डिंडौरी जिले के आकांक्षी विकासखंड मेहंदवानी के ग्राम सारसडोली में कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशानुसार पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा एक पशु चिकित्सा शिविर एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। उपसंचालक डॉ. आर.एम. भरमुदे के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय पशुपालकों ने शामिल होकर विभागीय योजनाओं का सीधा लाभ उठाया। इस शिविर के दौरान कुल 127 पशुओं को कृमिनाशक दवाओं का वितरण किया गया और 63 पशुओं का एच.एस. टीकाकरण किया गया। इसके अलावा, 2 पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान कराने के साथ-साथ 22 किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के आवेदन भी भरवाए गए। साथ ही, 56 पशुपालकों को सॉरघम (ज्वार) चारा बीज का वितरण किया गया। शिविर के साथ आयोजित संगोष्ठी में पशुपालकों को आधुनिक पशुपालन तकनीकों, वैज्ञानिक प्रबंधन और पशु स्वास्थ्य संरक्षण की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों को पशुपालन को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपनाने और शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर डॉ. दुर्गेश मार्को, श्री आशीष पद्माकर, श्रीमती रुकमणी चंदेल सहित अन्य विभागीय अधिकारी, कर्मचारी, ग्राम के मैत्री कार्यकर्ता, गौ-सेवक और बड़ी संख्या में पशुपालक उपस्थित रहे।
डिंडौरी जिले के आकांक्षी विकासखंड मेहंदवानी के ग्राम सारसडोली में कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशानुसार पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा एक पशु चिकित्सा शिविर एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। उपसंचालक डॉ. आर.एम. भरमुदे के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय पशुपालकों ने शामिल होकर विभागीय योजनाओं का सीधा लाभ उठाया। इस शिविर के दौरान कुल 127 पशुओं को कृमिनाशक दवाओं का वितरण किया गया और 63 पशुओं का एच.एस. टीकाकरण किया गया। इसके अलावा, 2 पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान कराने के साथ-साथ 22 किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के आवेदन भी भरवाए गए। साथ ही, 56 पशुपालकों को सॉरघम (ज्वार) चारा बीज का वितरण किया गया। शिविर के साथ आयोजित संगोष्ठी में पशुपालकों को आधुनिक पशुपालन तकनीकों, वैज्ञानिक प्रबंधन और पशु स्वास्थ्य संरक्षण की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों को पशुपालन को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपनाने और शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर डॉ. दुर्गेश मार्को, श्री आशीष पद्माकर, श्रीमती रुकमणी चंदेल सहित अन्य विभागीय अधिकारी, कर्मचारी, ग्राम के मैत्री कार्यकर्ता, गौ-सेवक और बड़ी संख्या में पशुपालक उपस्थित रहे।
- डिंडौरी के राई में स्थित सांदीपनी विद्यालय को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एक आधुनिक, हरित और सुरक्षित आवासीय शिक्षा परिसर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसा संतुलित वातावरण प्रदान करना है, जहाँ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ नवाचार, अनुशासन, संस्कार, खेलकूद, तकनीकी संसाधन और पर्यावरण संरक्षण का समावेश हो। इस विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए स्मार्ट कक्षाएँ, आधुनिक प्रयोगशालाएँ, समृद्ध पुस्तकालय, सुरक्षित छात्रावास, खेल मैदान और स्वच्छ-हरित परिसर जैसी सभी आवश्यक सुविधाएँ तैयार की जा रही हैं। यह संस्थान जिले के विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने वाला उत्कृष्टता का केंद्र बनेगा, जहाँ से भविष्य के वैज्ञानिक, प्रशासक, शिक्षक, खिलाड़ी और राष्ट्रनिर्माता तैयार होंगे।1
- उमरिया कलेक्टर सभागार कक्ष में आयोजित जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभय सिंह ने जिलेभर से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। इस जनसुनवाई में लोगों की शिकायतों को सुनने के बाद, कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।1
- मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के अंतर्गत डिण्डौरी जिले के विभिन्न विद्यालयों, ग्रामों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके तहत जिला मुख्यालय डिण्डौरी में उत्कृष्ट विद्यालय ग्राउंड एवं अवंती बाई चौक से कलेक्ट्रेट तिराहा तक छात्र-छात्राओं द्वारा एक विशाल मानव श्रृंखला बनाकर "नशामुक्त भारत" का संदेश दिया गया। इस दौरान मानव श्रृंखला बनाने के साथ ही नशामुक्ति की सामूहिक शपथ भी दिलाई गई, वहीं वाहन रैली, जागरूकता पोस्टर और पम्पलेट वितरण के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया। इस विशेष अभियान के अंतर्गत जिलेभर में आयोजित कुल 19 जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 15,000 नागरिकों तक नशामुक्ति का संदेश पहुँचाया गया। इन कार्यक्रमों में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी, डीएसपी, थाना प्रभारियों समेत पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों, शिक्षा विभाग, माई भारत (NGO), नशा मुक्ति केंद्र, सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों, आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों ने सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। अंत में, जिला पुलिस डिण्डौरी ने सभी नागरिकों से नशे से दूर रहकर स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहभागी बनने की अपील की।3
- शहडोल जिले के जैतपुर में पुलिस और खनिज विभाग ने मिलकर एक संयुक्त कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत इलाके में अवैध रूप से भंडारित कर रखी गई रेत को जब्त कर लिया गया है।1
- मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में एक बेहद अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां एक रिश्तेदार पर भरोसा कर गुनाह करने की बात सामने आई है। दरअसल, जब एक पीड़ित परिवार अपनी अमरनाथ यात्रा से वापस लौटा, तो उन्हें अपने ही घर पर ताला लगा हुआ मिला।1
- शाहडोल के जैतपुर में माफिया साबिर का खूनी तांडव जारी है, जहाँ 'रेतराज' से लेकर 'रंगदारी' तक का खेल खेला जा रहा है। यहाँ नदियों का कत्लेआम किया जा रहा है और बंदूक की नोंक पर खुलेआम गुंडागर्दी की जा रही है। माफिया की इस मनमानी और सरेआम गुंडागर्दी के बीच अब प्रशासन की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और यह पूछा जा रहा है कि क्या शाहडोल प्रशासन बिक चुका है?1
- मध्य प्रदेश के मंडला में पहली ही बारिश ने करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क की पोल खोलकर रख दी है। पहली बारिश होते ही यह नवनिर्मित सड़क पूरी तरह से खराब हो गई है, जिससे निर्माण कार्य में हुए भ्रष्टाचार की खुली पोल सबके सामने आ गई है। करोड़ों की भारी-भरकम राशि खर्च करने के बाद भी पहली ही बारिश में सड़क का इस तरह खराब होना इसमें हुए बड़े भ्रष्टाचार को साफ तौर पर उजागर करता है।1
- मंडला जिले के बिछिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध गांजे की खेती के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम चंदिया से 107 गांजे के पौधे जब्त किए हैं। मध्यप्रदेश शासन के "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने 68 वर्षीय आरोपी भंगी सिंह राजपूत को गिरफ्तार किया है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपी के घर के पीछे स्थित बाड़ी में दबिश देकर यह कार्रवाई की। तलाशी के दौरान खेत में गांजे के पौधे मिले, जिनके संबंध में आरोपी कोई भी वैध दस्तावेज या अनुमति प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस द्वारा जब्त किए गए गांजे के पौधों का कुल वजन लगभग 36 किलो 980 ग्राम है और बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8/20 एवं 8(b)/20(a)(i) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। यह पूरी कार्रवाई मंडला पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवकुमार वर्मा और एसडीओपी बिछिया सौरव तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक रंजीत सिंह सैयाम के नेतृत्व वाली पुलिस टीम द्वारा की गई। पुलिस का कहना है कि अवैध मादक पदार्थों के कारोबार और खेती के खिलाफ आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1