गुरुवार को देसूरी पंचायत समिति की ग्राम पंचायत घाणेराव में ब्लॉक स्तरीय विशेष जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस जनसुनवाई में जिला कलेक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर कई प्रकरणों का मौके पर ही समाधान किया। साथ ही, उन्होंने शेष लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जनसुनवाई कार्यक्रम में ग्राम पंचायत प्रशासक चंद्रशेखर मेवाड़ा, बाली एडीएम शैलेन्द्र सिंह, देसूरी उपखंड अधिकारी सिद्धार्थ सांदू, विकास अधिकारी भोपालसिंह जोधा, तहसीलदार फतेहसिंह जसोल, ग्राम विकास अधिकारी ढलाराम चौहान, और थानाधिकारी उरजाराम सहित विभिन्न विभागों के ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। इस दौरान ग्रामीणों ने बिजली, पेयजल, अतिक्रमण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन तथा राजस्व विभाग से जुड़े लंबित मामलों को जिला कलेक्टर के समक्ष रखा। डॉ. गोस्वामी ने शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और कई मामलों का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया। उन्होंने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिला कलेक्टर ने अधिकारियों से यह भी कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। उन्होंने विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की। इस विशेष जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को सीधे जिला प्रशासन के समक्ष रखा, जिससे उन्हें तत्काल राहत मिली और प्रशासन के प्रति उनका विश्वास भी मजबूत हुआ। कार्यक्रम के अंत में, जिला कलेक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने पात्र लाभार्थियों को भूमि पट्टों का वितरण कर उन्हें स्वामित्व अधिकारों से लाभान्वित किया।
गुरुवार को देसूरी पंचायत समिति की ग्राम पंचायत घाणेराव में ब्लॉक स्तरीय विशेष जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस जनसुनवाई में जिला कलेक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर कई प्रकरणों का मौके पर ही समाधान किया। साथ ही, उन्होंने शेष लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जनसुनवाई कार्यक्रम में ग्राम पंचायत प्रशासक चंद्रशेखर मेवाड़ा, बाली एडीएम शैलेन्द्र सिंह, देसूरी उपखंड अधिकारी सिद्धार्थ सांदू, विकास अधिकारी भोपालसिंह जोधा, तहसीलदार फतेहसिंह जसोल, ग्राम विकास अधिकारी ढलाराम चौहान, और थानाधिकारी उरजाराम सहित विभिन्न विभागों के ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। इस दौरान ग्रामीणों ने बिजली, पेयजल, अतिक्रमण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन तथा राजस्व विभाग से जुड़े लंबित मामलों को जिला कलेक्टर के समक्ष रखा। डॉ. गोस्वामी ने शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को ध्यानपूर्वक
सुना और कई मामलों का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया। उन्होंने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिला कलेक्टर ने अधिकारियों से यह भी कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। उन्होंने विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की। इस विशेष जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को सीधे जिला प्रशासन के समक्ष रखा, जिससे उन्हें तत्काल राहत मिली और प्रशासन के प्रति उनका विश्वास भी मजबूत हुआ। कार्यक्रम के अंत में, जिला कलेक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने पात्र लाभार्थियों को भूमि पट्टों का वितरण कर उन्हें स्वामित्व अधिकारों से लाभान्वित किया।
- सिरोही जिले के प्रभारी मंत्री के.के. बिश्नोई ने अपने जिले के दौरे के दौरान बत्तीसा बांध पर आयोजित जल संरक्षण जन अभियान के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जल पूजन का आयोजन किया गया, जिसमें विधायक समाराम गरासिया, जिला प्रमुख अर्जुनराम पुरोहित सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। इसी कार्यक्रम में भाजपा नेता भुवनेश राजपुरोहित ने प्रभारी मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में बत्तीसा बांध पेयजल परियोजना से वंचित देलदर और सरूपगंज क्षेत्र के गांवों को योजना से जोड़ने की मांग की गई थी। ज्ञापन में किवरली, आमथला, कासिंद्रा, अचपुरा, पंचदेवल और कारोली सहित कई गांवों को बत्तीसा बांध की पेयजल आपूर्ति योजना से जोड़ने का आग्रह किया गया। प्रभारी मंत्री विश्नोई ने ग्रामीणों की इस मांग पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए संबंधित गांवों को योजना से जोड़ने के प्रयास का आश्वासन दिया। गौरतलब है कि बत्तीसा बांध परियोजना पर आयोजित यह कार्यक्रम जल संरक्षण जन अभियान के तहत किया गया था, जिसका उद्देश्य जल संरक्षण और जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन का संदेश देना था।1
- सिरोही जिले के प्रभारी मंत्री के.के. बिश्नोई जिले के दौरे पर रहे, जहाँ उन्होंने बत्तीसा बांध पर जल संरक्षण जन अभियान के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत की। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण को बढ़ावा देना था, जिसके तहत जल पूजन का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर विधायक समाराम गरासिया और जिला प्रमुख अर्जुनराम पुरोहित सहित कई जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान, भाजपा नेता भुवनेश राजपुरोहित ने प्रभारी मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में बत्तीसा बांध पेयजल परियोजना से वंचित देलदर और सरूपगंज क्षेत्र के गांवों को योजना से जोड़ने की मांग उठाई गई। विशेष रूप से किवरली, आमथला, कासिंद्रा, अचपुरा, पंचदेवल और कारोली सहित कई गांवों को बत्तीसा बांध की पेयजल आपूर्ति योजना से जोड़ने का आग्रह किया गया। ग्रामीणों की इस मांग पर प्रभारी मंत्री विश्नोई ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए संबंधित गांवों को योजना से जोड़ने के प्रयास का आश्वासन दिया। यह कार्यक्रम जल संरक्षण जन अभियान के हिस्से के रूप में आयोजित किया गया था, जिसमें जल संरक्षण और जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन का संदेश दिया गया।1
- न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया द्वारा राजस्थान के राजसमंद जिले की नांदोली से जनहित में एक प्रसारण किया गया, जिसे चारभुजा नाथ के चरणों में समर्पित किया गया।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजसमंद में 'रन फॉर एनवायरमेंट' मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। यह दौड़ राजसमंद जिला प्रशासन, वन एवं पर्यावरण विभाग, और राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल के संयुक्त तत्वावधान में हुई। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से शुरू हुई इस दौड़ को कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा ने झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल, एडीएम नरेश बुनकर, एसडीएम बृजेश गुप्ता सहित सरकारी विभागों के कर्मचारी, पुलिस विभाग के जवान और वन संरक्षण सहित सभी विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। मैराथन दौड़ पुलिस अधीक्षक कार्यालय से शुरू होकर नगर परिषद, तहसील कार्यालय, गांधी सेवा सदन और सिविल लाइंस होते हुए कलेक्ट्री पहुंचकर संपन्न हुई। दौड़ के समापन पर सभी अधिकारियों ने वृक्षारोपण किया और पक्षियों के लिए परिंडे भी बांधे। कार्यक्रम के अंत में, जिला कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा ने सभी उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई।4
- पाली में करीब आठ वर्ष पुराने ₹10 लाख के चर्चित चेक अनादरण (चेक बाउंस) प्रकरण में विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट (एन.आई. एक्ट प्रकरण संख्या-2) की पीठासीन अधिकारी विनस चौधरी ने अहम फैसला सुनाया है। इस निर्णय में मारवाड़ जंक्शन निवासी आरोपी प्रमोद कुमार चौरसिया को लगाए गए आरोपों से बरी कर दिया गया है। यह प्रकरण परिवादी गौरव मर्लेचा निवासी सुमेरपुर रोड, पाली ने न्यायालय में प्रस्तुत किया था। परिवादी ने आरोप लगाया था कि अक्टूबर 2017 में आरोपी प्रमोद कुमार चौरसिया ने उनसे ₹10 लाख उधार लिए थे। इस राशि को लौटाने के लिए आरोपी द्वारा ₹5-5 लाख के दो चेक दिए गए, जो बैंक में प्रस्तुत करने पर “फंड्स इनसफिशिएंट” (अपर्याप्त निधि) के कारण अनादृत हो गए। विधिक नोटिस के बावजूद भुगतान न मिलने पर परिवादी ने न्यायालय में मुकदमा दायर किया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान आरोपी प्रमोद कुमार चौरसिया ने सभी आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि उन्होंने परिवादी से कोई ऋण नहीं लिया था। बचाव पक्ष ने यह तर्क दिया कि गौरव मर्लेचा मारवाड़ जंक्शन में एक वीसी (कमेटी) का संचालन करते थे और उसी के संबंध में सुरक्षा के तौर पर आरोपी के पांच हस्ताक्षरित खाली चेक लिए गए थे, जिन्हें वीसी समाप्त होने के बाद भी वापस नहीं लौटाया गया। आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक अरोड़ा और उनके सहयोगी अधिवक्ता मोहम्मद शरीफ ने पैरवी करते हुए न्यायालय के समक्ष यह भी तर्क रखा कि वर्ष 2017 में परिवादी की ₹10 लाख उधार देने की आर्थिक क्षमता नहीं थी। वहीं, आरोपी की आर्थिक स्थिति भी ऐसी नहीं थी कि उसे इतनी बड़ी राशि की आवश्यकता होती, क्योंकि वह पानी के कैंपर भरकर बेचने का व्यवसाय करता है। बचाव पक्ष ने दस्तावेजी साक्ष्यों के माध्यम से यह भी दर्शाया कि नोटबंदी के बाद वर्ष 2017 में परिवादी द्वारा ₹500-500 रुपये के नए नोटों में ऋण देने का दावा किया गया था। इसी अवधि में परिवादी ने अन्य व्यक्तियों को भी लाखों रुपये उधार देने के दावे कर उनके विरुद्ध चेक बाउंस के मुकदमे दायर किए थे, जिससे उनके दावों की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े हुए। न्यायालय ने अपने निर्णय में यह माना कि परिवादी ₹10 लाख उधार देने की अपनी आर्थिक क्षमता को विश्वसनीय और संतोषजनक ढंग से सिद्ध नहीं कर पाया। इसके विपरीत, बचाव पक्ष की जिरह और प्रस्तुत दस्तावेजों से परिवादी के कथनों पर गंभीर संदेह उत्पन्न हुआ। अदालत ने कहा कि आरोपी ने परक्राम्य लिखत अधिनियम (एन.आई. एक्ट) के तहत परिवादी के पक्ष में उपलब्ध वैधानिक उपधारणा को सफलतापूर्वक खंडित कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप, अदालत ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त घोषित किया। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला चेक बाउंस मामलों में परिवादी द्वारा ऋण देने की वास्तविक आर्थिक क्षमता सिद्ध किए जाने की आवश्यकता को रेखांकित करने वाला एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।2
- पाली जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शिशुपाल सिंह ने केंद्र और राज्य की 'डबल इंजन सरकार' पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार में जनता बेहद त्रस्त और परेशान है, वहीं दूसरी ओर भाजपा के नेता और मंत्री पूरी तरह से मस्त हैं।1
- सिरोही जिले की पिंडवाड़ा तहसील के रोहिड़ा और भावरी गाँवों में पिछले करीब दो महीनों से नियमित पेयजल आपूर्ति न होने के कारण गहराए जल संकट को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। पेयजल संकट से परेशान ग्रामीणों ने रोहिड़ा ग्राम पंचायत पहुँचकर जमकर हंगामा किया और विरोध जताते हुए मटके फोड़कर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि बार-बार शिकायतें करने के बावजूद उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उन्होंने तीन दिन पहले ही जिला कलेक्टर रोहिताश सिंह तोमर को भी इस जल संकट से अवगत कराया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पेयजल संकट के चलते लोगों को अपने रोजमर्रा के कार्यों के लिए भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पेयजल व्यवस्था सुचारू नहीं की गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।1
- सिरोही जिले की पिंडवाड़ा तहसील के रोहिड़ा और भावरी गांव में पिछले करीब दो महीनों से गहराए पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं होने से परेशान ग्रामीणों ने रोहिड़ा ग्राम पंचायत पहुंचकर जमकर हंगामा किया और विरोध के तौर पर मटके फोड़कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि बार-बार शिकायतें करने के बावजूद समस्या का कोई समाधान नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने तीन दिन पहले ही जिला कलेक्टर रोहिताश सिंह तोमर को भी जल संकट से अवगत कराया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस पेयजल संकट के चलते लोगों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पेयजल व्यवस्था को सुचारू नहीं किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और भी उग्र करेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।1
- पाली जिले के सुमेरपुर सदर थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर शुक्रवार अलसुबह करीब 1:30 बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया। नेतरा पुलिया के पास टाइल्स से भरे एक अनियंत्रित ट्रेलर ने डिवाइडर लांघा और गलत दिशा में जाकर सामने से आ रही जैन ट्रेवल्स की स्लीपर यात्री बस को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे ट्रेलर वहीं पलट गया। इस हादसे में बस चालक, खलासी, ट्रेलर ड्राइवर और 11 यात्रियों सहित कुल 14 लोग घायल हो गए हैं। सुमेरपुर सदर थानाधिकारी भगाराम मीणा ने बताया कि हादसे की सूचना पुलिस की रात्रि गश्त टीम को मिली, जिसके बाद वे जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। जांच में सामने आया कि मोरबी (गुजरात) से दिल्ली जा रहा टाइल्स से भरा ट्रेलर अचानक नियंत्रण खोकर डिवाइडर पार कर रॉन्ग साइड में चला गया था। इसी दौरान जोधपुर से अहमदाबाद जा रही जैन यात्री ट्रेवल्स की बस से उसकी टक्कर हो गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और सभी घायलों को तुरंत 108 एम्बुलेंस की मदद से सुमेरपुर के राजकीय अस्पताल पहुँचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद तीन गंभीर घायलों को पाली के बांगड़ अस्पताल रेफर कर दिया। इनमें से यात्री मोहम्मद तफीम (38) पुत्र मोहम्मद रफीक की हालत बेहद गंभीर होने के कारण उन्हें बांगड़ अस्पताल से जोधपुर रेफर किया गया है। वहीं, बस ड्राइवर नरेश (45) पुत्र गबरू खान और ट्रेलर ड्राइवर राजेश मीणा (42) पुत्र ओमप्रकाश का इलाज पाली के बांगड़ अस्पताल में जारी है। अन्य घायलों में बस खलासी मोहम्मद अली (35) पुत्र अनवर हुसैन और यात्री श्रीमती राधा मेड़तिया (42), सुश्री कृष्णा कंवर, श्रीमती प्रेम कंवर (60), श्रीमती गोरा (70), सुश्री कुसुम भाटी (24), मोहम्मद हसन (32), श्रीमती मधु सोनी (40), सुश्री गुंजन सोनी (16), श्रीमती पुष्पा (40) और श्री महेंद्र (52) शामिल हैं। मामूली चोट वाले कुछ लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि 6 यात्री अभी भी सुमेरपुर अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटवाकर यातायात को सुचारू करवा दिया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।1