्र ने मिलकर उसे 02 जून को करीब 3:30 बजे जबरन गाड़ी में डालकर अपहरण किया था। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि घटना में अन्य आरोपी भी मोटरसाइकिल से साथ थे और सभी पहले से एक-दूसरे को जानते थे। इस घटना के बाद कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं, जैसे क्या पैसों का विवाद अब सीधे अपहरण में बदल रहा है और क्या अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि दिनदहाड़े ऐसी वारदातें हो रही हैं। यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या इस गैंग के और भी सदस्य अभी फरार हैं और अगर समय पर कार्रवाई न होती तो क्या कोई बड़ा हादसा हो सकता था। जालौन पुलिस की यह बड़ी कामयाबी सराहनीय है, लेकिन इस घटना ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

2 hrs ago
user_रवि कांत द्विवेदी
रवि कांत द्विवेदी
Photographer जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

जालौन पुलिस ने एक सनसनीखेज अपहरण की वारदात का पर्दाफाश करते हुए ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। थाना आटा पुलिस, स्वाट/सर्विलांस टीम और दिल्ली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अपहृत रोहित, पुत्र महेन्द्रपाल (उम्र करीब 24 वर्ष, निवासी ग्राम बारा, थाना आटा, जालौन) को सकुशल बरामद कर लिया गया है। इस मामले में कुल 05 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त डिजायर कार (UP14ST1864) और अपहृत की बिना नंबर की मोटरसाइकिल भी बरामद की है। रोहित का अपहरण 02.06.2026 को कुसमरा रोड से दिनदहाड़े किया गया था। उनकी पत्नी की तहरीर पर थाना आटा में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में 3 टीमें गठित की गईं। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, लोकेशन ट्रैकिंग और जमीनी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम दिल्ली और गाजियाबाद पहुंची, जहां दबिश देकर रोहित को छुड़ाया गया और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में अजय पुत्र जयप्रकाश (उम्र 26 वर्ष, निवासी ग्राम अटकुआँ थाना चरखारी, महोबा / हाल निवासी लक्ष्मीनगर, दिल्ली), शंकर कुमार पुत्र महेश (उम्र 25 वर्ष, निवासी वैशाली, थाना कौशाम्बी, गाजियाबाद), सुनील पुत्र छोटेलाल (उम्र 30 वर्ष, निवासी स्वासी खुर्द, थाना ललपुरा, हमीरपुर), रिजवान पुत्र सलीम कुरैशी (उम्र 19 वर्ष, निवासी सदनपुर, थाना कोतवाली उरई, जालौन) और दीपक पुत्र राजेश (उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम बारा, थाना आटा, जालौन) शामिल हैं। अपहृत रोहित के मुताबिक, पैसों के लेन-देन के विवाद में अजय, शंकर और रविन्द्र ने मिलकर उसे 02 जून को करीब 3:30 बजे जबरन गाड़ी में डालकर अपहरण किया था। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि घटना में अन्य आरोपी भी मोटरसाइकिल से साथ थे और सभी पहले से एक-दूसरे को जानते थे। इस घटना के बाद कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं, जैसे क्या पैसों का विवाद अब सीधे अपहरण में बदल रहा है और क्या अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि दिनदहाड़े ऐसी वारदातें हो रही हैं। यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या इस गैंग के और भी सदस्य अभी फरार हैं और अगर समय पर कार्रवाई न होती तो क्या कोई बड़ा हादसा हो सकता था। जालौन पुलिस की यह बड़ी कामयाबी सराहनीय है, लेकिन इस घटना ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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  • जालौन के उरई शहर में स्थित एक निजी बाल चिकित्सालय में उपचार के दौरान चार वर्षीय मासूम शाहरुख खान की मौत हो जाने के बाद अस्पताल परिसर में भारी हंगामा हुआ। ग्राम भेड़ निवासी रियाज खान के चार वर्षीय पुत्र शाहरुख को पेट दर्द की शिकायत पर उरई के अनिका हॉस्पिटल लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने भर्ती और इलाज के नाम पर उनसे लगभग पाँच हजार रुपये जमा कराए, लेकिन बच्चे को समय पर उचित उपचार नहीं मिला। परिजनों के अनुसार, इलाज के दौरान बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। मासूम की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया, जिसके बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में पहुंचकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। हंगामे के दौरान परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि बच्चे की मौत के बाद अस्पताल का स्टाफ और जिम्मेदार लोग मौके से चले गए, जिससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। मृतक के परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। इस घटना के बाद क्षेत्र में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच किए जाने की बात कही है, और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बच्चे की मौत की परिस्थितियों तथा उपचार में लापरवाही बरती गई थी या नहीं, यह स्पष्ट हो सकेगा।
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    जालौन के उरई शहर में स्थित एक निजी बाल चिकित्सालय में उपचार के दौरान चार वर्षीय मासूम शाहरुख खान की मौत हो जाने के बाद अस्पताल परिसर में भारी हंगामा हुआ। ग्राम भेड़ निवासी रियाज खान के चार वर्षीय पुत्र शाहरुख को पेट दर्द की शिकायत पर उरई के अनिका हॉस्पिटल लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने भर्ती और इलाज के नाम पर उनसे लगभग पाँच हजार रुपये जमा कराए, लेकिन बच्चे को समय पर उचित उपचार नहीं मिला।

परिजनों के अनुसार, इलाज के दौरान बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। मासूम की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया, जिसके बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में पहुंचकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। हंगामे के दौरान परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि बच्चे की मौत के बाद अस्पताल का स्टाफ और जिम्मेदार लोग मौके से चले गए, जिससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया।

सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। मृतक के परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। इस घटना के बाद क्षेत्र में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच किए जाने की बात कही है, और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बच्चे की मौत की परिस्थितियों तथा उपचार में लापरवाही बरती गई थी या नहीं, यह स्पष्ट हो सकेगा।
    user_अखिलेश सोनी
    अखिलेश सोनी
    Court reporter जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • जालौन तहसील के देवरी गांव में शिक्षा के प्रति एक नई जागरूकता देखी जा रही है, जहाँ उपजिलाधिकारी (एसडीएम) रिंकू सिंह राही की प्रेरणा से पढ़ाई का सकारात्मक माहौल बना है। इस पहल के तहत, गांव के बुजुर्ग, युवा और बच्चे प्रतिदिन सुबह अपने घरेलू और कृषि कार्य निपटाने के बाद पंचायत घर पहुँचकर अध्ययन करते हैं। ग्रामीणों का मानना है कि शिक्षा ही समाज के विकास का सबसे मजबूत आधार है। इसी सोच के साथ, वे एक स्थान पर एकत्र होकर पढ़ाई और ज्ञानवर्धक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। गांव में बढ़ती शैक्षिक रुचि को देखते हुए, ग्रामीणों ने प्रशासन से एक पुस्तकालय (लाइब्रेरी) स्थापित करने की मांग की है, जिससे विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को बेहतर अध्ययन सामग्री उपलब्ध हो सके। ग्रामीणों का दृढ़ विश्वास है कि यदि गांव में लाइब्रेरी स्थापित हो जाती है, तो शिक्षा का यह अभियान और अधिक मजबूत होगा तथा बच्चों और युवाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे। देवरी गांव में शिक्षा के प्रति यह बढ़ता उत्साह न केवल क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, बल्कि अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।
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    जालौन तहसील के देवरी गांव में शिक्षा के प्रति एक नई जागरूकता देखी जा रही है, जहाँ उपजिलाधिकारी (एसडीएम) रिंकू सिंह राही की प्रेरणा से पढ़ाई का सकारात्मक माहौल बना है। इस पहल के तहत, गांव के बुजुर्ग, युवा और बच्चे प्रतिदिन सुबह अपने घरेलू और कृषि कार्य निपटाने के बाद पंचायत घर पहुँचकर अध्ययन करते हैं।

ग्रामीणों का मानना है कि शिक्षा ही समाज के विकास का सबसे मजबूत आधार है। इसी सोच के साथ, वे एक स्थान पर एकत्र होकर पढ़ाई और ज्ञानवर्धक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। गांव में बढ़ती शैक्षिक रुचि को देखते हुए, ग्रामीणों ने प्रशासन से एक पुस्तकालय (लाइब्रेरी) स्थापित करने की मांग की है, जिससे विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को बेहतर अध्ययन सामग्री उपलब्ध हो सके।

ग्रामीणों का दृढ़ विश्वास है कि यदि गांव में लाइब्रेरी स्थापित हो जाती है, तो शिक्षा का यह अभियान और अधिक मजबूत होगा तथा बच्चों और युवाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे। देवरी गांव में शिक्षा के प्रति यह बढ़ता उत्साह न केवल क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, बल्कि अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।
    user_Bheem rajawat 9628800458
    Bheem rajawat 9628800458
    पत्रकार जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • जालौन कोतवाली पुलिस ने एक बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की तीन मोटरसाइकिलें, एक तमंचा और दो कारतूस बरामद किए हैं। हालांकि, गिरोह का सरगना मौके से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। बुधवार देर रात कोतवाल हरिशंकर चंद को सूचना मिली थी कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के धनौरा-धंतौली मार्ग स्थित पुल के पास कुछ संदिग्ध व्यक्ति चोरी की बाइक बेचने के लिए ले जा रहे हैं। इस सूचना पर चौकी प्रभारी मनीष कुमार तिवारी और उनकी टीम ने रात करीब साढ़े बारह बजे घेराबंदी की। उन्होंने बाइक लेकर जा रहे चुर्खी थाना क्षेत्र के ग्राम चुर्खी निवासी इमाम हुसैन उर्फ इमाम मंसूरी, जितेंद्र पाल और रामतोष पांचाल को रोका। जब उनसे बाइक के कागजात मांगे गए तो वे प्रस्तुत नहीं कर सके। इसी दौरान, गिरोह का सरगना छोटेलाल उर्फ लादेन अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकला। पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे चारों मिलकर विभिन्न जनपदों और कस्बों से बाइक चोरी करते थे। चोरी करने के बाद वे वाहनों की मूल नंबर प्लेट तोड़कर उन पर फर्जी नंबर प्लेट लगा देते थे और फिर उन्हें बाहर ले जाकर बेच देते थे। आरोपियों ने बताया कि बरामद हीरो एचएफ डीलक्स बाइक उन्होंने गत पांच मई को जालौन स्थित गंगाधाम गेस्ट हाउस के बाहर से चोरी की थी। वहीं, दूसरी बाइक उरई के सोम गार्डन और तीसरी बाइक झांसी के एक विवाह घर के बाहर से चोरी की गई थी। वे इन तीनों बाइकों को बेचने के लिए ले जा रहे थे, तभी रास्ते में पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक हरिशंकर चंद ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया गया है। फरार आरोपी छोटेलाल उर्फ लादेन की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस गिरोह ने क्षेत्र में वाहन चोरी की और कितनी घटनाओं को अंजाम दिया है।
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    जालौन कोतवाली पुलिस ने एक बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की तीन मोटरसाइकिलें, एक तमंचा और दो कारतूस बरामद किए हैं। हालांकि, गिरोह का सरगना मौके से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।

बुधवार देर रात कोतवाल हरिशंकर चंद को सूचना मिली थी कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के धनौरा-धंतौली मार्ग स्थित पुल के पास कुछ संदिग्ध व्यक्ति चोरी की बाइक बेचने के लिए ले जा रहे हैं। इस सूचना पर चौकी प्रभारी मनीष कुमार तिवारी और उनकी टीम ने रात करीब साढ़े बारह बजे घेराबंदी की। उन्होंने बाइक लेकर जा रहे चुर्खी थाना क्षेत्र के ग्राम चुर्खी निवासी इमाम हुसैन उर्फ इमाम मंसूरी, जितेंद्र पाल और रामतोष पांचाल को रोका। जब उनसे बाइक के कागजात मांगे गए तो वे प्रस्तुत नहीं कर सके। इसी दौरान, गिरोह का सरगना छोटेलाल उर्फ लादेन अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकला।

पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे चारों मिलकर विभिन्न जनपदों और कस्बों से बाइक चोरी करते थे। चोरी करने के बाद वे वाहनों की मूल नंबर प्लेट तोड़कर उन पर फर्जी नंबर प्लेट लगा देते थे और फिर उन्हें बाहर ले जाकर बेच देते थे। आरोपियों ने बताया कि बरामद हीरो एचएफ डीलक्स बाइक उन्होंने गत पांच मई को जालौन स्थित गंगाधाम गेस्ट हाउस के बाहर से चोरी की थी। वहीं, दूसरी बाइक उरई के सोम गार्डन और तीसरी बाइक झांसी के एक विवाह घर के बाहर से चोरी की गई थी। वे इन तीनों बाइकों को बेचने के लिए ले जा रहे थे, तभी रास्ते में पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।

कोतवाली प्रभारी निरीक्षक हरिशंकर चंद ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया गया है। फरार आरोपी छोटेलाल उर्फ लादेन की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस गिरोह ने क्षेत्र में वाहन चोरी की और कितनी घटनाओं को अंजाम दिया है।
    user_प्रदीप महतवानी
    प्रदीप महतवानी
    Local News Reporter Jalaun, Uttar Pradesh•
    17 hrs ago
  • जालौन जिले के ग्राम शेखपुर अहीर स्थित बाज़ार में अत्यधिक गंदगी व्याप्त है, जिसके कारण स्थानीय आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए, सरकार द्वारा चलाया जा रहा 'स्वच्छ भारत मिशन' जैसी पहलें इस क्षेत्र में पूरी तरह से निष्प्रभावी और 'निस्तनबूत' दिखाई दे रही हैं, जिससे इसकी सफलता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
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    जालौन जिले के ग्राम शेखपुर अहीर स्थित बाज़ार में अत्यधिक गंदगी व्याप्त है, जिसके कारण स्थानीय आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए, सरकार द्वारा चलाया जा रहा 'स्वच्छ भारत मिशन' जैसी पहलें इस क्षेत्र में पूरी तरह से निष्प्रभावी और 'निस्तनबूत' दिखाई दे रही हैं, जिससे इसकी सफलता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
    user_रवि कांत द्विवेदी
    रवि कांत द्विवेदी
    Photographer जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • जनपद जालौन में चोरी की घटनाओं पर लगाम कसने और अपराधियों को पकड़ने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली जालौन पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के धनौरा-धंतौली मार्ग स्थित पुल के पास से तीन शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 4 जून 2026 की रात लगभग 12:35 बजे हुई। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से चोरी की तीन मोटरसाइकिलें, जिनमें थाना जालौन पर पंजीकृत एक मुकदमे से संबंधित हीरो एचएफ डीलक्स (UP92 AB 7507) और दो अन्य हीरो स्प्लेंडर प्लस (UP92 AE 4934 व UP93 BN 7278) शामिल हैं, बरामद की गई हैं। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने उनके पास से एक अवैध 315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए। बरामदगी के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान ग्राम चुर्खी, थाना चुर्खी, जनपद जालौन निवासी इमाम हुसैन उर्फ इमाम मंसूरी (पुत्र स्व. मुस्तफा), जितेन्द्र पाल (पुत्र स्व. जगत पाल) और रामतोष पांचाल (पुत्र स्व. लालाराम पांचाल) के रूप में हुई है। वहीं, ग्राम चुर्खी के ही निवासी छोटेलाल उर्फ लादेन (पुत्र कमलेश) पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया, जिसकी तलाश लगातार जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों से गहन पूछताछ की जा रही है, जिससे अन्य चोरी की घटनाओं का खुलासा होने की भी संभावना है। जनपद पुलिस के लिए वाहन चोरी के मामलों में यह गिरफ्तारी एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।
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    जनपद जालौन में चोरी की घटनाओं पर लगाम कसने और अपराधियों को पकड़ने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली जालौन पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के धनौरा-धंतौली मार्ग स्थित पुल के पास से तीन शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 4 जून 2026 की रात लगभग 12:35 बजे हुई। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से चोरी की तीन मोटरसाइकिलें, जिनमें थाना जालौन पर पंजीकृत एक मुकदमे से संबंधित हीरो एचएफ डीलक्स (UP92 AB 7507) और दो अन्य हीरो स्प्लेंडर प्लस (UP92 AE 4934 व UP93 BN 7278) शामिल हैं, बरामद की गई हैं। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने उनके पास से एक अवैध 315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए। बरामदगी के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान ग्राम चुर्खी, थाना चुर्खी, जनपद जालौन निवासी इमाम हुसैन उर्फ इमाम मंसूरी (पुत्र स्व. मुस्तफा), जितेन्द्र पाल (पुत्र स्व. जगत पाल) और रामतोष पांचाल (पुत्र स्व. लालाराम पांचाल) के रूप में हुई है। वहीं, ग्राम चुर्खी के ही निवासी छोटेलाल उर्फ लादेन (पुत्र कमलेश) पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया, जिसकी तलाश लगातार जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों से गहन पूछताछ की जा रही है, जिससे अन्य चोरी की घटनाओं का खुलासा होने की भी संभावना है। जनपद पुलिस के लिए वाहन चोरी के मामलों में यह गिरफ्तारी एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।
    user_Kishan kumar
    Kishan kumar
    Local News Reporter जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • जनपद जालौन के उरई मुख्यालय स्थित मच्छर चौराहा के पास संचालित एक निजी अनिका हॉस्पिटल में गुरुवार को चार वर्षीय मासूम की मौत के बाद हड़कंप मच गया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही और अमानवीय व्यवहार के आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों में खलबली मच गई। जानकारी के अनुसार, कोंच क्षेत्र के ग्राम भेड़ निवासी अमजद खान अपने चार वर्षीय पुत्र रियाज खान को पेट दर्द की शिकायत होने पर गुरुवार सुबह अनिका हॉस्पिटल लाए थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने भर्ती के समय पांच हजार रुपये जमा कराए और बच्चे को ग्लूकोज चढ़ाया, लेकिन उसकी स्थिति के अनुरूप आवश्यक जांच या विशेषज्ञ उपचार नहीं किया गया। परिजनों के अनुसार, इलाज के दौरान मासूम की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन अस्पताल कर्मियों ने स्थिति की गंभीरता को नजरअंदाज किया, जिसके कुछ समय बाद बच्चे की मौत हो गई। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों का आरोप है कि बच्चे की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन का रवैया अचानक बदल गया और वेंटिलेटर सुविधा उपलब्ध न होने की बात कहकर उसे अन्य अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई। आरोप यह भी है कि इसके तुरंत बाद डॉक्टर और अस्पताल का स्टाफ मौके से फरार हो गया और अस्पताल बंद कर दिया गया। घटना की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और परिजन अस्पताल पहुंच गए, जहां अस्पताल के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई और लोगों में आक्रोश फैल गया। मृतक बच्चे के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के पिता अमजद खान ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपकर अस्पताल संचालक डॉ. देवेन्द्र कुमार कौशल तथा संबंधित स्टाफ के खिलाफ कठोर कार्यवाही की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि समय रहते उचित उपचार मिलता तो उनके बेटे की जान बच सकती थी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. हरिनंदन ने बताया कि शिकायत मिलने पर जब स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो अस्पताल में ताला लगा मिला। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच के लिए एक समिति गठित कर दी गई है, जो अस्पताल के दस्तावेज, पंजीकरण, उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और निर्धारित मानकों की भी जांच कर रही है। यह घटना निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है, विशेषकर यदि गंभीर मरीजों के उपचार की पर्याप्त व्यवस्था न होने पर भी उन्हें भर्ती किया गया हो, और मौत के बाद डॉक्टर व स्टाफ के गायब होने के आरोप भी जांच का विषय बने हुए हैं। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं, और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मासूम की मौत चिकित्सा लापरवाही का परिणाम थी या अन्य किसी कारण से हुई, यह स्पष्ट हो सकेगा। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है और लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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    जनपद जालौन के उरई मुख्यालय स्थित मच्छर चौराहा के पास संचालित एक निजी अनिका हॉस्पिटल में गुरुवार को चार वर्षीय मासूम की मौत के बाद हड़कंप मच गया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही और अमानवीय व्यवहार के आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों में खलबली मच गई। जानकारी के अनुसार, कोंच क्षेत्र के ग्राम भेड़ निवासी अमजद खान अपने चार वर्षीय पुत्र रियाज खान को पेट दर्द की शिकायत होने पर गुरुवार सुबह अनिका हॉस्पिटल लाए थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने भर्ती के समय पांच हजार रुपये जमा कराए और बच्चे को ग्लूकोज चढ़ाया, लेकिन उसकी स्थिति के अनुरूप आवश्यक जांच या विशेषज्ञ उपचार नहीं किया गया।

परिजनों के अनुसार, इलाज के दौरान मासूम की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन अस्पताल कर्मियों ने स्थिति की गंभीरता को नजरअंदाज किया, जिसके कुछ समय बाद बच्चे की मौत हो गई। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों का आरोप है कि बच्चे की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन का रवैया अचानक बदल गया और वेंटिलेटर सुविधा उपलब्ध न होने की बात कहकर उसे अन्य अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई। आरोप यह भी है कि इसके तुरंत बाद डॉक्टर और अस्पताल का स्टाफ मौके से फरार हो गया और अस्पताल बंद कर दिया गया। घटना की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और परिजन अस्पताल पहुंच गए, जहां अस्पताल के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई और लोगों में आक्रोश फैल गया। मृतक बच्चे के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मृतक के पिता अमजद खान ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपकर अस्पताल संचालक डॉ. देवेन्द्र कुमार कौशल तथा संबंधित स्टाफ के खिलाफ कठोर कार्यवाही की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि समय रहते उचित उपचार मिलता तो उनके बेटे की जान बच सकती थी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. हरिनंदन ने बताया कि शिकायत मिलने पर जब स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो अस्पताल में ताला लगा मिला। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच के लिए एक समिति गठित कर दी गई है, जो अस्पताल के दस्तावेज, पंजीकरण, उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और निर्धारित मानकों की भी जांच कर रही है। यह घटना निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है, विशेषकर यदि गंभीर मरीजों के उपचार की पर्याप्त व्यवस्था न होने पर भी उन्हें भर्ती किया गया हो, और मौत के बाद डॉक्टर व स्टाफ के गायब होने के आरोप भी जांच का विषय बने हुए हैं। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं, और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मासूम की मौत चिकित्सा लापरवाही का परिणाम थी या अन्य किसी कारण से हुई, यह स्पष्ट हो सकेगा। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है और लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
    user_Samir mansuri
    Samir mansuri
    Local News Reporter जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • जालौन में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के तहसील अध्यक्ष देव सिंह पटेल और अन्य पदाधिकारियों ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर तहसील प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में हाल ही में हुई ओलावृष्टि और खराब मौसम के कारण मूंग की फसल को हुए भारी नुकसान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। किसान नेताओं ने मांग की है कि ग्राम अंधनौरा कलां सहित सभी प्रभावित क्षेत्रों में ओलावृष्टि से हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। इसके अतिरिक्त, मूंग और अन्य दलहनी फसलों का सर्वे कराकर उन्हें खसरे में दर्ज किया जाए, ताकि किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। भाकियू ने मूंग एवं अन्य दलहनी फसलों की खरीद के लिए सरकारी क्रय केंद्र शीघ्र खोलने की भी मांग की, जिससे किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिल पाए। किसानों ने विद्युत आपूर्ति में आ रही समस्या पर भी चिंता जताते हुए कहा कि इससे सिंचाई कार्य प्रभावित हो रहा है, इसलिए कम से कम 10 घंटे नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए। ज्ञापन सौंपने वालों में तहसील अध्यक्ष श्याम कुमार, देव सिंह पटेल, सतीश कुमार, चेतन कुमार, संदीप कुमार, संतोष कुमार, कृपाल सिंह, विवेक पटेल, राजकुमार तिवारी, राम मनोहर, भोगेंद्र सिंह, भगवान दास राठौर, मानवेन्द्र सिंह पटेल सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे। भाकियू ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो भारतीय किसान यूनियन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
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    जालौन में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के तहसील अध्यक्ष देव सिंह पटेल और अन्य पदाधिकारियों ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर तहसील प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में हाल ही में हुई ओलावृष्टि और खराब मौसम के कारण मूंग की फसल को हुए भारी नुकसान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।

किसान नेताओं ने मांग की है कि ग्राम अंधनौरा कलां सहित सभी प्रभावित क्षेत्रों में ओलावृष्टि से हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। इसके अतिरिक्त, मूंग और अन्य दलहनी फसलों का सर्वे कराकर उन्हें खसरे में दर्ज किया जाए, ताकि किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। भाकियू ने मूंग एवं अन्य दलहनी फसलों की खरीद के लिए सरकारी क्रय केंद्र शीघ्र खोलने की भी मांग की, जिससे किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिल पाए। किसानों ने विद्युत आपूर्ति में आ रही समस्या पर भी चिंता जताते हुए कहा कि इससे सिंचाई कार्य प्रभावित हो रहा है, इसलिए कम से कम 10 घंटे नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए।

ज्ञापन सौंपने वालों में तहसील अध्यक्ष श्याम कुमार, देव सिंह पटेल, सतीश कुमार, चेतन कुमार, संदीप कुमार, संतोष कुमार, कृपाल सिंह, विवेक पटेल, राजकुमार तिवारी, राम मनोहर, भोगेंद्र सिंह, भगवान दास राठौर, मानवेन्द्र सिंह पटेल सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे। भाकियू ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो भारतीय किसान यूनियन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
    user_Bheem rajawat 9628800458
    Bheem rajawat 9628800458
    पत्रकार जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • जनपद जालौन के उरई शहर स्थित राम नगर के अजनारी रोड क्षेत्र में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ एक युवक की कुछ कथित शराबियों और दबंगों द्वारा लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। बताया जा रहा है कि यह वारदात एक शराब ठेके के आसपास हुई, जो धार्मिक (मंदिर), सामाजिक (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्यालय) और शैक्षणिक (बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थाएं) दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण संस्थानों के निकट संचालित है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस ठेके के बाहर रोजाना नशे में धुत लोग हंगामा, अभद्रता और मारपीट करते हैं, जिससे महिलाओं, छात्राओं, श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को आए दिन असुरक्षा का सामना करना पड़ता है। शाम होते ही क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण हो जाता है, जिससे अभिभावकों और व्यापारियों में भी चिंता बढ़ती जा रही है। निवासियों का कहना है कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं और कोचिंग संस्थानों के छात्रों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, और कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। सबसे गंभीर बात यह है कि यह पूरी वारदात डिप्टी गंज पुलिस चौकी, क्षेत्राधिकारी (सीओ) आवास और पुलिस क्वार्टर से महज लगभग 100 कदम की दूरी पर हुई है। ऐसे में खुलेआम हुई इस मारपीट ने पुलिस की गश्त, निगरानी और कानून व्यवस्था की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि पुलिस प्रतिष्ठानों के इतने करीब दबंग तत्व सरेआम कानून को चुनौती दे सकते हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। मोहल्लेवासियों के अनुसार, अजनारी रोड क्षेत्र में मारपीट, गाली-गलौज, हुड़दंग और गुंडागर्दी की घटनाएं अब आम होती जा रही हैं, और कई लोग डर के कारण सामने आकर शिकायत करने से भी कतराते हैं। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों, अभिभावकों और श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन से आबादी के बीच संचालित शराब के ठेके को तत्काल किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है। उनका कहना है कि धार्मिक स्थल, शैक्षणिक संस्थान और आवासीय क्षेत्र के बीच शराब का ठेका सार्वजनिक शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गया है। नागरिकों ने जालौन पुलिस प्रशासन से यह भी मांग की है कि वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कर सभी आरोपियों की पहचान की जाए और उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन और ज्ञापन अभियान चलाने को मजबूर होंगे, क्योंकि फिलहाल इस वायरल वीडियो ने पूरे शहर में कानून व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
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    जनपद जालौन के उरई शहर स्थित राम नगर के अजनारी रोड क्षेत्र में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ एक युवक की कुछ कथित शराबियों और दबंगों द्वारा लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

बताया जा रहा है कि यह वारदात एक शराब ठेके के आसपास हुई, जो धार्मिक (मंदिर), सामाजिक (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्यालय) और शैक्षणिक (बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थाएं) दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण संस्थानों के निकट संचालित है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस ठेके के बाहर रोजाना नशे में धुत लोग हंगामा, अभद्रता और मारपीट करते हैं, जिससे महिलाओं, छात्राओं, श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को आए दिन असुरक्षा का सामना करना पड़ता है। शाम होते ही क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण हो जाता है, जिससे अभिभावकों और व्यापारियों में भी चिंता बढ़ती जा रही है। निवासियों का कहना है कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं और कोचिंग संस्थानों के छात्रों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, और कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।

सबसे गंभीर बात यह है कि यह पूरी वारदात डिप्टी गंज पुलिस चौकी, क्षेत्राधिकारी (सीओ) आवास और पुलिस क्वार्टर से महज लगभग 100 कदम की दूरी पर हुई है। ऐसे में खुलेआम हुई इस मारपीट ने पुलिस की गश्त, निगरानी और कानून व्यवस्था की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि पुलिस प्रतिष्ठानों के इतने करीब दबंग तत्व सरेआम कानून को चुनौती दे सकते हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। मोहल्लेवासियों के अनुसार, अजनारी रोड क्षेत्र में मारपीट, गाली-गलौज, हुड़दंग और गुंडागर्दी की घटनाएं अब आम होती जा रही हैं, और कई लोग डर के कारण सामने आकर शिकायत करने से भी कतराते हैं।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों, अभिभावकों और श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन से आबादी के बीच संचालित शराब के ठेके को तत्काल किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है। उनका कहना है कि धार्मिक स्थल, शैक्षणिक संस्थान और आवासीय क्षेत्र के बीच शराब का ठेका सार्वजनिक शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गया है। नागरिकों ने जालौन पुलिस प्रशासन से यह भी मांग की है कि वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कर सभी आरोपियों की पहचान की जाए और उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन और ज्ञापन अभियान चलाने को मजबूर होंगे, क्योंकि फिलहाल इस वायरल वीडियो ने पूरे शहर में कानून व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
    user_Samir mansuri
    Samir mansuri
    Local News Reporter जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
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